📖 दन्त्य हलन्त (त, थ, द, ध, न) : पाणिनीय व्याकरणिक रहस्य एवं प्रमुख सूत्र
जिह्वा के दन्त-स्पर्श से उच्चरित होने वाले व्यञ्जनों (त्, थ्, द्, ध्, न्) के अन्त वाले प्रातिपदिकों को दन्त्य हलन्त कहा जाता है। इनमें तवर्ग के चतुर्थ वर्णों तक के सन्धि-नियम एकसमान चलते हैं, जबकि नकारान्त (न्) वर्ग पाणिनीय व्याकरण का सबसे विशाल और वैविध्यपूर्ण वर्ग है।
१. त, थ, द, ध वर्ग के सामान्य सन्धि नियम
सूत्र: "झलां जशोऽन्ते" (८.२.३९), "वाऽवसाने" (८.४.५६) एवं "खरि च" (८.४.५४)
• प्रथमा एकवचन (पदान्त में): सुँ-प्रत्यय का लोप होने के बाद पदान्त त्, थ्, द्, ध् को 'झलां जशोऽन्ते' से जश् होकर 'द्' होता है, तथा 'वाऽवसाने' से विराम में विकल्प से चर् होकर 'त्' होता है। अतः प्रथमा एकवचन में दो रूप बनते हैं: मरुत् / मरुद्, प्रमत् / प्रमद्, सुहृत् / सुहृद्, समित् / समिद्।
• हलादि विभक्तियों में (भ्याम्, भिः, भ्यः): पदान्त जश्त्व से सर्वत्र 'द्' रहता है: मरुद्भ्याम्, सुहृद्भ्याम्, समिद्भ्याम्।
• सप्तमी बहुवचन में (सु): 'खरि च' से खर् परे रहते चर्त्व होकर 'त्सु' होता है: मरुत्सु, सुहृत्सु, समित्सु, क्षुत्सु।
२. मतुप्, वतुप्, शतृ एवं 'महत्' सम्बन्धी विशेष तकारान्त सूत्र
सूत्र: "उगिदचां सर्वनामस्थानेऽधातोः" (७.१.७०), "अत्वसन्तस्य चाधातोः" (६.४.१४) एवं "सान्तमहतः संयोगस्य" (६.४.१०)
• मतुप्/वतुप् (धीमत्, भगवत्) और शतृ-प्रत्ययान्त (गच्छत्) में सर्वनामस्थान में 'नुम्' (न्) आगम होता है।
• प्रथमा १व. में उपधा-दीर्घ होकर धीमान्, भगवान्, गच्छन् बनते हैं (सम्बोधन में ह्रस्व: हे धीमन्! हे भगवन्!)।
• 'महत्' शब्द में विशेष दीर्घ होकर महान्, महान्तौ, महान्तः बनते हैं।
३. नकारान्त (न्) वर्ग के गूढ़ पाणिनीय नियम
⚠️ नकारान्त के ५ सर्वाधिक महत्वपूर्ण परीक्षा-नियम:
१. नलोपः प्रातिपदिकान्तस्य (८.२.७): पदान्त 'न्' का नित्य लोप होता है ➔ राजन् + सु = राजा | नामन् + सु = नाम | हलादि में: राजभिः, नामभिः।
२. सर्वनामस्थाने चासम्बुद्धौ (६.४.८): सम्बुद्धि से भिन्न सर्वनामस्थानों में उपधा को दीर्घ होता है ➔ राजानौ, राजानः, आत्मानौ, आत्मानः।
३. अल्लोपोऽनः (६.४.१३४): भ-संज्ञा (द्वितीया बहुवचन से आगे अजादि विभक्तियों) में 'अन्' के अकार का लोप होता है ➔ राजन् + शस् = राज्ञः | राजन् + टा = राज्ञा | राजन् + ङे = राज्ञे।
४. न संयोगाद्वमन्तात् (६.४.१३७) — अल्लोप-निषेध: जिस 'अन्' के पूर्व वकार या मकार का संयोग हो (यथा: आत्मन्, ब्रह्मन्, वर्त्मन्), वहाँ 'अ' का लोप नहीं होता! अतः आत्मना, ब्रह्मणा, वर्त्मना बनते हैं (आत्मा नहीं बनता)।
५. श्वयुवमघोनामतद्धिते (६.४.१३३) — सम्प्रसारण नियम: श्वन् (कुत्ता), युवन् (युवक) और मघवन् (इन्द्र) में भ-संज्ञा में 'व्' को सम्प्रसारण 'उ' होकर गुण/दीर्घ होता है:
• श्वन् + शस् = शुनः (तृतीया: शुना) | युवन् + शस् = यूनः (तृतीया: यूना) | मघवन् + शस् = मघोनः (तृतीया: मघोना)।
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | मरुत् / मरुद् | मरुतौ | मरुतः |
| द्वितीया | मरुतम् | मरुतौ | मरुतः |
| तृतीया | मरुता | मरुद्भ्याम् | मरुद्भिः |
| चतुर्थी | मरुते | मरुद्भ्याम् | मरुद्भ्यः |
| पञ्चमी | मरुतः | मरुद्भ्याम् | मरुद्भ्यः |
| षष्ठी | मरुतः | मरुतोः | मरुताम् |
| सप्तमी | मरुति | मरुतोः | मरुत्सु |
| सम्बोधन | हे मरुत् / हे मरुद् | हे मरुतौ | हे मरुतः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | भूभृत् / भूभृद् | भूभृतौ | भूभृतः |
| द्वितीया | भूभृतम् | भूभृतौ | भूभृतः |
| तृतीया | भूभृता | भूभृद्भ्याम् | भूभृद्भिः |
| चतुर्थी | भूभृते | भूभृद्भ्याम् | भूभृद्भ्यः |
| पञ्चमी | भूभृततः | भूभृद्भ्याम् | भूभृद्भ्यः |
| षष्ठी | भूभृतः | भूभृतोः | भूभृताम् |
| सप्तमी | भूभृति | भूभृतोः | भूभृत्सु |
| सम्बोधन | हे भूभृत् / हे भूभृद् | हे भूभृतौ | हे भूभृतः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | धीमान् | धीमन्तौ | धीमन्तः |
| द्वितीया | धीमन्तम् | धीमन्तौ | धीमतः |
| तृतीया | धीमता | धीमद्भ्याम् | धीमद्भिः |
| चतुर्थी | धीमते | धीमद्भ्याम् | धीमद्भ्यः |
| पञ्चमी | धीमतः | धीमद्भ्याम् | धीमद्भ्यः |
| षष्ठी | धीमतः | धीमतोः | धीमताम् |
| सप्तमी | धीमति | धीमतोः | धीमत्सु |
| सम्बोधन | हे धीमन् | हे धीमन्तौ | हे धीमन्तः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | गुणवान् | गुणवन्तौ | गुणवन्तः |
| द्वितीया | गुणवन्तम् | गुणवन्तौ | गुणवतः |
| तृतीया | गुणवता | गुणवद्भ्याम् | गुणवद्भिः |
| चतुर्थी | गुणवते | गुणवद्भ्याम् | गुणवद्भ्यः |
| पञ्चमी | गुणवतः | गुणवद्भ्याम् | गुणवद्भ्यः |
| षष्ठी | गुणवतः | गुणवतोः | गुणवताम् |
| सप्तमी | गुणवति | गुणवतोः | गुणवत्सु |
| सम्बोधन | हे गुणवन् | हे गुणवन्तौ | हे गुणवन्तः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | भगवान् | भगवन्तौ | भगवन्तः |
| द्वितीया | भगवन्तम् | भगवन्तौ | भगवतः |
| तृतीया | भगवता | भगवद्भ्याम् | भगवद्भिः |
| चतुर्थी | भगवते | भगवद्भ्याम् | भगवद्भ्यः |
| पञ्चमी | भगवतः | भगवद्भ्याम् | भगवद्भ्यः |
| षष्ठी | भगवतः | भगवतोः | भगवताम् |
| सप्तमी | भगवति | भगवतोः | भगवत्सु |
| सम्बोधन | हे भगवन् | हे भगवन्तौ | हे भगवन्तः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | भवान् | भवन्तौ | भवन्तः |
| द्वितीया | भवन्तम् | भवन्तौ | भवतः |
| तृतीया | भवता | भवद्भ्याम् | भवद्भिः |
| चतुर्थी | भवते | भवद्भ्याम् | भवद्भ्यः |
| पञ्चमी | भवतः | भवद्भ्याम् | भवद्भ्यः |
| षष्ठी | भवतः | भवतोः | भवताम् |
| सप्तमी | भवति | भवतोः | भवत्सु |
| सम्बोधन | हे भवन् | हे भवन्तौ | हे भवन्तः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | महान् | महान्तौ | महान्तः |
| द्वितीया | महान्तम् | महान्तौ | महतः |
| तृतीया | महता | महद्भ्याम् | महद्भिः |
| चतुर्थी | महते | महद्भ्याम् | महद्भ्यः |
| पञ्चमी | महतः | महद्भ्याम् | महद्भ्यः |
| षष्ठी | महतः | महतोः | महताम् |
| सप्तमी | महति | महतोः | महत्सु |
| सम्बोधन | हे महन् | हे महान्तौ | हे महान्तः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | गच्छन् | गच्छन्तौ | गच्छन्तः |
| द्वितीया | गच्छन्तम् | गच्छन्तौ | गच्छतः |
| तृतीया | गच्छता | गच्छद्भ्याम् | गच्छद्भिः |
| चतुर्थी | गच्छते | गच्छद्भ्याम् | गच्छद्भ्यः |
| पञ्चमी | गच्छतः | गच्छद्भ्याम् | गच्छद्भ्यः |
| षष्ठी | गच्छतः | गच्छतोः | गच्छताम् |
| सप्तमी | गच्छति | गच्छतोः | गच्छत्सु |
| सम्बोधन | हे गच्छन् | हे गच्छन्तौ | हे गच्छन्तः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | अग्निचित् / अग्निचिद् | अग्निचितौ | अग्निचितः |
| द्वितीया | अग्निचितम् | अग्निचितौ | अग्निचितः |
| तृतीया | अग्निचिता | अग्निचिद्भ्याम् | अग्निचिद्भिः |
| चतुर्थी | अग्निचिते | अग्निचिद्भ्याम् | अग्निचिद्भ्यः |
| पञ्चमी | अग्निचितः | अग्निचिद्भ्याम् | अग्निचिद्भ्यः |
| षष्ठी | अग्निचितः | अग्निचितोः | अग्निचिताम् |
| सप्तमी | अग्निचिति | अग्निचितोः | अग्निचित्सु |
| सम्बोधन | हे अग्निचित् / हे अग्निचिद् | हे अग्निचितौ | हे अग्निचितः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | सरित् / सरिद् | सरितौ | सरितः |
| द्वितीया | सरितम् | सरितौ | सरितः |
| तृतीया | सरिता | सरिद्भ्याम् | सरिद्भिः |
| चतुर्थी | सरिते | सरिद्भ्याम् | सरिद्भ्यः |
| पञ्चमी | सरितः | सरिद्भ्याम् | सरिद्भ्यः |
| षष्ठी | सरितः | सरितोः | सरिताम् |
| सप्तमी | सरिति | सरितोः | सरित्सु |
| सम्बोधन | हे सरित् / हे सरिद् | हे सरितौ | हे सरितः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | विद्युत् / विद्युद् | विद्युतौ | विद्युतः |
| द्वितीया | विद्युतम् | विद्युतौ | विद्युतः |
| तृतीया | विद्युता | विद्युद्भ्याम् | विद्युद्भिः |
| चतुर्थी | विद्युते | विद्युद्भ्याम् | विद्युद्भ्यः |
| पञ्चमी | विद्युतः | विद्युद्भ्याम् | विद्युद्भ्यः |
| षष्ठी | विद्युतः | विद्युतोः | विद्युताम् |
| सप्तमी | विद्युति | विद्युतोः | विद्युत्सु |
| सम्बोधन | हे विद्युत् / हे विद्युद् | हे विद्युतौ | हे विद्युतः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | योषित् / योषिद् | योषितौ | योषितः |
| द्वितीया | योषितम् | योषितौ | योषितः |
| तृतीया | योषिता | योषिद्भ्याम् | योषिद्भिः |
| चतुर्थी | योषिते | योषिद्भ्याम् | योषिद्भ्यः |
| पञ्चमी | योषितः | योषिद्भ्याम् | योषिद्भ्यः |
| षष्ठी | योषितः | योषितोः | योषिताम् |
| सप्तमी | योषिति | योषितोः | योषित्सु |
| सम्बोधन | हे योषित् / हे योषिद् | हे योषितौ | हे योषितः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | जगत् / जगद् | जगती | जगन्ति |
| द्वितीया | जगत् / जगद् | जगती | जगन्ति |
| तृतीया | जगता | जगद्भ्याम् | जगद्भिः |
| चतुर्थी | जगते | जगद्भ्याम् | जगद्भ्यः |
| पञ्चमी | जगतः | जगद्भ्याम् | जगद्भ्यः |
| षष्ठी | जगतः | जगतोः | जगताम् |
| सप्तमी | जगति | जगतोः | जगत्सु |
| सम्बोधन | हे जगत् / हे जगद् | हे जगती | हे जगन्ति |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | धीमत् / धीमद् | धीमती | धीमन्ति |
| द्वितीया | धीमत् / धीमद् | धीमती | धीमन्ति |
| तृतीया | धीमता | धीमद्भ्याम् | धीमद्भिः |
| चतुर्थी | धीमते | धीमद्भ्याम् | धीमद्भ्यः |
| पञ्चमी | धीमतः | धीमद्भ्याम् | धीमद्भ्यः |
| षष्ठी | धीमतः | धीमतोः | धीमताम् |
| सप्तमी | धीमति | धीमतोः | धीमत्सु |
| सम्बोधन | हे धीमत् / हे धीमद् | हे धीमती | हे धीमन्ति |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | पचत् / पचद् | पचती / पचन्ती | पचन्ति |
| द्वितीया | पचत् / पचद् | पचती / पचन्ती | पचन्ति |
| तृतीया | पचता | पचद्भ्याम् | पचद्भिः |
| चतुर्थी | पचते | पचद्भ्याम् | पचद्भ्यः |
| पञ्चमी | पचतः | पचद्भ्याम् | पचद्भ्यः |
| षष्ठी | पचतः | पचतोः | पचताम् |
| सप्तमी | पचति | पचतोः | पचत्सु |
| सम्बोधन | हे पचत् / हे पचद् | हे पचती / हे पचन्ती | हे पचन्ति |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | प्रमत् / प्रमद् | प्रमथौ | प्रमथः |
| द्वितीया | प्रमथम् | प्रमथौ | प्रमथः |
| तृतीया | प्रमथा | प्रमद्भ्याम् | प्रमद्भिः |
| चतुर्थी | प्रमथे | प्रमद्भ्याम् | प्रमद्भ्यः |
| पञ्चमी | प्रमथः | प्रमद्भ्याम् | प्रमद्भ्यः |
| षष्ठी | प्रमथः | प्रमथोः | प्रमथाम् |
| सप्तमी | प्रमथि | प्रमथोः | प्रमत्सु |
| सम्बोधन | हे प्रमत् / हे प्रमद् | हे प्रमथौ | हे प्रमथः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | अग्निमत् / अग्निमद् | अग्निमथौ | अग्निमथः |
| द्वितीया | अग्निमथम् | अग्निमथौ | अग्निमथः |
| तृतीया | अग्निमथा | अग्निमद्भ्याम् | अग्निमद्भिः |
| चतुर्थी | अग्निमथे | अग्निमद्भ्याम् | अग्निमद्भ्यः |
| पञ्चमी | अग्निमथः | अग्निमद्भ्याम् | अग्निमद्भ्यः |
| षष्ठी | अग्निमथः | अग्निमथोः | अग्निमथाम् |
| सप्तमी | अग्निमथि | अग्निमथोः | अग्निमत्सु |
| सम्बोधन | हे अग्निमत् / हे अग्निमद् | हे अग्निमथौ | हे अग्निमथः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | सुहृत् / सुहृद् | सुहृदौ | सुहृदः |
| द्वितीया | सुहृदम् | सुहृदौ | सुहृदः |
| तृतीया | सुहृदा | सुहृद्भ्याम् | सुहृद्भिः |
| चतुर्थी | सुहृदे | सुहृद्भ्याम् | सुहृद्भ्यः |
| पञ्चमी | सुहृदः | सुहृद्भ्याम् | सुहृद्भ्यः |
| षष्ठी | सुहृदः | सुहृदोः | सुहृदाम् |
| सप्तमी | सुहृदि | सुहृदोः | सुहृत्सु |
| सम्बोधन | हे सुहृत् / हे सुहृद् | हे सुहृदौ | हे सुहृदः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | दुर्हृत् / दुर्हृद् | दुर्हृदौ | दुर्हृदः |
| द्वितीया | दुर्हृदम् | दुर्हृदौ | दुर्हृदः |
| तृतीया | दुर्हृदा | दुर्हृद्भ्याम् | दुर्हृद्भिः |
| चतुर्थी | दुर्हृदे | दुर्हृद्भ्याम् | दुर्हृद्भ्यः |
| पञ्चमी | दुर्हृदः | दुर्हृद्भ्याम् | दुर्हृद्भ्यः |
| षष्ठी | दुर्हृदः | दुर्हृदोः | दुर्हृदाम् |
| सप्तमी | दुर्हृदि | दुर्हृदोः | दुर्हृत्सु |
| सम्बोधन | हे दुर्हृत् / हे दुर्हृद् | हे दुर्हृदौ | हे दुर्हृदः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | सर्ववित् / सर्वविद् | सर्वविदौ | सर्वविदः |
| द्वितीया | सर्वविदम् | सर्वविदौ | सर्वविदः |
| तृतीया | सर्वविदा | सर्वविद्भ्याम् | सर्वविद्भिः |
| चतुर्थी | सर्वविदे | सर्वविद्भ्याम् | सर्वविद्भ्यः |
| पञ्चमी | सर्वविदः | सर्वविद्भ्याम् | सर्वविद्भ्यः |
| षष्ठी | सर्वविदः | सर्वविदोः | सर्वविदाम् |
| सप्तमी | सर्वविदि | सर्वविदोः | सर्ववित्सु |
| सम्बोधन | हे सर्ववित् / हे सर्वविद् | हे सर्वविदौ | हे सर्वविदः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | धर्मवित् / धर्मविद् | धर्मविदौ | धर्मविदः |
| द्वितीया | धर्मविदम् | धर्मविदौ | धर्मविदः |
| तृतीया | धर्मविदा | धर्मविद्भ्याम् | धर्मविद्भिः |
| चतुर्थी | धर्मविदे | धर्मविद्भ्याम् | धर्मविद्भ्यः |
| पञ्चमी | धर्मविदः | धर्मविद्भ्याम् | धर्मविद्भ्यः |
| षष्ठी | धर्मविदः | धर्मविदोः | धर्मविदाम् |
| सप्तमी | धर्मविदि | धर्मविदोः | धर्मवित्सु |
| सम्बोधन | हे धर्मवित् / हे धर्मविद् | हे धर्मविदौ | हे धर्मविदः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | सम्पत् / सम्पद् | सम्पदौ | सम्पदः |
| द्वितीया | सम्पदम् | सम्पदौ | सम्पदः |
| तृतीया | सम्पदा | सम्पद्भ्याम् | सम्पद्भिः |
| चतुर्थी | सम्पदे | सम्पद्भ्याम् | सम्पद्भ्यः |
| पञ्चमी | सम्पदः | सम्पद्भ्याम् | सम्पद्भ्यः |
| षष्ठी | सम्पदः | सम्पदोः | सम्पदाम् |
| सप्तमी | सम्पदि | सम्पदोः | सम्पत्सु |
| सम्बोधन | हे सम्पत् / हे सम्पद् | हे सम्पदौ | हे सम्पदः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | विपत् / विपद् | विपदौ | विपदः |
| द्वितीया | विपदम् | विपदौ | विपदः |
| तृतीया | विपदा | विपद्भ्याम् | विपद्भिः |
| चतुर्थी | विपदे | विपद्भ्याम् | विपद्भ्यः |
| पञ्चमी | विपदः | विपद्भ्याम् | विपद्भ्यः |
| षष्ठी | विपदः | विपदोः | विपदाम् |
| सप्तमी | विपदि | विपदोः | विपत्सु |
| सम्बोधन | हे विपत् / हे विपद् | हे विपदौ | हे विपदः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | आपत् / आपद् | आपदौ | आपदः |
| द्वितीया | आपदम् | आपदौ | आपदः |
| तृतीया | आपदा | आपद्भ्याम् | आपद्भिः |
| चतुर्थी | आपदे | आपद्भ्याम् | आपद्भ्यः |
| पञ्चमी | आपदः | आपद्भ्याम् | आपद्भ्यः |
| षष्ठी | आपदः | आपदोः | आपदाम् |
| सप्तमी | आपदि | आपदोः | आपत्सु |
| सम्बोधन | हे आपत् / हे आपद् | हे आपदौ | हे आपदः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | उपनिषत् / उपनिषद् | उपनिषदौ | उपनिषदः |
| द्वितीया | उपनिषदम् | उपनिषदौ | उपनिषदः |
| तृतीया | उपनिषदा | उपनिषद्भ्याम् | उपनिषद्भिः |
| चतुर्थी | उपनिषदे | उपनिषद्भ्याम् | उपनिषद्भ्यः |
| पञ्चमी | उपनिषदः | उपनिषद्भ्याम् | उपनिषद्भ्यः |
| षष्ठी | उपनिषदः | उपनिषदोः | उपनिषदाम् |
| सप्तमी | उपनिषदि | उपनिषदोः | उपनिषत्सु |
| सम्बोधन | हे उपनिषत् / हे उपनिषद् | हे उपनिषदौ | हे उपनिषदः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | परिषत् / परिषद् | परिषदौ | परिषदः |
| द्वितीया | परिषदम् | परिषदौ | परिषदः |
| तृतीया | परिषदा | परिषद्भ्याम् | परिषद्भिः |
| चतुर्थी | परिषदे | परिषद्भ्याम् | परिषद्भ्यः |
| पञ्चमी | परिषदः | परिषद्भ्याम् | परिषद्भ्यः |
| षष्ठी | परिषदः | परिषदोः | परिषदाम् |
| सप्तमी | परिषदि | परिषदोः | परिषत्सु |
| सम्बोधन | हे परिषत् / हे परिषद् | हे परिषदौ | हे परिषदः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | दृषत् / दृषद् | दृषदौ | दृषदः |
| द्वितीया | दृषदम् | दृषदौ | दृषदः |
| तृतीया | दृषदा | दृषद्भ्याम् | दृषद्भिः |
| चतुर्थी | दृषदे | दृषद्भ्याम् | दृषद्भ्यः |
| पञ्चमी | दृषदः | दृषद्भ्याम् | दृषद्भ्यः |
| षष्ठी | दृषदः | दृषदोः | दृषदाम् |
| सप्तमी | दृषदि | दृषदोः | दृषत्सु |
| सम्बोधन | हे दृषत् / हे दृषद् | हे दृषदौ | हे दृषदः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | संवित् / संविद् | संविदौ | संविदः |
| द्वितीया | संविदम् | संविदौ | संविदः |
| तृतीया | संविदा | संविद्भ्याम् | संविद्भिः |
| चतुर्थी | संविदे | संविद्भ्याम् | संविद्भ्यः |
| पञ्चमी | संविदः | संविद्भ्याम् | संविद्भ्यः |
| षष्ठी | संविदः | संविदोः | संविदाम् |
| सप्तमी | संविदि | संविदोः | संवित्सु |
| सम्बोधन | हे संवित् / हे संविद् | हे संविदौ | हे संविदः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | हृत् / हृद् | हृदी | हृन्दि |
| द्वितीया | हृत् / हृद् | हृदी | हृन्दि |
| तृतीया | हृदा | हृद्भ्याम् | हृद्भिः |
| चतुर्थी | हृदे | हृद्भ्याम् | हृद्भ्यः |
| पञ्चमी | हृदः | हृद्भ्याम् | हृद्भ्यः |
| षष्ठी | हृदः | हृदोः | हृदाम् |
| सप्तमी | हृदि | हृदोः | हृत्सु |
| सम्बोधन | हे हृत् / हे हृद् | हे हृदी | हे हृन्दि |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | युत् / युद् | युधौ | युधः |
| द्वितीया | युधम् | युधौ | युधः |
| तृतीया | युधा | युद्भ्याम् | युद्भिः |
| चतुर्थी | युधे | युद्भ्याम् | युद्भ्यः |
| पञ्चमी | युधः | युद्भ्याम् | युद्भ्यः |
| षष्ठी | युधः | युधोः | युधाम् |
| सप्तमी | युधि | युधोः | युत्सु |
| सम्बोधन | हे युत् / हे युद् | हे युधौ | हे युधः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | बुत् / बुद् | बुधौ | बुधः |
| द्वितीया | बुधम् | बुधौ | बुधः |
| तृतीया | बुधा | बुद्भ्याम् | बुद्भिः |
| चतुर्थी | बुधे | बुद्भ्याम् | बुद्भ्यः |
| पञ्चमी | बुधः | बुद्भ्याम् | बुद्भ्यः |
| षष्ठी | बुधः | बुधोः | बुधाम् |
| सप्तमी | बुधि | बुधोः | बुत्सु |
| सम्बोधन | हे बुत् / हे बुद् | हे बुधौ | हे बुधः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | समित् / समिद् | समिधौ | समिधः |
| द्वितीया | समिधम् | समिधौ | समिधः |
| तृतीया | समिधा | समिद्भ्याम् | समिद्भिः |
| चतुर्थी | समिधे | समिद्भ्याम् | समिद्भ्यः |
| पञ्चमी | समिधः | समिद्भ्याम् | समिद्भ्यः |
| षष्ठी | समिधः | समिधोः | समिधाम् |
| सप्तमी | समिधि | समिधोः | समित्सु |
| सम्बोधन | हे समित् / हे समिद् | हे समिधौ | हे समिधः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | क्षुत् / क्षुद् | क्षुधौ | क्षुधः |
| द्वितीया | क्षुधम् | क्षुधौ | क्षुधः |
| तृतीया | क्षुधा | क्षुद्भ्याम् | क्षुद्भिः |
| चतुर्थी | क्षुधे | क्षुद्भ्याम् | क्षुद्भ्यः |
| पञ्चमी | क्षुधः | क्षुद्भ्याम् | क्षुद्भ्यः |
| षष्ठी | क्षुधः | क्षुधोः | क्षुधाम् |
| सप्तमी | क्षुधि | क्षुधोः | क्षुत्सु |
| सम्बोधन | हे क्षुत् / हे क्षुद् | हे क्षुधौ | हे क्षुधः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | युत् / युद् | युधौ | युधः |
| द्वितीया | युधम् | युधौ | युधः |
| तृतीया | युधा | युद्भ्याम् | युद्भिः |
| चतुर्थी | युधे | युद्भ्याम् | युद्भ्यः |
| पञ्चमी | युधः | युद्भ्याम् | युद्भ्यः |
| षष्ठी | युधः | युधोः | युधाम् |
| सप्तमी | युधि | युधोः | युत्सु |
| सम्बोधन | हे युत् / हे युद् | हे युधौ | हे युधः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | राजा | राजानौ | राजानः |
| द्वितीया | राजानम् | राजानौ | राज्ञः |
| तृतीया | राज्ञा | राजभ्याम् | राजभिः |
| चतुर्थी | राज्ञे | राजभ्याम् | राजभ्यः |
| पञ्चमी | राज्ञः | राजभ्याम् | राजभ्यः |
| षष्ठी | राज्ञः | राज्ञोः | राज्ञाम् |
| सप्तमी | राज्ञि / राजनि | राज्ञोः | राजसु |
| सम्बोधन | हे राजन् | हे राजानौ | हे राजानः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | आत्मा | आत्मानौ | आत्मानः |
| द्वितीया | आत्मानम् | आत्मानौ | आत्मनः |
| तृतीया | आत्मना | आत्मभ्याम् | आत्मभिः |
| चतुर्थी | आत्मने | आत्मभ्याम् | आत्मभ्यः |
| पञ्चमी | आत्मनः | आत्मभ्याम् | आत्मभ्यः |
| षष्ठी | आत्मनः | आत्मनोः | आत्मनाम् |
| सप्तमी | आत्मनि | आत्मनोः | आत्मसु |
| सम्बोधन | हे आत्मन् | हे आत्मानौ | हे आत्मानः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | ब्रह्मा | ब्रह्माणौ | ब्रह्माणः |
| द्वितीया | ब्रह्माणम् | ब्रह्माणौ | ब्रह्मणः |
| तृतीया | ब्रह्मणा | ब्रह्मभ्याम् | ब्रह्मभिः |
| चतुर्थी | ब्रह्मणे | ब्रह्मभ्याम् | ब्रह्मभ्यः |
| पञ्चमी | ब्रह्मणः | ब्रह्मभ्याम् | ब्रह्मभ्यः |
| षष्ठी | ब्रह्मणः | ब्रह्मणोः | ब्रह्मणाम् |
| सप्तमी | ब्रह्मणि | ब्रह्मणोः | ब्रह्मसु |
| सम्बोधन | हे ब्रह्मन् | हे ब्रह्माणौ | हे ब्रह्माणः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | मघवा | मघवानौ | मघवानः |
| द्वितीया | मघवानम् | मघवानौ | मघोनः |
| तृतीया | मघोना | मघवभ्याम् | मघवभिः |
| चतुर्थी | मघोने | मघवभ्याम् | मघवभ्यः |
| पञ्चमी | मघोनः | मघवभ्याम् | मघवभ्यः |
| षष्ठी | मघोनः | मघोनोः | मघोनाम् |
| सप्तमी | मघोनि | मघोनोः | मघवसु |
| सम्बोधन | हे मघवन् | हे मघवानौ | हे मघवानः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | श्वा | श्वानौ | श्वानः |
| द्वितीया | श्वानम् | श्वानौ | शुनः |
| तृतीया | शुना | श्वभ्याम् | श्वभिः |
| चतुर्थी | शुने | श्वभ्याम् | श्वभ्यः |
| पञ्चमी | शुनः | श्वभ्याम् | श्वभ्यः |
| षष्ठी | शुनः | शुनोः | शुनाम् |
| सप्तमी | शुनि | शुनोः | श्वसु |
| सम्बोधन | हे श्वन् | हे श्वानौ | हे श्वानः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | युवा | युवानौ | युवानः |
| द्वितीया | युवानम् | युवानौ | यूनः |
| तृतीया | यूना | युवभ्याम् | युवभिः |
| चतुर्थी | यूने | युवभ्याम् | युवभ्यः |
| पञ्चमी | यूनः | युवभ्याम् | युवभ्यः |
| षष्ठी | यूनः | यूनोः | यूनाम् |
| सप्तमी | यूनि | यूनोः | युवसु |
| सम्बोधन | हे युवन् | हे युवानौ | हे युवानः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | अर्यमा | अर्यमणौ | अर्यमणः |
| द्वितीया | अर्यमणम् | अर्यमणौ | अर्यम्णः |
| तृतीया | अर्यम्णा | अर्यमभ्याम् | अर्यमभिः |
| चतुर्थी | अर्यम्णे | अर्यमभ्याम् | अर्यमभ्यः |
| पञ्चमी | अर्यम्णः | अर्यमभ्याम् | अर्यमभ्यः |
| षष्ठी | अर्यम्णः | अर्यम्णोः | अर्यम्णाम् |
| सप्तमी | अर्यम्णि / अर्यमणि | अर्यम्णोः | अर्यमसु |
| सम्बोधन | हे अर्यमन् | हे अर्यमणौ | हे अर्यमणः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | पूषा | पूषणौ | पूषणः |
| द्वितीया | पूषणम् | पूषणौ | पूष्णः |
| तृतीया | पूष्णा | पूषभ्याम् | पूषभिः |
| चतुर्थी | पूष्णे | पूषभ्याम् | पूषभ्यः |
| पञ्चमी | पूष्णः | पूषभ्याम् | पूषभ्यः |
| षष्ठी | पूष्णः | पूष्णोः | पूष्णाम् |
| सप्तमी | पूष्णि / पूषणि | पूष्णोः | पूषसु |
| सम्बोधन | हे पूषन् | हे पूषणौ | हे पूषणः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | मूर्धा | मूर्धानौ | मूर्धानः |
| द्वितीया | मूर्धानम् | मूर्धानौ | मूर्ध्नः |
| तृतीया | मूर्ध्ना | मूर्धभ्याम् | मूर्धभिः |
| चतुर्थी | मूर्ध्ने | मूर्धभ्याम् | मूर्धभ्यः |
| पञ्चमी | मूर्ध्नः | मूर्धभ्याम् | मूर्धभ्यः |
| षष्ठी | मूर्ध्नः | मूर्ध्नोः | मूर्ध्नाम् |
| सप्तमी | मूर्ध्नि / मूर्धनि | मूर्ध्नोः | मूर्धसु |
| सम्बोधन | हे मूर्धन् | हे मूर्धानौ | हे मूर्धानः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | अश्मा | अश्मानौ | अश्मानः |
| द्वितीया | अश्मानम् | अश्मानौ | अश्मनः |
| तृतीया | अश्मना | अश्मभ्याम् | अश्मभिः |
| चतुर्थी | अश्मने | अश्मभ्याम् | अश्मभ्यः |
| पञ्चमी | अश्मनः | अश्मभ्याम् | अश्मभ्यः |
| षष्ठी | अश्मनः | अश्मनोः | अश्मनाम् |
| सप्तमी | अश्मनि | अश्मनोः | अश्मसु |
| सम्बोधन | हे अश्मन् | हे अश्मानौ | हे अश्मानः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | ज्ञानी | ज्ञानिनौ | ज्ञानिनः |
| द्वितीया | ज्ञानिनम् | ज्ञानिनौ | ज्ञानिनः |
| तृतीया | ज्ञानिना | ज्ञानिभ्याम् | ज्ञानिभिः |
| चतुर्थी | ज्ञानिने | ज्ञानिभ्याम् | ज्ञानिभ्यः |
| पञ्चमी | ज्ञानिनः | ज्ञानिभ्याम् | ज्ञानिभ्यः |
| षष्ठी | ज्ञानिनः | ज्ञानिनोः | ज्ञानिनाम् |
| सप्तमी | ज्ञानिनि | ज्ञानिनोः | ज्ञानिषु |
| सम्बोधन | हे ज्ञानिन् | हे ज्ञानिनौ | हे ज्ञानिनः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | दण्डी | दण्डिनौ | दण्डिनः |
| द्वितीया | दण्डिनम् | दण्डिनौ | दण्डिनः |
| तृतीया | दण्डिना | दण्डिभ्याम् | दण्डिभिः |
| चतुर्थी | दण्डिने | दण्डिभ्याम् | दण्डिभ्यः |
| पञ्चमी | दण्डिनः | दण्डिभ्याम् | दण्डिभ्यः |
| षष्ठी | दण्डिनः | दण्डिनोः | दण्डिनाम् |
| सप्तमी | दण्डिनि | दण्डिनोः | दण्डिषु |
| सम्बोधन | हे दण्डिन् | हे दण्डिनौ | हे दण्डिनः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | पक्षी | पक्षिणौ | पक्षिणः |
| द्वितीया | पक्षिणम् | पक्षिणौ | पक्षिणः |
| तृतीया | पक्षिणा | पक्षिभ्याम् | पक्षिभिः |
| चतुर्थी | पक्षिणे | पक्षिभ्याम् | पक्षिभ्यः |
| पञ्चमी | पक्षिणः | पक्षिभ्याम् | पक्षिभ्यः |
| षष्ठी | पक्षिणः | पक्षिणोः | पक्षिणाम् |
| सप्तमी | पक्षिणि | पक्षिणोः | पक्षिषु |
| सम्बोधन | हे पक्षिन् | हे पक्षिणौ | हे पक्षिणः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | स्वामी | स्वामिनौ | स्वामिनः |
| द्वितीया | स्वामिनम् | स्वामिनौ | स्वामिनः |
| तृतीया | स्वामिना | स्वामिभ्याम् | स्वामिभिः |
| चतुर्थी | स्वामिने | स्वामिभ्याम् | स्वामिभ्यः |
| पञ्चमी | स्वामिनः | स्वामिभ्याम् | स्वामिभ्यः |
| षष्ठी | स्वामिनः | स्वामिनोः | स्वामिनाम् |
| सप्तमी | स्वामिनि | स्वामिनोः | स्वामिषु |
| सम्बोधन | हे स्वामिन् | हे स्वामिनौ | हे स्वामिनः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | नाम | नाम्नी / नामनी | नामानि |
| द्वितीया | नाम | नाम्नी / नामनी | नामानि |
| तृतीया | नाम्ना | नामभ्याम् | नामभिः |
| चतुर्थी | नाम्ने | नामभ्याम् | नामभ्यः |
| पञ्चमी | नाम्नः | नामभ्याम् | नामभ्यः |
| षष्ठी | नाम्नः | नाम्नोः | नाम्नाम् |
| सप्तमी | नाम्नि / नामनि | नाम्नोः | नामसु |
| सम्बोधन | हे नामन् / हे नाम | हे नाम्नी / हे नामनी | हे नामानि |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | कर्म | कर्मणी | कर्माणि |
| द्वितीया | कर्म | कर्मणी | कर्माणि |
| तृतीया | कर्मणा | कर्मभ्याम् | कर्मभिः |
| चतुर्थी | कर्मणे | कर्मभ्याम् | कर्मभ्यः |
| पञ्चमी | कर्मणः | कर्मभ्याम् | कर्मभ्यः |
| षष्ठी | कर्मणः | कर्मणोः | कर्मणाम् |
| सप्तमी | कर्मणि | कर्मणोः | कर्मसु |
| सम्बोधन | हे कर्मन् / हे कर्म | हे कर्मणी | हे कर्माणि |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | जन्म | जन्मनी | जन्मानि |
| द्वितीया | जन्म | जन्मनी | जन्मानि |
| तृतीया | जन्मना | जन्मभ्याम् | जन्मभिः |
| चतुर्थी | जन्मने | जन्मभ्याम् | जन्मभ्यः |
| पञ्चमी | जन्मनः | जन्मभ्याम् | जन्मभ्यः |
| षष्ठी | जन्मनः | जन्मनोः | जन्मनाम् |
| सप्तमी | जन्मनि | जन्मनोः | जन्मसु |
| सम्बोधन | हे जन्मन् / हे जन्म | हे जन्मनी | हे जन्मानि |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | ज्ञानि | ज्ञानिनी | ज्ञानीनि |
| द्वितीया | ज्ञानि | ज्ञानिनी | ज्ञानीनि |
| तृतीया | ज्ञानिना | ज्ञानिभ्याम् | ज्ञानिभिः |
| चतुर्थी | ज्ञानिने | ज्ञानिभ्याम् | ज्ञानिभ्यः |
| पञ्चमी | ज्ञानिनः | ज्ञानिभ्याम् | ज्ञानिभ्यः |
| षष्ठी | ज्ञानिनः | ज्ञानिनोः | ज्ञानिनाम् |
| सप्तमी | ज्ञानिनि | ज्ञानिनोः | ज्ञानिषु |
| सम्बोधन | हे ज्ञानिन् / हे ज्ञानि | हे ज्ञानिनी | हे ज्ञानीनि |