शास्त्री प्रथम एवं द्वितीय सेमेस्टर -नया पाठ्यक्रम

चन्द्र देव त्रिपाठी 'अतुल'
0
शास्त्री प्रथम एवं द्वितीय सेमेस्टर — सम्पूर्ण पाठ्यक्रम, नये पाठ्यक्रम पर आधारित
शास्त्री प्रथम एवं द्वितीय सेमेस्टर पाठ्यक्रम

शास्त्री प्रथम एवं द्वितीय सेमेस्टर — सम्पूर्ण पाठ्यक्रम, सत्र-2025-26

शास्त्री प्रथम सेमेस्टर

यह पाठ्यक्रम नवीनतम पाठ्यक्रम पर आधारित है जो सत्र 2024-27 के लिए निर्धारित किया गया है। NEP 2020 के अनुसार शास्त्री में कुल 09 प्रश्नपत्र होंगे ।

1. मुख्य विषय (MEJOR COURSE-01)
2. मुख्य विषय (MEJOR COURSE-02)
3. अन्तर्विषयक शास्त्रीय विषय 01 (MINOR COURSE-01)
4. बहुविषयक शास्त्रीय विषय MDC (MULTI DISCIPLINARY COURSE)
5. अन्तर्विषयक शास्त्रीय विषय 02 (MINOR COURSE-02)
6. दक्षता संवर्धक पाठ्यक्रम AEC (ABILITY ENHANCEMENT COURSE)
7. कौशल विकास पाठ्यक्रम SEC(SKILL ENHANCEMENT COURSE)
8 .मूल्य संवर्धक पाठ्यक्रम (VALUE ADD COURSE)
9. अर्हता परीक्षा (यह प्रश्नपत्र केवल उन छात्रों के लिए है जो इन्टरमीडिएट में बिना संस्कृत विषय के ही शास्त्री में प्रवेश लिए हैं)

मुख्य विषय के लिए 30 से अधिक पाठ्याक्रम दिया गया है किन्तु विषय चयन करते समय सावधानी बरतना होगा।

विषय चयन कैसे करें- संस्कृत महाविद्यालयों के पास विषयों की मान्यता मिली हुयी है जैसे साहित्य, नव्यव्याकरण, प्राचीनव्याकरण इत्यादि। प्रथम एवं द्वितीय पत्र मुख्य विषय हैं। जिन विषयों की मान्यता मिली हुयी है उन्ही विषयों को मुख्य विषय बना सकते हैं। जैसे- किसी महाविद्यालय को साहित्य एवं नव्यव्याकरण की ही मान्यता है तो वह इन्ही दो विषयों को मुख्य विषयों के रूप में चुन सकता है,वेद,पुराणेतिहास न्याय, दर्शन इत्यादि नहीं दे सकता।

प्रथम प्रश्नपत्र 1.मुख्य विषय (MEJOR COURSE-01)

साहित्य शिशुपालवधम्- महाकवि माघ- 01 से 02 सर्ग तक
अभिज्ञानशाकुन्तलम्- 1-3 अ्ंक तक ।
मेघदूतम्- प्रारम्भ से 33 श्लोक तक ।
75
नव्यव्याकरण प्रौढ़ मनोरमा-शब्दरत्न सहिता 75
3-1 3-2 3-3
4-1 4-2 4-3

द्वितीय प्रश्नपत्र- 2.मुख्य विषय (MEJOR COURSE-02)

साहित्य साहित्य दर्पण- 01 से 04 परिच्छेद तक
कादम्बरी- तारापीडवर्णन पर्यन्त
75
नव्यव्याकरण पस्पशाह्निकम्, द्वितीयाह्निकम्,तृतीयाह्निकम् 75
3-1 3-2 3-3
4-1 4-2 100

तृतीय प्रश्नपत्र-3. अन्तर्विषयक शास्त्रीय विषय 01 (MINOR COURSE-01)

तृतीय प्रश्नपत्र के लिए आवश्यक सूचना- तृतीय प्रश्नपत्र का नाम है अन्तर्विषयक शास्त्रीय विषय 01 (MINOR COURSE-01) इसमें मुख्य विषय के अतिरिक्त अन्य प्रश्नपत्रों का चयन कर सकते हैं। उदाहरण- पौरोहित्य,पुराणेतिहास,साहित्य,नव्यव्याकरण इत्यादि। ध्यान सिर्फ इतना देना है कि जो छात्र प्रथम दो प्रश्नपत्रों में नव्यव्याकरण लिया है उसे तृतीय में साहित्य अथवा अन्यविषय देना है और जो छात्र प्रथम द्वितीय प्रश्नपत्र में साहित्य लिया है तृतीय प्रश्नपत्र में अन्य विषय का चयन करना है।अर्थात जो प्रथम एवं द्वितीय प्रश्नपत्र का विषय है वह तृतीय प्रश्नपत्र में नहीं देना है।

पौरोहित्य संस्कारभास्कर- चूड़ाकरणान्त, उपनयनवेदारम्भसमावर्तनान्तसंस्कारः
पुरुषसूक्तम्- सम्पूर्णम् (पूजामन्त्राणां चार्थज्ञानम्)
100
पुराणेतिहास पुराणपर्यालोचनम्-पुराणवाङ्मयपरिचयः ।
पद्मपुराण- श्रीमद्भागवतमाहात्मय- प्रारम्भ से 06 अध्याय तक ।
श्रीमद्भागवतमहापुराण- प्रथम स्कन्ध- अध्याय 01 से 06तक ।
100
साहित्य 3-2 3-3
नव्यव्याकरण 4-2 100

चतुर्थ प्रश्नपत्र -4.बहुविषयक शास्त्रीय विषय MDC (MULTI DISCIPLINARY COURSE)

साहित्य अभिज्ञानशाकुन्तलम्- 1-2 अ्ंक तक । मेघदूतम्- प्रारम्भ से 33 श्लोक तक । सिन्धवुवादवृत्तम्- 1-3 यात्रावर्णनत 100
नव्यव्याकरण महाभाष्यम्- पस्पशाह्निकम्, द्वितीयाह्निकम्,तृतीयाह्निकम् 100
पौरोहित्य 3-2 100
पुराणेतिहास 4-2 100
हिन्दी ध्रुवस्वामिनी 100

पंचम प्रश्नपत्र -5. अन्तर्विषयक शास्त्रीय विषय 02 (MINOR COURSE-02)

पंचम प्रश्नपत्र में 15 विषयों में से किसी एक विषय को चुनना पड़ेगा। हिन्दी, इतिहास,भूगोल, नागरिकशास्त्र जैसे विषयों का चयन इसी प्रश्नपत्र में करना पड़ेगा।

हिन्दी मंदाकिनी- डॉ विद्या कुमारी चन्द्रा -कवि एवं काव्य की व्याख्या और समीक्षा
हिन्दी साहित्य का इतिहास- हजारी प्रसाद द्विवेदी मध्यकालीन हिन्दी काव्य का इतिहास
हिन्दी व्याकरण -कामता प्रसाद गुरु
रस,छन्द,अलंकार,शब्दशक्ति
75
इतिहास प्राचीन एवं पूर्वमध्यकालीन इतिहास (प्रारम्भ से 1206 ई. तक
1.प्राचीन इतिहास का परिचय,संस्कृति एवं सभ्यता,प्राचीन भारत के इतिहासकार, प्रागैतिहासिक काल का संक्षिप्त परिचय।
2.सिन्धु घाटी की सभ्यता, वैदिक एवं उत्तर वैदिक काल।
3.मगध साम्राज्य का उदय और मौर्य वंश-चन्द्रगुप्त, बिन्दुसार और अशोक,कौटिल्य एवं अर्थशास्त्र।
4.गुप्तवंश-चन्द्रगुप्त,समुद्रगुप्त और चन्द्रगुप्त द्वितीय,गुप्तकाल एक स्वर्णिम युग।
5. हर्षवर्धन और राजपूत राज्यों का उदय,प्रतिहार,चालुक्य,परमार।
6. भारत में सामन्तवाद का उदय।
7. हिन्दुओं की धार्मिक रीति-रिवाज, संस्कार एवं विश्वास
100
भूगोल 3-2 100
राजनीतिशास्त्र 4-2 4-3

षष्ठ प्रश्नपत्र -6. दक्षता संवर्धक पाठ्यक्रम AEC (ABILITY ENHANCEMENT COURSE)

षष्ठ प्रश्नपत्र में किसी एक भाषा का चयन विषय के रूप में करना पड़ेगा जैसे अंग्रेजी, कम्प्यूटर,नेपाली,फ्रेंच,जर्मन,व्यवहारिक हिन्दी, सामान्य संस्कृत इत्यादि।

व्यवहारिक हिन्दी निर्मला उपन्यास-मुंशी प्रेमचन्द 75 25
व्यवहारिक संस्कृत संस्कृत अनुवाद इत्यादि 75 25
अंग्रेजी 3-2 3-3 3-4
4-1 4-2 4-3 4-4

सप्तम् प्रश्नपत्र- 7. कौशल विकास पाठ्यक्रम SEC(SKILL ENHANCEMENT COURSE)

कर्मकाण्ड 75 25
ज्योतिष पस्ह्निकम् 75 25
3-1 3-2 3-3 3-4
4-1 4-2 4-3 4-4

अष्टम् प्रश्नपत्र -8 .मूल्य संवर्धक पाठ्यक्रम (VALUE ADD COURSE)

खाद पोषण एवं स्वच्छता भोजन एवं पोषण की अवधारणा।
स्थूल एवं सूक्ष्म पोषक तत्व।
सामुदायिक स्वास्थ्य अवधारणा
75 25

नवम प्रश्नपत्र- अर्हता परीक्षा

साहित्य साहित्य दर्पण- 01 से 04 परिच्छेद तक
कादम्बरी- तारापीडवर्णन पर्यन्त
75 25
नव्यव्याकरण पस्पशाह्निकम्, द्वितीयाह्निकम्,तृतीयाह्निकम् 75 25
3-1 3-2 3-3 3-4
4-1 4-2 4-3 4-4

अष्टम् प्रश्नपत्र -8 .मूल्य संवर्धक पाठ्यक्रम (VALUE ADD COURSE)

मूल्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य भोजन एवं पोषण की अवधारणा।
स्थूल एवं सूक्ष्म पोषक तत्व।
सामुदायिक स्वास्थ्य अवधारणा
75 25

मॉडल पेपर

मॉडल पेपर / परीक्षा पैटर्न

शास्त्री द्वितीय सेमेस्टर पाठ्यक्रम

प्रथम प्रश्नपत्र 1.मुख्य विषय (MEJOR COURSE-01)


साहित्य शिशुपालवधम्- महाकवि माघ- 3 से 4 सर्ग तक
अभिज्ञानशाकुन्तलम्- 4-7 अ्ंक तक ।
मेघदूतम्- प्रारम्भ से 34 से पूर्वमेघपर्यन्त तक ।
100
नव्यव्याकरण प्रौढ़ मनोरमा-शब्दरत्न सहिता-
न पदान्तसूत्रादारभ्य हलोर्मायामि लोप इति सूत्रं यावत्
वान्तो यि प्रत्यय इति सूत्रादारभ्य अच् सन्ध्यन्तो भागः
हल सन्धि प्रकरणात् स्वादिसन्धि पर्यन्तो भागः
75
3-1 3-2
4-1 4-2 4-3

द्वितीय प्रश्नपत्र- 2.मुख्य विषय (MEJOR COURSE-02)

साहित्य साहित्य दर्पण- 04-5-6 परिच्छेद तक
कादम्बरी- सूतिकागृहवर्णनतः,शुकनासोपदेश पर्यन्तं
75 25
नव्यव्याकरण वैयाकरणसिद्धान्त कौमुदी
वैदिकी प्रक्रिया
साधारण स्वर प्रकरणात् प्रातिपदिक स्वर प्रकरण यावत् कित् सूत्राणि च
प्रत्यय स्वर प्रकरणात् स्वर समाप्ति पर्यन्तो भागः
75 25
पौरोहित्य 3-2 3-3 3-4
पुराणेतिहास 4-2 4-3 4-4

तृतीय प्रश्नपत्र-3. अन्तर्विषयक शास्त्रीय विषय 01 (MINOR COURSE-01)

पौरोहित्य संस्कारभास्कर- चूड़ाकरणान्त, उपनयनवेदारम्भसमावर्तनान्तसंस्कारः
पुरुषसूक्तम्- सम्पूर्णम् (पूजामन्त्राणां चार्थज्ञानम्)
75 25
पुराणेतिहास श्रीमद्भगवतगीता(गूढ़ार्थदीपिका)
द्वितीय, द्वादश,त्रयोदश,चतुर्दश, पंचदशोध्यायः

श्रीमद्भागवतमहापुराण- प्रथम स्कन्ध- अध्याय 01 से 06तक ।
75 25
साहित्य 3-2 3-3 3-4
नव्यव्याकरण 4-2 4-3 4-4

चतुर्थ प्रश्नपत्र -4.बहुविषयक शास्त्रीय विषय MDC (MULTI DISCIPLINARY COURSE)

साहित्य अभिज्ञानशाकुन्तलम्- 1-2 अ्ंक तक । मेघदूतम्- प्रारम्भ से 33 श्लोक तक । सिन्धवुवादवृत्तम्- 1-3 यात्रावर्णनत 75 25
नव्यव्याकरण महाभाष्यम्- पस्पशाह्निकम्, द्वितीयाह्निकम्,तृतीयाह्निकम् 75 25
पौरोहित्य 3-2 3-3 3-4
पुराणेतिहास 4-2 4-3 4-4
हिन्दी साहित्य ध्रुवस्वामिनी 4-3 4-4

पंचम प्रश्नपत्र -5. अन्तर्विषयक शास्त्रीय विषय 02 (MINOR COURSE-02)

हिन्दी मंदाकिनी- डॉ विद्या कुमारी चन्द्रा -कवि एवं काव्य की व्याख्या और समीक्षा हिन्दी साहित्य का इतिहास- हजारी प्रसाद द्विवेदी मध्यकालीन हिन्दी काव्य का इतिहास हिन्दी व्याकरण -कामता प्रसाद गुरु रस,छन्द,अलंकार,शब्दशक्ति 75 25
इतिहास मध्यकालीन इतिहास(1206 ई. से 1757 ई. तक।
1.तुर्क एवं खिलजी वंश।
2. तुगलक एवं लोधी वंश
3. हुमायँ,शेरशाह-प्रशासन एवं भूमि राजस्व सुधार
4.अकबर मनसबदारी,राजपूतों से सम्बन्ध एवं महाराणा प्रताप,धार्मिक नीति।
5.औरंगजेब-राजपूत,धार्मिक एवं दक्कन नीति,मुगलों के पतन का कारण।
6. शिवाजी एवं मराठों का उदय-प्रसाशन, राजस्व तंत्र
7.मुगलकालीन स्थापत्य एवं चित्रकला।
8. सूफी आन्दोलन एवं भक्ति आन्दोलन।
75 25
3-1 3-2 3-3 3-4
4-1 4-2 4-3 100

षष्ठ प्रश्नपत्र -6. दक्षता संवर्धक पाठ्यक्रम AEC (ABILITY ENHANCEMENT COURSE)

षष्ठ प्रश्नपत्र में किसी एक भाषा का चयन विषय के रूप में करना पड़ेगा जैसे अंग्रेजी, कम्प्यूटर,नेपाली,फ्रेंच,जर्मन,व्यवहारिक हिन्दी, सामान्य संस्कृत इत्यादि।

व्यवहारिक हिन्दी निर्मला उपन्यास-मुंशी प्रेमचन्द 100
व्यवहारिक संस्कृत संस्कृत अनुवाद इत्यादि 100
अंग्रेजी 3-2 100
4-1 4-2 100

सप्तम् प्रश्नपत्र- 7. कौशल विकास पाठ्यक्रम SEC(SKILL ENHANCEMENT COURSE)

कर्मकाण्ड 100
ज्योतिष पस्ह्निकम् 100
3-1 3-2 100
4-1 4-2 100

अष्टम् प्रश्नपत्र -8 .मूल्य संवर्धक पाठ्यक्रम (VALUE ADD COURSE)

प्राथमिक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य
    बुनियादी प्राथमिक चिकित्सा
  • प्राथमिक चिकित्सा के उद्देश्य और प्राथमिक चिकित्सा और कानून
  • आपात स्थिति से निपटना, पुनर्जीवन (बुनियादी सीपीआर)।
  • रिकवरी स्थिति, सिर से पैर तक प्रारंभिक मूल्यांकन
  • हाथ धोना और स्वच्छता प्राथनिक चिकित्सा किट के प्रकार और सामग्री
    प्राथमिक चिकित्सा तकनीक।
  • ड्रेसिंग और पहियाँ
  • तीन निकासी तकनीकें (एकल बचावकर्ता)
  • परिवहन तकनीके।
    श्वसन तंत्र से संबंधित प्राथमिक उपचार (स्वसन की मूल बातें)
  • सांस न लेना या शास लेने में कविनाई डूबना, घुटना, गला घोटना और फांसी लगाना, गले में सूजन, धुए या गैसों से दम घुटना और अस्थमा।
    हृदय, रक्त और परिसंचरण से संबंधित प्राथमिक चिकित्सा
  • हृदय और रक्त रक्त की मूल बातें परिसंचरण
  • सीने में तकलीफ, रक्तस्राव।
    घाव और चोटों से संबंधित प्राथमिक उपचार।
  • घावों के प्रकार, छोटे कट और खरोंच
  • सिर, छाती, पेट की चोटें अंग-विच्छेदन, कुचलने से चोटें, सदमा
    हड्डियों, जोड़ों और मांसपेशियों से संबंधित चोटों से संबंधित प्राथमिक उपचार
  • कंकाल, जोड़ों और मांसपेशियों की मूल बातें।
  • फ्रैक्चर (हड्डियों मेंएफ
  • तंत्रिका तंत्र और बेहोशी से संबंधित प्राथमिक चिकित्सा
  • तंत्रिका तंत्र की मूल बातें।
  • बेहोशी,स्ट्रोक,दौरे-ऐंठन दौरा, मिर्गी ।
  • जठरांत्र संबंधी मार्ग से संबंधित प्राथमिक उपचार
  • जठरांत्र प्रणाली की मूल बातें.
  • दस्त, भोजन विषाक्तता।
  • त्वचा से संबंधित प्राथमिक उपचार, जलन त्वचा मूल बातें
तंत्रिका तंत्र की मूल बातें। त्वचा से संबंधित प्राथमिक उपचार, जलन त्वचा मूल बातें जलने के घाव, सूखी जलन और झुलसना (आग, गर्मी और भाप से जलना)। विद्युत एवं रासायनिक जलन, सूर्य की जलन, गमर्मी से थकावट और तापपात। शीत दंश (ठंड से जलन), जलने से बचाव बुखार और हाइपोथर्मिया। विषाक्तता से संबंधित प्राथमिक उपचारः निगलने, गैसों, इंजेक्शन, त्यचा द्वारा विषाक्तता काटने और डंक से संबंधित प्राथमिक उपचार जानवरों के काटने, सौप के काटने, कीड़े के ढंक और काटने इन्द्रिय अंगों से संबंधित प्राथमिक चिकित्सा मूल विद्याले आँख, कान, नाक या त्वचा में विदेशी वस्तुएँ। विदेशी बस्तु निगल ली। विशिष्ट आपातकालीन स्थिति और आपदा प्रबंधन शैक्षणिक संस्थानों और कार्यस्थल पर आपात स्थिति सड़क और यातायात दुर्घटनाएं। ग्रामीण क्षेत्रों में आपातस्थितियाँ। आपदाएं और अनेक दुर्घटनाएं। ट्राइएज आपातकालीन प्रसवब बुनियादी यौन शिक्षा अपलाऊन आधारभूत नियम तथा मूत्र प्रणाली और प्रजनन प्रणाली की मूल बातें का पूर्व परीक्षण। पुरुष यौवन शारीरिक और भावनात्मक परिवर्तन महिला यौवन शारीरिक और भावनात्मक परिवर्तन पुरुष-महिला समानताए और अंतर यौन समोग, गर्भावस्था और प्रसव स्ळठज्फ मुद्दों और पहचान के बारे में तथ्य, दृष्टिकोण और निधक जन्म नियंत्रण और Esc
100

नवम प्रश्नपत्र- अर्हता परीक्षा

अर्हता परीक्षा समास प्रकरण- अव्ययीभाव,तत्पुरुष,बहुब्रीहि,द्वन्द्व तथा भ्वादि प्रकरण तथा कृदन्त प्रकरण।
अनुवाद-प्रथम एवं द्वितीय सेमेस्टर के व्याकरणांशों पर आधारित अनुवाद
100

मॉडल पेपर

मॉडल पेपर / परीक्षा पैटर्न


© 2025 • Paramhans Pathshala • सर्वाधिकार सुरक्षित

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)