उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद्, लखनऊ • शैक्षणिक सत्र 2026–2027
| प्रश्नपत्र-संख्या | विषयः | पूर्णाङ्कः |
|---|---|---|
| प्रथम-प्रश्नपत्रम् | अनिवार्यसंस्कृतम् (कोड सं.-193) | 100 |
| द्वितीय-प्रश्नपत्रम् | संस्कृतशास्त्रम् (16 मुख्य विषयों में से कोई एक) | 100 |
| तृतीय-प्रश्नपत्रम् | हिन्दी (कोड सं.-229) | 100 |
| चतुर्थ-प्रश्नपत्रम् | पौरोहित्यम् (कोड-236) / गृहविज्ञानम् (कोड-234) | 100 |
| पञ्चम-प्रश्नपत्रम् | इतिहासः (कोड-239) / इतिहास-पुराण एवं संस्कृति (कोड-248) | 100 |
| षष्ठ-प्रश्नपत्रम् | अंग्रेजी (कोड सं.-250) / चित्रकला (कोड सं.-241) | 100 |
प्रथम प्रश्नपत्रम् — अनिवार्यसंस्कृतम् (कोड सं.-193)
पूर्णांक: 100
- (क) किरातार्जुनीयम् (प्रथमः सर्गः) :- महाकवि भारवि विरचित किरातार्जुनीयम् के प्रथम सर्ग के श्लोकों की ससन्दर्भ व्याख्या — 20 अंक
- (ख) रचनानुवादकौमुदी (31-45 अभ्यासाः) :- संस्कृतव्याकरणम्, शब्दरूपाणि, धातुरूपाणि, पत्रलेखनम् — 25 अंक
- (ग) शब्दालंकाराः भेदोपभेदसहिताः :- (लक्षणोदाहरणज्ञानम्) — अनुप्रास, यमक, वक्रोक्ति, श्लेष आदि का लक्षण-उदाहरण — 10 अंक
- (घ) गुप्ताशुद्धिप्रदर्शनम् :- आदितः विंशतिपर्यन्तं श्लोकाः, गुप्ताशुद्धिवाक्यानि (1-100 पर्यन्तम्) — 15 अंक
- (ङ) मध्यसिद्धान्तकौमुदी :- (कारक-समासप्रकरणे) — 30 अंक
अथवा
- लघुसिद्धान्तकौमुदी :- (ण्यन्तकृदन्तप्रकरणं यावत्) (व्याकरणेतरच्छात्राणां कृते अनिवार्यम्, व्याकरणच्छात्राणां कृते वैकल्पिकम्) — 30 अंक
अथवा
- न्यायसिद्धान्तमुक्तावली :- (प्रत्यक्षखण्डः) — 30 अंक
अथवा
- न्यायसूत्रम् :- (प्रथमाध्यायस्य प्रथमाह्निकम्) — 30 अंक
द्वितीय प्रश्नपत्रम् — संस्कृतशास्त्रम् (वैकल्पिक-विषयाः)
पूर्णांक: 100
1. ऋग्वेदः
- (क) ऋग्वेदसंहिता (सस्वरा) : चतुर्थमण्डलम् (सूक्तानि- 15, 31-32, 46-50, 57-58 — 25 अंक); पञ्चममण्डलम् (सूक्तानि- 4-5, 9-10, 24-25, 39-40, 46-51, 82-84 — 25 अंक); षष्ठमण्डलम् (सूक्तानि- 1-16, 28, 47 — 25 अंक) | योगरत्नानुसारिणी ग्रहयज्ञप्रयोगपद्धतिः — 25 अंक
- (ख) ऋग्वेदसंहिता (सस्वरा) : षष्ठमण्डलम् (सूक्तानि- 53-58, 61, 68-75 — 25 अंक); सप्तममण्डलम् (सूक्तानि- 1, 15, 34-35, 41, 46-55, 60-63, 94-104 — 25 अंक); अष्टममण्डलम् (सूक्तानि- 11, 20, 30-31 — 25 अंक) | पिंगलच्छन्दःसूत्रस्य वैदिकप्रकरणम् उदाहरणसहितम् — 25 अंक
2. शुक्लयजुर्वेदः (माध्यन्दिनशाखीयः)
- (क) शुक्लयजुर्वेदसंहिता (सस्वरा) : (11-17 अध्यायाः) — 70 अंक | ग्रहशान्तिप्रयोगः : (नान्दीश्राद्धोत्तरमवशिष्टः ग्रहशान्तिप्रयोगः संस्कारभास्करानुसारी) — 30 अंक
- (ख) शुक्लयजुर्वेदसंहिता (सस्वरा) : (18-21 अध्यायाः) — 70 अंक | पिंगलच्छन्दःसूत्रस्य वैदिकच्छन्दःप्रकरणमुदाहरणसहितम् — 30 अंक
3. कृष्णयजुर्वेदः (तैत्तिरीयशाखीयः)
- (क) तैत्तिरीयसंहिता (सस्वरा) : तृतीयं काण्डम् — 70 अंक | हिरण्यकेशीयः आपस्तम्बीयो वा ग्रहशान्तिप्रयोगः — 30 अंक
- (ख) तैत्तिरीयसंहिता (सस्वरा) : चतुर्थं काण्डम् — 70 अंक | पिंगलच्छन्दःसूत्रस्य वैदिकच्छन्दःप्रकरणम् उदाहरणसहितम् — 30 अंक
4. सामवेदः
- (क) सामवेदसंहिता (सस्वरा) : पूर्वार्चिकस्य 5-6 प्रपाठकौ — 70 अंक | आरण्यगानस्यार्कपर्वः — 30 अंक
- (ख) सामवेदसंहिता (सस्वरा) : आरण्यकाण्डादारभ्य उत्तरार्चिकस्य 1-3 प्रपाठकाः — 70 अंक | पिंगलच्छन्दःसूत्रस्य वैदिकच्छन्दःप्रकरणम् उदाहरणसहितम् — 30 अंक
5. अथर्ववेदः
- (क) अथर्ववेदसंहिता (सस्वरा) : पञ्चमकाण्डम् — 70 अंक | अथर्ववेदीया कुशकण्डिका — 30 अंक
- (ख) अथर्ववेदसंहिता (सस्वरा) : षष्ठकाण्डम् — 70 अंक | पिंगलच्छन्दःसूत्रस्य वैदिकच्छन्दःप्रकरणम् उदाहरणसहितम् — 30 अंक
6. आयुर्वेदः
- (क) अष्टाङ्गहृदयम् : (अन्नरक्षाध्यायः) — 60 अंक | योगशतम् : (1-50 श्लोकाः) — 40 अंक
- (ख) अजीर्णामृतमञ्जरी : (सम्पूर्णम्)
7. प्राचीनव्याकरणम्
- (क) अष्टाध्यायीभाष्यम् (चतुर्थोऽध्यायः) प्रथमावृत्तिः / काशिकावृत्तिः (चतुर्थोऽध्यायः) : (वार्तिककारिकांशवर्जिता) — 40 अंक
- (ख) आख्यातिकः : (भ्वादिगणः अदादिगणश्च, चिताः धातवः: भू, एध, अञ्चु, वाञ्छि, कम्, जि, बृहि, शुभ, भृञ्, पा, घ्रा, दाण्, स्मृ, श्रु, डुलभष्, षण्म, गम्ऌ, दृशिर्, डुपचष्, यज, वस, अद, हन, द्विष, शीङ्, ष्टुञ्, ब्रूञ्, इङ्, वच, विद, अस, जागृ) — 25 अंक
- (ग) धातुपाठः : (भ्वादिगणः अदादिगणश्च) – धात्वर्थमात्रनिर्देशः — 15 अंक
- (घ) सन्धिविषयः : (विगृहीतेषु पदेषु सन्धिकार्यम्, सन्धिपदेषु विग्रहकार्यप्रदर्शनम्) — 20 अंक
- (ङ) काशिकावृत्तिः / अष्टाध्यायीभाष्यम् : (पञ्चमोऽध्यायः, वार्तिककारिकांशवर्जिता) — 40 अंक | उणादिकोषः : (प्रथमद्वितीयपादौ) — 40 अंक | धातुरूपभेदकाव्यम् : (कारिकाकण्ठस्थीकरणम्, क्रियारूपेषु धातुनिर्देशः) — 20 अंक
8. नव्यव्याकरणम् (कोड सं.-207)
- (क) सिद्धान्तकौमुदी : अपत्याधिकार, शैषिक, मत्वर्थीय, स्वार्थिक, निरुक्त
- (ख) सिद्धान्तकौमुदी : भ्वादिगणादिप्रकरणम्
9. साहित्यम् (कोड सं.-209)
- (क) दशकुमारचरितम् : (पूर्वपीठिका) — 50 अंक
- (ख) रघुवंशमहाकाव्यम् : (13-14 सर्गौ) — 50 अंक
- (ग) तर्कसंग्रहः : (न्यायबोधिनी टीका) - प्रत्यक्षखण्डः
10. न्यायः
- (क) न्यायसिद्धान्तमुक्तावली : किरणावलीसहिता (प्रत्यक्षखण्डः)
- (ख) न्यायबिन्दुः : (प्रत्यक्षखण्डः)
11. दर्शनम्
- (क) तर्कसंग्रहः : न्यायबोधिनी (प्रत्यक्षखण्डः)
- (ख) सांख्यकारिका : (अर्थसहितम्)
12. ज्योतिषम्
- (क) रेखागणितम् : 1-2 अध्यायौ (सुधाकर द्विवेदी) — 50 अंक | मुहूर्त्तचिन्तामणिः : (गोचरप्रकरणात् यात्राप्रकरणपर्यन्तम्) — 50 अंक
- (ख) ग्रहलाघवम् : रविचन्द्रस्पष्टाधिकारः — 50 अंक | लघुजातकम् : — 50 अंक
13. जैनदर्शनम्
- (क) द्रव्यसंग्रहः : (नेमिचन्द्रमुनिकृतः)
- (ख) न्यायदीपिका : (धर्मभूषणयतिकृता)
14. थेरवादबौद्धदर्शनम्
- (क) अभिधर्मकोशः : प्रथमकोशस्थानम् (मूलमात्रम्) — 50 अंक | वज्रच्छेदिका प्रज्ञापारमिता : (मूलमात्रम्) — 50 अंक
- (ख) अभिधम्मत्थसंगहो : 1-4 परिच्छेदाः (मूलमात्रम्)
15. पुराणेतिहासम्
- (क) विष्णुपुराणम् : प्रथमद्वितीयसर्गौ अथवाश्रीमद्भागवतमहापुराणम् : प्रथमस्कन्धस्य प्रथमाध्यायतः पञ्चमाध्यायपर्यन्तम्
- (ख) वाल्मीकिरामायणम् : सुन्दरकाण्डे द्वितीयसर्गतः दशमसर्गपर्यन्तम्
16. प्राकृतं तथा जैनागमः
- (क) उत्तरज्झयणम् : (उत्तराध्ययन 23 वां केसिगोमिज्जं अध्ययनम्)
- (ख) कात्तिकेयाणुवेक्खा : (कार्तिकेयानुप्रेक्षा गाथा 1-101)
तृतीय प्रश्नपत्रम् — सामान्य / अनिवार्य हिन्दी (कोड सं.-229)
पूर्णांक: 100
हिन्दी पाठ्यक्रम का इकाईवार विभाजन (कक्षा-11)
| इकाई 1– | (i) हिन्दी गद्य साहित्य का इतिहास — 04 अंक | (ii) गद्य खण्ड — 17 अंक | (iii) कहानी — 05 अंक | (iv) नाटक — 05 अंक |
| इकाई 2– | (i) हिन्दी पद्य साहित्य का इतिहास — 04 अंक | (ii) पद्य खण्ड — 15 अंक | (iii) काव्य सौन्दर्य के तत्व — 06 अंक | |
| इकाई 3– | संस्कृत खण्ड — 18 अंक | |||
| इकाई 4– | (i) निबन्ध — 09 अंक | (ii) व्याकरण — 17 अंक | ||
निर्देश: इस विषय में 100 अंकों का एक प्रश्नपत्र तीन घण्टे का होगा। सम्पूर्ण प्रश्नपत्र दो खण्डों में विभाजित है: खण्ड-क (50 अंक) तथा खण्ड-ख (50 अंक)।
खण्ड–क (अंक–50)
| 1 | हिन्दी गद्य का विकास– हिन्दी गद्य का उद्भव एवं विकास, भारतेन्दु युग, द्विवेदी युग | 1×4 = 4 अंक |
| 2 | काव्य साहित्य का विकास– पद्य साहित्य का उद्भव एवं विकास, काल विभाजन, आदिकाल, भक्तिकाल, रीतिकाल की प्रमुख प्रवृत्तियां, कवि एवं उनकी प्रमुख रचनाएं | 1×4 = 4 अंक |
| 3 | सड़क सुरक्षा एवं यातायात के नियम– (ज्ञानात्मक एवं बोधात्मक आधारित बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जायेंगे) | 1×2 = 2 अंक |
| 4 | पाठ्यक्रम में निर्धारित गद्यांशों पर आधारित पांच प्रश्न | 2×5 = 10 अंक |
| 5 | पाठ्यक्रम में निर्धारित पद्यांशों पर आधारित पांच प्रश्न | 2×5 = 10 अंक |
| 6 | (क) संकलित गद्य के पाठों के लेखकों का जीवन परिचय, कृतियाँ तथा भाषा शैली (शब्द सीमा अधिकतम 80) | 3+2 = 5 अंक |
| (ख) कवि परिचय, जीवनी, कृतियाँ, साहित्यिक विशेषताएँ (शब्द सीमा अधिकतम 80) | 3+2 = 5 अंक | |
| 7 | कहानी– चरित्र–चित्रण, कहानी के तत्व एवं तथ्यों पर आधारित लघु उत्तरीय प्रश्न (शब्द सीमा अधिकतम 80) | 5×1 = 5 अंक |
| 8 | नाटक– निर्धारित नाटक की विशेषताएँ एवं पात्रों के चरित्र चित्रण पर आधारित लघु उत्तरीय प्रश्न (शब्द सीमा अधिकतम 80) | 5×1 = 5 अंक |
खण्ड–ख (अंक–50)
| 9 | (क) पठित पाठ्य पुस्तक के निर्धारित पाठों के संस्कृत गद्य का संदर्भ सहित हिन्दी में अनुवाद | 2+5 = 7 अंक |
| (ख) पठित पाठ्य पुस्तक के निर्धारित पाठों के संस्कृत पद्य का संदर्भ सहित हिन्दी में अनुवाद | 2+5 = 7 अंक | |
| 10 | पाठों पर आधारित अति लघु उत्तरीय प्रश्नों का संस्कृत में उत्तर (कोई दो प्रश्न करना है) | 2+2 = 4 अंक |
| 11 |
काव्य सौन्दर्य के तत्व– • (क) सभी रस: (परिभाषा, उदाहरण एवं पहचान) [1+1=2 अंक] • (ख) अलंकार: (1) शब्दालंकार: अनुप्रास, यमक, श्लेष (परिभाषा अथवा उदाहरण)। (2) अर्थालंकार: उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा, सन्देह, भ्रान्तिमान, अन्वय, प्रतीप, दृष्टान्त तथा अतिशयोक्ति (परिभाषा अथवा उदाहरण) [1+1=2 अंक] • (ग) छन्द: (1) मात्रिक: चौपाई, दोहा, सोरठा, रोला, कुण्डलिया, हरिगीतिका, बरवै (लक्षण एवं उदाहरण)। (2) वर्णवृत्त: इन्द्रवज्रा, उपेन्द्रवज्रा, सवैया, मत्तगयन्द, सुमुखी, सुन्दरी, बसन्ततिलका (लक्षण एवं उदाहरण)। (3) मुक्तक: मनहर (लक्षण एवं उदाहरण) [1+1=2 अंक] |
6 अंक |
| 12 | निबन्ध– हिन्दी में मौलिक अभिव्यक्ति (जनसंख्या, पर्यावरण, स्वास्थ्य शिक्षा, यातायात के नियम आदि की जानकारी हेतु इन विषयों पर भी निबन्ध पूछे जायेंगे) | 2+7 = 9 अंक |
| 13 |
संस्कृत व्याकरण– (क्रम संख्या 12 एवं 13 से वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जायेंगे) • क– सन्धि: (1) स्वर सन्धि– एचोऽयवायावः, एडः पदान्तादति, एड्पररूपम् [3 अंक]। (2) व्यंजन सन्धि– स्तोः श्चुनाश्चुः, ष्टुनाष्टुः, झलांजशोऽन्ते, खरिच, मोऽनुस्वारः, तोर्लि, अनुस्वारस्यययि परसवर्णः। (3) विसर्ग सन्धि– विसर्जनीयस्य सः, सजुषोरुः, अतोरोरप्लुतादप्लुते, हशिच, रोःरि। • ख– समास: अव्ययीभाव, कर्मधारय, बहुव्रीहि। [2 अंक] |
5 अंक |
| 14 |
• (क) शब्दरूप: (1) संज्ञा– आत्मन्, नामन्, राजन्, जगत्, सरित्। (2) सर्वनाम– सर्व, इदम्, यद्। [2 अंक] • (ख) धातुरूप: लट्, लोट्, विधिलिङ्ग्, लङ्, लृट् (परस्मैपदी)– स्था, पा, नी, दा, कृ, चुर्। [2 अंक] • (ग) प्रत्यय: (1) कृत्– क्त, क्त्वा, तव्यत्, अनीयर। (2) तद्धित– त्व, मतुप्, वतुप्। [2 अंक] • (घ) विभक्ति परिचय: अभितः परितः समयानिकषाहाप्रतियोगेऽपि, येनाङ्गविकारः, सहयुक्तेऽप्रधाने, नमः स्वस्तिस्वाहास्वधालंवषट्योगाच्च, षष्ठीशेषे, यतश्चनिर्धारणम्। [2 अंक] |
8 अंक |
| 15 | हिन्दी वाक्यों का संस्कृत में अनुवाद | 2+2 = 4 अंक |
निर्धारित पाठ्य वस्तु — गद्य एवं काव्य खण्ड (कक्षा-11 संयुक्त रूपरेखा)
| गद्य हेतु निर्धारित पाठ्य वस्तु | काव्य हेतु निर्धारित पाठ्य वस्तु | ||
|---|---|---|---|
| लेखक का नाम | पाठ का नाम | कवि का नाम | पाठ का नाम |
| 1. भारतेन्दु हरिश्चन्द्र | भारत वर्षोन्नति कैसे हो सकती है? | 1. कबीरदास | साखी, पदावली |
| 2. आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी | महाकवि माघ का प्रभात वर्णन | 2. मलिक मुहम्मद जायसी | नागमती का वियोग वर्णन |
| 3. श्याम सुन्दर दास | भारतीय साहित्य की विशेषताएं | 3. सूरदास | विनय, वात्सल्य, भ्रमरगीत |
| 4. सरदार पूर्ण सिंह | आचरण की सभ्यता | 4. तुलसीदास | भरत–महिमा, गीतावली, कवितावली, दोहावली, विनय पत्रिका |
| 5. डा० सम्पूर्णानन्द | शिक्षा का उद्देश्य | 5. केशवदास | स्वयंवर–कथा, विश्वामित्र और जनक की भेंट |
| 6. रायकृष्ण दास | आनन्द की खोज, पागल पथिक | 6. कविवर बिहारी | भक्ति एवं श्रृंगार |
| 7. राहुल सांकृत्यायन | अथातो घुमक्कड़ जिज्ञासा | 7. महाकवि भूषण | शिवा–शौर्य, छत्रसाल प्रशस्ति |
| 8. रामवृक्ष बेनीपुरी | गेहूं बनाम गुलाब | 8. विविधा | सेनापति, देव, घनानन्द |
| 9. — — — | सड़क सुरक्षा | (काव्य खण्ड में कुल 8 पाठ निर्धारित हैं) | |
| 10. — — — | गंगा की स्वच्छता एवं संरक्षण | ||
| कथा साहित्य हेतु निर्धारित पाठ्य वस्तु | संस्कृत दिग्दर्शिका (पाठ्य वस्तु) |
|---|---|
|
|
नाटक (सहायक पुस्तक) — जिलेवार विभाजन
| क्र. | पुस्तक तथा लेखक | प्रकाशक | अनुदानित जिले |
|---|---|---|---|
| 1 | कुहासा और किरण श्री विष्णु प्रभाकर |
भारतीय साहित्य प्रकाशन, 204–ए वेस्ट एण्ड रोड, सदर, मेरठ। | मेरठ, आजमगढ़, मुरादाबाद, बलिया, रायबरेली, झांसी, सुल्तानपुर, लखीमपुर खीरी, बदायूँ, पीलीभीत, मऊ, अमेठी, अमरोहा, सम्भल, बागपत, गाजियाबाद, ललितपुर, गौतमबुद्धनगर, गोण्डा, हापुड़। |
| 2 | आन की मान श्री हरिकृष्ण प्रेमी |
कौशाम्बी प्रकाशन, दारागंज, प्रयागराज | वाराणसी, लखनऊ, इटावा, बरेली, फर्रुखाबाद, एटा, शाहजहांपुर, उन्नाव, हमीरपुर, महोबा, कन्नौज, भदोही (संत रविदास नगर), चन्दौली, औरैया, कासगंज। |
| 3 | गरुड़ ध्वज लक्ष्मी नारायण मिश्र |
साहित्य भवन, प्रा०लि०, 93, के०पी० कक्कड़ रोड, प्रयागराज। | आगरा, गोरखपुर, जौनपुर, फैजाबाद, बिजनौर, फतेहपुर, गोण्डा, सीतापुर, प्रतापगढ़, बहराइच, अम्बेडकरनगर, बलरामपुर, फिरोजाबाद, श्रावस्ती, महराजगंज। |
| 4 | सूत पुत्र डा० गंगा सहाय 'प्रेमी' |
राम प्रसाद एण्ड सन्स, अस्पताल रोड, आगरा। | प्रयागराज, सहारनपुर, अलीगढ़, मुजफ्फरनगर, गाजीपुर, मैनपुरी, जालौन, हरदोई, बाराबंकी, शामली, कौशाम्बी, हाथरस। |
| 5 | राज मुकुट श्री व्यथित 'हृदय' |
सिम्बुल लैंग्वेज कारपोरेशन, अस्पताल रोड, आगरा | कानपुर नगर, बुलन्दशहर, मथुरा, बस्ती, मिर्जापुर, देवरिया, बांदा, रामपुर, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, चित्रकूट, कानपुर देहात, संतकबीरनगर, सोनभद्र। |
नोट :- इसके अतिरिक्त अन्य जिलों / नवसृजित जिलों में नाटक पूर्व की भांति यथावत् पढ़ाये जायेंगे।
चतुर्थ प्रश्नपत्रम् — पौरोहित्यम् (कोड-236) / गृहविज्ञानम् (कोड-234)
पूर्णांक: 100
पौरोहित्यम् (कोड सं.-236)
- (क) कुशकण्डिकायोगविधिः
- (ख) विवाहसंस्कारविधिः
- (ग) गर्भाधानसंस्कारविधिः
- (घ) पुंसवन–सीमन्तोन्नयनसंस्कारविधिः
- (ङ) जातकर्म–नामकरणसंस्कारविधिः
अथवा
गृहविज्ञान (कोड सं.-234) — (केवल बालिकाओं के लिये)
इसमें 70 अंकों की लिखित एवं 30 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा होगी। न्यूनतम उत्तीर्णांक 23 एवं 10 कुल 33 अंक।
| भाग / इकाई | अध्याय एवं विषय-वस्तु | अंक |
|---|---|---|
| भाग–1 इकाई–1 |
अध्याय 1– परिचय: मानव पारिस्थितिकी और परिवार विज्ञान (विषय का उद्भव और जीवन की गुणवत्ता के प्रति इसकी प्रासंगिकता) अध्याय 2– स्वयं को समझना (किशोरावस्था): क. मुझे 'मैं' कौन बनाता है? ख. स्वयं का विकास एवं विशेषताएँ ग. पहचान पर प्रभाव–स्व बोध का विकास हम कैसे करते हैं? अध्याय 3– भोजन, पोषण, स्वास्थ्य और स्वस्थता | अध्याय 4– संसाधन प्रबंधन | अध्याय 5– कपड़े–हमारे आस–पास | अध्याय 6– संचार माध्यम और संचार कौशल |
20 अंक |
| भाग–1 इकाई–2 |
परिवार, समुदाय और समाज के प्रति समझ: अध्याय 7– विविध संदर्भों में सरोकार और आवश्यकतायें: क. पोषण, स्वास्थ्य और स्वस्थता विज्ञान ख. संसाधन उपलब्धता और प्रबन्धन ग. भारत की वस्त्र परंपराएं |
20 अंक |
| भाग–2 इकाई–3 |
बाल्यावस्था: अध्याय 8– उत्तरजीविता, वृद्धि तथा विकास | अध्याय 9– पोषण, स्वास्थ्य तथा स्वस्थता | अध्याय 10– हमारे परिधान |
15 अंक |
| भाग–2 इकाई–4 |
वयस्कावस्था: अध्याय 11– वित्तीय प्रबंधन एवं योजना | अध्याय 12– वस्त्रों की देखभाल तथा रखरखाव |
15 अंक |
| प्रयोगात्मक परीक्षा |
सिलाई कला (05 अंक) + पाक कला (05 अंक) + कढ़ाई कला (05 अंक) + रंगाई कला (टाई एण्ड डाई) (03 अंक) + प्रोजेक्ट कार्य (06 अंक) + मौखिक (06 अंक) = कुल 30 अंक • प्रयोगात्मक पाठ्यक्रम सम्बन्धी विवरण: 1. विभिन्न आयु वर्ग के अनुसार दो नमूना (मॉडल) सिखाया जायेगा: सादा फ्रॉक या ब्लाउज / झबला या पेटीकोट। 2. शिक्षिका किसी आयु वर्ग के पोषकीय आवश्यकतानुसार आहार की जानकारी देंगी। 3. भारत के पारंपरिक कढ़ाई के छह नमूने एवं बंधेज से 1 नमूना तैयार कराया जायेगा। 4. प्रोजेक्ट फाइल एवं मौखिक। |
30 अंक |
पञ्चम प्रश्नपत्रम् — इतिहासः (कोड-239) / इतिहास-पुराण एवं संस्कृति (कोड-248)
पूर्णांक: 100
इतिहास (कोड सं.-239)
कक्षा-11 इतिहास विषय का प्रश्नपत्र 100 अंकों का होगा। न्यूनतम उत्तीर्णांक 33 अंक है।
| प्रश्नों के प्रकार | प्रश्नों की संख्या | अंक | योग |
|---|---|---|---|
| बहुविकल्पीय प्रश्न | 10 | 1 | 10 |
| अतिलघु उत्तरीय प्रश्न | 5 | 2 | 10 |
| लघु उत्तरीय प्रश्न | 4 | 5 | 20 |
| दक्षता आधारित प्रश्न-I (अनुच्छेद आधारित) | 1 | 2+2+1=5 | 5 |
| दक्षता आधारित प्रश्न-II (चित्र आधारित) | 1 | 2+2+1=5 | 5 |
| दीर्घ उत्तरीय प्रश्न | 3 | 10 | 30 |
| मानचित्र कौशल | 5 | 1+1=2 | 10 |
| ऐतिहासिक घटनाक्रम | 01 | 1 | 10 |
| कुल योग | प्रश्नों की संख्या = 30 | — | 100 अंक |
विश्व इतिहास के मूल आधार (पाठ्य-वस्तु)
| अनुभाग | विषय-वस्तु एवं परिचर्चा | अंक |
|---|---|---|
| अनुभाग–1: प्रारम्भिक समाज |
1. प्रारम्भिक शहर: लेखन कला और शहरी जीवन– इराक तीसरी सहस्त्राब्दी ईसा पूर्व के विशेष सन्दर्भ में। (क) शहरों का विकास (ख) प्रारम्भिक शहरी समाज की प्रकृति। परिचर्चा: लेखन कला के विकास पर। |
15 अंक |
| अनुभाग–2: साम्राज्य |
2. तीन महाद्वीपों में फैला हुआ साम्राज्य– रोमन साम्राज्य, 27 ई०पू० से 600 ई० के सन्दर्भ में। (क) राजनीतिक विकास (ख) आर्थिक समृद्धि (ग) धार्मिक सांस्कृतिक आधार (घ) उत्तरजीविता। परिचर्चा: दास प्रथा के विभिन्न आयाम। 3. यायावर (खानाबदोश) साम्राज्य– तेरहवीं से चौदहवीं शताब्दी के मंगोलों के विशेष संदर्भ में। (क) यायावरी (खानाबदोशी) की प्रकृति (ख) साम्राज्यों का निर्माण (ग) अन्य राज्यों से सम्बन्ध और विजयें। परिचर्चा: यायावर समाजों और राज्य निर्माण के सम्बन्ध। |
25 अंक |
| अनुभाग–3: बदलती परम्परायें |
4. तीन वर्ग (श्रेणी)– मुख्यतः पश्चिमी यूरोप, 13वीं से 16वीं शताब्दी के विशेष सन्दर्भ में। (क) सामन्ती समाज और अर्थव्यवस्था (ख) राज्यों का गठन (ग) चर्च और समाज (घ) सामन्तवाद के पतन पर इतिहासकारों के विचार। 5. बदलती हुई सांस्कृतिक परम्परायें– 14वीं से 17वीं शताब्दी के यूरोप के विशेष सन्दर्भ में। (क) साहित्य एवं कला में नये विचार एवं प्रतिमानों का उदय (ख) पूर्ववर्ती विचारों के साथ सहसम्बन्ध (ग) पश्चिम एशिया का योगदान। परिचर्चा: यूरोपीय पुनर्जागरण के विचार की वैधता पर दृष्टिकोण। |
25 अंक |
| अनुभाग–4: आधुनिकीकरण की ओर |
6. मूल निवासियों का विस्थापन– उत्तरी अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया, 18वीं से 20वीं शताब्दी के विशेष संदर्भ में। (क) उत्तरी अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में यूरोपीय उपनिवेश (ख) श्वेत उपनिवेशवादी समाजों का गठन (White Settler Societies) (ग) स्थानीय निवासियों का विस्थापन एवं दमन। परिचर्चा: यूरोपीय उपनिवेशवाद का मूल निवासियों पर प्रभाव। 7. आधुनिकीकरण के रास्ते– पूर्वी एशिया 19वीं और 20वीं शताब्दी के उत्तरार्ध के विशेष संदर्भ में। (क) जापान में सैन्यवाद और आर्थिक विकास (ख) चीन और साम्यवादी विकल्प (ग) आधुनिकीकरण पर इतिहासकारों के विचार-विमर्श। |
25 अंक |
| मानचित्र कौशल |
8. मानचित्र कौशल (05 प्रश्न प्रत्येक 1+1=2 अंक) = 10 अंक (01 अंक सही उत्तर तथा 01 अंक सही स्थान हेतु निर्धारित है। दृष्टिबाधित छात्र-छात्राओं के लिये मानचित्र कार्य के स्थान पर 05 प्रश्न प्रत्येक 02 अंकों के रखे जायेंगे। पाठ्यपुस्तक में समावेशित अध्यायों में अन्तर्निहित मानचित्र व काल-रेखा/ऐतिहासिक तिथियों पर आधारित अभ्यास)। |
10 अंक |
अथवा
इतिहास, पुराण एवं संस्कृति (कोड सं.-248)
- 1) पौराणिक इतिहास : अष्टादश पुराण परिचय तथा पुराणों के रचयिता।
- 2) पुराणकालीन प्रमुख आख्यानों एवं प्रमुख व्यक्तियों का सामान्य परिचय :
• (क) व्यासचरित्र, ध्रुवचरित्र, प्रह्लाद चरित्र, ययातिचरित्र, बेन तथा पृथु का आख्यान, सगरोपाख्यान, गंगावतरण, हरिश्चन्द्रोपाख्यान, पुरूरवा–उर्वशी आख्यान, शर्मिष्ठा और देवयानी, नल–दमयन्ती की कथा, स्यमन्तक मणि की कथा, कालियादहन कथा, कपोतोपाख्यान, बाणासुर की कथा, निमिचरित, मनु की कथा।
• (ख) श्रीकृष्ण, व्यास, सूत, शौनक, वशिष्ठ, विश्वामित्र, परशुराम, भगीरथ, रन्तिदेव, शिवि, नहुष, अम्बरीष, अजामिल, ययाति।
• (ग) अहिल्या, यशोदा, रुक्मिणी, सत्यभामा, उषा, कुब्जा।
षष्ठ प्रश्नपत्रम् — अंग्रेजी (कोड सं.-250) / चित्रकला (कोड सं.-241)
पूर्णांक: 100
अंग्रेजी (General English — Class-XI)
| Unit | Topic Details | Marks |
|---|---|---|
| Unit-1: Reading | 1. One long unseen passage followed by four very short-answer type questions (4x3=12) and three vocabulary based questions (3x1=3). | 15 Marks |
| Unit-2: Writing |
2. Note making and summary — 05 Marks 3. Article / Essay — 08 Marks 4. Letter to the Editor / Complaint letters / Business letters (Placing orders / booking / cancellation / making enquiries etc.) — 07 Marks |
20 Marks |
| Unit-3: Grammar |
5. Ten MCQs and five very short answer questions based on Narration, Synthesis, Transformation, Syntax, Idioms & Phrases/ phrasal Verbs, Synonyms, Antonyms, One word substitution, Homophones [MCQ: 1x10=10, VSA: 2x5=10] — 20 Marks 6. Translation from Hindi to English (7 to 8 sentences) — 05 Marks |
25 Marks |
| Unit-4: Literature (Hornbill & Snapshots) |
Hornbill (Text Book) — 25 Marks: • Prose: Two short answer type questions (4+4=8) & One long answer type question (07) • Poetry: Three short answer questions on poetry extract (2x3=6) & Critical Appreciation (theme, choice of word, rhyming scheme, imagery etc.) (04) • Note: Identification of Figures of Speech (Simile, Metaphor, Personification, Oxymoron, Apostrophe, Hyperbole, Onomatopoeia). Snapshots (Supplementary Reader) — 15 Marks: • Two short answer type questions (4+4=8) & One long answer type question (07) |
40 Marks |
Prescribed Content (English Literature — Class-11)
| HORNBILL (Text Book) | SNAPSHOTS (Supplementary Reader) | ||
|---|---|---|---|
| Chapter / Poem | Writer / Poet | Lesson Name | Writer |
| Prose 1: The Portrait of a Lady | Khushwant Singh | 1. The Summer of the Beautiful White Horse | William Saroyan |
| Prose 2: We're Not Afraid to Die... | Gordon Cook & Alan East | 2. The Address | Marga Minco |
| Prose 3: Discovering Tut: The Saga Continues | A.R. Williams | 3. Mother’s Day | J.B. Priestley |
| Prose 4: The Ailing Planet: Green Movement | Nani Palkhivala | 4. Birth | A.J. Cronin |
| Prose 5: The Adventure | Jayant Narlikar | 5. The Tale of Melon City | Vikram Seth |
| Prose 6: Silk Road | Nick Middleton |
Recommended Book: 'A Hand book of Grammar and Composition Writing' Published by ELTI, U.P., Prayagraj (eltiup.org) | |
| Poetry 1: A Photograph | Shirley Toulson | ||
| Poetry 2: The Laburnum Top | Ted Hughes | ||
| Poetry 3: The Voice of the Rain | Walt Whitman | ||
| Poetry 4: Childhood | Markus Natten | ||
| Poetry 5: Father to Son | Elizabeth Jennings | ||
अथवा
चित्रकला (आलेखन) — कोड सं.-241
इसकी परीक्षा 100 अंकों के एक प्रश्न–पत्र में होगी। न्यूनतम उत्तीर्णांक 33 अंक है।
| खण्ड | विवरण एवं निर्देश | अंक |
|---|---|---|
| खण्ड (क) | वस्तुनिष्ठ प्रश्न (अनिवार्य)– इसमें 10 अंकों के वस्तुनिष्ठ प्रश्न अनिवार्य पूछे जायेंगे। | 10 अंक |
| खण्ड (ख) [अनिवार्य] | आलेखन (अनिवार्य)– प्राकृतिक, आलंकारिक, आकृतियों पर आधारित विभिन्न प्रकार के दो या दो से अधिक आवृत्ति के मौलिक–रचनात्मक आलेखन। पुष्प जैसे गुलाब, कमल, सूरजमुखी, डहेलिया, गुड़हल, पेन्जी आदि फूल, कलियां, पत्तियाँ आदि वस्तुयें जैसे मानव शंख, तितलियां, हंस, हिरन, हाथी आदि का आधार लेकर आलेखन बनाना। कम से कम तीन रंग भरने हैं उत्तम संगति के साथ। आलेखन वस्त्रों की छपाई, बुनाई, कढ़ाई, चर्म शिल्प, बर्तन, अल्पना व अन्य ज्यामिति आकार में बनाने होंगे। ग्राफ बना कर भी आलेखन बनाये जा सकते हैं। | 60 अंक |
| खण्ड (ग) [वैकल्पिक] (कोई एक खण्ड करें) |
1. वस्तु चित्रण (30 अंक): खेल उपकरण (बैट, बाल, हाकी, गेंद, फुटबाल), कृषि उपकरण (फावड़ा, हल, हंसिया, हथौड़ी आदि) का चित्र बनाना (इंक में प्रकाश, छाया तथा प्रतिछाया, पेन्सिल, पेस्टल, आयल पेंट, पोस्टर रंग, जल रंग में)। माप 20 सेमी से कम न हो। — अथवा — 2. प्रकृति चित्रण (30 अंक): पुष्प जैसे– कमल, जीनिया, कनेर, सूरजमुखी आदि की कलियां, डंठलों, पत्तियों तथा सम्पूर्ण पौधों के चित्र प्राकृतिक रंगों में छाया, प्रकाश तथा प्रति छाया दर्शाते हुए बनाना। — अथवा — 3. स्मृति चित्रण (30 अंक): सफेद कागज पर प्रकाश, छाया सहित खेल–कूद सामान, दैनिक उपयोगी सामग्री, पठन–पाठन सामग्री (कापी, किताब, पेन, पेंसिल), पशु-पक्षी, फल, फूल, मिट्टी के बर्तन, सब्जियाँ आदि। माप 15 सेमी से कम न हो (माध्यम पेन्सिल, क्रेयान)। — अथवा — 4. प्राकृतिक दृश्य (Land Scape) (30 अंक): ग्रामीण जीवन साधारण झांकी, सामाजिक दृश्य, प्राकृतिक पृष्ठभूमि में। (माध्यम: जल रंग, पोस्टर रंग, ऑयल, आयल पेस्टल व कार्बन चारकोल पेन्सिल, माप 25 सेमी x 30 सेमी)। |
30 अंक |
