अभिज्ञानशाकुन्तलम् -वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरी (परीक्षा अभ्यास प्रश्न) प्रतियोगी परीक्षा हेतु

चन्द्र देव त्रिपाठी 'अतुल'
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अभिज्ञानशाकुन्तलम् : 200 वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरी शृंखला (खण्ड-1 : प्रश्न 1-50)

UGC NET, UP TGT, PGT, GIC, RPSC, असिस्टेंट प्रोफेसर एवं समस्त संस्कृत प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु

1. विश्वप्रसिद्ध नाटक 'अभिज्ञानशाकुन्तलम्' के रचयिता कौन हैं?

(अ) महाकवि भवभूति (ब) महाकवि कालिदास (स) महाकवि भारवि (द) महाकवि भास

2. 'उपमा कालिदासस्य' के अनुसार कालिदास किस अलंकार के प्रयोग में अद्वितीय सम्राट माने जाते हैं?

(अ) रूपक (ब) उपमा अलंकार (स) श्लेष (द) उत्प्रेक्षा

3. 'रघुवंशम्' के किस श्लोक के आधार पर कालिदास को 'दीपशिखा' की उपाधि से विभूषित किया गया?

(अ) 'संचारिणी दीपशिखेव रात्रौ...' (ब) 'वागर्थाविव संपृक्तौ...' (स) 'क सूर्यप्रभवो वंशः...' (द) 'तदन्वये शुद्धिमति...'

4. महाकवि कालिदास की सर्वप्रधान और प्रिय काव्य-रीति कौन-सी है?

(अ) गौड़ी रीति (ब) वैदर्भी रीति ('वैदर्भरीतिसन्दर्भे कालिदासो विशिष्यते') (स) पाञ्चाली रीति (द) लाटी रीति

5. 'अभिज्ञानशाकुन्तलम्' रूपक के दस भेदों में से किस विधा की रचना है?

(अ) प्रकरण (ब) नाटक (स) भाण (द) व्यायोग

6. अभिज्ञानशाकुन्तलम् नाटक में कुल कितने अङ्क हैं?

(अ) 5 अङ्क (ब) 7 अङ्क (स) 10 अङ्क (द) 6 अङ्क

7. अभिज्ञानशाकुन्तलम् का मूल कथानक (उपजीव्य) महाभारत के किस पर्व से लिया गया है?

(अ) वनपर्व (ब) आदिपर्व (शकुन्तलोपाख्यान, अध्याय 68-74) एवं पद्मपुराण (स) सभापर्व (द) शान्तिपर्व

8. अभिज्ञानशाकुन्तलम् का प्रधान (अङ्गी) रस कौन-सा है?

(अ) वीर रस (ब) शृङ्गार रस (सम्भोग एवं विप्रलम्भ) (स) करुण रस (द) शान्त रस

9. नाटक का नायक राजा दुष्यन्त किस कोटि का नायक है?

(अ) धीरललित (ब) धीरोदात्त नायक (स) धीरोद्धत (द) धीरप्रशान्त

10. नाटक की नायिका शकुन्तला किस कोटि की नायिका है?

(अ) परकीया (ब) मुग्धा एवं स्वकीया नायिका (स) प्रगल्भा (द) सामान्या

11. अभिज्ञानशाकुन्तलम् का मङ्गलाचरण (नान्दी) किस प्रकार का है?

(अ) वस्तुनिर्देशात्मक (ब) आशीर्वादात्मक (पत्रावली नान्दी) (स) नमस्करणात्मक (द) केवल स्तुत्यात्मक

12. मङ्गलाचरण 'या सृष्टिः स्रष्टुराद्या...' में भगवान शिव के कितने प्रत्यक्ष स्वरूपों (अष्टमूर्ति) की स्तुति है?

(अ) 5 स्वरूपों की (ब) 8 स्वरूपों (जल, अग्नि, यजमान, सूर्य, चन्द्र, आकाश, वायु, पृथ्वी) की (स) 12 स्वरूपों की (द) 3 स्वरूपों की

13. मङ्गलाचरण 'या सृष्टिः स्रष्टुराद्या...' में कौन-सा छन्द प्रयुक्त है?

(अ) शार्दूलविक्रीडित (ब) स्रग्धरा छन्द (21 वर्ण) (स) मन्दाक्रान्ता (द) मालिनी

14. मङ्गलाचरण में ब्रह्मा की सर्वप्रथम सृष्टि (स्रष्टुराद्या) किसे कहा गया है?

(अ) वायु को (ब) जल (आपः / अम्भरूप मूर्ति) को (स) अग्नि को (द) पृथ्वी को

15. 'या हविर्वहति विधिहुतं' से शिव की किस प्रत्यक्ष मूर्ति का बोध होता है?

(अ) यजमान मूर्ति (ब) अग्नि रूप (हुतवह) मूर्ति (स) सूर्य रूप (द) चन्द्र रूप

16. अभिज्ञानशाकुन्तलम् के विदूषक का क्या नाम है?

(अ) मैत्रेय (ब) माधव्य (माण्डव्य) (स) वसन्तक (द) गौतम

17. संस्कृत नाट्यशास्त्र के अनुसार विदूषक किस वर्ण/जाति का पात्र होता है?

(अ) क्षत्रिय (ब) हास्यप्रिय विप्र (ब्राह्मण) (स) वैश्य (द) शूद्र

18. राजा दुष्यन्त के राजप्रासाद के वृद्ध कञ्चुकी का क्या नाम है?

(अ) जयन्त (ब) वातायन (स) भद्रसेन (द) सोमरात

19. शकुन्तला के धर्मपिता (पालक/आश्रम-पिता) कौन हैं?

(अ) महर्षि वसिष्ठ (ब) महर्षि कण्व (काश्यप) (स) महर्षि दुर्वासा (द) महर्षि मारीच

20. शकुन्तला के जन्मदाता (वास्तविक) माता-पिता कौन हैं?

(अ) रम्भा एवं विश्वामित्र (ब) मेनका (अप्सरा) एवं राजर्षि विश्वामित्र (स) उर्वशी एवं पुरूरवा (द) तिलोत्तमा एवं कश्यप

21. नाटक के प्रारम्भ में महर्षि कण्व शकुन्तला के प्रतिकूल दैव (दुर्भाग्य) की शान्ति हेतु कहाँ गए थे?

(अ) बदरिकाश्रम (ब) सोमतीर्थ (प्रभास क्षेत्र) (स) काशी (द) हरिद्वार

22. शकुन्तला की दो अभिन्न प्राण-सखियों के नाम क्या हैं?

(अ) मालविका और बकुलावलिका (ब) अनसूया और प्रियंवदा (स) वासवदत्ता और पद्मावती (द) मदनिका और रदनिका

23. अभिज्ञानशाकुन्तलम् के प्रथम अङ्क का शास्त्रीय नाम क्या है?

(अ) आश्रम-निवेश (ब) आश्रम-प्रवेश (स) मिलन (द) शकुन्तला-दर्शन

24. राजा दुष्यन्त शिकार (मृगया) खेलते हुए किस पावन नदी के तट पर स्थित कण्व-आश्रम पहुँचे?

(अ) गङ्गा नदी (ब) मालिनी नदी (स) यमुना नदी (द) गोदावरी

25. "भो भो राजन्! आश्रममृगोऽयं न हन्तव्यो न हन्तव्यः" यह चेतावनी राजा को किसने दी?

(अ) कण्व ने (ब) तपस्वी वैखानस ने (स) सारथि ने (द) शकुन्तला ने

26. तपोवन की पवित्रता और विनम्रता हेतु राजा दुष्यन्त ने अपने राजसी वस्त्राभूषण किसे सौंपे?

(अ) विदूषक को (ब) सारथि (सूत) को ('विनीतवेषेण प्रवेष्टव्यानि तपोवनानि नाम') (स) सेनापति को (द) द्वारपाल को

27. प्रथम अङ्क में पौधों को सींचते समय शकुन्तला के मुख पर किस जीव ने आक्रमण किया?

(अ) पक्षी ने (ब) भ्रमर (भौंरे) ने (स) तितली ने (द) शशक ने

28. "सरसिजमनुविद्धं शैवलेनापि रम्यं मलिनमपि हिमांशोर्लक्ष्म लक्ष्मीं तनोति" - इसमें कौन-सा प्रमुख अलंकार है?

(अ) रूपक (ब) प्रतिवस्तूपमा / अर्थान्तरन्यास (स) उत्प्रेक्षा (द) श्लेष

29. "सतां हि सन्देहपदेषु वस्तुषु प्रमाणमन्तःकरणप्रवृत्तयः" यह विश्वविख्यात सूक्ति किसकी उक्ति है?

(अ) महर्षि कण्व की (ब) राजा दुष्यन्त की (प्रथम अङ्क) (स) अनसूया की (द) प्रियंवदा की

30. "असंशयं क्षत्रपरिग्रहक्षमा यदार्यमस्यामभिलाषि मे मनः" - यहाँ दुष्यन्त शकुन्तला को किस योग्य मानते हैं?

(अ) मुनि-पत्नी बनने योग्य (ब) क्षत्रिय राजा द्वारा विवाह करने योग्य (क्षत्रपरिग्रहक्षमा) (स) तपस्विनी रहने योग्य (द) अप्सरा योग्य

31. शकुन्तला ने आश्रम की किस नवमल्लिका लता का नाम 'वनज्योत्स्ना' रखा था?

(अ) मालती (ब) नवमल्लिका लता (वनज्योत्स्ना) (स) माधवी लता (द) कुन्द लता

32. 'वनज्योत्स्ना' लता का विवाह शकुन्तला ने आश्रम के किस वृक्ष से कराया था?

(अ) वटवृक्ष से (ब) सहकार (आम्र) वृक्ष से (स) अशोक वृक्ष से (द) कदम्ब से

33. 'अनसूया' पद का व्युत्पत्तिपरक सही अर्थ क्या है?

(अ) जो सदा क्रुद्ध रहे (ब) जिसमें ईर्ष्या/दोष-दृष्टि का सर्वथा अभाव हो (असूया-रहिता) (स) जो कम बोले (द) जो तप करे

34. 'प्रियंवदा' शब्द का सही अर्थ क्या है?

(अ) कठोर बोलने वाली (ब) मधुर एवं प्रिय बोलने वाली (प्रियं वदति इति) (स) मौन रहने वाली (द) वाद-विवाद करने वाली

35. राजा दुष्यन्त की राजधानी किस ऐतिहासिक नगरी में स्थित थी?

(अ) उज्जयिनी (ब) हस्तिनापुर (स) अयोध्या (द) इन्द्रप्रस्थ

36. राजा दुष्यन्त का सम्बन्ध किस प्रसिद्ध राजवंश से था?

(अ) सूर्यवंश (ब) पुरुवंश (पौरव वंश) (स) इक्ष्वाकुवंश (द) यदुवंश

37. प्रथम अङ्क के अन्त में तपोवन में किस वन्यजीव के उत्पात से हाहाकार मच जाता है?

(अ) सिंह के (ब) एक मदमस्त वन-गज (जंगली हाथी) के उत्पात से (स) व्याघ्र के (द) वराह के

38. जाते समय शकुन्तला का वल्कल-वस्त्र किस पौधे/लता की शाखा में उलझने का बहाना होता है?

(अ) कुरबक की शाखा में (ब) दुर्वा में (स) चन्दन में (द) कुश में

39. 'अभिज्ञानशाकुन्तलम्' पद में 'अभिज्ञान' शब्द का वास्तविक अर्थ क्या है?

(अ) ज्ञान (ब) पहचान का साधन / स्मृति-चिह्न (राजा की नामाङ्कित अँगूठी) (स) दर्शन (द) विवाह

40. 'अभिज्ञायते अनेन इति अभिज्ञानम्' में कौन-सा कृदन्त प्रत्यय लगा है?

(अ) घञ् प्रत्यय (ब) ल्युट् प्रत्यय (करण कारक) (स) क्त प्रत्यय (द) तुमुन्

41. अभिज्ञानशाकुन्तलम् पर रचित सबसे प्रामाणिक 'अर्थद्योतनिका' टीका के रचयिता कौन हैं?

(अ) मल्लिनाथ (ब) राघवभट्ट (स) कातवेम (द) नारायण पण्डित

42. "काव्येषु नाटकं रम्यं तत्र रम्या शकुन्तला" - इस अमर प्रशस्ति में किस ग्रन्थ की श्रेष्ठता प्रतिपादित है?

(अ) उत्तररामचरितम् (ब) अभिज्ञानशाकुन्तलम् (स) मृच्छकटिकम् (द) मुद्राराक्षसम्

43. जर्मन महाकवि गेटे (Goethe) ने किस संस्कृत नाटक की प्रशंसा में मन्त्रमुग्ध होकर सिर पर रखकर नृत्य किया था?

(अ) मालविकाग्निमित्रम् (ब) अभिज्ञानशाकुन्तलम् (स) विक्रमोर्वशीयम् (द) रत्नावली

44. 'स्रग्धरा' छन्द के प्रत्येक चरण में कुल कितने वर्ण होते हैं?

(अ) 17 वर्ण (ब) 21 वर्ण ('म्रभ्नैर्यानां त्रयेण त्रिमुनियतियुता स्रग्धरा कीर्तितेयम्') (स) 19 वर्ण (द) 14 वर्ण

45. स्रग्धरा छन्द में 'त्रिमुनि यति' के अनुसार कितने-कितने वर्णों पर यति (विराम) होती है?

(अ) 8, 8, 5 वर्णों पर (ब) 7, 7, 7 वर्णों पर (मुनि = 7) (स) 6, 6, 9 वर्णों पर (द) 10, 11 वर्णों पर

46. संस्कृत नाटक के प्रारम्भ में देव, द्विज, नृप आदि के मङ्गलार्थ की जाने वाली स्तुति को क्या कहते हैं?

(अ) भरतवाक्य (ब) नान्दी (मङ्गलाचरण) (स) प्रस्तावना (द) विष्कम्भक

47. नाटक में पात्रों, कथावस्तु एवं अभिनय की प्रस्तावना करने वाले मुख्य प्रबन्धक को क्या कहते हैं?

(अ) नट (ब) सूत्रधार (स) विदूषक (द) पारिपार्श्विक

48. प्रथम अङ्क की प्रस्तावना में नटी ने किस ऋतु का मनोहारी शास्त्रीय गान किया था?

(अ) वसन्त ऋतु (ब) ग्रीष्म ऋतु (शिरोष-पुष्पों एवं जल-अवगाहन युक्त) (स) शरद् ऋतु (द) वर्षा ऋतु

49. "सुभगसलिलावगाहाः पाटलसंसर्गसुरभिवनवाताः..." इस प्रस्तावना-गीत में कौन-सा छन्द है?

(अ) आर्या छन्द (ब) वंशस्थ (स) अनुष्टुप् (द) मालिनी

50. नटी के मनोहर गान से मुग्ध होकर सूत्रधार ने अपनी दशा की तुलना किससे की?

(अ) वायु से उड़ते तिनके से (ब) अतिरभस (तीव्र गति) वाले मृग द्वारा हरण किए जाते हुए राजा दुष्यन्त से (स) निद्रालु से (द) भिक्षुक से
✦ उत्तरमाला (Answer Key : प्रश्न 1 से 50) ✦
1-(ब) 2-(ब) 3-(अ) 4-(ब) 5-(ब) 6-(ब) 7-(ब) 8-(ब) 9-(ब) 10-(ब) 11-(ब) 12-(ब) 13-(ब) 14-(ब) 15-(ब) 16-(ब) 17-(ब) 18-(ब) 19-(ब) 20-(ब) 21-(ब) 22-(ब) 23-(ब) 24-(ब) 25-(ब) 26-(ब) 27-(ब) 28-(ब) 29-(ब) 30-(ब) 31-(ब) 32-(ब) 33-(ब) 34-(ब) 35-(ब) 36-(ब) 37-(ब) 38-(अ) 39-(ब) 40-(ब) 41-(ब) 42-(ब) 43-(ब) 44-(ब) 45-(ब) 46-(ब) 47-(ब) 48-(ब) 49-(अ) 50-(ब)

अभिज्ञानशाकुन्तलम् : 200 वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरी शृंखला (खण्ड-2 : प्रश्न 51-100)

UGC NET, UP TGT, PGT, GIC, RPSC, असिस्टेंट प्रोफेसर एवं समस्त संस्कृत प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु

51. "गच्छति पुरः शरीरं धावति पश्चादसंस्तुतं चेतः। चीनांशुकमिव केतोः प्रतिवातं नीयमानस्य॥" - यहाँ मन की चञ्चलता की तुलना किससे की गई है?

(अ) बहती नदी से (ब) वायु के विपरीत दिशा में ले जाए जाते हुए ध्वज के रेशमी वस्त्र (चीनांशुक) से (स) उड़ते हुए पक्षी से (द) रथ के पहिये से

52. "चीनांशुकमिव केतोः..." इस प्रसिद्ध श्लोक में कौन-सा प्रमुख अलंकार है?

(अ) रूपक (ब) उपमा अलंकार (स) उत्प्रेक्षा (द) श्लेष

53. अभिज्ञानशाकुन्तलम् के द्वितीय अङ्क का प्रारम्भ किस पात्र के एकालाप/प्रवेश से होता है?

(अ) राजा दुष्यन्त (ब) विदूषक माधव्य (माण्डव्य) (स) सेनापति भद्रसेन (द) कण्व

54. विदूषक राजा दुष्यन्त के किस दैनिक व्यसन (शौक) से अत्यधिक त्रस्त और क्लान्त हो चुका था?

(अ) द्यूतक्रीड़ा (ब) मृगया (शिकार खेलने के व्यसन) से (स) मद्यपान (द) संगीत

55. राजा दुष्यन्त के सेनापति का क्या नाम है?

(अ) जयन्त (ब) भद्रसेन (स) सोमरात (द) वातायन

56. सेनापति भद्रसेन ने मृगया (शिकार) का कौन-सा मुख्य शारीरिक व मानसिक लाभ बताया?

(अ) केवल पशु-वध (ब) मेदोनाश से शरीर में लाघव, स्फूर्ति तथा भय-क्रोध में वन्यजीवों के चित्त का ज्ञान (स) धन-लाभ (द) राज्य-विस्तार

57. विदूषक के आग्रह और तपोवन की शान्ति को देखते हुए राजा दुष्यन्त ने सेनापति को क्या आदेश दिया?

(अ) युद्ध करने का (ब) मृगया बन्द करने तथा सैनिकों को तपोवन से दूर रखने का (स) आश्रम घेरने का (द) नगर लौटने का

58. विदूषक अपने धनुष-जैसे टेढ़े-मेढ़े और थके हुए अङ्गों की तुलना किससे करता है?

(अ) सूखे काष्ठ से (ब) वेतस लता (कुब्जक वेत) से (स) सर्प से (द) पाषाण से

59. "चित्रे निवेश्य परिकल्पितसत्त्वयोगा..." श्लोक में राजा ने शकुन्तला के सौन्दर्य को किसकी रचना माना?

(अ) गन्धर्व की (ब) ब्रह्मा (विधाता) द्वारा मन से गढ़ी गई अद्वितीय स्त्री-रत्न सृष्टि (स) प्रकृति की (द) चित्रकार की

60. "अनाघ्रातं पुष्पं किसलयमलूनं कररुहैः..." यह श्लोक किस अङ्क का है?

(अ) प्रथम अङ्क (ब) द्वितीय अङ्क (राजा दुष्यन्त की उक्ति) (स) तृतीय अङ्क (द) चतुर्थ अङ्क

61. "अनाघ्रातं पुष्पं किसलयमलूनं कररुहैः..." इस श्लोक में कौन-सा छन्द है?

(अ) मन्दाक्रान्ता (ब) शिखरिणी छन्द (17 वर्ण) (स) शार्दूलविक्रीडित (द) मालिनी

62. 'अनाघ्रातं पुष्पं...' श्लोक में शकुन्तला की पवित्रता और अखण्ड लावण्य हेतु कितने उपमान दिए गए हैं?

(अ) दो (ब) चार (अनाघ्रात पुष्प, अलून किसलय, अनाविद्ध रत्न, अनास्वादित मधु) (स) छः (द) आठ

63. 'कररुहैः' पद का सही अर्थ क्या है?

(अ) हाथों द्वारा (ब) नखों (नाखूनों) द्वारा (करे रोहन्ति इति) (स) वृक्षों द्वारा (द) बाणों द्वारा

64. 'अलूनम्' पद में कौन-सी धातु और प्रत्यय प्रयुक्त है?

(अ) नञ् + लू (लूञ् छेदने) + क्त (ब) अ + लन् + ल्युट् (स) अ + ली + क्तवतु (द) अ + लोक् + घञ्

65. 'शिखरिणी' छन्द के प्रत्येक चरण में कितने वर्ण होते हैं और यति कहाँ होती है?

(अ) 17 वर्ण (6 और 11 वर्णों पर यति - 'रसै रुद्रैश्छिन्ना...') (ब) 15 वर्ण (स) 19 वर्ण (द) 21 वर्ण

66. द्वितीय अङ्क में कण्व-आश्रम से आए दो युवा ऋषिकुमार राजा से क्या प्रार्थना करते हैं?

(अ) धन दान देने की (ब) कण्व की अनुपस्थिति में आश्रम-यज्ञ को राक्षसों/असुरों के विघ्न से बचाने की (स) नगर जाने की (द) कर (टैक्स) घटाने की

67. हस्तिनापुर से राजमाता (दुष्यन्त की माता) का सन्देश लेकर कौन-सा सेवक आता है?

(अ) वातायन (ब) करभक (स) रैवतक (द) पिशुन

68. राजमाता ने दुष्यन्त को किस धार्मिक अनुष्ठान/व्रत की पारणा हेतु राजधानी लौटने का आदेश भेजा था?

(अ) एकादशी व्रत (ब) पुत्रपिण्डपालन व्रत (उपवास के चौथे दिन) (स) चान्द्रायण व्रत (द) राजसूय व्रत

69. राजा दुष्यन्त ने स्वयं आश्रम-रक्षा में रुककर माता के पास पुत्र-प्रतिनिधि के रूप में किसे भेजा?

(अ) सेनापति भद्रसेन को (ब) विदूषक माधव्य को (स) करभक को (द) कञ्चुकी को

70. विदूषक को विदा करते समय राजा ने शकुन्तला के प्रति अपने अनुराग के विषय में क्या कहा?

(अ) "मैं उससे विवाह करूँगा" (ब) "परिहासविजल्पितं सखे परमार्थेन न गृह्यतां वचः" (यह केवल मजाक था, सच मत मानना) (स) "वह मेरी रानी बनेगी" (द) मौन रहे

71. राजा ने विदूषक से शकुन्तला-विषयक सत्य क्यों छिपाया?

(अ) वह डरता था (ब) विदूषक चञ्चल एवं वाचाल था, जिससे अन्तःपुर में भेद खुल जाने का भय था (स) विदूषक शत्रु था (द) शकुन्तला ने मना किया था

72. द्वितीय अङ्क का नामकरण किस आधार पर समीचीन है?

(अ) मिलन (ब) आश्रम-निवेश / विदूषक-संवाद (स) शकुन्तला-विदाई (द) पश्चात्ताप

73. "कृत्ययोर्भिन्नदेशत्वाद् द्वैधीभवति मे मनः" - दुष्यन्त का मन किन दो कर्तव्यों के मध्य विभक्त हो गया था?

(अ) युद्ध और सन्धि (ब) माता की आज्ञा (राजधानी जाना) एवं ऋषियों का यज्ञ-रक्षण (आश्रम में रुकना) (स) शिकार और विश्राम (द) भोजन और निद्रा

74. 'द्वैधीभवति' पद में कौन-सा अभूततद्भाव प्रत्यय लगा है?

(अ) च्वि प्रत्यय (द्वि + च्वि + भू) (ब) डाच् प्रत्यय (स) साति प्रत्यय (द) तल् प्रत्यय

75. 'शमप्रधानेषु तपोधनेषु गूढं हि दाहात्मकमस्ति तेजः' - यह सूक्ति किस अङ्क की है?

(अ) प्रथम अङ्क (ब) द्वितीय अङ्क (दुष्यन्त का कथन) (स) तृतीय अङ्क (द) चतुर्थ अङ्क

76. तृतीय अङ्क का आरम्भ किस नाट्य-प्रविधि (अर्थोपक्षेपक) से होता है?

(अ) अङ्कास्य (ब) शुद्ध विष्कम्भक (यज्ञ-कुश लिए शिष्य के प्रवेश से) (स) प्रवेशक (द) चूलिका

77. विष्कम्भक में कण्व-शिष्य ने राजा दुष्यन्त के आश्रम में आते ही क्या प्रभाव बताया?

(अ) दुष्यन्त के धनुष पर केवल प्रत्यञ्चा चढ़ाने मात्र से ही राक्षसों के सारे उपद्रव शान्त हो गए (ब) भय छा गया (स) सूखा पड़ गया (द) यज्ञ नष्ट हुआ

78. अभिज्ञानशाकुन्तलम् के तृतीय अङ्क का मुख्य विषय क्या है?

(अ) दुर्वासा का शाप (ब) मदन-सन्ताप, प्रेमपत्र-लेखन एवं गान्धर्व-विवाह (मिलन) (स) शकुन्तला-प्रत्याख्यान (द) मुद्रिका-प्राप्ति

79. तृतीय अङ्क में काम-सन्ताप से व्याकुल शकुन्तला किस स्थान पर विश्राम कर रही थी?

(अ) कण्व की पर्णकुटी में (ब) मालिनी नदी के तट पर स्थित वेतस-लता-मण्डप (शिलापट्ट) पर (स) आम्रवृक्ष के नीचे (द) यज्ञशाला में

80. सखियाँ शकुन्तला के तीव्र ज्वर और सन्ताप को कम करने हेतु उसके वक्षःस्थल पर क्या लगा रही थीं?

(अ) सुवर्ण-भस्म (ब) शीतल उशीर (खस/चन्दन) का लेप एवं कमलिनी-पत्र (स) केवल जल (द) दुग्ध

81. सखियों के स्नेहपूर्वक पूछने पर शकुन्तला ने अपनी वास्तविक आन्तरिक व्यथा का क्या कारण बताया?

(अ) शारीरिक रोग (ब) राजा दुष्यन्त के प्रति उपजा उत्कट पूर्वानुराग (काम-व्यथा) (स) पिता की अनुपस्थिति (द) आश्रम का कार्य

82. प्रियंवदा ने शकुन्तला को दुष्यन्त के पास अपनी भावनाएँ पहुँचाने हेतु क्या उपाय सुझाया?

(अ) स्वयं जाने का (ब) मदन-लेख (प्रेम-पत्र) लिखकर पुष्पों के भीतर छिपाकर भेजने का (स) दूत भेजने का (द) मौन रहने का

83. शकुन्तला ने प्रेम-पत्र किस साधन पर और किससे उकेरा/लिखा?

(अ) भोजपत्र पर लेखनी से (ब) तोते के उदर जैसे चिकने नलिनी-पत्र (कमल-पत्ते) पर अपने नखों से (स) शिला पर कोयले से (द) वस्त्र पर

84. "तव न जाने हृदयं मम पुनः कामो दिवापि रात्रावपि। निर्घृण तपति बलीयस्त्वयि वृत्तमनोरथाया अङ्गानि॥" - यह किसका श्लोक-गीत है?

(अ) अनसूया का (ब) शकुन्तला द्वारा रचित मदन-लेख (गीतिका) (स) प्रियंवदा का (द) दुष्यन्त का

85. लता-कुञ्ज में छिपा राजा दुष्यन्त किस क्षण शकुन्तला और सखियों के सम्मुख प्रकट हुआ?

(अ) शकुन्तला के प्रेम-पत्र का वाचन सुनते ही (ब) जब वे सो गईं (स) जब वे चली गईं (द) सायंकाल

86. "तपति तनुगात्रि मदनस्त्वनिशं मां पुनर्दहत्येव..." - दुष्यन्त ने शकुन्तला के सम्मुख आकर अपने सन्ताप को कैसा बताया?

(अ) कम (ब) कामदेव तुम्हें केवल तपा रहा है, किन्तु मुझे तो निरन्तर भस्म कर रहा है (स) शान्त (द) साधारण

87. अनसूया ने राजा दुष्यन्त से शकुन्तला के भविष्य के विषय में क्या आश्वासन माँगा?

(अ) बहुत धन देने का (ब) अन्तःपुर में अनेक रानियाँ होने पर भी हमारी सखी शकुन्तला अपमानित न हो (स) राज्य देने का (द) महल बनवाने का

88. "परिग्रहबहुत्वेऽपि द्वे प्रतिष्ठे कुलस्य मे। समुद्रवसना चोर्वी सखी च युवयोरियम्॥" - दुष्यन्त ने अपने कुल की दो प्रतिष्ठाएँ किन्हें बताया?

(अ) सेना और धन को (ब) समुद्र-पर्यन्त पृथ्वी (साम्राज्य) और तुम्हारी सखी शकुन्तला को (स) हस्तिनापुर और मुनियों को (द) पूर्वजों और यज्ञों को

89. सखियाँ किन बहाने से शकुन्तला और दुष्यन्त को लता-मण्डप में एकान्त छोड़कर चली गईं?

(अ) भोजन पकाने के (ब) भटके हुए मृग-शावक (हिरन के बच्चे) को उसकी माँ से मिलाने के बहाने (स) जल भरने के (द) पूजा के

90. राजा दुष्यन्त और शकुन्तला का परिणय किस शास्त्रीय विवाह-पद्धति से सम्पन्न हुआ?

(अ) ब्राह्म विवाह (ब) गान्धर्व विवाह (वर-वधू का परस्पर प्रेम-सम्मत विवाह) (स) दैव विवाह (द) प्राजापत्य विवाह

91. गान्धर्व विवाह के औचित्य में दुष्यन्त ने इतिहास से क्या प्रमाण दिया?

(अ) किसी का नहीं (ब) अनेक राजर्षि-कन्याओं ने गान्धर्व विवाह किया और उनके पिताओं ने उसे सहर्ष स्वीकारा (स) शास्त्रों का निषेध (द) लोक-परम्परा

92. तृतीय अङ्क के अन्तिम भाग में शकुन्तला के स्वास्थ्य हेतु शान्ति-जल लेकर कौन-सी वृद्धा तापसी आती है?

(अ) अनसूया (ब) आर्या गौतमी (आश्रम की अध्यक्षा तापसी) (स) प्रियंवदा (द) अदिति

93. "चक्रवाकवधुके! आमन्त्रयस्व सहचरम्..." - इस सांकेतिक वाक्य से सखियों ने किसे सावधान किया?

(अ) पक्षियों को (ब) गौतमी के आने की पूर्व-सूचना देकर शकुन्तला और दुष्यन्त को (स) मृग को (द) विदूषक को

94. आर्या गौतमी के लता-मण्डप में प्रवेश करते ही राजा दुष्यन्त कहाँ छिप गए?

(अ) नदी में (ब) निकटवर्ती लताओं और झाड़ियों के पीछे (स) वृक्ष पर (द) कुटी में

95. तृतीय अङ्क के अन्त में नेपथ्य (आकाशवाणी) से किस सायंकालीन उपद्रव की घोषणा होती है?

(अ) वन में आग लगने की (ब) सन्ध्याकालीन वेदी के चारों ओर मांसाहारी राक्षसों की परछाइयाँ मँडराने की (स) वर्षा होने की (द) राजा के बुलावे की

96. 'उशीर' शब्द का वास्तविक वानस्पतिक/आयुर्वेदिक अर्थ क्या है?

(अ) चन्दन की लकड़ी (ब) खस की शीतल एवं सुगन्धित जड़ (स) कमल का पत्ता (द) दूब

97. 'मदनलेखः' पद में कौन-सा तत्पुरुष समास है?

(अ) मदनाय लेखः / मदनस्य लेखः (चतुर्थी/षष्ठी तत्पुरुष) (ब) तृतीया तत्पुरुष (स) पञ्चमी तत्पुरुष (द) सप्तमी तत्पुरुष

98. 'कमलिनीदलम्' पद का सही समास-विग्रह क्या होगा?

(अ) कमलिन्याः दलम् (षष्ठी तत्पुरुष) (ब) कमलिनी च तत् दलम् (स) कमलिना दलम् (द) बहुव्रीहि

99. अभिज्ञानशाकुन्तलम् के तृतीय अङ्क में किस रस का सर्वाधिक कमनीय परिपाक हुआ है?

(अ) हास्य रस (ब) सम्भोग शृङ्गार / पूर्वानुराग शृङ्गार रस (स) करुण रस (द) वीभत्स रस

100. "अपराजिता लता" एवं लता-मण्डप के साक्षी में शकुन्तला को दुष्यन्त ने प्रेम-प्रतीक के रूप में क्या प्रदान किया?

(अ) सुवर्ण-मुकुट (ब) अपने नाम 'दुष्यन्त' से अङ्कित स्वर्ण-मुद्रिका (अँगूठी) (स) मणिकण्ठहार (द) रेशमी वस्त्र
✦ उत्तरमाला (Answer Key : प्रश्न 51 से 100) ✦
51-(ब) 52-(ब) 53-(ब) 54-(ब) 55-(ब) 56-(ब) 57-(ब) 58-(ब) 59-(ब) 60-(ब) 61-(ब) 62-(ब) 63-(ब) 64-(अ) 65-(अ) 66-(ब) 67-(ब) 68-(ब) 69-(ब) 70-(ब) 71-(ब) 72-(ब) 73-(ब) 74-(अ) 75-(ब) 76-(ब) 77-(अ) 78-(ब) 79-(ब) 80-(ब) 81-(ब) 82-(ब) 83-(ब) 84-(ब) 85-(अ) 86-(ब) 87-(ब) 88-(ब) 89-(ब) 90-(ब) 91-(ब) 92-(ब) 93-(ब) 94-(ब) 95-(ब) 96-(ब) 97-(अ) 98-(अ) 99-(ब) 100-(ब)

अभिज्ञानशाकुन्तलम् : 200 वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरी शृंखला (खण्ड-3 : प्रश्न 101-150)

UGC NET, UP TGT, PGT, GIC, RPSC, असिस्टेंट प्रोफेसर एवं समस्त संस्कृत प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु

101. अभिज्ञानशाकुन्तलम् के चतुर्थ अङ्क का प्रारम्भ किस नाट्य-प्रविधि से होता है?

(अ) प्रवेशक (ब) शुद्ध विष्कम्भक (अनसूया और प्रियंवदा द्वारा पुष्प-चयन से) (स) चूलिका (द) अङ्कावतार

102. चतुर्थ अङ्क के विष्कम्भक में दोनों सखियाँ आश्रम में किस निमित्त पुष्प चुन रही थीं?

(अ) अपने शृङ्गार हेतु (ब) शकुन्तला के सौभाग्य-देवता (अतिथि/गृहदेवता) के अर्चन हेतु (स) कण्व के स्वागत हेतु (द) यज्ञ-हवन हेतु

103. तपोवन में महर्षि दुर्वासा का आगमन किस क्षण होता है?

(अ) जब शकुन्तला भोजन कर रही थी (ब) जब शकुन्तला अनन्य मन से दुष्यन्त के ध्यान में निमग्न थी (स) जब वह सो रही थी (द) जब वह पूजा कर रही थी

104. "विचिन्तयन्ती यमनन्यमानसा तपोधनं वेत्सि न मामुपस्थितम्..." - दुर्वासा का यह प्रसिद्ध शाप-श्लोक किस छन्द में है?

(अ) अनुष्टुप् (ब) वंशस्थ छन्द (जतौ तु वंशस्थमुदीरितं जरौ) (स) उपजाति (द) मालिनी

105. "स्मरिष्यति त्वां न स बोधितोऽपि सन् कथां प्रमत्तः प्रथमं कृतामिव" - इस शाप में दुर्वासा ने विस्मरण की उपमा किससे दी?

(अ) अन्धे मनुष्य से (ब) मदिरा-मत्त (उन्मत्त) व्यक्ति द्वारा पूर्व में कही गई बात को भूल जाने से (स) सोए हुए व्यक्ति से (द) मूर्ख से

106. दुर्वासा ऋषि के प्रचण्ड शाप को आश्रम में प्रत्यक्षतः किसने सुना था?

(अ) शकुन्तला ने (ब) अनसूया और प्रियंवदा ने (शकुन्तला ध्यानमग्न होने से अनभिज्ञ रही) (स) कण्व ने (द) गौतमी ने

107. महर्षि दुर्वासा के पैरों में गिरकर शाप को मन्द/शान्त करने की प्रार्थना किसने की थी?

(अ) अनसूया ने (ब) प्रियंवदा ने (स) गौतमी ने (द) शकुन्तला ने

108. दुर्वासा ने शाप-मुक्ति का क्या उपाय (शापान्त) बताया?

(अ) प्रायश्चित्त करना (ब) "अभिज्ञानाभरणदर्शनेन शापो निवर्तिष्यते" (पहचान का कोई आभूषण दिखाने पर) (स) यज्ञ करना (द) सोमतीर्थ जाना

109. "को नामोष्णोदकेन नवमालिकां सिञ्चति" - यह प्रसिद्ध कथन किसका है?

(अ) अनसूया का (प्रियंवदा के प्रति) (ब) शकुन्तला का (स) कण्व का (द) गौतमी का

110. सखियों ने शाप की बात शकुन्तला से क्यों गुप्त रखी?

(अ) वे उससे द्वेष करती थीं (ब) सुकुमार स्वभाव वाली शकुन्तला इस आघात को सहन नहीं कर पाती ('नवमल्लिका पर गरम जल न डालने का विचार') (स) वे भूल गईं (द) दुर्वासा ने मना किया था

111. सोमतीर्थ से लौटने पर महर्षि कण्व को शकुन्तला के गान्धर्व विवाह एवं गर्भ की सूचना किसने दी?

(अ) अनसूया ने (ब) अग्निशरण में प्रविष्ट होते ही अशरीरिणी छन्दोमयी आकाशवाणी ने (स) प्रियंवदा ने (द) गौतमी ने

112. "दुष्यन्तेनाहितं तेजो दधानां भूतये भुवः। अवेहि तनयां ब्रह्मन्नग्निगर्भां शमीमिव॥" - यहाँ शकुन्तला की तुलना किससे की गई है?

(अ) सुवर्ण-लता से (ब) अपने भीतर अग्नि को धारण करने वाली पावन शमी-लता (शमी वृक्ष) से (स) गङ्गा से (द) पृथ्वी से

113. 'अग्निगर्भां शमीमिव' इस आकाशवाणी वाले श्लोक में कौन-सा छन्द है?

(अ) वंशस्थ (ब) अनुष्टुप् छन्द (श्लोक छन्द) (स) इन्द्रवज्रा (द) आर्या

114. "यास्यत्यद्य शकुन्तलेति हृदयं संस्पृष्टमुत्कण्ठया..." यह श्लोक-चतुष्टय का कौन-सा श्लोक है?

(अ) प्रथम प्रसिद्ध श्लोक (महर्षि कण्व का वात्सल्य-उद्गार) (ब) द्वितीय श्लोक (स) तृतीय श्लोक (द) चतुर्थ श्लोक

115. "यास्यत्यद्य शकुन्तलेति हृदयं..." इस श्लोक में प्रयुक्त छन्द कौन-सा है?

(अ) मन्दाक्रान्ता (ब) शार्दूलविक्रीडित छन्द (19 वर्ण) (स) स्रग्धरा (द) वसन्ततिलका

116. "पातुं न प्रथमं व्यवस्यति जलं युष्मास्वपीतेषु या..." - इस श्लोक में किसका शकुन्तला के प्रति अगाध स्नेह वर्णित है?

(अ) नगरवासियों का (ब) तपोवन के वृक्षों, लताओं एवं पशु-पक्षियों का (प्रकृति-प्रेम) (स) केवल सखियों का (द) दुष्यन्त का

117. "पातुं न प्रथमं व्यवस्यति जलं..." इस द्वितीय प्रसिद्ध श्लोक में कौन-सा छन्द है?

(अ) वंशस्थ (ब) शार्दूलविक्रीडित छन्द (स) मालिनी (द) शिखरिणी

118. शकुन्तला की विदाई के समय तपोवन के वृक्षों ने वन-देवताओं के माध्यम से क्या उपहार प्रकट किए?

(अ) सुवर्ण मुद्राएँ (ब) चन्द्रमा के समान श्वेत क्षौम (रेशमी) वस्त्र, लाक्षारस एवं दिव्य आभूषण (स) फल-मूल (द) अस्त्र-शस्त्र

119. "उद्गलितदर्भकवला मृग्यः परिनर्तितनर्तना मयूराः। अपसृतपाण्डुपत्रा मुञ्चन्त्यश्रूणीव लताः॥" - यहाँ तपोवन की प्रकृति में कौन-सा अलंकार है?

(अ) रूपक (ब) समासोक्ति एवं उत्प्रेक्षा अलंकार (मानवीकरण) (स) श्लेष (द) सन्देह

120. शकुन्तला को पतिगृह (हस्तिनापुर) पहुँचाने के लिए कण्व ने किन दो शिष्यों को साथ भेजा?

(अ) नारद और पर्वत को (ब) शार्ङ्गरव और शारद्वत को (स) गालव और कौत्स को (द) मैत्रेय और माधव्य को

121. शिष्यों के साथ आश्रम की कौन-सी संरक्षिका वृद्धा तापसी हस्तिनापुर गई थी?

(अ) अनसूया (ब) आर्या गौतमी (स) प्रियंवदा (द) अदिति

122. "अस्मान् साधु विचिन्त्य संयमधनानुच्चैः कुलं चात्मनः..." यह श्लोक-चतुष्टय का कौन-सा श्लोक है?

(अ) प्रथम श्लोक (ब) तृतीय प्रसिद्ध श्लोक (राजा दुष्यन्त के प्रति कण्व का सन्देश) (स) द्वितीय श्लोक (द) चतुर्थ श्लोक

123. "अस्मान् साधु विचिन्त्य..." इस तृतीय श्लोक में कौन-सा छन्द प्रयुक्त है?

(अ) वसन्ततिलका (ब) शार्दूलविक्रीडित छन्द (स) स्रग्धरा (द) अनुष्टुप्

124. "शुश्रूषस्व गुरून् कुरु प्रियसखीवृत्तिं सपत्नीजने..." यह श्लोक-चतुष्टय का कौन-सा श्लोक है?

(अ) प्रथम श्लोक (ब) चतुर्थ प्रसिद्ध श्लोक (शकुन्तला को पतिगृह में कर्तव्य-उपदेश) (स) द्वितीय श्लोक (द) तृतीय श्लोक

125. "शुश्रूषस्व गुरून्..." इस चतुर्थ उपदेश-श्लोक में कौन-सा छन्द है?

(अ) मालिनी (ब) शार्दूलविक्रीडित छन्द (19 वर्ण) (स) मन्दाक्रान्ता (द) वंशस्थ

126. कण्व ने शकुन्तला को पतिगृह में अपनी सौतों (सपत्नीजन) के प्रति कैसा व्यवहार करने की शिक्षा दी?

(अ) शत्रुतापूर्ण (ब) अपनी प्रियसखी (मित्र) के समान उदार व्यवहार (स) दासी जैसा (द) उदासीन

127. "यान्त्येवं गृहिणीपदं युवतयो वामाः कुलस्याधयः" - यहाँ 'वामाः' पद का क्या अर्थ है?

(अ) सुन्दर स्त्रियाँ (ब) कुल-मर्यादा के विपरीत (उल्टा) आचरण करने वाली स्त्रियाँ (स) बायें अङ्ग वाली (द) तपस्विनी

128. 'कुलस्याधयः' में 'आधि' शब्द का सही अर्थ क्या है?

(अ) शारीरिक रोग (व्याधि) (ब) मानसिक पीड़ा / चिन्ता / कलङ्क (स) धन (द) औषधि

129. "अर्थो हि कन्या परकीय एव तामद्य संप्रेष्य परिग्रहीतुः। जातो ममायं विशदः प्रकामं प्रत्यर्पितन्यास इवान्तरात्मा॥" - यह किस अङ्क का अन्तिम श्लोक है?

(अ) प्रथम अङ्क (ब) चतुर्थ अङ्क का अन्तिम (22वाँ) श्लोक (स) पञ्चम अङ्क (द) सप्तम अङ्क

130. 'प्रत्यर्पितन्यास इवान्तरात्मा' में कन्या की तुलना किससे की गई है?

(अ) ऋण से (ब) धरोहर (न्यास / अमानत) को उसके स्वामी को लौटाने से (स) पुष्प से (द) जल से

131. 'अर्थो हि कन्या परकीय एव...' इस श्लोक में कौन-सा छन्द और अलंकार है?

(अ) शार्दूलविक्रीडित एवं रूपक (ब) इन्द्रवज्रा छन्द एवं उत्प्रेक्षा / अर्थान्तरन्यास अलंकार (स) मालिनी एवं श्लेष (द) वंशस्थ एवं उपमा

132. शकुन्तला के पाले हुए किस मृग-शावक (हिरन) ने विदाई के समय उसका आँचल पकड़कर रोका था?

(अ) चण्डक (ब) दीर्घपाङ्ग (स) मन्दक (द) करण्डक

133. शकुन्तला ने दीर्घपाङ्ग नामक मृग के मुख के कुश-घावों पर किस तेल का लेप किया था?

(अ) तिल का तेल (ब) इङ्गुदी का तेल (इङ्गुदीतैलम्) (स) सरसों का तेल (द) चन्दन तैल

134. "काव्येषु नाटकं रम्यं तत्र रम्या शकुन्तला। तत्रापि च चतुर्थोऽङ्कस्तत्र श्लोकचतुष्टयम्॥" - अभिज्ञानशाकुन्तलम् के चतुर्थ अङ्क में कुल कितने श्लोक हैं?

(अ) 18 श्लोक (ब) 22 श्लोक (स) 24 श्लोक (द) 30 श्लोक

135. श्लोकचतुष्टय के चारों श्लोकों में से तीन श्लोक किस एक ही छन्द में निबद्ध हैं?

(अ) मालिनी (ब) शार्दूलविक्रीडित छन्द (श्लोक 6, 9, 17, 18 में से 6, 9, 17 शार्दूलविक्रीडित) (स) मन्दाक्रान्ता (द) वसन्ततिलका

136. अभिज्ञानशाकुन्तलम् के पञ्चम अङ्क का आरम्भ राजप्रासाद में किसके मधुर गायन से होता है?

(अ) वसुमती के (ब) हंसपदिका के नेपथ्य-गान से (स) शकुन्तला के (द) सानमती के

137. "अभिनवमधुलोलुपस्त्वं तथा परिचुम्ब्य चूतमञ्जरीम्..." - हंसपदिका के इस वीणा-गान में राजा पर क्या आक्षेप है?

(अ) कृपणता का (ब) भ्रमर की भाँति नवीन आम्रमञ्जरी का रस चूसकर उसे भूल जाने (कामुक चञ्चलता) का उपालम्भ (स) युद्ध का (द) निर्दयता का

138. "रम्याणि वीक्ष्य मधुरांश्च निशम्य शब्दान् पर्युत्सुकीभवति यत्सुखितोऽपि जन्तुः..." - यह श्लोक किस अङ्क का है?

(अ) प्रथम अङ्क (ब) पञ्चम अङ्क (राजा दुष्यन्त का प्रसिद्ध दार्शनिक उद्गार) (स) षष्ठ अङ्क (द) सप्तम अङ्क

139. 'चेतसा स्मरति नूनमबोधपूर्वं भावस्थिराणि जननान्तरसौहृदानि' - यहाँ कालिदास ने किस दार्शनिक तत्त्व का निरूपण किया?

(अ) शून्यवाद (ब) पूर्वजन्म के संस्कार, वासना एवं जन्मान्तरीय प्रेम-स्मृति का (स) कर्मकाण्ड (द) भौतिकवाद

140. पञ्चम अङ्क में वृद्ध कञ्चुकी वातायन अपनी वेत्रयष्टि (लाठी) को देखकर क्या विचार करता है?

(अ) यह अस्त्र है (ब) जो कभी अन्तःपुर के नियम-पालन हेतु हाथ में ली गई थी, आज वृद्धावस्था में शरीर का आलम्बन बन गई है (स) यह दण्ड है (द) यह सुवर्ण है

141. कण्व-शिष्यों के आगमन की सूचना पाकर राजा दुष्यन्त ने उनका स्वागत किस पावन स्थान पर कराया?

(अ) शयनागार में (ब) अग्निहोत्र-शाला (अग्निशरण) के पवित्र प्राङ्गण में (स) क्रीड़ा-उद्यान में (द) सभा-द्वार पर

142. दुर्वासा के शाप के कारण राजा दुष्यन्त के चित्त पर क्या प्रभाव पड़ा था?

(अ) वह क्रुद्ध हो गया था (ब) वह शकुन्तला के साथ हुए पूर्व-विवाह एवं प्रणय-सम्बन्ध को सर्वथा भूल चुका था (स) वह पागल हो गया था (द) वह अन्धा हो गया था

143. जब शार्ङ्गरव ने शकुन्तला को पत्नी रूप में ग्रहण करने का प्रस्ताव रखा, तब राजा ने क्या उत्तर दिया?

(अ) सहर्ष स्वीकार किया (ब) "किमिदमुपन्यस्तम्... न खलु स्मरामि" (यह कैसा असम्भव प्रस्ताव है! मैंने इस स्त्री से कभी विवाह नहीं किया) (स) धन दिया (द) मौन रहा

144. शार्ङ्गरव ने राजा के प्रत्याख्यान पर अत्यधिक क्रुद्ध होकर राजा दुष्यन्त को क्या कहा?

(अ) धर्मात्मा (ब) कृताभिधान, ऐश्वर्यमत्त एवं कपटाचारी राजा (स) मित्र (द) वीर

145. राजा को पहचान कराने हेतु आर्या गौतमी ने शकुन्तला का क्या हटाया था?

(अ) आभूषण (ब) अवगुण्ठन (घूँघट / मुख-वस्त्र) (स) कङ्कण (द) माला

146. शकुन्तला जब अपनी उँगली से दुष्यन्त की नामाङ्कित मुद्रिका (अँगूठी) दिखाने लगी, तब क्या हुआ?

(अ) अँगूठी चमकने लगी (ब) उसकी उँगली रिक्त थी, अँगूठी शचीतीर्थ में गिरकर खो चुकी थी (स) राजा ने छीन ली (द) अँगूठी टूट गई

147. शकुन्तला की मुद्रिका हस्तिनापुर आते समय किस पावन तीर्थ के जल में गिरी थी?

(अ) सोमतीर्थ (ब) शचीतीर्थ (अप्सरा-तीर्थ/शची-सरोवर) में जल-तर्पण करते समय (स) प्रयागराज (द) हरिद्वार

148. "स्त्रीणामशिक्षितपटुत्वममानुषीषु संदृश्यते किमुत याः प्रतिबोधवत्यः..." - यह श्लोक राजा ने किस प्रसङ्ग में कहा?

(अ) शकुन्तला की प्रशंसा में (ब) शकुन्तला को कपट-कथा रचने वाली मानकर नारी-जाति के स्वाभाविक चातुर्य पर आक्षेप करते हुए (स) गौतमी के सम्मान में (द) विदूषक से

149. राजा द्वारा पूर्णतः परित्यक्त और अपमानित होकर रोती हुई शकुन्तला को कौन दिव्य ज्योति उठाकर ले गई?

(अ) उर्वशी (ब) उसकी माता मेनका की सखी / स्त्री-संस्थान वाली दिव्य अप्सरा-ज्योति (स) रम्भा (द) तिलोत्तमा

150. अभिज्ञानशाकुन्तलम् के पञ्चम अङ्क का शास्त्रीय नाम क्या है?

(अ) मिलन (ब) शकुन्तला-प्रत्याख्यान (प्रत्याख्यानाङ्क) (स) पश्चात्ताप (द) पुनर्मिलन
✦ उत्तरमाला (Answer Key : प्रश्न 101 से 150) ✦
101-(ब) 102-(ब) 103-(ब) 104-(ब) 105-(ब) 106-(ब) 107-(ब) 108-(ब) 109-(अ) 110-(ब) 111-(ब) 112-(ब) 113-(ब) 114-(अ) 115-(ब) 116-(ब) 117-(ब) 118-(ब) 119-(ब) 120-(ब) 121-(ब) 122-(ब) 123-(ब) 124-(ब) 125-(ब) 126-(ब) 127-(ब) 128-(ब) 129-(ब) 130-(ब) 131-(ब) 132-(ब) 133-(ब) 134-(ब) 135-(ब) 136-(ब) 137-(ब) 138-(ब) 139-(ब) 140-(ब) 141-(ब) 142-(ब) 143-(ब) 144-(ब) 145-(ब) 146-(ब) 147-(ब) 148-(ब) 149-(ब) 150-(ब)

अभिज्ञानशाकुन्तलम् : 200 वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरी शृंखला (खण्ड-4 : प्रश्न 151-200)

UGC NET, UP TGT, PGT, GIC, RPSC, असिस्टेंट प्रोफेसर एवं समस्त संस्कृत प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु (सम्पूर्ण ग्रन्थ समापन)

151. अभिज्ञानशाकुन्तलम् के षष्ठ अङ्क का प्रारम्भ किस नाट्य-प्रविधि (अर्थोपक्षेपक) से होता है?

(अ) विष्कम्भक (ब) प्रवेशक (धीवर, श्यालक एवं दो पुलिसकर्मियों के प्रवेश से) (स) चूलिका (द) अङ्कास्य

152. धीवर (मछुआरे) को राजा दुष्यन्त के नाम से अङ्कित स्वर्ण-मुद्रिका कहाँ से प्राप्त हुई थी?

(अ) नदी के तट पर बालू से (ब) रोहि / राघव (रोहित) मत्स्य के पेट को चीरने पर उसके भीतर से (स) वृक्ष के नीचे से (द) मन्दिर से

153. मुद्रिका चुराने के सन्देह में धीवर को बाँधकर लाने वाले दो राज-रक्षकों (पुलिसकर्मियों) के क्या नाम थे?

(अ) भद्रक और मणिक (ब) सूचक और जानुक (स) चण्डक और वातक (द) पिशुन और करभक

154. हस्तिनापुर का नगर-रक्षक (कोतवाल / श्यालक) राजा दुष्यन्त का सम्बन्धी रूप में क्या लगता था?

(अ) भाई (ब) साला (श्याल / रानी का भाई) (स) मामा (द) मन्त्री

155. धीवर का निवास-स्थान किस तीर्थ/ग्राम में बताया गया है?

(अ) सोमतीर्थ (ब) शक्रावतार तीर्थ (स) शचीतीर्थ (द) प्रभासतीर्थ

156. शचीतीर्थ में खोई हुई मुद्रिका को देखते ही राजा दुष्यन्त की क्या मानसिक स्थिति हुई?

(अ) वह प्रसन्न हुआ (ब) दुर्वासा का शाप नष्ट हुआ, शकुन्तला की स्मृति लौटी और वह घोर पश्चात्ताप में डूब गया (स) वह भयभीत हुआ (द) वह क्रोधित हुआ

157. राजा दुष्यन्त ने मुद्रिका प्राप्त होने पर धीवर को प्रसन्न होकर क्या दिया?

(अ) दण्ड (ब) अँगूठी के मूल्य के बराबर प्रचुर पारितोषिक (स्वर्ण-मुद्राएँ एवं रेशमी वस्त्र) (स) राज्य का आधा भाग (द) केवल मुक्ति

158. शकुन्तला के विरह और आत्म-ग्लानि के कारण राजा ने राजप्रमोदवन में किस वार्षिक उत्सव पर रोक लगा दी थी?

(अ) दीपोत्सव (ब) वसन्तोत्सव (ऋतु-उत्सव / मदनोत्सव) (स) होलिकोत्सव (द) विजयोत्सव

159. मेनका की कौन-सी सखी अप्सरा 'तिरस्करिणी विद्या' (अदृश्य रहने की शक्ति) से राजा के विरह-विलाप को देख रही थी?

(अ) उर्वशी (ब) सानुमती (स) रम्भा (द) तिलोत्तमा

160. विरह-वेदना को कम करने हेतु राजा दुष्यन्त ने किस कला का आश्रय लेकर समय व्यतीत किया?

(अ) संगीत का (ब) चित्र-फलक पर शकुन्तला का सजीव चित्र बनाने का (स) द्यूतक्रीड़ा का (द) आखेट का

161. राजा द्वारा निर्मित शकुन्तला के चित्र की पृष्ठभूमि में किन प्राकृतिक दृश्यों का आलेखन था?

(अ) मालिनी नदी, बालू तट, हंस-मिथुन, चरते हुए मृग एवं शिरीष-पुष्प (ब) समुद्र और पर्वत (स) नगर के भवन (द) युद्धभूमि

162. चित्र में शकुन्तला के मुख के समीप चित्रित भौंरे को राजा ने क्या समझकर डाँटना आरम्भ कर दिया?

(अ) छाया (ब) भ्रमवश वास्तविक जीवित भ्रमर मानकर (सम्मोह/उन्माद अवस्था) (स) कीट (द) पक्षी

163. हस्तिनापुर के किस समृद्ध किन्तु निःसन्तान श्रेष्ठि (व्यापारी) की समुद्र-व्यापार में नौका डूबने से मृत्यु हुई थी?

(अ) धनपाल (ब) धनमित्र (समुद्रव्यवहारी वणिक) (स) वसुमित्र (द) चारुदत्त

164. राजा दुष्यन्त ने निःसन्तान धनमित्र की अपार सम्पत्ति के विषय में क्या ऐतिहासिक धर्म-निर्णय दिया?

(अ) समस्त धन राजकोष में जमा कराया (ब) उसकी गर्भवती पत्नी के गर्भस्थ शिशु को ही पिता की सम्पत्ति का उत्तराधिकारी घोषित किया (स) मन्त्रियों में बाँटा (द) दान दिया

165. "येन येन वियुज्यन्ते प्रजाः स्निग्धेन बन्धुना। स स पापादृते तासां दुष्यन्त इति घुष्यताम्॥" - इस राजाज्ञा का क्या भावार्थ है?

(अ) राजा कर लेगा (ब) प्रजा अपने जिस-जिस प्रिय बान्धव से हीन होगी, पाप को छोड़कर दुष्यन्त उसका वही सम्बन्धी बनेगा (स) सभी को वन जाना होगा (द) राजा उदासीन रहेगा

166. षष्ठ अङ्क के अन्त में राजप्रासाद की छत पर विदूषक माधव्य को किसने अदृश्य होकर पकड़ लिया और चीखने पर विवश किया?

(अ) राक्षस ने (ब) देवराज इन्द्र के सारथि मातलि ने (स) सैनिक ने (द) वानर ने

167. मातलि ने विदूषक पर आक्रमण कर राजा को क्षत्रिय-रूप में धनुष उठाने हेतु क्यों विवश किया?

(अ) राजा से वैर था (ब) शोक एवं विरह में डूबे राजा के क्षत्रिय-तेज, क्रोध और उत्साह को जाग्रत करने हेतु (स) खेल करने हेतु (द) डराने हेतु

168. देवराज इन्द्र ने मातलि को भेजकर दुष्यन्त को किस असुर-समूह के संहार हेतु स्वर्ग आमन्त्रित किया था?

(अ) वृत्रासुर के (ब) कालनेमि के वंशज 'दुर्जय' (दुर्जेय) नामक असुरों के वध हेतु (स) महिषासुर के (द) बाणासुर के

169. अभिज्ञानशाकुन्तलम् के षष्ठ अङ्क का शास्त्रीय नाम क्या है?

(अ) आश्रम-प्रवेश (ब) पश्चात्ताप / मुद्रिका-लाभ (स) पुनर्मिलन (द) प्रत्याख्यान

170. सप्तम अङ्क में देवासुर संग्राम में विजय प्राप्त कर राजा दुष्यन्त किसके रथ पर आरूढ़ होकर स्वर्ग से लौटते हैं?

(अ) सूर्य के रथ पर (ब) इन्द्र के दिव्य रथ (मातलि-चालित) पर (स) गरुड़ पर (द) वायु-यान पर

171. स्वर्ग से लौटते समय मार्ग में दुष्यन्त ने किस पावन पर्वत पर उतरने की इच्छा व्यक्त की?

(अ) विन्ध्याचल पर्वत (ब) हेमकूट पर्वत (किम्पुरुष पर्वत / गन्धर्व-पर्वत) (स) मलयगिरि (द) नीलगिरि

172. हेमकूट पर्वत पर किस परम तेजस्वी प्रजापति ऋषि-दम्पति का पावन तपोवन स्थित था?

(अ) वसिष्ठ और अरुन्धती का (ब) प्रजापति मारीच (कश्यप) एवं माता अदिति (दाक्षायणी) का (स) अत्रि और अनसूया का (द) गौतम और अहल्या का

173. मारीच-आश्रम में राजा दुष्यन्त ने एक छोटे बालक को किस असाधारण एवं साहसिक क्रीड़ा में देखा?

(अ) मृग दौड़ाते हुए (ब) दूध पीते हुए सिंह के बच्चे (सिंह-शावक) का जबड़ा खोलकर उसके दाँत गिनते हुए (स) बाण चलाते हुए (द) वृक्ष पर चढ़ते हुए

174. "जृम्भस्व रे सिंह दन्तांस्ते गणयिष्ये" - यह निर्भीक एवं ओजस्वी कथन किस बालक का है?

(अ) लव का (ब) बालक सर्वदमन (भरत / दुष्यन्त-शकुन्तला पुत्र) का (स) कुश का (द) रोहित का

175. आश्रम में बालक के साथ उपस्थित दो तपस्विनियों (तापसियों) के नाम क्या थे?

(अ) अनसूया और प्रियंवदा (ब) सुव्रता और प्रथमा (स) गौतमी और शाण्डिली (द) मालती और मदयन्तिका

176. बालक सर्वदमन को सिंह-शावक को छोड़ने हेतु तापसी ने क्या देने का प्रलोभन दिया?

(अ) फल (ब) मिट्टी का सुन्दर रङ्गीन मोर (मृत्तिका-मयूर) (स) सुवर्ण-खिलौना (द) मिष्ठान्न

177. "शकुन्तलावण्यं प्रेक्षस्व" - तापसी के इस वाक्य में 'शकुन्त' (पक्षी/मोर) शब्द से बालक ने क्या समझा?

(अ) वन (ब) अपनी माता 'शकुन्तला' का नाम ("कुत्र वा मे माता?") (स) मोर (द) पिता

178. बालक सर्वदमन की कलाई पर रक्षा-सूत्र के रूप में कौन-सी दिव्य ओषधि (रक्षा-करण्डक) बँधी थी?

(अ) संजीविनी (ब) अपराजिता ओषधि (स) ब्राह्मी (द) विशाखा

179. बालक को 'अपराजिता' रक्षा-करण्डक जातकर्म-संस्कार के समय किसने प्रदान किया था?

(अ) कण्व ने (ब) भगवान मारीच (कश्यप) ने (स) मेनका ने (द) दुष्यन्त ने

180. 'अपराजिता' ओषधि का कौन-सा अलौकिक प्रभाव/चमत्कार था?

(अ) वह प्रकाश देती थी (ब) माता-पिता और बालक के अतिरिक्त यदि कोई अन्य भूमि से उठाता, तो वह विषैला सर्प बनकर डस लेती थी (स) वह अदृश्य कर देती थी (द) वह उड़ती थी

181. जब बालक के हाथ से गिरी हुई रक्षा-ओषधि को राजा दुष्यन्त ने भूमि से उठाया, तब क्या हुआ?

(अ) वह सर्प बन गई (ब) वह सर्प नहीं बनी, अपितु निर्विकार एवं सुरक्षित रही (स) वह जल गई (द) वह गायब हो गई

182. रक्षा-करण्डक के सर्प न बनने के प्रत्यक्ष प्रमाण से तपस्विनियों और दुष्यन्त को क्या निश्चय हुआ?

(अ) औषधि निष्फल हो गई (ब) यह पुरुष (दुष्यन्त) ही बालक का वास्तविक पिता है (स) बालक पराया है (द) यह जादू है

183. तपस्विनियों द्वारा समस्त आश्रम में सब जीवों का दमन करने के कारण बालक का क्या नाम रखा गया था?

(अ) सर्वदमन (जो आगे चलकर चक्रवर्ती राजा 'भरत' कहलाया) (ब) सुदमन (स) जयन्त (द) विक्रान्त

184. सप्तम अङ्क में शकुन्तला किस वेशभूषा में दुष्यन्त के सम्मुख उपस्थित होती है?

(अ) राजसी वस्त्रों में (ब) एकवेणी (एक चोटी), धूसर-मलिन वस्त्र तथा शुद्ध तपस्विनी के वेश में (स) शृङ्गारिक वेश में (द) वल्कल में

185. शकुन्तला को देखते ही राजा दुष्यन्त ने क्या किया?

(अ) वह मौन रहा (ब) वह शकुन्तला के चरणों में गिर पड़ा और अपने पूर्व-अपराध की क्षमा माँगी (स) वह हँसा (द) वह भाग गया

186. शकुन्तला ने दुष्यन्त के पूर्व-प्रत्याख्यान (त्याग) का मूल कारण किसे माना?

(अ) दुष्यन्त की दुष्टता को (ब) अपने पूर्वजन्म के किसी संचित दुष्कृत्य/दुर्भाग्य को (स) कण्व के प्रमाद को (द) सखियों को

187. भगवान मारीच ने दुष्यन्त और शकुन्तला को उनके वियोग का वास्तविक रहस्य क्या बताया?

(अ) ग्रहों का दोष (ब) महर्षि दुर्वासा का प्रचण्ड शाप, जिसमें राजा सर्वथा निर्दोष था (स) मुद्रिका की त्रुटि (द) मेनका का षड्यन्त्र

188. दुर्वासा-शाप का रहस्य सुनते ही दुष्यन्त के मन से कौन-सा भार उतर गया?

(अ) राज्य का भार (ब) अपनी निर्दोषता जानकर आत्म-ग्लानि और पाप-बोध का भार (स) युद्ध का भार (द) भय

189. भगवान मारीच ने शकुन्तला और दुष्यन्त के सुखद मिलन का शुभ समाचार कण्व के आश्रम पहुँचाने हेतु किसे भेजा?

(अ) मातलि को (ब) मुनिकुमार गालव को (स) विदूषक को (द) करभक को

190. अभिज्ञानशाकुन्तलम् के अन्तिम मङ्गल-श्लोक को नाट्यशास्त्र में क्या कहा जाता है?

(अ) नान्दी (ब) भरतवाक्य (प्रशस्ति-गान) (स) प्रस्तावना (द) आमुख

191. "प्रवर्ततां प्रकृतिहिताय पार्थिवः सरस्वती श्रुतिमहतां महीयताम्। ममापि च क्षपयतु नीललोहितः पुनर्भवं परिगतशक्तिरात्मभूः॥" - यह भरतवाक्य किस छन्द में है?

(अ) वंशस्थ (ब) रुचिरा छन्द (13 वर्ण) (स) मालिनी (द) स्रग्धरा

192. भरतवाक्य में कालिदास ने अपने मोक्ष हेतु भगवान शिव के किस नाम का स्मरण किया?

(अ) पशुपति (ब) नीललोहित (कण्ठ में नील एवं जटा में रक्तिम अग्नि वाले शिव) (स) पिनाकी (द) शङ्कर

193. 'पुनर्भवम्' पद का भरतवाक्य में क्या दार्शनिक अर्थ है?

(अ) पुनर्जन्म / संसार के आवागमन का बन्धन (ब) नया भवन (स) विवाह (द) राज्य

194. 'नीललोहितः' पद में कौन-सा समास है?

(अ) नीलश्चासौ लोहितश्च (कर्मधारय समास) (ब) बहुव्रीहि (स) द्वन्द्व (द) तत्पुरुष

195. 'अपराजिता' पद का सही समास-विग्रह क्या होगा?

(अ) न पराजिता (नञ् तत्पुरुष) (ब) पराजितायाः अभावः (स) कुत्सिता पराजिता (द) बहुव्रीहि

196. 'सर्वदमनः' पद का सही व्युत्पत्तिपरक विग्रह क्या है?

(अ) सर्वं दमयति इति (उपपद तत्पुरुष) (ब) सर्वेषां दमनम् (स) सर्वेण दमनः (द) बहुव्रीहि

197. अभिज्ञानशाकुन्तलम् के सातों अङ्कों में नायिका शकुन्तला किन दो अङ्कों में रङ्गमञ्च पर प्रत्यक्ष उपस्थित नहीं होती?

(अ) प्रथम एवं तृतीय अङ्क में (ब) द्वितीय एवं षष्ठ अङ्क में (स) चतुर्थ एवं पञ्चम अङ्क में (द) सप्तम अङ्क में

198. विदूषक माधव्य नाटक के किन अङ्कों में रङ्गमञ्च पर नहीं आता?

(अ) प्रथम, चतुर्थ एवं सप्तम अङ्क में (ब) द्वितीय अङ्क में (स) तृतीय अङ्क में (द) षष्ठ अङ्क में

199. 'अभिज्ञानशाकुन्तलम्' के सप्तम अङ्क का शास्त्रीय नाम क्या है?

(अ) आश्रम-प्रवेश (ब) पुनर्मिलन (सर्वदमन-प्राप्ति एवं मिलन) (स) पश्चात्ताप (द) विदाई

200. अभिज्ञानशाकुन्तलम् के 200 प्रश्नों के समग्र अनुशीलन से कालिदास की नाट्य-कला का क्या सर्वोच्च सन्देश निष्पन्न होता है?

(अ) केवल भौतिक आकर्षण का अन्ततः तपोवन की पवित्रता, विरह के तप और त्याग द्वारा आध्यात्मिक उदात्तीकरण एवं आदर्श गृहस्थ-धर्म की प्रतिष्ठा (ब) संसार से पलायन (स) केवल युद्ध (द) भाग्यवादिता
✦ उत्तरमाला (Answer Key : प्रश्न 151 से 200 - सम्पूर्ण शृंखला समापन) ✦
151-(ब) 152-(ब) 153-(ब) 154-(ब) 155-(ब) 156-(ब) 157-(ब) 158-(ब) 159-(ब) 160-(ब) 161-(अ) 162-(ब) 163-(ब) 164-(ब) 165-(ब) 166-(ब) 167-(ब) 168-(ब) 169-(ब) 170-(ब) 171-(ब) 172-(ब) 173-(ब) 174-(ब) 175-(ब) 176-(ब) 177-(ब) 178-(ब) 179-(ब) 180-(ब) 181-(ब) 182-(ब) 183-(अ) 184-(ब) 185-(ब) 186-(ब) 187-(ब) 188-(ब) 189-(ब) 190-(ब) 191-(ब) 192-(ब) 193-(अ) 194-(अ) 195-(अ) 196-(अ) 197-(ब) 198-(अ) 199-(ब) 200-(अ)

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