अभिज्ञानशाकुन्तलम् : 200 वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरी शृंखला (खण्ड-1 : प्रश्न 1-50)
UGC NET, UP TGT, PGT, GIC, RPSC, असिस्टेंट प्रोफेसर एवं समस्त संस्कृत प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु
1. विश्वप्रसिद्ध नाटक 'अभिज्ञानशाकुन्तलम्' के रचयिता कौन हैं?
2. 'उपमा कालिदासस्य' के अनुसार कालिदास किस अलंकार के प्रयोग में अद्वितीय सम्राट माने जाते हैं?
3. 'रघुवंशम्' के किस श्लोक के आधार पर कालिदास को 'दीपशिखा' की उपाधि से विभूषित किया गया?
4. महाकवि कालिदास की सर्वप्रधान और प्रिय काव्य-रीति कौन-सी है?
5. 'अभिज्ञानशाकुन्तलम्' रूपक के दस भेदों में से किस विधा की रचना है?
6. अभिज्ञानशाकुन्तलम् नाटक में कुल कितने अङ्क हैं?
7. अभिज्ञानशाकुन्तलम् का मूल कथानक (उपजीव्य) महाभारत के किस पर्व से लिया गया है?
8. अभिज्ञानशाकुन्तलम् का प्रधान (अङ्गी) रस कौन-सा है?
9. नाटक का नायक राजा दुष्यन्त किस कोटि का नायक है?
10. नाटक की नायिका शकुन्तला किस कोटि की नायिका है?
11. अभिज्ञानशाकुन्तलम् का मङ्गलाचरण (नान्दी) किस प्रकार का है?
12. मङ्गलाचरण 'या सृष्टिः स्रष्टुराद्या...' में भगवान शिव के कितने प्रत्यक्ष स्वरूपों (अष्टमूर्ति) की स्तुति है?
13. मङ्गलाचरण 'या सृष्टिः स्रष्टुराद्या...' में कौन-सा छन्द प्रयुक्त है?
14. मङ्गलाचरण में ब्रह्मा की सर्वप्रथम सृष्टि (स्रष्टुराद्या) किसे कहा गया है?
15. 'या हविर्वहति विधिहुतं' से शिव की किस प्रत्यक्ष मूर्ति का बोध होता है?
16. अभिज्ञानशाकुन्तलम् के विदूषक का क्या नाम है?
17. संस्कृत नाट्यशास्त्र के अनुसार विदूषक किस वर्ण/जाति का पात्र होता है?
18. राजा दुष्यन्त के राजप्रासाद के वृद्ध कञ्चुकी का क्या नाम है?
19. शकुन्तला के धर्मपिता (पालक/आश्रम-पिता) कौन हैं?
20. शकुन्तला के जन्मदाता (वास्तविक) माता-पिता कौन हैं?
21. नाटक के प्रारम्भ में महर्षि कण्व शकुन्तला के प्रतिकूल दैव (दुर्भाग्य) की शान्ति हेतु कहाँ गए थे?
22. शकुन्तला की दो अभिन्न प्राण-सखियों के नाम क्या हैं?
23. अभिज्ञानशाकुन्तलम् के प्रथम अङ्क का शास्त्रीय नाम क्या है?
24. राजा दुष्यन्त शिकार (मृगया) खेलते हुए किस पावन नदी के तट पर स्थित कण्व-आश्रम पहुँचे?
25. "भो भो राजन्! आश्रममृगोऽयं न हन्तव्यो न हन्तव्यः" यह चेतावनी राजा को किसने दी?
26. तपोवन की पवित्रता और विनम्रता हेतु राजा दुष्यन्त ने अपने राजसी वस्त्राभूषण किसे सौंपे?
27. प्रथम अङ्क में पौधों को सींचते समय शकुन्तला के मुख पर किस जीव ने आक्रमण किया?
28. "सरसिजमनुविद्धं शैवलेनापि रम्यं मलिनमपि हिमांशोर्लक्ष्म लक्ष्मीं तनोति" - इसमें कौन-सा प्रमुख अलंकार है?
29. "सतां हि सन्देहपदेषु वस्तुषु प्रमाणमन्तःकरणप्रवृत्तयः" यह विश्वविख्यात सूक्ति किसकी उक्ति है?
30. "असंशयं क्षत्रपरिग्रहक्षमा यदार्यमस्यामभिलाषि मे मनः" - यहाँ दुष्यन्त शकुन्तला को किस योग्य मानते हैं?
31. शकुन्तला ने आश्रम की किस नवमल्लिका लता का नाम 'वनज्योत्स्ना' रखा था?
32. 'वनज्योत्स्ना' लता का विवाह शकुन्तला ने आश्रम के किस वृक्ष से कराया था?
33. 'अनसूया' पद का व्युत्पत्तिपरक सही अर्थ क्या है?
34. 'प्रियंवदा' शब्द का सही अर्थ क्या है?
35. राजा दुष्यन्त की राजधानी किस ऐतिहासिक नगरी में स्थित थी?
36. राजा दुष्यन्त का सम्बन्ध किस प्रसिद्ध राजवंश से था?
37. प्रथम अङ्क के अन्त में तपोवन में किस वन्यजीव के उत्पात से हाहाकार मच जाता है?
38. जाते समय शकुन्तला का वल्कल-वस्त्र किस पौधे/लता की शाखा में उलझने का बहाना होता है?
39. 'अभिज्ञानशाकुन्तलम्' पद में 'अभिज्ञान' शब्द का वास्तविक अर्थ क्या है?
40. 'अभिज्ञायते अनेन इति अभिज्ञानम्' में कौन-सा कृदन्त प्रत्यय लगा है?
41. अभिज्ञानशाकुन्तलम् पर रचित सबसे प्रामाणिक 'अर्थद्योतनिका' टीका के रचयिता कौन हैं?
42. "काव्येषु नाटकं रम्यं तत्र रम्या शकुन्तला" - इस अमर प्रशस्ति में किस ग्रन्थ की श्रेष्ठता प्रतिपादित है?
43. जर्मन महाकवि गेटे (Goethe) ने किस संस्कृत नाटक की प्रशंसा में मन्त्रमुग्ध होकर सिर पर रखकर नृत्य किया था?
44. 'स्रग्धरा' छन्द के प्रत्येक चरण में कुल कितने वर्ण होते हैं?
45. स्रग्धरा छन्द में 'त्रिमुनि यति' के अनुसार कितने-कितने वर्णों पर यति (विराम) होती है?
46. संस्कृत नाटक के प्रारम्भ में देव, द्विज, नृप आदि के मङ्गलार्थ की जाने वाली स्तुति को क्या कहते हैं?
47. नाटक में पात्रों, कथावस्तु एवं अभिनय की प्रस्तावना करने वाले मुख्य प्रबन्धक को क्या कहते हैं?
48. प्रथम अङ्क की प्रस्तावना में नटी ने किस ऋतु का मनोहारी शास्त्रीय गान किया था?
49. "सुभगसलिलावगाहाः पाटलसंसर्गसुरभिवनवाताः..." इस प्रस्तावना-गीत में कौन-सा छन्द है?
50. नटी के मनोहर गान से मुग्ध होकर सूत्रधार ने अपनी दशा की तुलना किससे की?
अभिज्ञानशाकुन्तलम् : 200 वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरी शृंखला (खण्ड-2 : प्रश्न 51-100)
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51. "गच्छति पुरः शरीरं धावति पश्चादसंस्तुतं चेतः। चीनांशुकमिव केतोः प्रतिवातं नीयमानस्य॥" - यहाँ मन की चञ्चलता की तुलना किससे की गई है?
52. "चीनांशुकमिव केतोः..." इस प्रसिद्ध श्लोक में कौन-सा प्रमुख अलंकार है?
53. अभिज्ञानशाकुन्तलम् के द्वितीय अङ्क का प्रारम्भ किस पात्र के एकालाप/प्रवेश से होता है?
54. विदूषक राजा दुष्यन्त के किस दैनिक व्यसन (शौक) से अत्यधिक त्रस्त और क्लान्त हो चुका था?
55. राजा दुष्यन्त के सेनापति का क्या नाम है?
56. सेनापति भद्रसेन ने मृगया (शिकार) का कौन-सा मुख्य शारीरिक व मानसिक लाभ बताया?
57. विदूषक के आग्रह और तपोवन की शान्ति को देखते हुए राजा दुष्यन्त ने सेनापति को क्या आदेश दिया?
58. विदूषक अपने धनुष-जैसे टेढ़े-मेढ़े और थके हुए अङ्गों की तुलना किससे करता है?
59. "चित्रे निवेश्य परिकल्पितसत्त्वयोगा..." श्लोक में राजा ने शकुन्तला के सौन्दर्य को किसकी रचना माना?
60. "अनाघ्रातं पुष्पं किसलयमलूनं कररुहैः..." यह श्लोक किस अङ्क का है?
61. "अनाघ्रातं पुष्पं किसलयमलूनं कररुहैः..." इस श्लोक में कौन-सा छन्द है?
62. 'अनाघ्रातं पुष्पं...' श्लोक में शकुन्तला की पवित्रता और अखण्ड लावण्य हेतु कितने उपमान दिए गए हैं?
63. 'कररुहैः' पद का सही अर्थ क्या है?
64. 'अलूनम्' पद में कौन-सी धातु और प्रत्यय प्रयुक्त है?
65. 'शिखरिणी' छन्द के प्रत्येक चरण में कितने वर्ण होते हैं और यति कहाँ होती है?
66. द्वितीय अङ्क में कण्व-आश्रम से आए दो युवा ऋषिकुमार राजा से क्या प्रार्थना करते हैं?
67. हस्तिनापुर से राजमाता (दुष्यन्त की माता) का सन्देश लेकर कौन-सा सेवक आता है?
68. राजमाता ने दुष्यन्त को किस धार्मिक अनुष्ठान/व्रत की पारणा हेतु राजधानी लौटने का आदेश भेजा था?
69. राजा दुष्यन्त ने स्वयं आश्रम-रक्षा में रुककर माता के पास पुत्र-प्रतिनिधि के रूप में किसे भेजा?
70. विदूषक को विदा करते समय राजा ने शकुन्तला के प्रति अपने अनुराग के विषय में क्या कहा?
71. राजा ने विदूषक से शकुन्तला-विषयक सत्य क्यों छिपाया?
72. द्वितीय अङ्क का नामकरण किस आधार पर समीचीन है?
73. "कृत्ययोर्भिन्नदेशत्वाद् द्वैधीभवति मे मनः" - दुष्यन्त का मन किन दो कर्तव्यों के मध्य विभक्त हो गया था?
74. 'द्वैधीभवति' पद में कौन-सा अभूततद्भाव प्रत्यय लगा है?
75. 'शमप्रधानेषु तपोधनेषु गूढं हि दाहात्मकमस्ति तेजः' - यह सूक्ति किस अङ्क की है?
76. तृतीय अङ्क का आरम्भ किस नाट्य-प्रविधि (अर्थोपक्षेपक) से होता है?
77. विष्कम्भक में कण्व-शिष्य ने राजा दुष्यन्त के आश्रम में आते ही क्या प्रभाव बताया?
78. अभिज्ञानशाकुन्तलम् के तृतीय अङ्क का मुख्य विषय क्या है?
79. तृतीय अङ्क में काम-सन्ताप से व्याकुल शकुन्तला किस स्थान पर विश्राम कर रही थी?
80. सखियाँ शकुन्तला के तीव्र ज्वर और सन्ताप को कम करने हेतु उसके वक्षःस्थल पर क्या लगा रही थीं?
81. सखियों के स्नेहपूर्वक पूछने पर शकुन्तला ने अपनी वास्तविक आन्तरिक व्यथा का क्या कारण बताया?
82. प्रियंवदा ने शकुन्तला को दुष्यन्त के पास अपनी भावनाएँ पहुँचाने हेतु क्या उपाय सुझाया?
83. शकुन्तला ने प्रेम-पत्र किस साधन पर और किससे उकेरा/लिखा?
84. "तव न जाने हृदयं मम पुनः कामो दिवापि रात्रावपि। निर्घृण तपति बलीयस्त्वयि वृत्तमनोरथाया अङ्गानि॥" - यह किसका श्लोक-गीत है?
85. लता-कुञ्ज में छिपा राजा दुष्यन्त किस क्षण शकुन्तला और सखियों के सम्मुख प्रकट हुआ?
86. "तपति तनुगात्रि मदनस्त्वनिशं मां पुनर्दहत्येव..." - दुष्यन्त ने शकुन्तला के सम्मुख आकर अपने सन्ताप को कैसा बताया?
87. अनसूया ने राजा दुष्यन्त से शकुन्तला के भविष्य के विषय में क्या आश्वासन माँगा?
88. "परिग्रहबहुत्वेऽपि द्वे प्रतिष्ठे कुलस्य मे। समुद्रवसना चोर्वी सखी च युवयोरियम्॥" - दुष्यन्त ने अपने कुल की दो प्रतिष्ठाएँ किन्हें बताया?
89. सखियाँ किन बहाने से शकुन्तला और दुष्यन्त को लता-मण्डप में एकान्त छोड़कर चली गईं?
90. राजा दुष्यन्त और शकुन्तला का परिणय किस शास्त्रीय विवाह-पद्धति से सम्पन्न हुआ?
91. गान्धर्व विवाह के औचित्य में दुष्यन्त ने इतिहास से क्या प्रमाण दिया?
92. तृतीय अङ्क के अन्तिम भाग में शकुन्तला के स्वास्थ्य हेतु शान्ति-जल लेकर कौन-सी वृद्धा तापसी आती है?
93. "चक्रवाकवधुके! आमन्त्रयस्व सहचरम्..." - इस सांकेतिक वाक्य से सखियों ने किसे सावधान किया?
94. आर्या गौतमी के लता-मण्डप में प्रवेश करते ही राजा दुष्यन्त कहाँ छिप गए?
95. तृतीय अङ्क के अन्त में नेपथ्य (आकाशवाणी) से किस सायंकालीन उपद्रव की घोषणा होती है?
96. 'उशीर' शब्द का वास्तविक वानस्पतिक/आयुर्वेदिक अर्थ क्या है?
97. 'मदनलेखः' पद में कौन-सा तत्पुरुष समास है?
98. 'कमलिनीदलम्' पद का सही समास-विग्रह क्या होगा?
99. अभिज्ञानशाकुन्तलम् के तृतीय अङ्क में किस रस का सर्वाधिक कमनीय परिपाक हुआ है?
100. "अपराजिता लता" एवं लता-मण्डप के साक्षी में शकुन्तला को दुष्यन्त ने प्रेम-प्रतीक के रूप में क्या प्रदान किया?
अभिज्ञानशाकुन्तलम् : 200 वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरी शृंखला (खण्ड-3 : प्रश्न 101-150)
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101. अभिज्ञानशाकुन्तलम् के चतुर्थ अङ्क का प्रारम्भ किस नाट्य-प्रविधि से होता है?
102. चतुर्थ अङ्क के विष्कम्भक में दोनों सखियाँ आश्रम में किस निमित्त पुष्प चुन रही थीं?
103. तपोवन में महर्षि दुर्वासा का आगमन किस क्षण होता है?
104. "विचिन्तयन्ती यमनन्यमानसा तपोधनं वेत्सि न मामुपस्थितम्..." - दुर्वासा का यह प्रसिद्ध शाप-श्लोक किस छन्द में है?
105. "स्मरिष्यति त्वां न स बोधितोऽपि सन् कथां प्रमत्तः प्रथमं कृतामिव" - इस शाप में दुर्वासा ने विस्मरण की उपमा किससे दी?
106. दुर्वासा ऋषि के प्रचण्ड शाप को आश्रम में प्रत्यक्षतः किसने सुना था?
107. महर्षि दुर्वासा के पैरों में गिरकर शाप को मन्द/शान्त करने की प्रार्थना किसने की थी?
108. दुर्वासा ने शाप-मुक्ति का क्या उपाय (शापान्त) बताया?
109. "को नामोष्णोदकेन नवमालिकां सिञ्चति" - यह प्रसिद्ध कथन किसका है?
110. सखियों ने शाप की बात शकुन्तला से क्यों गुप्त रखी?
111. सोमतीर्थ से लौटने पर महर्षि कण्व को शकुन्तला के गान्धर्व विवाह एवं गर्भ की सूचना किसने दी?
112. "दुष्यन्तेनाहितं तेजो दधानां भूतये भुवः। अवेहि तनयां ब्रह्मन्नग्निगर्भां शमीमिव॥" - यहाँ शकुन्तला की तुलना किससे की गई है?
113. 'अग्निगर्भां शमीमिव' इस आकाशवाणी वाले श्लोक में कौन-सा छन्द है?
114. "यास्यत्यद्य शकुन्तलेति हृदयं संस्पृष्टमुत्कण्ठया..." यह श्लोक-चतुष्टय का कौन-सा श्लोक है?
115. "यास्यत्यद्य शकुन्तलेति हृदयं..." इस श्लोक में प्रयुक्त छन्द कौन-सा है?
116. "पातुं न प्रथमं व्यवस्यति जलं युष्मास्वपीतेषु या..." - इस श्लोक में किसका शकुन्तला के प्रति अगाध स्नेह वर्णित है?
117. "पातुं न प्रथमं व्यवस्यति जलं..." इस द्वितीय प्रसिद्ध श्लोक में कौन-सा छन्द है?
118. शकुन्तला की विदाई के समय तपोवन के वृक्षों ने वन-देवताओं के माध्यम से क्या उपहार प्रकट किए?
119. "उद्गलितदर्भकवला मृग्यः परिनर्तितनर्तना मयूराः। अपसृतपाण्डुपत्रा मुञ्चन्त्यश्रूणीव लताः॥" - यहाँ तपोवन की प्रकृति में कौन-सा अलंकार है?
120. शकुन्तला को पतिगृह (हस्तिनापुर) पहुँचाने के लिए कण्व ने किन दो शिष्यों को साथ भेजा?
121. शिष्यों के साथ आश्रम की कौन-सी संरक्षिका वृद्धा तापसी हस्तिनापुर गई थी?
122. "अस्मान् साधु विचिन्त्य संयमधनानुच्चैः कुलं चात्मनः..." यह श्लोक-चतुष्टय का कौन-सा श्लोक है?
123. "अस्मान् साधु विचिन्त्य..." इस तृतीय श्लोक में कौन-सा छन्द प्रयुक्त है?
124. "शुश्रूषस्व गुरून् कुरु प्रियसखीवृत्तिं सपत्नीजने..." यह श्लोक-चतुष्टय का कौन-सा श्लोक है?
125. "शुश्रूषस्व गुरून्..." इस चतुर्थ उपदेश-श्लोक में कौन-सा छन्द है?
126. कण्व ने शकुन्तला को पतिगृह में अपनी सौतों (सपत्नीजन) के प्रति कैसा व्यवहार करने की शिक्षा दी?
127. "यान्त्येवं गृहिणीपदं युवतयो वामाः कुलस्याधयः" - यहाँ 'वामाः' पद का क्या अर्थ है?
128. 'कुलस्याधयः' में 'आधि' शब्द का सही अर्थ क्या है?
129. "अर्थो हि कन्या परकीय एव तामद्य संप्रेष्य परिग्रहीतुः। जातो ममायं विशदः प्रकामं प्रत्यर्पितन्यास इवान्तरात्मा॥" - यह किस अङ्क का अन्तिम श्लोक है?
130. 'प्रत्यर्पितन्यास इवान्तरात्मा' में कन्या की तुलना किससे की गई है?
131. 'अर्थो हि कन्या परकीय एव...' इस श्लोक में कौन-सा छन्द और अलंकार है?
132. शकुन्तला के पाले हुए किस मृग-शावक (हिरन) ने विदाई के समय उसका आँचल पकड़कर रोका था?
133. शकुन्तला ने दीर्घपाङ्ग नामक मृग के मुख के कुश-घावों पर किस तेल का लेप किया था?
134. "काव्येषु नाटकं रम्यं तत्र रम्या शकुन्तला। तत्रापि च चतुर्थोऽङ्कस्तत्र श्लोकचतुष्टयम्॥" - अभिज्ञानशाकुन्तलम् के चतुर्थ अङ्क में कुल कितने श्लोक हैं?
135. श्लोकचतुष्टय के चारों श्लोकों में से तीन श्लोक किस एक ही छन्द में निबद्ध हैं?
136. अभिज्ञानशाकुन्तलम् के पञ्चम अङ्क का आरम्भ राजप्रासाद में किसके मधुर गायन से होता है?
137. "अभिनवमधुलोलुपस्त्वं तथा परिचुम्ब्य चूतमञ्जरीम्..." - हंसपदिका के इस वीणा-गान में राजा पर क्या आक्षेप है?
138. "रम्याणि वीक्ष्य मधुरांश्च निशम्य शब्दान् पर्युत्सुकीभवति यत्सुखितोऽपि जन्तुः..." - यह श्लोक किस अङ्क का है?
139. 'चेतसा स्मरति नूनमबोधपूर्वं भावस्थिराणि जननान्तरसौहृदानि' - यहाँ कालिदास ने किस दार्शनिक तत्त्व का निरूपण किया?
140. पञ्चम अङ्क में वृद्ध कञ्चुकी वातायन अपनी वेत्रयष्टि (लाठी) को देखकर क्या विचार करता है?
141. कण्व-शिष्यों के आगमन की सूचना पाकर राजा दुष्यन्त ने उनका स्वागत किस पावन स्थान पर कराया?
142. दुर्वासा के शाप के कारण राजा दुष्यन्त के चित्त पर क्या प्रभाव पड़ा था?
143. जब शार्ङ्गरव ने शकुन्तला को पत्नी रूप में ग्रहण करने का प्रस्ताव रखा, तब राजा ने क्या उत्तर दिया?
144. शार्ङ्गरव ने राजा के प्रत्याख्यान पर अत्यधिक क्रुद्ध होकर राजा दुष्यन्त को क्या कहा?
145. राजा को पहचान कराने हेतु आर्या गौतमी ने शकुन्तला का क्या हटाया था?
146. शकुन्तला जब अपनी उँगली से दुष्यन्त की नामाङ्कित मुद्रिका (अँगूठी) दिखाने लगी, तब क्या हुआ?
147. शकुन्तला की मुद्रिका हस्तिनापुर आते समय किस पावन तीर्थ के जल में गिरी थी?
148. "स्त्रीणामशिक्षितपटुत्वममानुषीषु संदृश्यते किमुत याः प्रतिबोधवत्यः..." - यह श्लोक राजा ने किस प्रसङ्ग में कहा?
149. राजा द्वारा पूर्णतः परित्यक्त और अपमानित होकर रोती हुई शकुन्तला को कौन दिव्य ज्योति उठाकर ले गई?
150. अभिज्ञानशाकुन्तलम् के पञ्चम अङ्क का शास्त्रीय नाम क्या है?
अभिज्ञानशाकुन्तलम् : 200 वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरी शृंखला (खण्ड-4 : प्रश्न 151-200)
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151. अभिज्ञानशाकुन्तलम् के षष्ठ अङ्क का प्रारम्भ किस नाट्य-प्रविधि (अर्थोपक्षेपक) से होता है?
152. धीवर (मछुआरे) को राजा दुष्यन्त के नाम से अङ्कित स्वर्ण-मुद्रिका कहाँ से प्राप्त हुई थी?
153. मुद्रिका चुराने के सन्देह में धीवर को बाँधकर लाने वाले दो राज-रक्षकों (पुलिसकर्मियों) के क्या नाम थे?
154. हस्तिनापुर का नगर-रक्षक (कोतवाल / श्यालक) राजा दुष्यन्त का सम्बन्धी रूप में क्या लगता था?
155. धीवर का निवास-स्थान किस तीर्थ/ग्राम में बताया गया है?
156. शचीतीर्थ में खोई हुई मुद्रिका को देखते ही राजा दुष्यन्त की क्या मानसिक स्थिति हुई?
157. राजा दुष्यन्त ने मुद्रिका प्राप्त होने पर धीवर को प्रसन्न होकर क्या दिया?
158. शकुन्तला के विरह और आत्म-ग्लानि के कारण राजा ने राजप्रमोदवन में किस वार्षिक उत्सव पर रोक लगा दी थी?
159. मेनका की कौन-सी सखी अप्सरा 'तिरस्करिणी विद्या' (अदृश्य रहने की शक्ति) से राजा के विरह-विलाप को देख रही थी?
160. विरह-वेदना को कम करने हेतु राजा दुष्यन्त ने किस कला का आश्रय लेकर समय व्यतीत किया?
161. राजा द्वारा निर्मित शकुन्तला के चित्र की पृष्ठभूमि में किन प्राकृतिक दृश्यों का आलेखन था?
162. चित्र में शकुन्तला के मुख के समीप चित्रित भौंरे को राजा ने क्या समझकर डाँटना आरम्भ कर दिया?
163. हस्तिनापुर के किस समृद्ध किन्तु निःसन्तान श्रेष्ठि (व्यापारी) की समुद्र-व्यापार में नौका डूबने से मृत्यु हुई थी?
164. राजा दुष्यन्त ने निःसन्तान धनमित्र की अपार सम्पत्ति के विषय में क्या ऐतिहासिक धर्म-निर्णय दिया?
165. "येन येन वियुज्यन्ते प्रजाः स्निग्धेन बन्धुना। स स पापादृते तासां दुष्यन्त इति घुष्यताम्॥" - इस राजाज्ञा का क्या भावार्थ है?
166. षष्ठ अङ्क के अन्त में राजप्रासाद की छत पर विदूषक माधव्य को किसने अदृश्य होकर पकड़ लिया और चीखने पर विवश किया?
167. मातलि ने विदूषक पर आक्रमण कर राजा को क्षत्रिय-रूप में धनुष उठाने हेतु क्यों विवश किया?
168. देवराज इन्द्र ने मातलि को भेजकर दुष्यन्त को किस असुर-समूह के संहार हेतु स्वर्ग आमन्त्रित किया था?
169. अभिज्ञानशाकुन्तलम् के षष्ठ अङ्क का शास्त्रीय नाम क्या है?
170. सप्तम अङ्क में देवासुर संग्राम में विजय प्राप्त कर राजा दुष्यन्त किसके रथ पर आरूढ़ होकर स्वर्ग से लौटते हैं?
171. स्वर्ग से लौटते समय मार्ग में दुष्यन्त ने किस पावन पर्वत पर उतरने की इच्छा व्यक्त की?
172. हेमकूट पर्वत पर किस परम तेजस्वी प्रजापति ऋषि-दम्पति का पावन तपोवन स्थित था?
173. मारीच-आश्रम में राजा दुष्यन्त ने एक छोटे बालक को किस असाधारण एवं साहसिक क्रीड़ा में देखा?
174. "जृम्भस्व रे सिंह दन्तांस्ते गणयिष्ये" - यह निर्भीक एवं ओजस्वी कथन किस बालक का है?
175. आश्रम में बालक के साथ उपस्थित दो तपस्विनियों (तापसियों) के नाम क्या थे?
176. बालक सर्वदमन को सिंह-शावक को छोड़ने हेतु तापसी ने क्या देने का प्रलोभन दिया?
177. "शकुन्तलावण्यं प्रेक्षस्व" - तापसी के इस वाक्य में 'शकुन्त' (पक्षी/मोर) शब्द से बालक ने क्या समझा?
178. बालक सर्वदमन की कलाई पर रक्षा-सूत्र के रूप में कौन-सी दिव्य ओषधि (रक्षा-करण्डक) बँधी थी?
179. बालक को 'अपराजिता' रक्षा-करण्डक जातकर्म-संस्कार के समय किसने प्रदान किया था?
180. 'अपराजिता' ओषधि का कौन-सा अलौकिक प्रभाव/चमत्कार था?
181. जब बालक के हाथ से गिरी हुई रक्षा-ओषधि को राजा दुष्यन्त ने भूमि से उठाया, तब क्या हुआ?
182. रक्षा-करण्डक के सर्प न बनने के प्रत्यक्ष प्रमाण से तपस्विनियों और दुष्यन्त को क्या निश्चय हुआ?
183. तपस्विनियों द्वारा समस्त आश्रम में सब जीवों का दमन करने के कारण बालक का क्या नाम रखा गया था?
184. सप्तम अङ्क में शकुन्तला किस वेशभूषा में दुष्यन्त के सम्मुख उपस्थित होती है?
185. शकुन्तला को देखते ही राजा दुष्यन्त ने क्या किया?
186. शकुन्तला ने दुष्यन्त के पूर्व-प्रत्याख्यान (त्याग) का मूल कारण किसे माना?
187. भगवान मारीच ने दुष्यन्त और शकुन्तला को उनके वियोग का वास्तविक रहस्य क्या बताया?
188. दुर्वासा-शाप का रहस्य सुनते ही दुष्यन्त के मन से कौन-सा भार उतर गया?
189. भगवान मारीच ने शकुन्तला और दुष्यन्त के सुखद मिलन का शुभ समाचार कण्व के आश्रम पहुँचाने हेतु किसे भेजा?
190. अभिज्ञानशाकुन्तलम् के अन्तिम मङ्गल-श्लोक को नाट्यशास्त्र में क्या कहा जाता है?
191. "प्रवर्ततां प्रकृतिहिताय पार्थिवः सरस्वती श्रुतिमहतां महीयताम्। ममापि च क्षपयतु नीललोहितः पुनर्भवं परिगतशक्तिरात्मभूः॥" - यह भरतवाक्य किस छन्द में है?
192. भरतवाक्य में कालिदास ने अपने मोक्ष हेतु भगवान शिव के किस नाम का स्मरण किया?
193. 'पुनर्भवम्' पद का भरतवाक्य में क्या दार्शनिक अर्थ है?
194. 'नीललोहितः' पद में कौन-सा समास है?
195. 'अपराजिता' पद का सही समास-विग्रह क्या होगा?
196. 'सर्वदमनः' पद का सही व्युत्पत्तिपरक विग्रह क्या है?
197. अभिज्ञानशाकुन्तलम् के सातों अङ्कों में नायिका शकुन्तला किन दो अङ्कों में रङ्गमञ्च पर प्रत्यक्ष उपस्थित नहीं होती?
198. विदूषक माधव्य नाटक के किन अङ्कों में रङ्गमञ्च पर नहीं आता?
199. 'अभिज्ञानशाकुन्तलम्' के सप्तम अङ्क का शास्त्रीय नाम क्या है?
200. अभिज्ञानशाकुन्तलम् के 200 प्रश्नों के समग्र अनुशीलन से कालिदास की नाट्य-कला का क्या सर्वोच्च सन्देश निष्पन्न होता है?
