निबन्ध और अन्य गद्य विधाएँ
सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी तथा उससे सम्बद्ध महाविद्यालयों के हिन्दी विषय पाठ्यक्रम शास्त्री (B.A.) एवं प्रतियोगी परीक्षाओं (UGC NET, TGT, PGT, अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं) हेतु संकलित प्रतिनिधि पाठों का प्रामाणिक एवं विस्तृत अध्ययन।
📑 संकलित पाठों की अनुक्रमणिका
10 पाठ उपलब्धकविता के लक्षण, कवि-कर्म की उदात्तता, भाषा-सौन्दर्य, मनोभावों की अभिव्यक्ति एवं लोकहितकारी दृष्टि का विवेचन।
कला के विभिन्न रूपों, सौन्दर्यानुभूति, उपयोगी एवं ललित कलाओं के अन्तर तथा मानव जीवन में कला के महत्व का शास्त्रीय विश्लेषण।
भारतीय संस्कृति, इतिहास, सामासिक परम्परा एवं मनुष्य की अदम्य जिजीविषा और सौन्दर्य-चेतना का अनुपम ललित निबन्ध।
धार्मिक रूढ़ियों, सामाजिक अंधविश्वासों और युगीन पाखण्डों पर गुलेरी जी की विशिष्ट शैली में लिखा गया तीखा एवं प्रामाणिक व्यंग्य।
'पृथ्वी पुत्र' से; राष्ट्र के तीन अनिवार्य घटकों—भूमि, जन और संस्कृति के अन्योन्याश्रित सम्बन्ध एवं राष्ट्रीय चेतना का उदात्त निरूपण।
भारतीय लोक-संस्कृति, गँवई चेतना, पारिवारिक रिश्तों के आत्मीय सम्मोहन और परम्परागत जीवन-मूल्यों की भावपूर्ण अभिव्यक्ति।
एक निष्ठावान, कर्मठ एवं स्वाभिमानी घरेलू सेवक के मानवीय संवेगों, सरलता और आत्मीय सम्बन्धों का सजीव व संवेदनशील रेखाचित्र।
राष्ट्रीय पर्वों की औपचारिकता, राजनीतिक विद्रूपताओं, प्रशासनिक शिथिलता एवं आम जन की दुर्दशा पर करारा सामाजिक-राजनीतिक व्यंग्य।
पाश्चात्य आधुनिकता, ऐतिहासिक धरोहरों तथा औपनिवेशिक स्मृतियों के अन्तर्द्वन्द्व का सूक्ष्म, बौद्धिक एवं संवेदनात्मक यात्रा-वृत्त।
हिन्दी की कथेतर गद्य विधाओं (संस्मरण, रेखाचित्र, यात्रा-वृत्त, डायरी, रिपोर्ताज व साक्षात्कार) का सैद्धान्तिक परिचय एवं विकास।
प्र. 'निबन्ध और अन्य गद्य विधाएँ' के पाठों में किस प्रकार की अध्ययन सामग्री उपलब्ध है?
उत्तर: प्रत्येक पाठ के लिंक पर क्लिक करके आप पाठ का मूल पाठ, विस्तृत व्याख्या, सन्दर्भ-प्रसंग, कठिन शब्दों के अर्थ तथा विश्वविद्यालयीय व प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर प्राप्त कर सकते हैं।
HELLO SIR, CAN YOU PLEASE PROVIDE SOME LINES IN SANSKRIT ON 'सज्जनता'
जवाब देंहटाएंमैं सज्जनता पर एक निबन्ध संस्कृत में आपको जल्द ही भेजता हूँ
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