कथा सरिता - शास्त्री (B.A) में निर्धारित पाठ्यपुस्तक

॥ श्रीसरस्वत्यै नमः • डिजिटल ग्रन्थालय ॥
कथा सरिता
सम्पादक: विद्या चन्द्रा • सम्पूर्ण मूल पाठ • विस्तृत व्याख्या एवं समीक्षा

विश्वविद्यालयीय पाठ्यक्रम (B.A. / M.A.) एवं प्रतियोगी परीक्षाओं (UGC NET, TGT, PGT, Assistant Prof.) हेतु संकलित 09 प्रतिनिधि कालजयी कहानियों का प्रामाणिक एवं विस्तृत अध्ययन।

📚 विधा: प्रतिनिधि कहानी संकलन 📑 कुल पाठ: 09 कहानियाँ 🎯 लक्ष्य: BA, MA, TGT, PGT, NET प्रारूप: मूल पाठ + समीक्षा + प्रश्नोत्तर

📑 संकलित कहानियों की अनुक्रमणिका

09 कहानियाँ उपलब्ध
कहानी ०१ मनोवैज्ञानिक / यथार्थवादी
ईदगाह
✍️ लेखक: प्रेमचन्द

बाल-मनोविज्ञान, हामिद-अमीना के वात्सल्य प्रेम, बाल-सुलभ इच्छाओं के त्याग और संवेदनशीलता की अमर कालजयी कहानी।

सम्पूर्ण पाठ एवं व्याख्या पढ़ें →
कहानी ०२ ऐतिहासिक / भावप्रधान
गुण्डा
✍️ लेखक: जयशंकर प्रसाद

काशी की अक्खड़-मस्ताना संस्कृति, नन्हकू सिंह के अदम्य शौर्य, उदात्त प्रेम, कर्तव्य-निष्ठा और आत्म-बलिदान की गाथा।

सम्पूर्ण पाठ एवं व्याख्या पढ़ें →
कहानी ०३ प्रगतिशील / यथार्थवादी
फूलों का कुर्ता
✍️ लेखक: यशपाल

वर्ग-भेद, पूँजीवादी मानसिकता, सामाजिक विद्रूपताओं और अभावग्रस्त जीवन की त्रासद विवशताओं पर तीखा प्रहार।

सम्पूर्ण पाठ एवं व्याख्या पढ़ें →
कहानी ०४ मनोवैज्ञानिक / दार्शनिक
अपना-अपना भाग्य
✍️ लेखक: जैनेन्द्र कुमार

पहाड़ी अनाथ बालक की ठिठुरन भरी मौत, सम्पन्न वर्ग की संवेदनहीनता, नियति और सामाजिक विसंगति का मार्मिक चित्रण।

सम्पूर्ण पाठ एवं व्याख्या पढ़ें →
कहानी ०५ विभाजन की त्रासदी
शरणदाता
✍️ लेखक: अज्ञेय

भारत-विभाजन की साम्प्रदायिक विभीषिका, भय, अविश्वास, मानवीय सम्बन्धों के बिखराव और जिजीविषा का सूक्ष्म विश्लेषण।

सम्पूर्ण पाठ एवं व्याख्या पढ़ें →
कहानी ०६ सामाजिक यथार्थ
चीफ की दावत
✍️ लेखक: भीष्म साहनी

मध्यमवर्गीय दिखावे, स्वार्थपरकता, बूढ़ी माँ की उपेक्षा और पश्चिमी सभ्यता के आवरण में खोती पारिवारिक संवेदना पर व्यंग्य।

सम्पूर्ण पाठ एवं व्याख्या पढ़ें →
कहानी ०७ आंचलिक कहानी
लाल पान की बेगम
✍️ लेखक: फणीश्वर नाथ रेणु

ग्रामीण अंचल के लोक-जीवन, बिरजू की माँ के अल्हड़ उल्लास, मान-मनौव्वल और बैलगाड़ी से नाच देखने जाने का सजीव अंकन।

सम्पूर्ण पाठ एवं व्याख्या पढ़ें →
कहानी ०८ पारिवारिक / मनोवैज्ञानिक
वापसी
✍️ लेखिका: ऊषा प्रियम्बदा

सेवानिवृत्त गजाधर बाबू का अपने ही परिवार में बेगानेपन का अहसास, पीढ़ी-अन्तराल और आधुनिक जीवन के अकेलेपन की व्यथा।

सम्पूर्ण पाठ एवं व्याख्या पढ़ें →
कहानी ०९ आंचलिक / सामाजिक चेतना
कर्मनाशा की हार
✍️ लेखक: शिवप्रसाद सिंह

कर्मनाशा नदी की प्रलयंकारी बाढ़, ग्राम्य अन्धविश्वास, मानवीय क्रूरता के विरुद्ध भैरव पाण्डेय का विद्रोह और मूल्यों की जय।

सम्पूर्ण पाठ एवं व्याख्या पढ़ें →

प्र. 'कथा सरिता' के प्रत्येक पाठ में किस प्रकार की अध्ययन सामग्री उपलब्ध है?

उत्तर: प्रत्येक कहानी के लिंक पर क्लिक करके आप कहानी का मूल पाठ, विस्तृत कथा-सार, पात्रों का चरित्र-चित्रण, भाषा-शिल्प, कहानी की मूल संवेदना तथा विश्वविद्यालयीय व प्रतियोगी परीक्षाओं के महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर प्राप्त कर सकते हैं।

कथा सरिता (सम्पादक: विद्या चन्द्रा) • सम्पूर्ण डिजिटल ग्रन्थालय ॥

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)