हिन्दी निबन्ध मंजरी
विश्वविद्यालयीय पाठ्यक्रम (B.A. / M.A.) एवं प्रतियोगी परीक्षाओं (UGC NET, TGT, PGT, Assistant Prof.) हेतु संकलित 09 प्रतिनिधि निबन्धों का प्रामाणिक एवं विस्तृत अध्ययन।
📑 संकलित निबन्धों की अनुक्रमणिका
09 निबन्ध उपलब्धआचरण की गरिमा, मौन व्याख्यान, आन्तरिक पवित्रता एवं मानव जीवन में सदाचार व उदात्त संस्कारों के विकास का विवेचन।
कविता के स्वरूप, कवि-कर्म की उदात्तता, भाषा-परिष्कार, भाव-सौन्दर्य और साहित्य के लोकमंगलकारी उद्देश्य की मीमांसा।
'चिन्तामणि' से; श्रद्धा और भक्ति के दार्शनिक व मनोवैज्ञानिक भेद, पूज्य-भाव, सामाजिक उपयोगिता एवं लोक-कल्याण का शास्त्रीय विश्लेषण।
वैज्ञानिक प्रगति की अंधी दौड़ में मानवीय संवेदनाओं का ह्रास, यंत्रीकरण और आधुनिक मानव के नैतिक-आध्यात्मिक संकटों का विमर्श।
अपराजित जीवन-दृष्टि और जिजीविषा का ललित आख्यान; हिमालय की शुष्क चट्टानों पर खिलने वाले कुटज का गहन जीवन-दर्शन।
भौतिक आवश्यकताओं (गेहूँ) और सांस्कृतिक-मानसिक सौन्दर्यबोध (गुलाब) के द्वन्द्व, सन्तुलन और मानव सभ्यता के भविष्य का विश्लेषण।
मानवीय लालसा, त्याग, नैतिक मूल्यों और सत्य के अन्वेषण पर आधारित विचारोत्तेजक, बोधप्रद एवं प्रेरणादायी निबन्ध।
रावण की ऐश्वर्यमयी लंका की रात्रि, सौन्दर्य-चेतना, दार्शनिक द्वन्द्व और रामकथा के सांस्कृतिक पक्षों की ललित व्याख्या।
काम और प्रेम के तात्विक भेद, वासना से ऊपर उठकर आत्मिक प्रेम की उदात्तता और भारतीय दर्शन में प्रेम के वास्तविक स्वरूप की व्याख्या।
प्र. 'हिन्दी निबन्ध मंजरी' के पाठों में किस प्रकार की सामग्री उपलब्ध है?
उत्तर: प्रत्येक पाठ के लिंक पर क्लिक करके आप निबन्ध का मूल पाठ, विस्तृत व्याख्या, कठिन शब्दों के अर्थ, सारांश, आलोचनात्मक समीक्षा तथा विश्वविद्यालयीय व प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर प्राप्त कर सकते हैं।