हिन्दी मंदाकिनी
विश्वविद्यालयीय पाठ्यक्रम (B.A. / M.A.) एवं प्रतियोगी परीक्षाओं (UGC NET, TGT, PGT, Assistant Prof.) हेतु संकलित मध्यकालीन प्रतिनिधि कवियों, मूल पाठों की प्रामाणिक व्याख्या एवं इतिहास का सम्पूर्ण अध्ययन।
📑 खण्ड १: प्रतिनिधि कवि एवं काव्य-पाठ (सप्रसंग व्याख्या)
10 कवि उपलब्ध'पदावली' से संकलित पद; राधा-कृष्ण के अलौकिक प्रेम, वयःसन्धि, रूप-सौन्दर्य एवं भक्ति-भावना का सप्रसंग विवेचन।
साखी, सबद एवं रमैनी; गुरु-महिमा, निर्गुण ब्रह्म की उपासना, सामाजिक रूढ़ि-खण्डन एवं रहस्यवादी पदों की व्याख्या।
'पद्मावत' से संकलित अंश; नागमती वियोग खण्ड, बारहमासा, विरह-वेदना एवं सूफी प्रेम-साधना का शास्त्रीय विश्लेषण।
'सूरसागर' एवं 'भ्रमरगीत सार' से चयनित पद; वात्सल्य, बाल-लीला, गोपियों का विरह तथा निर्गुण पर सगुण की विजय।
'रामचरितमानस', 'विनयपत्रिका' व 'कवितावली' से संकलित पद; लोकमंगल की साधना, समन्वय-चेतना एवं दास्य भक्ति।
'रामचन्द्रिका' एवं 'रसिकप्रिया' से चयनित अंश; संवाद-सौष्ठव, शास्त्रीय पाण्डित्य, अलंकार-योजना और काव्य-शिल्प।
'बिहारी सतसई' के प्रतिनिधि दोहे; गागर में सागर भरने वाली शृंगार, भक्ति, नीति और बहुज्ञता की अनुपम व्याख्या।
प्रेम की पीर, आन्तरिक अनुभूति, सुजान-प्रेम का कृष्ण-भक्ति में रूपान्तरण और स्वच्छन्दतावादी कवित्त-सवैयों की व्याख्या।
'कवित्त रत्नाकर' से चयनित पद; प्रकृति एवं षड्-ऋतु वर्णन का बेजोड़ चित्रात्मक सौन्दर्य, श्लेष-चमत्कार और रामभक्ति।
'शिवराज भूषण' एवं 'शिवाबावनी' से संकलित ओजस्वी कवित्त; छत्रपति शिवाजी के शौर्य, पराक्रम और राष्ट्रीय चेतना का गान।
📜 खण्ड २: हिन्दी साहित्य का इतिहास (मध्यकाल)
06 इतिहास खण्ड उपलब्धहिन्दी साहित्य के स्वर्णयुग की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, सामाजिक-धार्मिक चेतना, नामकरण, वर्गीकरण एवं समग्र विशेषताएँ।
दरबारी संस्कृति, रीतिबद्ध, रीतिसिद्ध व रीतिमुक्त काव्यधाराओं का तुलनात्मक अध्ययन, लक्षण-ग्रन्थ परम्परा व कला-पक्ष।
सन्त काव्यधारा की दार्शनिक पीठिका, निर्गुण भक्ति का स्वरूप, प्रमुख सन्त कवि, सामाजिक क्रान्ति एवं भाषा-शिल्प।
सूफी प्रेमाख्यानक परम्परा, मसनवी शैली, भारतीय लोक-कथाओं का सूफीकरण, प्रमुख कवि-रचनाएँ और रहस्यवादी चेतना।
मर्यादा पुरुषोत्तम राम की भक्ति-परम्परा, प्रबन्ध काव्य की उदात्तता, लोकमंगलकारी आदर्श और समन्वयवादी दृष्टिकोण।
पुष्टिमार्गीय भक्ति, अष्टछाप के कवि, लीला-गान, वात्सल्य एवं माधुर्य भाव की पद-परम्परा तथा संगीतात्मकता।
प्र. 'हिन्दी मंदाकिनी' के अंतर्गत क्या-क्या अध्ययन सामग्री उपलब्ध है?
उत्तर: इसमें मध्यकालीन हिन्दी काव्य (आदिकाल/भक्तिकाल/रीतिकाल) के 10 प्रमुख कवियों के संकलित पदों का मूल पाठ, सप्रसंग व्याख्या, काव्य-सौन्दर्य तथा मध्यकालीन साहित्येतिहास की सभी प्रमुख धाराओं की विस्तृत समीक्षा उपलब्ध है।