शिशुपालवधम् : वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरी ( परीक्षा-अभ्यास प्रश्न-पत्र) 500+

चन्द्र देव त्रिपाठी 'अतुल'
0

शिशुपालवधम् : 500 वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरी महामैराथन (खण्ड-1 : प्रश्न 1-100)

UGC NET, UP TGT, PGT, GIC, RPSC, असिस्टेंट प्रोफेसर एवं समस्त संस्कृत प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु

1. महाकवि माघ का जन्मस्थान कहाँ माना जाता है?

(अ) उज्जयिनी (ब) श्रीमाल / भीनमाल (राजस्थान-गुजरात सीमा) (स) काश्मीर (द) विदर्भ

2. महाकवि माघ के पिता एवं पितामह का क्या नाम था?

(अ) श्रीधर एवं दामोदर (ब) दत्तक (सर्वाश्रय) एवं सुप्रभदेव (स) चित्रभानु एवं भट्टगोपाल (द) नीलकण्ठ एवं भट्टमातृदत्त

3. माघ के पितामह सुप्रभदेव किस राजा के सर्वाधिकारी (प्रधानमन्त्री) थे?

(अ) राजा वर्मलात (वर्मलाह) (ब) राजा हर्षवर्द्धन (स) राजा भोज (द) राजा यशोवर्मा

4. माघ के काल-निर्धारण में वसन्तगढ़ शिलालेख (625 ई.) के आधार पर माघ का समय क्या माना जाता है?

(अ) चतुर्थ शताब्दी (ब) सप्तम शताब्दी का उत्तरार्ध (लगभग 675–700 ई.) (स) नवम शताब्दी (द) एकादश शताब्दी

5. महाकवि माघ किस धार्मिक सम्प्रदाय/मत के अनुयायी थे?

(अ) शैव मत (ब) वैष्णव मत (स) शाक्त मत (द) सौर मत

6. 'शिशुपालवधम्' महाकाव्य संस्कृत साहित्य के किस ग्रन्थ-त्रयी में परिगणित होता है?

(अ) लघुत्रयी (ब) बृहत्त्रयी (स) प्रस्थानत्रयी (द) मुनित्रयी

7. शिशुपालवधम् महाकाव्य का मुख्य उपजीव्य (कथानक का मूल स्रोत) क्या है?

(अ) महाभारत का सभापर्व (अध्याय 33–45) (ब) महाभारत का वनपर्व (स) श्रीमद्भागवत दशम स्कन्ध (द) उपर्युक्त (अ) और (स) दोनों

8. शिशुपालवधम् महाकाव्य में कुल कितने सर्ग तथा कुल कितने श्लोक हैं?

(अ) 18 सर्ग एवं 1030 श्लोक (ब) 20 सर्ग एवं 1650 श्लोक (स) 22 सर्ग एवं 2830 श्लोक (द) 17 सर्ग एवं 1096 श्लोक

9. शिशुपालवधम् महाकाव्य का प्रधान (अङ्गी) रस कौन-सा है?

(अ) शृङ्गार रस (ब) वीर रस (युद्धवीर/उत्साह) (स) रौद्र रस (द) करुण रस

10. शिशुपालवधम् का नायक कौन है तथा वह किस कोटि का नायक है?

(अ) युधिष्ठिर (धीरप्रशान्त) (ब) श्रीकृष्ण (धीरोदात्त नायक) (स) बलराम (धीरोद्धत) (द) अर्जुन (धीरोदात्त)

11. शिशुपालवधम् का प्रतिनायक कौन है और वह किस कोटि का पात्र है?

(अ) दुर्योधन (ब) चेदिराज शिशुपाल (धीरोद्धत) (स) जरासन्ध (द) कंस

12. शिशुपालवधम् का प्रारम्भ और प्रत्येक सर्ग का अन्तिम श्लोक क्रमशः किन शब्दों से होता है?

(अ) 'श्रियः' से प्रारम्भ एवं 'श्री' शब्द से अन्त (ब) 'लक्ष्मी' से प्रारम्भ एवं 'श्री' से अन्त (स) 'ॐ' से प्रारम्भ एवं 'शान्ति' से अन्त (द) 'अथ' से प्रारम्भ एवं 'नमः' से अन्त

13. प्रत्येक सर्ग के अन्त में 'श्री' शब्द का प्रयोग होने से शिशुपालवधम् को क्या कहा जाता है?

(अ) लक्ष्मीपदाङ्क काव्य (ब) श्रीपदाङ्क महाकाव्य (स) शिवपदाङ्क काव्य (द) आनन्दपदाङ्क काव्य

14. "माघे सन्ति त्रयो गुणाः" - इस प्रसिद्ध प्रशस्ति के अनुसार माघ में किन तीन कवियों के गुणों का समुच्चय है?

(अ) कालिदास (उपमा), भारवि (अर्थगौरव), दण्डी (पदलालित्य) (ब) भवभूति, बाणभट्ट, श्रीहर्ष (स) व्यास, वाल्मीकि, भास (द) कालिदास, अश्वघोष, शूद्रक

15. "तावद् भा भारवेर्भाति यावन्माघस्य नोदयः" यह उक्ति किस ग्रन्थ/आचार्य की दृष्टि को दर्शाती है?

(अ) माघ के उदय होते ही भारवि का तेज मन्द पड़ गया (ब) भारवि श्रेष्ठ हैं (स) दोनों समान हैं (द) माघ कालिदास से पूर्ववर्ती हैं

16. "नवसर्गगते माघे नवशब्दो न विद्यते" इस उक्ति का क्या अभिप्राय है?

(अ) माघ के 9 सर्ग पढ़ने पर संस्कृत शब्दकोश का कोई नवीन शब्द शेष नहीं रहता (ब) माघ में केवल 9 सर्ग हैं (स) 9वें सर्ग में शब्द कम हैं (द) माघ नवीन कवि नहीं हैं

17. महाकवि माघ को किस श्लोक के आधार पर 'घण्टामाघ' की उपाधि दी गई?

(अ) प्रथम सर्ग के प्रथम श्लोक पर (ब) चतुर्थ सर्ग के 20वें श्लोक (रैवतक पर्वत पर सूर्य-चन्द्रमा के घण्टा-सादृश्य) पर (स) 15वें सर्ग के श्लोक पर (द) 20वें सर्ग के अन्तिम श्लोक पर

18. 'उदयति विततोर्ध्वरश्मिरज्जावहिमरुचौ...' श्लोक में रैवतक पर्वत की तुलना किससे की गई है?

(अ) दोनों ओर लटकते सुवर्ण एवं रजत घण्टों वाले ऐरावत गजराज से (ब) मन्दराचल से (स) समुद्र से (द) रथ से

19. शिशुपालवधम् के प्रथम सर्ग का प्रारम्भ किस श्लोक से होता है?

(अ) 'श्रियः कुरुणामधिपस्य पालनीम्' (ब) 'श्रियः पतिः श्रीमति शासितुं जगज्जगन्निवासो वसुदेवसद्मनि' (स) 'अस्त्युत्तरस्यां दिशि देवतात्मा' (द) 'कश्चित्कान्ताविरहगुरुणा'

20. शिशुपालवधम् का मङ्गलाचरण किस कोटि का है?

(अ) आशीर्वादात्मक (ब) वस्तुनिर्देशात्मक मङ्गलाचरण (स) नमस्करणात्मक (द) मिश्रित

21. 'श्रियः पतिः श्रीमति शासितुं जगत्' - यहाँ 'श्रियः पतिः' पद से किसका बोध होता है?

(अ) महादेव शिव का (ब) भगवान विष्णु / श्रीकृष्ण का (स) देवराज इन्द्र का (द) ब्रह्मा जी का

22. प्रथम सर्ग में आकाश-मार्ग से श्रीकृष्ण के प्रासाद (द्वारका) में किसका अवतरण होता है?

(अ) देवर्षि नारद का (ब) महर्षि दुर्वासा का (स) महर्षि व्यास का (द) गरुड़ का

23. "गतं तिरश्चीनमनूरुसारथेः..." इस श्लोक में आकाश से उतरते हुए नारद को प्रारम्भ में क्या समझा गया?

(अ) केवल प्रकाश-पुञ्ज (तेज-पिण्ड) (ब) मेघ (स) पक्षी (द) तारा

24. 'अनूरुसारथेः' पद का क्या अर्थ है?

(अ) चन्द्रमा (ब) सूर्य (जिसका सारथि 'अनूरु' अर्थात् जंघारहित अरुण है) (स) अग्नि (द) वायु

25. देवर्षि नारद की वीणा का क्या नाम शिशुपालवधम् में वर्णित है?

(अ) वासवदत्ता (ब) महती (स) विपञ्ची (द) कादम्बरी

26. प्रथम सर्ग में देवर्षि नारद श्रीकृष्ण के पास किसका सन्देश लेकर आए थे?

(अ) देवराज इन्द्र का (ब) ब्रह्मा जी का (स) युधिष्ठिर का (द) वसुदेव का

27. देवराज इन्द्र ने नारद के माध्यम से श्रीकृष्ण को क्या करने का अनुरोध भेजा था?

(अ) द्वारका छोड़ने का (ब) अत्याचारी चेदिराज शिशुपाल का अविलम्ब वध करने का (स) यज्ञ करने का (द) सन्धि करने का

28. शिशुपाल पूर्वजन्मों में क्रमशः किन दो महा-असुरों के रूप में उत्पन्न हुआ था?

(अ) महिषासुर और शुम्भ (ब) हिरण्यकशिपु (सत्ययुग) एवं रावण (त्रेतायुग) (स) वृत्रासुर एवं बाणासुर (द) कंस एवं बकासुर

29. शिशुपालवधम् के प्रथम सर्ग में कुल कितने श्लोक हैं?

(अ) 46 श्लोक (ब) 75 श्लोक (स) 76 श्लोक (द) 80 श्लोक

30. प्रथम सर्ग के श्लोक संख्या 1 से 74 तक किस छन्द का प्रयोग हुआ है?

(अ) उपजाति (ब) वंशस्थ छन्द (स) अनुष्टुप् (द) द्रुतविलम्बित

31. प्रथम सर्ग के 75वें तथा 76वें श्लोक में क्रमशः कौन-से छन्द हैं?

(अ) पुष्पिताग्रा एवं शार्दूलविक्रीडित (ब) मालिनी एवं मन्दाक्रान्ता (स) वसन्ततिलका एवं स्रग्धरा (द) वंशस्थ एवं उपजाति

32. शिशुपालवधम् के द्वितीय सर्ग का मुख्य विषय क्या है?

(अ) सेना-प्रयाण (ब) श्रीकृष्ण, बलराम एवं उद्धव की मन्त्रणा (राजनीतिक विचार-विमर्श) (स) रैवतक वर्णन (द) युद्ध

33. द्वितीय सर्ग में बलराम ने शिशुपाल के प्रति किस नीति का समर्थन किया?

(अ) शान्ति एवं सन्धि का (ब) उत्साह, प्रत्यक्ष आक्रमण एवं तत्काल युद्ध का (स) पलायन का (द) उदासीनता का

34. द्वितीय सर्ग में मन्त्री-शिरोमणि उद्धव ने श्रीकृष्ण को क्या नीतिपूर्ण सम्मति दी?

(अ) पहले युधिष्ठिर के राजसूय यज्ञ में सम्मिलित होना, फिर अवसर पाकर शिशुपाल का वध (ब) युद्ध न करना (स) क्षमा कर देना (द) इन्द्र को युद्ध सौंपना

35. "त्रयी सांख्यं योगः..." यह श्लोक किस सर्ग में तीनों पात्रों की बौद्धिक मन्त्रणा का आधार बनता है?

(अ) प्रथम सर्ग (ब) द्वितीय सर्ग (स) तृतीय सर्ग (द) चतुर्थ सर्ग

36. शिशुपालवधम् के द्वितीय सर्ग में कुल कितने श्लोक हैं?

(अ) 100 श्लोक (ब) 118 श्लोक (स) 120 श्लोक (द) 140 श्लोक

37. द्वितीय सर्ग में मुख्य रूप से किस छन्द का प्रयोग किया गया है?

(अ) वंशस्थ (ब) अनुष्टुप् (श्लोक छन्द) (स) उपजाति (द) वसन्ततिलका

38. शिशुपालवधम् के तृतीय सर्ग में किसका मनोहारी वर्णन है?

(अ) द्वारका से श्रीकृष्ण की सेना का इन्द्रप्रस्थ हेतु प्रस्थान (सेना-प्रयाण) (ब) जलक्रीड़ा (स) युद्ध (द) दूत-संवाद

39. शिशुपालवधम् के चतुर्थ सर्ग में किस पर्वत की प्राकृतिक सुषमा का विस्तृत वर्णन है?

(अ) हिमालय (ब) रैवतक पर्वत (गिरनार पर्वत) (स) इन्द्रकील (द) विन्ध्याचल

40. पञ्चम सर्ग में रैवतक पर्वत की तलहटी में किसका वर्णन किया गया है?

(अ) सेना के शिविर-सन्निवेश (तम्बू लगाने) का (ब) युद्ध का (स) सन्धि का (द) यज्ञ का

41. षष्ठ सर्ग में महाकवि माघ ने एक ही साथ किस अद्भुत विषय का सांगोपांग वर्णन किया है?

(अ) षड्ऋतु (छहों ऋतुओं) का एक साथ वर्णन (ब) अष्टदिग्पालों का (स) नवग्रहों का (द) दसों अवतारों का

42. सप्तम एवं अष्टम सर्ग में क्रमशः किन ललित क्रीड़ाओं का शृङ्गारिक वर्णन है?

(अ) आखेट एवं युद्ध (ब) वनविहार (पुष्प-चयन) एवं जलक्रीड़ा (स) द्यूत एवं मल्लविद्या (द) अश्व-सवारी

43. नवम एवं दशम सर्ग में महाकवि माघ ने किसका शास्त्रीय वर्णन प्रस्तुत किया है?

(अ) सूर्यास्त, चन्द्रोदय, अन्धकार तथा पानगोष्ठी (सुरतान्त विलास) (ब) केवल युद्ध (स) यज्ञ-मण्डप (द) राजनीति

44. एकादश (11वें) सर्ग में किस वेला का अत्यन्त प्रामाणिक एवं सरस वर्णन है?

(अ) प्रभात-वर्णन (सूर्योदय एवं प्रातःकालीन जागरण) (ब) सन्ध्या-वर्णन (स) मध्यरात्रि (द) दोपहर

45. द्वादश एवं त्रयोदश सर्ग में क्रमशः क्या वर्णित है?

(अ) यमुना नदी पार करना एवं श्रीकृष्ण का इन्द्रप्रस्थ में भव्य प्रवेश (ब) युद्ध (स) शिशुपाल का जन्म (द) नारद की विदाई

46. चतुर्दश (14वें) सर्ग में युधिष्ठिर के राजसूय यज्ञ में श्रीकृष्ण की 'अग्रपूजा' का प्रस्ताव किसने रखा?

(अ) पितामह भीष्म ने (ब) आचार्य द्रोण ने (स) कृपाचार्य ने (द) सहदेव ने

47. पञ्चदश (15वें) सर्ग में श्रीकृष्ण की अग्रपूजा देखकर कौन अत्यधिक क्रुद्ध होकर सभा छोड़ देता है?

(अ) दुर्योधन (ब) चेदिराज शिशुपाल (स) कर्ण (द) शकुनि

48. षोडश (16वें) सर्ग में शिशुपाल का दूत श्रीकृष्ण की सभा में आकर किस प्रकार का भाषण देता है?

(अ) द्वयर्थक (श्लेषपूर्ण) एवं दर्पोक्तियुक्त ओजस्वी भाषण (ब) याचनापूर्ण (स) दीन भाषण (द) मूक रहता है

49. सप्तदश एवं अष्टादश सर्ग में किन घटनाओं का वर्णन है?

(अ) यादव सेना और चेदि सेना की युद्ध-सज्जा तथा घोर तुमुल युद्ध (ब) सन्धि-वार्ता (स) वनगमन (द) विश्राम

50. शिशुपालवधम् के एकोनविंश (19वें) सर्ग की सबसे बड़ी काव्यशास्त्रीय विशेषता क्या है?

(अ) चित्रकाव्य (सर्वतोभद्र, चक्रबन्ध, गोमूत्रिका, एकाक्षर, द्व्यक्षर आदि) का अद्भुत प्रदर्शन (ब) केवल प्राकृत भाषा (स) केवल गद्य (द) अपभ्रंश

51. विंश (20वें) सर्ग में श्रीकृष्ण ने किस अस्त्र द्वारा शिशुपाल का मस्तक काट दिया?

(अ) पाशुपतास्त्र (ब) सुदर्शन चक्र (स) कौमोदकी गदा (द) शार्ङ्ग धनुष

52. शिशुपाल के वध के उपरान्त उसके शरीर से निकला दिव्य तेज किसमें विलीन हो गया?

(अ) सूर्यमण्डल में (ब) भगवान श्रीकृष्ण के विग्रह में (स) पाताल में (द) अग्नि में

53. शिशुपालवधम् पर मल्लिनाथ द्वारा लिखी गई विश्वविख्यात टीका का क्या नाम है?

(अ) सञ्जीवनी (ब) सर्वङ्कषा टीका (स) घण्टापथ (द) जीवातू

54. 'मेघे माघे गतं वयः' इस लोकोक्ति में 'मेघे' और 'माघे' से किन ग्रन्थों का बोध होता है?

(अ) मेघदूतम् एवं शिशुपालवधम् (माघ काव्य) (ब) मेघनादवध एवं माघ मेला (स) रघुवंश एवं माघ (द) किरात एवं माघ

55. 'श्रियः पतिः' पद में कौन-सा समास है?

(अ) षष्ठी तत्पुरुष (श्रियः पतिः) (ब) कर्मधारय (स) बहुव्रीहि (द) द्वन्द्व

56. 'श्रीमति' पद में किस विभक्ति और वचन का प्रयोग हुआ है?

(अ) प्रथमा, एकवचन (ब) सप्तमी, एकवचन (श्रीमत् शब्द) (स) तृतीया, एकवचन (द) पञ्चमी, एकवचन

57. 'शासितुम्' पद में कौन-सी धातु और प्रत्यय है?

(अ) शास् + तुमुन् (ब) शस् + तुमुन् (स) शंस् + तुमुन् (द) शिष् + तुमुन्

58. 'जगन्निवासः' पद का सही समास-विग्रह क्या होगा?

(अ) जगति निवासः यस्य सः (बहुव्रीहि) (ब) जगतः निवासः (तत्पुरुष) (स) जगत् च निवासः (द) जगता निवासः

59. 'वसुदेवसद्मनि' में 'सद्मनि' पद का क्या अर्थ है?

(अ) रथ में (ब) गृह / भवन में (सद्मन् शब्द, सप्तमी एकवचन) (स) युद्ध में (द) वन में

60. 'ददर्श' क्रियापद किस लकार, पुरुष और वचन का रूप है?

(अ) लट् लकार, प्रथम पुरुष (ब) लिट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन (दृश् धातु) (स) लङ् लकार, मध्यम पुरुष (द) लोट् लकार

61. "अतितरां दधतं शुभ्रताम्..." नारद के गौर-वर्ण शरीर की उपमा माघ ने किससे दी है?

(अ) कैलाश पर्वत एवं पूर्णिमा के चन्द्रमा से (ब) कज्जल से (स) स्वर्ण से (द) ताम्र से

62. नारद के कंधे पर लटकते काले मृगचर्म की तुलना किससे की गई है?

(अ) बिजली से युक्त मेघ से (ब) बलराम के हल से (स) शिव के कण्ठ से (द) रात्रि से

63. 'विहंगराजाङ्गरुहैः' पद में 'विहंगराज' शब्द से किसका बोध होता है?

(अ) हंस का (ब) गरुड़ का (पक्षियों के राजा) (स) मयूर का (द) काक का

64. 'पिनाकिनः' पद में कौन-सा प्रातिपदिक (मूल शब्द) और प्रत्यय है?

(अ) पिनाक + इनि (पिनाकिन् = शिव) (ब) पिनाक + मतुप् (स) पिनाक + अण् (द) पिनाक + तल्

65. 'उदपादि' क्रियापद में कौन-सा लकार है?

(अ) लट् लकार (ब) लुङ् लकार (कर्मवाच्य/भाववाच्य) (स) लङ् लकार (द) लिट् लकार

66. नारद जी के हाथ में शोभित वीणा की झंकार को माघ ने किस साम-गान के तुल्य कहा है?

(अ) श्रुति-सम्मत स्वर-मण्डल एवं सामवेद की ऋचाओं के (ब) मन्त्र-पाठ (स) स्तुति (द) गान्धर्व गान

67. श्रीकृष्ण ने नारद जी का स्वागत करते हुए पाद्य-अर्घ्य के साथ क्या अर्पित किया?

(अ) सुवर्ण-सिंहासन एवं मधुपर्क (ब) केवल जल (स) फल मात्र (द) वस्त्र

68. "क्रियापवित्रं नृपतेस्तवाध्वरम्..." नारद ने श्रीकृष्ण की उपस्थिति को किस प्रकार का बताया?

(अ) समस्त पापों और अज्ञान को हरने वाला साक्षात् पावन तीर्थ (ब) सामान्य राजा जैसा (स) भयप्रद (द) आश्चर्यजनक

69. 'अविप्लवाय' पद में कौन-सी विभक्ति और किस सूत्र से हुई है?

(अ) चतुर्थी विभक्ति (तादर्थ्ये चतुर्थी वाच्या) (ब) तृतीया (स) पञ्चमी (द) षष्ठी

70. "निसर्गसंस्कारविनीत इत्यसौ..." यहाँ श्रीकृष्ण के किस स्वभाव की प्रशंसा नारद करते हैं?

(अ) जन्मजात विनय एवं मर्यादा-पालन की (ब) युद्ध-प्रियता की (स) मौन की (द) रूप-सौन्दर्य की

71. हिरण्यकशिपु के रूप में शिशुपाल ने देवताओं से क्या छीन लिया था?

(अ) यज्ञ-भाग एवं त्रैलोक्य का आधिपत्य (ब) स्वर्ग का धन (स) अमृत कलश (द) कामधेनु

72. हिरण्यकशिपु का वध भगवान ने किस अवतार में किया था?

(अ) वराहावतार (ब) नृसिंहावतार (स) वामनावतार (द) मत्स्यावतार

73. रावण के रूप में शिशुपाल ने किस पर्वत को अपनी भुजाओं से हिला दिया था?

(अ) विन्ध्याचल (ब) कैलास पर्वत (स) मन्दराचल (द) मैनाक

74. "दशमुखेन विजित्य जगत्त्रयम्..." यहाँ 'दशमुख' पद किसके लिए आया है?

(अ) रावण के लिए (ब) कुम्भकर्ण के लिए (स) मेघनाद के लिए (द) विभीषण के लिए

75. रावण का संहार करने हेतु भगवान विष्णु ने किस रूप में अवतार लिया था?

(अ) परशुराम (ब) श्रीरामचन्द्र (स) बलराम (द) बुद्ध

76. द्वापर युग में वही दुष्ट आत्मा किस राजा के पुत्र रूप में 'शिशुपाल' बनी?

(अ) मगधराज जरासन्ध के (ब) चेदिराज दमघोष के (स) शूरसेन के (द) उग्रसेन के

77. शिशुपाल की माता (श्रुतश्रवा) का भगवान श्रीकृष्ण से क्या सम्बन्ध था?

(अ) मौसी (ब) बुआ (पितृष्वसा) (स) मामी (द) बहन

78. श्रीकृष्ण ने अपनी बुआ को शिशुपाल के कितने अपराध क्षमा करने का वचन दिया था?

(अ) पचास अपराध (ब) एक सौ (100) अपराध (स) एक सहस्र अपराध (द) अनन्त

79. "उपेक्षकः शत्रुमुपेक्षते यः स सीदति..." इस सूक्ति का क्या भावार्थ है?

(अ) जो बढ़ते हुए शत्रु की उपेक्षा करता है, वह रोग की उपेक्षा करने वाले के समान नष्ट हो जाता है (ब) शत्रु मित्र बन जाता है (स) उपेक्षा उत्तम है (द) युद्ध नहीं करना चाहिए

80. 'चेदिपति' / 'चैद्य' पद किरातार्जुनीयम् और शिशुपालवधम् में किसके लिए आता है?

(अ) दुर्योधन (ब) शिशुपाल (चेदि देश का राजा) (स) कर्ण (द) द्रोण

81. नारद जी के प्रस्थान के उपरान्त श्रीकृष्ण ने मन्त्रणा हेतु किसे-किसे एकान्त में बुलाया?

(अ) अर्जुन और युधिष्ठिर को (ब) बड़े भाई बलराम एवं मन्त्री उद्धव को (स) अक्रूर और सात्यकि को (द) प्रद्युम्न को

82. द्वितीय सर्ग में बलराम का वक्तव्य राजनीति के किस रूप का प्रतिनिधित्व करता है?

(अ) मन्द नीति (ब) क्षात्र-तेज, प्रत्यक्ष बल-प्रयोग एवं उग्र आक्रमण-नीति (स) कूटनीति (द) सन्धि-वार्ता

83. द्वितीय सर्ग में उद्धव का सम्भाषण राजनीति के किस सिद्धान्त को प्रतिपादित करता है?

(अ) अविवेकपूर्ण युद्ध (ब) कौटिलीय कूटनीति, समय-ज्ञान, षड्गुण-प्रयोग एवं धैर्यपूर्ण विजय (स) कायरता (द) पलायन

84. "अनुत्सूत्रपदन्यासा सद्वृत्तिः सन्निबन्धना..." इस श्लोक में माघ ने राजनीति की तुलना किससे की है?

(अ) व्याकरण शास्त्र (पाणिनीय व्याकरण) से (ब) आयुर्वेद से (स) ज्योतिष से (द) संगीत से

85. 'सद्वृत्तिः' पद में कौन-से दो अर्थ श्लेष द्वारा व्यक्त हुए हैं?

(अ) अच्छा आचरण (राजनीति में) एवं काशिका आदि उत्तम वृत्ति (व्याकरण में) (ब) व्यापार और कृषि (स) राजा और मन्त्री (द) सत्य और असत्य

86. 'अनुत्सूत्रपदन्यासा' का व्याकरण एवं राजनीति में क्या अर्थ है?

(अ) सूत्र के विरुद्ध न होना (व्याकरण) एवं नीति-शास्त्र के अनुकूल पाद-विक्षेप (राजनीति) (ब) धागा न टूटना (स) अस्त्र न छोड़ना (द) नियम तोड़ना

87. "आत्मोदयः परज्यानिर्द्वयं नीतिरपीयसी..." यह अमर नीति-सूक्ति किस कवि की रचना है?

(अ) भारवि (ब) महाकवि माघ (शिशुपालवधम्, द्वितीय सर्ग) (स) कालिदास (द) श्रीहर्ष

88. 'आत्मोदयः परज्यानिः' का क्या अर्थ है?

(अ) अपना अभ्युदय (उन्नति) और शत्रु की हानि (विनाश) ही संक्षेप में सम्पूर्ण राजनीति है (ब) आत्म-बलिदान (स) केवल धन-लाभ (द) शत्रु से सन्धि

89. उद्धव के अनुसार युधिष्ठिर के राजसूय यज्ञ में जाने से किस दोहरे उद्देश्य की सिद्धि होती थी?

(अ) पाण्डवों का सत्कार और शिशुपाल का समस्त राजाओं के समक्ष वध का नैतिक आधार (ब) केवल भोजन (स) केवल भ्रमण (द) युद्ध टालना

90. माघ के काव्य में किस पाञ्चाली/वैदर्भी/गौड़ी रीति का अद्भुत सम्मिश्रण मिलता है?

(अ) केवल लाटी (ब) वैदर्भी और गौड़ी का उत्कृष्ट समन्वित रूप (स) केवल गौड़ी (द) केवल वैदर्भी

91. शिशुपालवधम् के तृतीय सर्ग में द्वारका नगरी की उपमा किससे दी गई है?

(अ) अमरावती (स्वर्गपुरी) से (ब) अलकापुरी से (स) लङ्का से (द) पाताल से

92. रैवतक पर्वत पर निवास करने वाले सिद्धों, गन्धर्वों एवं गुफाओं का वर्णन किस सर्ग का मुख्य आकर्षण है?

(अ) द्वितीय सर्ग (ब) चतुर्थ सर्ग (स) दशम सर्ग (द) द्वादश सर्ग

93. "सर्वङ्कषा" टीका के टीकाकार मल्लिनाथ ने माघ के पाण्डित्य के बारे में क्या उद्घोष किया?

(अ) माघ केवल कवि हैं (ब) माघ व्याकरण, कोश, छन्द, अलंकार, दर्शन एवं राजनीति के अद्वितीय पण्डित हैं (स) माघ दुरूह हैं (द) माघ कालिदास के अनुकरणकर्ता हैं

94. 'शिशुपालवधम्' शब्द का सही विग्रह क्या होगा?

(अ) शिशुपालस्य वधः (षष्ठी तत्पुरुष), तम् अधिकृत्य कृतं महाकाव्यम् (ब) शिशुपालं वधति (स) शिशुपालेन वधः (द) शिशुपाले वधः

95. माघ ने अपने ग्रन्थ के 19वें सर्ग में किस बन्ध में केवल 'दकार' वर्ण से ही पूरा श्लोक रच दिया?

(अ) 'दददो दुद्ददुद्दादी...' (एकाक्षरी श्लोक - केवल 'द' वर्ण) (ब) 'न नोननुन्नो...' (स) 'कः काको...' (द) 'भासते...'

96. 'दददो दुद्ददुद्दादी दाददो दुददीददोः' यह चमत्कारिक एकाक्षर श्लोक किस कवि की रचना है?

(अ) भारवि (ब) महाकवि माघ (शिशुपालवधम्, 19वाँ सर्ग) (स) श्रीहर्ष (द) दण्डी

97. 'शिशुपालवधम्' के प्रथम सर्ग का अन्तिम श्लोक 'दधतमथ नभः...' किस छन्द में निबद्ध है?

(अ) शार्दूलविक्रीडित छन्द (ब) मन्दाक्रान्ता (स) स्रग्धरा (द) मालिनी

98. शिशुपालवधम् में किस देवता की सर्वातिशायी स्तुति और परब्रह्म रूप में प्रतिष्ठा की गई है?

(अ) भगवान शिव (ब) सर्वेश्वर भगवान श्रीकृष्ण (विष्णु) (स) ब्रह्मा (द) इन्द्र

99. 'उपमा कालिदासस्य भारवेरर्थगौरवम्। दण्डिनः पदलालित्यं माघे सन्ति त्रयो गुणाः॥' इस श्लोक के अनुसार माघ का संस्कृत साहित्य में क्या स्थान है?

(अ) मध्यम (ब) उपमा, अर्थगौरव एवं पदलालित्य तीनों के समन्वित सर्वश्रेष्ठ महाकवि (स) केवल अलंकारवादी (द) केवल पदलालित्य

100. शिशुपालवधम् महाकाव्य के अध्ययन से किस मुख्य शास्त्रीय सिद्धान्त की पुष्टि होती है?

(अ) अधर्म और अहंकार का अन्ततः सर्वनाश होता है तथा नीति-युक्त धर्म की विजय होती है (ब) अधर्म सदा विजयी रहता है (स) केवल भाग्य काम करता है (द) विद्या व्यर्थ है
✦ उत्तरमाला (Answer Key : प्रश्न 1 से 100) ✦
1-(ब) 2-(ब) 3-(अ) 4-(ब) 5-(ब) 6-(ब) 7-(द) 8-(ब) 9-(ब) 10-(ब) 11-(ब) 12-(अ) 13-(ब) 14-(अ) 15-(अ) 16-(अ) 17-(ब) 18-(अ) 19-(ब) 20-(ब) 21-(ब) 22-(अ) 23-(अ) 24-(ब) 25-(ब) 26-(अ) 27-(ब) 28-(ब) 29-(स) 30-(ब) 31-(अ) 32-(ब) 33-(ब) 34-(अ) 35-(ब) 36-(ब) 37-(ब) 38-(अ) 39-(ब) 40-(अ) 41-(अ) 42-(ब) 43-(अ) 44-(अ) 45-(अ) 46-(अ) 47-(ब) 48-(अ) 49-(अ) 50-(अ) 51-(ब) 52-(ब) 53-(ब) 54-(अ) 55-(अ) 56-(ब) 57-(अ) 58-(अ) 59-(ब) 60-(ब) 61-(अ) 62-(अ) 63-(ब) 64-(अ) 65-(ब) 66-(अ) 67-(अ) 68-(अ) 69-(अ) 70-(अ) 71-(अ) 72-(ब) 73-(ब) 74-(अ) 75-(ब) 76-(ब) 77-(ब) 78-(ब) 79-(अ) 80-(ब) 81-(ब) 82-(ब) 83-(ब) 84-(अ) 85-(अ) 86-(अ) 87-(ब) 88-(अ) 89-(अ) 90-(ब) 91-(अ) 92-(ब) 93-(ब) 94-(अ) 95-(अ) 96-(ब) 97-(अ) 98-(ब) 99-(ब) 100-(अ)

शिशुपालवधम् : 500 वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरी महामैराथन (खण्ड-2 : प्रश्न 101-200)

UGC NET, UP TGT, PGT, GIC, RPSC, असिस्टेंट प्रोफेसर एवं समस्त संस्कृत प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु

101. 'श्रियः पतिः श्रीमति शासितुं जगत्' में 'श्रीमति' पद किसका विशेषण है?

(अ) पतिः का (ब) वसुदेवसद्मनि (सद्मन्/गृह) का (स) जगत् का (द) श्रियः का

102. 'जगन्निवासो वसुदेवसद्मनि' में 'सद्मन्' शब्द किस लिङ्ग का रूप है?

(अ) पुँल्लिङ्ग (ब) नपुंसकलिंग (सद्मन् शब्द, सप्तमी एकवचन) (स) स्त्रीलिङ्ग (द) अव्यय

103. 'अवतरन्तमम्बरात्' पद में 'अवतरन्तम्' में कौन-सा कृदन्त प्रत्यय लगा है?

(अ) अव + तृ + शानच् (ब) अव + तृ + शतृ (द्वितीया एकवचन) (स) अव + तृ + क्त (द) अव + तृ + तुमुन्

104. 'चयस्त्विषामित्यवधारितं पुरा ततः शरीरीति विभावितार्चिषम्...' में आकाश से उतरते नारद को सर्वप्रथम क्या समझा गया?

(अ) कोई शरीरधारी मनुष्य (ब) केवल तेज का पुञ्ज / प्रकाश-पिण्ड (चयस्त्विषाम्) (स) देवर्षि नारद (द) मेघ

105. 'विभक्त्यवयवं पुमानिति क्रमादमुं नारद इत्यबोधि सः' - इस श्लोक में वस्तु के क्रमशः स्पष्ट होने में कौन-सा अलंकार है?

(अ) सन्देह अलंकार (उल्लेख/संसृष्टि युक्त) (ब) रूपक (स) उत्प्रेक्षा (द) अपह्नुति

106. 'इत्यबोधि' क्रियापद में कौन-सा लकार, वाच्य और पद है?

(अ) लट् लकार, कर्तृवाच्य (ब) लुङ् लकार, कर्मवाच्य (बुध् + चिण् + त, प्रथम पुरुष एकवचन) (स) लङ् लकार, भाववाच्य (द) लोट् लकार

107. 'गतं तिरश्चीनमनूरुसारथेः' - सूर्य का रथ आकाश में कैसा संचरण करता है?

(अ) सीधा नीचे की ओर (ब) तिरछा / क्षितिज के समानान्तर (तिरश्चीनम्) (स) ऊपर की ओर (द) वक्र गति से

108. नारद जी का आकाश से नीचे उतरना सूर्य से किस प्रकार भिन्न था?

(अ) वे तिरछे आ रहे थे (ब) वे सीधे नीचे की ओर (अधोमुख) उतर रहे थे (स) वे स्थिर थे (द) वे वायु में उड़ रहे थे

109. 'जटाकलापेन' पद का सही समास-विग्रह क्या होगा?

(अ) जटानां कलापः तेन (षष्ठी तत्पुरुष) (ब) जटासु कलापः (स) जटायै कलापः (द) बहुव्रीहि

110. नारद की पिंगल (पीली/स्वर्णिम) जटाओं और श्वेत शरीर का संयोग किसकी याद दिलाता है?

(अ) अग्नि और धुएँ का (ब) विद्युत से युक्त श्वेत मेघ एवं कैलास पर्वत पर सुवर्ण का (स) कमल का (द) बालू का

111. 'रणद्भिराधट्टनया नभस्वतो...' - नारद की वीणा की तन्त्रियाँ किसके स्पर्श से स्वतः बज रही थीं?

(अ) अङ्गुली से (ब) मन्द-सुगन्धित पवन (नभस्वान् / वायु) के झोंकों से (स) दण्ड से (द) मन्त्र-शक्ति से

112. 'नभस्वतः' पद का सही अर्थ क्या है?

(अ) आकाश का (ब) पवन / वायु का (नभस्वत् शब्द, पञ्चमी/षष्ठी एकवचन) (स) मेघ का (द) सूर्य का

113. 'गतस्पृहोऽप्यायतिसंभवाय' - जो मुनि स्वयं निष्काम (गतस्पृह) हैं, वे किसके लिए उद्योग करते हैं?

(अ) धन-संग्रह के लिए (ब) जगत् के भावी कल्याण एवं धर्म की रक्षा (आयतिसंभव) हेतु (स) यश के लिए (द) मोक्ष के लिए

114. श्रीकृष्ण ने नारद के आगमन को किस तीर्थ के समान परम पावन बताया?

(अ) गङ्गा आदि समस्त तीर्थों के दर्शन-स्नान के फलतुल्य (ब) पुष्कर तीर्थ (स) कुरुक्षेत्र (द) प्रयाग

115. हिरण्यकशिपु ने सत्ययुग में किस देव से वरदान पाकर त्रिलोकी पर अत्याचार किया था?

(अ) महादेव शिव से (ब) पितामह ब्रह्मा जी से (स) इन्द्र से (द) विष्णु से

116. भगवान नृसिंह ने हिरण्यकशिपु का वध किस स्थान पर किया था?

(अ) युद्धभूमि में (ब) राजभवन की देहलीज (चौखट) पर सन्ध्याकाल में (स) जल में (द) आकाश में

117. रावण ने त्रेतायुग में अपनी बीसों भुजाओं के बल से किस पर्वत को कम्पायमान कर दिया था?

(अ) मन्दराचल (ब) कैलास पर्वत को (स) चित्रकूट को (द) गन्धमादन को

118. शिशुपाल के जन्म के समय उसके शरीर में कौन-सी विचित्र विकृतियाँ थीं?

(अ) वह मूक था (ब) उसके चार हाथ और ललाट पर तीसरा नेत्र था (स) उसके दो मुख थे (द) उसके तीन पैर थे

119. शिशुपाल के अतिरिक्त दो हाथ और तीसरा नेत्र किसकी गोद में जाते ही अदृश्य हो गए थे?

(अ) बलराम की (ब) बालक श्रीकृष्ण की गोद में (स) वसुदेव की (द) भीष्म की

120. श्रीकृष्ण ने अपनी बुआ श्रुतश्रवा को शिशुपाल के कितने अपराध क्षमा करने की प्रतिज्ञा दी थी?

(अ) 50 अपराध (ब) 100 अपराध (शतं व्यलीकानि) (स) 1000 अपराध (द) अनन्त

121. द्वितीय सर्ग में श्रीकृष्ण ने बलराम और उद्धव के सम्मुख कौन-सा दोहरा संकट (धर्मसंकट) प्रस्तुत किया?

(अ) युधिष्ठिर के राजसूय यज्ञ में जाना अथवा इन्द्र के अनुरोध पर शिशुपाल पर सीधा आक्रमण करना (ब) युद्ध करना अथवा वन जाना (स) द्वारका छोड़ना अथवा रहना (द) सन्धि अथवा आत्मसमर्पण

122. द्वितीय सर्ग में बलराम के ओजस्वी भाषण का मुख्य निष्कर्ष क्या था?

(अ) क्षमा करना (ब) शिशुपाल पर अविलम्ब चढ़ाई करके उसका समूल विनाश करना (स) दूत भेजना (द) यज्ञ में जाना

123. बलराम के अनुसार जो राजा शत्रु के बढ़ते हुए अपराधों को सहता है, उसकी क्या दशा होती है?

(अ) वह पूज्य बनता है (ब) शत्रु उसे कायर समझकर उसका राज्य और यश नष्ट कर देता है (स) वह शान्ति पाता है (द) वह धनवान बनता है

124. द्वितीय सर्ग में मन्त्री-प्रवर उद्धव ने बलराम के प्रस्ताव का खण्डन किस आधार पर किया?

(अ) भय के आधार पर (ब) देश, काल, अवसर एवं युधिष्ठिर के यज्ञ के महत्त्व के आधार पर (स) शिशुपाल की मित्रता के कारण (द) सेना की कमी के कारण

125. "अनुत्सूत्रपदन्यासा सद्वृत्तिः सन्निबन्धना..." श्लोक में राजनीति का साम्य किस शास्त्र से दिखाया गया है?

(अ) पाणिनीय व्याकरण शास्त्र से (ब) न्याय शास्त्र से (स) वेदान्त से (द) धनुर्वेद से

126. 'सद्वृत्तिः' पद में कौन-सा श्लेषार्थ निहित है?

(अ) राजनीति में उत्तम आचरण तथा व्याकरण में काशिका आदि श्रेष्ठ ग्रन्थ-वृत्ति (ब) धन और धान्य (स) दिन और रात (द) धर्म और मोक्ष

127. "आत्मोदयः परज्यानिः" इस सूक्ति के अनुसार राजनीति का संक्षेप में क्या लक्षण है?

(अ) अपना उत्कर्ष और शत्रु की अवनति/विनाश (ब) केवल धन कमाना (स) सभी से सन्धि (द) युद्ध से भागना

128. 'चिकीर्षितम्' पद में कौन-सी मूल धातु एवं प्रत्यय प्रयुक्त हैं?

(अ) कृ + सन् + क्त (इच्छा अर्थ में) (ब) चि + क्त (स) चर् + ण्यत् (द) कृ + ल्युट्

129. 'उपेक्षकः' पद में कौन-सा कृत् प्रत्यय लगा है?

(अ) ण्वुल् (अक) प्रत्यय (उप + ईक्ष् + ण्वुल्) (ब) ल्युट् (स) तृच् (द) घञ्

130. 'अतिवीर्यः' पद में कौन-सा समास माना जाता है?

(अ) अतिक्रान्तः वीर्येण (प्रादि तत्पुरुष / बहुव्रीहि) (ब) द्वन्द्व (स) अव्ययीभाव (द) द्विगु

131. शिशुपालवधम् के द्वितीय सर्ग में राजनीति के 'पञ्चाङ्ग मन्त्र' में किसे प्रथम स्थान दिया गया है?

(अ) कर्मों के आरम्भ करने के उपाय (कर्मणामारम्भोपायः) (ब) धन-संग्रह (स) दूत-प्रेषण (द) सन्धि

132. द्वितीय सर्ग के अन्तिम निर्णय के रूप में श्रीकृष्ण ने किसका अनुमोदन किया?

(अ) उद्धव के युक्तिपूर्ण मन्तव्य का (ब) बलराम के हठ का (स) नारद के प्रत्यक्ष युद्ध का (द) किसी का नहीं

133. तृतीय सर्ग में श्रीकृष्ण के रथ के सारथि का क्या नाम वर्णित है?

(अ) मातलि (ब) दारुक (स) सुमन्त्र (द) संजय

134. श्रीकृष्ण के रथ के चारों श्वेत-श्याम घोड़ों के नामों में क्या सम्मिलित नहीं है?

(अ) शैव्य एवं सुग्रीव (ब) मेघपुष्प एवं बलाहक (स) उच्चैःश्रवा (द) उपर्युक्त अ और ब

135. श्रीकृष्ण के दिव्य शंख का क्या नाम है, जिसकी ध्वनि से समुद्र और दिशाएँ गूँज उठीं?

(अ) पाञ्चजन्य शंख (ब) देवदत्त (स) पौण्ड्र (द) अनन्तविजय

136. चतुर्थ सर्ग में रैवतक पर्वत का वर्णन श्रीकृष्ण से कौन करता है?

(अ) उद्धव (ब) सारथि दारुक (स) बलराम (द) सात्यकि

137. रैवतक पर्वत वर्तमान भारत के किस प्रसिद्ध ऐतिहासिक पर्वत का प्राचीन नाम है?

(अ) गिरनार पर्वत (गुजरात) (ब) आबू पर्वत (स) गोवर्धन पर्वत (द) चित्रकूट

138. 'अहिमरुचौ' पद का क्या अर्थ है?

(अ) चन्द्रमा (ब) सूर्य (जिसकी किरणें हिम/शीतल नहीं हैं) (स) अग्नि (द) तारा

139. 'हिमरुचौ' पद का सही अर्थ क्या है?

(अ) सूर्य (ब) चन्द्रमा (शीतल किरणों वाला) (स) वायु (द) जल

140. पञ्चम सर्ग में सेना के पड़ाव (शिविर-सन्निवेश) के समय किस छन्द का प्रचुर प्रयोग है?

(अ) वंशस्थ (ब) विविध छन्द (उपजाति आदि) (स) अनुष्टुप् (द) मालिनी

141. षष्ठ सर्ग में माघ ने एक ही सर्ग में कितनी ऋतुओं का एक साथ वर्णन करके अद्वितीय चमत्कार दिखाया?

(अ) दो ऋतुओं का (ब) षड्ऋतु (छहों ऋतुओं - वसन्त, ग्रीष्म, वर्षा, शरद्, हेमन्त, शिशिर) का (स) केवल वर्षा का (द) केवल वसन्त का

142. वसन्त ऋतु के वर्णन में माघ ने किस वृक्ष के रक्तिम पुष्पों का मनोहारी चित्रण किया?

(अ) पलाश (किंशुक) एवं अशोक (ब) बबूल (स) वटवृक्ष (द) देवदारु

143. ग्रीष्म ऋतु में ताप-शमन हेतु किस विलास-साधन का उल्लेख मिलता है?

(अ) धारागृह (फव्वारे वाले भवन) एवं चन्दन-लेप (ब) अग्नि (स) धूप (द) ऊनी वस्त्र

144. सप्तम सर्ग में यादव-सुन्दरी रमणियों द्वारा वन में किस ललित क्रीड़ा का सम्पादन किया गया?

(अ) आखेट (ब) पुष्प-चयन एवं वनविहार (स) द्यूत (द) रथ-दौड़

145. अष्टम सर्ग में वर्णित जलक्रीड़ा के समय स्त्रियों के अङ्गों से क्या बहकर जल को सुगन्धित कर रहा था?

(अ) चन्दन, कुङ्कुम और कस्तूरी का लेप (ब) तैल (स) भस्म (द) मद्य

146. नवम सर्ग में अस्ताचलगामी सूर्य की लालिमा की उपमा किससे दी गई है?

(अ) प्रज्वलित कुङ्कुम एवं रक्तिम पद्म से (ब) भस्म से (स) अन्धकार से (द) सुवर्ण से

147. दशम सर्ग में पानगोष्ठी (मद्यपान) के समय किस प्रकार के शृङ्गारिक भावों की अभिव्यक्ति हुई है?

(अ) हाव, भाव, लज्जा-त्याग एवं सुरत-विलास (ब) वैराग्य (स) भय (द) शोक

148. एकादश सर्ग में प्रभात वेला में राजा को जगाने वाले स्तुति-गायकों को क्या कहा गया है?

(अ) चारण एवं वैतालिक (ब) सैनिक (स) मन्त्री (द) दूत

149. द्वादश सर्ग में श्रीकृष्ण की सेना ने इन्द्रप्रस्थ जाते समय किस पावन नदी को पार किया?

(अ) गङ्गा (ब) कालिन्दी (यमुना नदी) (स) सरस्वती (द) नर्मदा

150. त्रयोदश सर्ग में इन्द्रप्रस्थ नगर में श्रीकृष्ण का स्वागत करने कौन आगे आया?

(अ) दुर्योधन (ब) धर्मराज युधिष्ठिर एवं चारों पाण्डव भाई (स) धृतराष्ट्र (द) द्रोणाचार्य

151. 13वें सर्ग में श्रीकृष्ण के दर्शन हेतु अट्टालिकाओं (छतों) पर दौड़ती नगर-वधुओं के चित्रण में कालिदास के किस ग्रन्थ की छाया दिखाई देती है?

(अ) रघुवंशम् (सप्तम सर्ग) एवं कुमारसम्भवम् (ब) मेघदूतम् (स) अभिज्ञानशाकुन्तलम् (द) ऋतुसंहारम्

152. चतुर्दश सर्ग में युधिष्ठिर द्वारा आयोजित किस महायज्ञ का सांगोपांग वर्णन है?

(अ) अश्वमेध यज्ञ (ब) राजसूय महायज्ञ (स) वाजपेय यज्ञ (द) पुत्रकामेष्टि यज्ञ

153. राजसूय यज्ञ में उपस्थित समस्त नृपतियों में 'अग्रपूजा' का सर्वसम्मत अधिकारी किसे घोषित किया गया?

(अ) भीष्म पितामह को (ब) भगवान श्रीकृष्ण को (स) आचार्य द्रोण को (द) कर्ण को

154. भीष्म पितामह ने श्रीकृष्ण की अग्रपूजा का समर्थन करते हुए उन्हें क्या सिद्ध किया?

(अ) केवल यादवों का नेता (ब) साक्षात् परब्रह्म, जगत्कारण एवं समस्त देवताओं के अधिपति (स) साधारण अतिथि (द) राजा

155. पञ्चदश सर्ग में श्रीकृष्ण की अग्रपूजा होते देख कौन-सा राजा क्रोध से जल-भुन गया?

(अ) चेदिराज शिशुपाल (ब) दुर्योधन (स) शकुनि (द) जयद्रथ

156. शिशुपाल ने भरी सभा में श्रीकृष्ण को किन शब्दों से अपमानित करने का यत्न किया?

(अ) गोपी-जार, पूतना-घाती, कपटी एवं क्षत्रिय-धर्म-हीन (ब) पराक्रमी (स) राजाधिराज (द) महात्मा

157. शिशुपाल के कटुवचनों को सुनकर पाण्डवों में कौन सबसे पहले अपनी गदा उठाकर युद्ध हेतु उद्यत हुआ?

(अ) अर्जुन (ब) महाबली भीमसेन (स) नकुल (द) युधिष्ठिर

158. भीष्म पितामह ने भीमसेन को शिशुपाल पर प्रहार करने से क्यों रोका?

(अ) वे डरते थे (ब) शिशुपाल का वध केवल भगवान श्रीकृष्ण के हाथों ही बदा था (स) यज्ञ अधूरा रह जाता (द) शिशुपाल अतिथि था

159. षोडश सर्ग में शिशुपाल द्वारा श्रीकृष्ण के पास भेजे गए दूत के भाषण का मुख्य गुण क्या था?

(अ) केवल याचना (ब) श्लेष-युक्त द्विअर्थी (प्रशंसा और निन्दा दोनों का एक साथ बोध कराने वाला) भाषण (स) संस्कृत-रहित (द) मूक भाव

160. शिशुपाल के दूत के वचनों का सात्यकि ने किस प्रकार प्रत्युत्तर दिया?

(अ) क्षमा माँगकर (ब) ओजस्वी, सिंहगर्जना-तुल्य एवं युद्ध की खुली चुनौती देकर (स) धन देकर (द) मौन रहकर

161. सप्तदश सर्ग में शिशुपाल की सेना के किस अङ्ग का सन्निवेश वर्णित है?

(अ) चतुरङ्गिणी सेना (हाथी, घोड़े, रथ और पैदल) की युद्ध-सज्जा (ब) केवल नौसेना (स) केवल दूत (द) केवल अस्त्र

162. अष्टादश सर्ग में यादव सेना और चेदि सेना के बीच किस रस का भयानक परिपाक हुआ?

(अ) रौद्र एवं भयानक रस से पुष्ट वीर रस (ब) हास्य रस (स) करुण रस (द) शान्त रस

163. एकोनविंश (19वें) सर्ग में प्रयुक्त 'सर्वतोभद्र' श्लोक का क्या लक्षण है?

(अ) जिसे आगे, पीछे, ऊपर, नीचे किसी भी दिशा से पढ़ने पर वही वर्णमाला प्राप्त हो (ब) केवल 'स' वर्ण आना (स) केवल एक पद होना (द) विलोम अर्थ देना

164. 19वें सर्ग में 'चक्रबन्ध' चित्रकाव्य में श्लोक के वर्ण किस ज्यामितीय रूप में व्यवस्थित रहते हैं?

(अ) सुदर्शन चक्र के अरों (तीलियों) एवं परिधि के रूप में (ब) त्रिकोण रूप में (स) वर्ग रूप में (द) रेखा रूप में

165. 19वें सर्ग में 'दददो दुद्ददुद्दादी...' श्लोक किस श्रेणी के चित्रकाव्य का विश्वप्रसिद्ध उदाहरण है?

(अ) एकाक्षर चित्रकाव्य (केवल 'द' वर्ण का प्रयोग) (ब) द्व्यक्षर (स) त्र्यक्षर (द) सर्वतोभद्र

166. विंश (20वें) सर्ग में श्रीकृष्ण और शिशुपाल के मध्य किस स्तर का अस्त्र-युद्ध घटित हुआ?

(अ) केवल बाहुयुद्ध (ब) आग्नेय, वारुण, वायव्य आदि समस्त आकाशीय दिव्यास्त्रों का तुमुल युद्ध (स) केवल वाक्युद्ध (द) पाशयुद्ध

167. शिशुपाल के समस्त मायावी अस्त्रों को श्रीकृष्ण ने किस प्रकार निष्फल कर दिया?

(अ) भागकर (ब) अपने परम तेजस्वी दिव्यास्त्रों से पलक झपकते ही काट दिया (स) जल में छिपकर (द) रथ रोककर

168. श्रीकृष्ण ने शिशुपाल पर सुदर्शन चक्र किस क्षण छोड़ा?

(अ) पहले ही अपराध पर (ब) जब उसके पूरे सौ (100) अक्षम्य अपराध पूर्ण हो गए (स) युद्ध के बिना (द) यज्ञ आरम्भ होने से पूर्व

169. सुदर्शन चक्र ने शिशुपाल का सिर किस प्रकार काट दिया?

(अ) कठिनाई से (ब) कमल-नाल को काटने के समान सहजता और वेग से (स) बाण की सहायता से (द) गदा से

170. शिशुपाल के मृत शरीर से निकली दिव्य ज्योति किसके चरणों/विग्रह में लीन हो गई?

(अ) सूर्यमण्डल में (ब) भगवान श्रीकृष्ण के पावन विग्रह में (स) अग्नि में (द) आकाश में

171. शिशुपाल के तेज का श्रीकृष्ण में समा जाना किस मुक्ति का द्योतक है?

(अ) सालोक्य मुक्ति (ब) सायुज्य मुक्ति (परमात्मा में तदाकार होना) (स) सामीप्य मुक्ति (द) सारूप्य मुक्ति

172. शिशुपालवधम् के 20वें सर्ग की समाप्ति पर देवताओं ने आकाश से क्या किया?

(अ) पुष्पवृष्टि एवं दिव्य दुन्दुभियों का वादन (ब) युद्ध (स) विलाप (द) मौन

173. शिशुपालवधम् के प्रत्येक सर्ग के अन्तिम श्लोक में 'श्री' शब्द का प्रयोग किस कवि की काव्य-परम्परा का अनुकरण/विकास है?

(अ) कालिदास (ब) भारवि (जिन्होंने 'लक्ष्मी' शब्द का प्रयोग किया था) (स) हर्ष (द) बाणभट्ट

174. भारवि के 'लक्ष्मीपदाङ्क' के उत्तर में माघ ने अपने महाकाव्य को क्या बनाया?

(अ) श्रीपदाङ्क महाकाव्य (ब) शिवपदाङ्क (स) जयपदाङ्क (द) रामपदाङ्क

175. शिशुपालवधम् की मल्लिनाथ-रचित टीका का नाम 'सर्वङ्कषा' क्यों पड़ा?

(अ) क्योंकि यह माघ के समस्त गूढ़ व्याकरण, छन्द, रस एवं दार्शनिक रहस्यों को सम्पूर्णता से स्पष्ट (कषति) करती है (ब) यह छोटी है (स) यह केवल गद्य है (द) यह सरल है

176. 'सर्वङ्कषा' शब्द का शाब्दिक अर्थ क्या होता है?

(अ) सबको नष्ट करने वाली (ब) सब कुछ छूने/स्पष्ट करने वाली (सर्वं कषति इति सर्वङ्कषा) (स) आधी व्याख्या (द) कठिन टीका

177. माघ की भाषा में व्याकरण के किस आचार्य के सूत्रों का पूर्णतः निर्दोष परिपालन मिलता है?

(अ) महर्षि पाणिनि एवं कात्यायन-पतञ्जलि (त्रिमुनि) (ब) हेमचन्द्र (स) शाकटायन (द) कातन्त्र

178. शिशुपालवधम् में प्रयुक्त छन्दों की कुल विविधता लगभग कितनी है?

(अ) केवल 5 छन्द (ब) लगभग 22 से अधिक विविध शास्त्रीय छन्द (स) 100 छन्द (द) 2 छन्द

179. माघ का सबसे प्रिय एवं प्रथम सर्ग में प्रयुक्त प्रमुख छन्द कौन-सा है?

(अ) अनुष्टुप् (ब) वंशस्थ छन्द (स) मन्दाक्रान्ता (द) स्रग्धरा

180. माघ के काव्य में 'उपमा' की क्या विशेषता है?

(अ) केवल पौराणिक उपमाएँ (ब) प्राकृतिक, शास्त्रीय, मनोवैज्ञानिक एवं सर्वथा नवीन मौलिक उपमाएँ (स) अप्रचलित उपमाएँ (द) उपमा का अभाव

181. 'पदलालित्य' की दृष्टि से माघ की तुलना किस आचार्य-कवि से की जाती है?

(अ) दण्डी से ('दण्डिनः पदलालित्यम्') (ब) बाणभट्ट से (स) भास से (द) भवभूति से

182. 'अर्थगौरव' की दृष्टि से माघ ने किस महाकवि के समकक्ष गौरव प्राप्त किया?

(अ) कालिदास (ब) भारवि ('भारवेरर्थगौरवम्') (स) श्रीहर्ष (द) शूद्रक

183. 'शिशुपालवधम्' का प्रधान नायक श्रीकृष्ण किस राजवंश से सम्बद्ध हैं?

(अ) सूर्यवंश (ब) यदुवंश (चन्द्रवंश) (स) इक्ष्वाकुवंश (द) कुरुवंश

184. शिशुपाल किस देश का अधिपति था?

(अ) मगध देश का (ब) चेदि देश (चेदि जनपद) का (स) कुरु देश का (द) पाञ्चाल देश का

185. शिशुपाल की राजधानी का क्या नाम था?

(अ) शुक्तिमती (शुक्तिसाह्वय) (ब) हस्तिनापुर (स) मथुरा (द) इन्द्रप्रस्थ

186. शिशुपालवधम् में 'वासुदेव' पद की सही व्युत्पत्ति क्या है?

(अ) वसुदेवस्य अपत्यं पुमान् इति (वसुदेव + अण् = वासुदेवः) (ब) वासु + देव (स) वस + अण् (द) वसु + देव

187. 'दामोदर' पद का क्या अर्थ है?

(अ) जिसके उदर पर रस्सी (दाम) बाँधी गई थी (श्रीकृष्ण) (ब) बड़ा पेट (स) धनी (द) राजा

188. 'माधुरी' एवं 'ओज' का जैसा सन्तुलित प्रयोग माघ में मिलता है, उसे किस रीति का लक्षण माना जाता है?

(अ) लाटी रीति (ब) पाञ्चाली एवं वैदर्भी-गौड़ी मिश्रित उत्कृष्ट रीति (स) केवल गौड़ी (द) केवल वैदर्भी

189. 'शिशुपालवधम्' के 16वें सर्ग में प्रयुक्त दूत-वाक्य में किस रस का आस्वाद मिलता है?

(अ) वीभत्स रस (ब) वीर एवं रौद्र रस का अद्भुत सम्मिश्रण (स) करुण रस (द) शान्त रस

190. शिशुपालवधम् के अनुसार राजा को मन्त्रणा (सलाह) लेते समय कितने व्यक्तियों से विचार करना चाहिए?

(अ) केवल अपने आप से (ब) दो या तीन अत्यन्त विश्वस्त, नीतिज्ञ एवं शास्त्रज्ञ मन्त्रियों से (यथा श्रीकृष्ण-बलराम-उद्धव) (स) सौ लोगों से (द) शत्रु से

191. "क्षणे क्षणे यन्नवतामुपैति तदेव रूपं रमणीयतायाः" यह विश्वप्रसिद्ध सौन्दर्य-सूक्ति माघ के किस सर्ग की है?

(अ) प्रथम सर्ग (ब) चतुर्थ सर्ग (रैवतक पर्वत वर्णन) (स) दशम सर्ग (द) विंश सर्ग

192. 'क्षणे क्षणे यन्नवतामुपैति तदेव रूपं रमणीयतायाः' - इस सूक्ति में सौन्दर्य की क्या परिभाषा दी गई है?

(अ) जो स्थिर रहे (ब) जो प्रतिक्षण नवीन रूप धारण करे, वही वास्तविक सौन्दर्य (रमणीयता) है (स) जो पुराना हो (द) जो कृत्रिम हो

193. माघ की इस रमणीयता-सूक्ति का प्रभाव उत्तरवर्ती किस आचार्य के काव्यलक्षण पर पड़ा?

(अ) पण्डितराज जगन्नाथ ('रमणीयार्थप्रतिपादकः शब्दः काव्यम्') (ब) मम्मट (स) विश्वनाथ (द) दण्डी

194. 'शिशुपालवधम्' में किस दार्शनिक मत के अनुसार श्रीकृष्ण को निर्गुण एवं सगुण दोनों रूपों का समन्वय माना गया है?

(अ) वेदान्त एवं भागवत वैष्णव दर्शन (ब) चार्वाक (स) बौद्ध (द) जैन

195. शिशुपालवधम् के अध्ययन से संस्कृत भाषा के किस पक्ष की सर्वाधिक पुष्टि होती है?

(अ) केवल कहानी की (ब) विपुल शब्दकोश, व्याकरणिक शुद्धता, कूटनीति एवं अलंकृत महाकाव्य-शैली की (स) केवल छन्द की (द) साधारण ज्ञान की

196. शिशुपालवधम् के 14वें सर्ग में राजसूय यज्ञ के अवसर पर किस दान की महत्ता प्रतिपादित है?

(अ) गोदान, सुवर्णदान एवं विद्यादान (ब) केवल अस्त्रदान (स) केवल वस्त्रदान (द) भूमिदान मात्र

197. शिशुपालवधम् में भगवान श्रीकृष्ण के आयुधों में 'कौमोदकी' किसका नाम है?

(अ) धनुष का (ब) दिव्य गदा का (स) खड्ग का (द) चक्र का

198. श्रीकृष्ण के खड्ग (तलवार) का क्या नाम संस्कृत ग्रन्थों एवं माघ-काव्य में मिलता है?

(अ) नन्दक खड्ग (ब) असी (स) कृपाण (द) चन्द्रहास

199. श्रीकृष्ण के दिव्य धनुष का क्या नाम है?

(अ) गाण्डीव (ब) शार्ङ्ग धनुष (स) पिनाक (द) कोदण्ड

200. शिशुपालवधम् महाकाव्य का समग्र सन्देश किस वाक्य में चरितार्थ होता है?

(अ) अधर्म पर धर्म की, अहंकार पर शील की तथा अनीति पर दिव्य नीति की शाश्वत विजय (ब) केवल युद्ध ही जीवन है (स) भाग्य ही सब कुछ है (द) संसार मिथ्या है
✦ उत्तरमाला (Answer Key : प्रश्न 101 से 200) ✦
101-(ब) 102-(ब) 103-(ब) 104-(ब) 105-(अ) 106-(ब) 107-(ब) 108-(ब) 109-(अ) 110-(ब) 111-(ब) 112-(ब) 113-(ब) 114-(अ) 115-(ब) 116-(ब) 117-(ब) 118-(ब) 119-(ब) 120-(ब) 121-(अ) 122-(ब) 123-(ब) 124-(ब) 125-(अ) 126-(अ) 127-(अ) 128-(अ) 129-(अ) 130-(अ) 131-(अ) 132-(अ) 133-(ब) 134-(स) 135-(अ) 136-(ब) 137-(अ) 138-(ब) 139-(ब) 140-(ब) 141-(ब) 142-(अ) 143-(अ) 144-(ब) 145-(अ) 146-(अ) 147-(अ) 148-(अ) 149-(ब) 150-(ब) 151-(अ) 152-(ब) 153-(ब) 154-(ब) 155-(अ) 156-(अ) 157-(ब) 158-(ब) 159-(ब) 160-(ब) 161-(अ) 162-(अ) 163-(अ) 164-(अ) 165-(अ) 166-(ब) 167-(ब) 168-(ब) 169-(ब) 170-(ब) 171-(ब) 172-(अ) 173-(ब) 174-(अ) 175-(अ) 176-(ब) 177-(अ) 178-(ब) 179-(ब) 180-(ब) 181-(अ) 182-(ब) 183-(ब) 184-(ब) 185-(अ) 186-(अ) 187-(अ) 188-(ब) 189-(ब) 190-(ब) 191-(ब) 192-(ब) 193-(अ) 194-(अ) 195-(ब) 196-(अ) 197-(ब) 198-(अ) 199-(ब) 200-(अ)

शिशुपालवधम् : 500 वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरी महामैराथन (खण्ड-3 : प्रश्न 201-300)

UGC NET, UP TGT, PGT, GIC, RPSC, असिस्टेंट प्रोफेसर एवं समस्त संस्कृत प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु

201. 'श्रियः पतिः श्रीमति शासितुं जगत्' - इस प्रथम श्लोक में 'जगत्' पद में कौन-सी विभक्ति और वचन है?

(अ) प्रथमा, एकवचन (ब) द्वितीया, एकवचन (कर्म कारक) (स) सप्तमी, एकवचन (द) तृतीया, एकवचन

202. 'शिशुपालवधम्' के प्रथम श्लोक में कौन-सा प्रमुख शब्दालंकार दृष्टिगोचर होता है?

(अ) छेकानुप्रास एवं वृत्यनुप्रास (शकार व जगत्-सद्मन् आवृत्ति) (ब) केवल यमक (स) श्लेष (द) वक्रोक्ति

203. 'जगन्निवासः' पद में मूल धातु और प्रत्यय क्या है?

(अ) नि + वस् + घञ् (निवासः) (ब) नि + वस् + क्त (स) नि + वा + ल्युट् (द) नि + विद् + अच्

204. 'अमूं' पद किस मूल सर्वनाम शब्द का रूप है?

(अ) अस्मद् (ब) अदस् (पुँल्लिङ्ग, द्वितीया एकवचन) (स) इदम् (द) युष्मद्

205. 'विभावितार्चिषम्' पद का सही समास-विग्रह क्या होगा?

(अ) विभाविताः अर्चिषः यस्य सः, तम् (बहुव्रीहि) (ब) विभावितं च अर्चिः (स) अर्चिषः विभावितम् (द) तत्पुरुष

206. 'अनूरुसारथिः' पद में 'अनूरु' शब्द का क्या तात्पर्य है?

(अ) उरुहीन (जंघारहित अरुण / सूर्य का सारथि) (ब) तेज गति वाला (स) रथहीन (द) अश्वहीन

207. 'प्रजिघाय' क्रियापद किस धातु, लकार एवं पुरुष का रूप है?

(अ) प्र + हा, लट् लकार (ब) प्र + हि (प्रहिणोति), लिट् लकार, प्रथम पुरुष एकवचन (स) प्र + जि, लङ् लकार (द) प्र + गा, लुट्

208. नारद के शरीर पर सुशोभित यज्ञोपवीत (जनेऊ) की उपमा माघ ने किससे दी है?

(अ) सुवर्ण-रज्जु से (ब) आकाश से गिरती हुई सूक्ष्म मन्दाकिनी (गङ्गा) की निर्मल धारा से (स) तड़ित् से (द) सर्प से

209. 'उज्ज्वलमण्डलाग्रम्' पद में 'मण्डलाग्र' शब्द का क्या अर्थ है?

(अ) चक्र (ब) खड्ग (तलवार) (स) धनुष (द) मुकुट

210. नारद के हाथ में स्थित 'महती' वीणा में कुल कितनी तन्त्रियाँ (तार) मानी गई हैं?

(अ) तीन (ब) सात (सप्त-तन्त्री) (स) इक्कीस (द) सौ

211. 'श्रुति' और 'स्वर' के शास्त्रीय नियमों का जैसा सूक्ष्म निरूपण माघ ने प्रथम सर्ग में किया, वह किस शास्त्र के पाण्डित्य को दर्शाता है?

(अ) गान्धर्ववेद (सङ्गीत शास्त्र) (ब) धनुर्वेद (स) अर्थशास्त्र (द) कामशास्त्र

212. 'अध्वरम्' पद का वैदिक संस्कृत में क्या अर्थ होता है?

(अ) मार्ग (ब) अहिंसक यज्ञ (ध्वर-रहित अनुष्ठान) (स) युद्ध (द) आकाश

213. 'मधुपर्क' में मुख्य रूप से किन द्रव्यों का मिश्रण होता है?

(अ) केवल जल और दुग्ध (ब) दधि, घृत, जल, मधु और शर्करा (स) केवल मद्य (द) तैल और तण्डुल

214. 'शिशुपालवधम्' के प्रथम सर्ग में हिरण्यकशिपु के वध का वर्णन किस श्लोक-प्रसङ्ग में आता है?

(अ) नारद द्वारा पूर्वजन्मों के वृत्त-कथन में (ब) श्रीकृष्ण के भाषण में (स) मङ्गलाचरण में (द) द्वारका-वर्णन में

215. 'दशग्रीव' पद में कौन-सा समास है?

(अ) दश ग्रीवाः यस्य सः (बहुव्रीहि - रावण) (ब) द्विगु (स) कर्मधारय (द) तत्पुरुष

216. रावण ने इन्द्राणी (शची) के केश-कलाप से क्या छीन लिया था?

(अ) मुकुट (ब) पारिजात पुष्पों की माला (स) मणिरत्न (द) सुवर्ण-पट्ट

217. शिशुपाल की माता श्रुतश्रवा किसकी सगी बहन (पितृष्वसा) थीं?

(अ) नन्दराय की (ब) वसुदेव जी की (स) उग्रसेन की (द) अक्रूर की

218. 'शतं व्यलीकानि' का क्या अर्थ है?

(अ) सौ युद्ध (ब) सौ अपराध / अप्रिय कर्म (स) सौ दान (द) सौ वर्ष

219. शिशुपालवधम् के प्रथम सर्ग में किस रस का सञ्चारी भाव 'उत्साह' और 'अमर्ष' के रूप में उदित होता है?

(अ) करुण रस (ब) वीर रस (स) हास्य रस (द) वीभत्स रस

220. 'दधतमथ नभः...' श्लोक में प्रयुक्त 'शार्दूलविक्रीडित' छन्द के प्रत्येक चरण में कितने वर्ण होते हैं?

(अ) 17 वर्ण (ब) 19 वर्ण (सूर्याश्वैर्मसजस्ततः सगुरवः शार्दूलविक्रीडितम्) (स) 21 वर्ण (द) 11 वर्ण

221. द्वितीय सर्ग का प्रारम्भ किस श्लोक से होता है?

(अ) 'अथ संमन्त्र्य राजा...' (ब) 'अथ तैः सह सम्मन्त्र्य कृतनिश्चयमात्मनि...' (स) 'श्रियः पतिः...' (द) 'उदयति विततोर्ध्व...'

222. द्वितीय सर्ग में बलराम का शरीर किस वर्ण का बताया गया है?

(अ) श्याम वर्ण (ब) गौर/शुभ्र वर्ण (कैलास पर्वत एवं शङ्ख के समान धवल) (स) रक्तिम वर्ण (द) पीत वर्ण

223. बलराम के वस्त्र किस रंग के होते हैं, जिसका उल्लेख माघ ने किया है?

(अ) पीताम्बर (ब) नीलाम्बर (नीले वस्त्र) (स) श्वेताम्बर (द) रक्ताम्बर

224. 'हलायुधः' पद किसका पर्याय है?

(अ) श्रीकृष्ण का (ब) बलराम का (हलम् आयुधं यस्य सः) (स) अर्जुन का (द) भीम का

225. द्वितीय सर्ग में बलराम ने राजाओं के कितने प्रकार के बल बताए हैं?

(अ) दो (ब) तीन बल (उत्साह-बल, प्रभु-बल, मन्त्र-बल) (स) पाँच (द) दस

226. बलराम के अनुसार मन्त्रणा से भी श्रेष्ठ क्या है?

(अ) मौन (ब) प्रत्यक्ष विक्रम एवं अमोघ शौर्य-प्रदर्शन (स) पलायन (द) सन्धि

227. "मन्त्रो योध इवाधीरः..." इस उपमा में अप्रकट मन्त्रणा की तुलना किससे की गई है?

(अ) गुप्त धन से (ब) भयभीत/कायर सैनिक से (जो रहस्य खोल देता है) (स) राजा से (द) विष से

228. राजनीति में 'मन्त्र-भेद' (गुप्त मन्त्रणा का प्रकट होना) किसके विनाश का कारण बनता है?

(अ) राजा और उसके सम्पूर्ण राज्य का (ब) केवल मन्त्री का (स) शत्रु का (द) किसी का नहीं

229. 'मण्डलनय' (मण्डल-सिद्धान्त) के अनुसार विजिगीषु राजा के सम्मुख स्थित राजा क्या कहलाता है?

(अ) मित्र (ब) अरि (शत्रु) (स) उदासीन (द) मध्यम

230. अरि (शत्रु) के राज्य से सटा हुआ अगला राज्य मण्डल-सिद्धान्त में क्या कहलाता है?

(अ) शत्रु (ब) मित्र (स) पाष्णिग्राह (द) आक्रन्द

231. उद्धव ने मन्त्रणा देते समय किस नीति-शास्त्रकार के सिद्धान्तों का आश्रय लिया?

(अ) केवल शुक्राचार्य (ब) बृहस्पति एवं कौटिल्य (चाणक्य) (स) भरतमुनि (द) नारद

232. "अविधेयवृत्तिषु" पद में कौन-सा समास है?

(अ) न विधेया अविधेया, अविधेया वृत्तिः येषां तेषु (नञ् बहुव्रीहि) (ब) तत्पुरुष (स) द्वन्द्व (द) अव्ययीभाव

233. 'जिगीषोः' पद में कौन-सी विभक्ति और प्रत्यय है?

(अ) षष्ठी एकवचन (जि + सन् + उ) (ब) तृतीया एकवचन (स) प्रथमा बहुवचन (द) सप्तमी

234. 'सन्निबन्धना' पद का व्याकरण में क्या अर्थ है?

(अ) उत्तम ग्रन्थ-रचना / न्यास-पद्धति (ब) रस्सी (स) बन्धन (द) पद-त्याग

235. "क्रिया हि द्रव्यं विनयत्यनाद्रव्यम्..." इस सूक्ति का क्या अर्थ है?

(अ) उत्तम संस्कार योग्य पात्र (सत्पात्र) को ही सुसंस्कृत करते हैं, अयोग्य को नहीं (ब) सभी सुधर जाते हैं (स) धन ही सब कुछ है (द) क्रिया व्यर्थ है

236. उद्धव के अनुसार युधिष्ठिर का राजसूय यज्ञ श्रीकृष्ण के लिए किस दृष्टि से उपयुक्त अवसर था?

(अ) धर्म-सम्मत कार्य और सर्वसमक्ष शिशुपाल के वध का निष्कलंक अवसर (ब) केवल भोजन (स) मित्रों से मिलना (द) विश्राम

237. तृतीय सर्ग में द्वारका नगरी के चारों ओर स्थित किस प्राकृतिक सुरक्षा का वर्णन है?

(अ) विशाल वन (ब) अगाध समुद्र (रत्नाकर) (स) मरुस्थल (द) पर्वत

238. 'रत्नाकर' पद का सही समास-विग्रह क्या होगा?

(अ) रत्नानाम् आकरः (षष्ठी तत्पुरुष - समुद्र) (ब) रत्नैः आकरः (स) रत्नेषु आकरः (द) बहुव्रीहि

239. श्रीकृष्ण के रथ पर फहराती ध्वजा का क्या चिह्न था?

(अ) सिंह (ब) गरुड़ (गरुड़ध्वज) (स) मयूर (द) वृषभ

240. चतुर्थ सर्ग में रैवतक पर्वत पर उगे किन वृक्षों का सजीव वर्णन मिलता है?

(अ) तमाल, ताल, हिन्ताल, चन्दन एवं कदम्ब (ब) केवल बबूल (स) केवल तृण (द) देवदारु मात्र

241. "उदयति विततोर्ध्वरश्मिरज्जावहिमरुचौ..." में कौन-सा प्रमुख अलंकार है?

(अ) साङ्ग रूपक एवं उपमा (ब) सन्देह (स) भ्रान्तिमान् (द) अपह्नुति

242. 'विततोर्ध्वरश्मिरज्जौ' पद में 'रश्मि' शब्द का क्या अर्थ है?

(अ) लगाम / किरणें (ब) बाण (स) जल (द) वायु

243. पञ्चम सर्ग में सेना के हाथियों के बाँधने वाले खम्भों को क्या कहा गया है?

(अ) यूप (ब) आलाभ-स्तम्भ (आलान) (स) मेरु (द) कीलक

244. 'आलान' शब्द का सही अर्थ क्या है?

(अ) हाथी बाँधने का खम्भा (ब) घोड़े का खुर (स) रथ का पहिया (द) धनुष की डोरी

245. षष्ठ सर्ग में ग्रीष्म ऋतु के पश्चात् किस ऋतु के आगमन का अलौकिक चित्रण है?

(अ) वर्षा ऋतु का (ब) हेमन्त का (स) वसन्त का (द) शिशिर का

246. वर्षा ऋतु में मयूरों (मोरों) के नृत्य का कारण क्या बताया गया है?

(अ) मेघ-गर्जन एवं नवीन जल-कणों का स्पर्श (ब) भय (स) भूख (द) सूर्योदय

247. शरद् ऋतु में आकाश की निर्मलता की तुलना किससे की गई है?

(अ) स्वच्छ दर्पण एवं तपस्वी के निर्मल हृदय से (ब) अन्धकार से (स) धूम्र से (द) वस्त्र से

248. शिशिर ऋतु में शीतल पवन के चलने पर स्त्रियों के होठों के कम्पन की उपमा किससे है?

(अ) पल्लवों के कम्पन से (ब) भयभीत मृगी से (स) वीणा के तार से (द) पुष्प से

249. सप्तम सर्ग में वनविहार के समय माघ ने किस रस का परिपोष किया?

(अ) सम्भोग शृङ्गार रस का (ब) करुण का (स) वीभत्स का (द) रौद्र का

250. अष्टम सर्ग में जलक्रीड़ा के समय स्त्रियों के स्तनों से धुले चन्दन की तुलना किससे की गई है?

(अ) नदी में बहती स्वर्ण-धूलि से (ब) कीचड़ से (स) फेन से (द) तैल से

251. नवम सर्ग में चन्द्रमा के मण्डल में स्थित कलङ्क की उपमा किससे दी गई है?

(अ) मृग के चिह्न अथवा कस्तूरी-तिलक से (ब) विष से (स) पाषाण से (द) धूम्र से

252. दशम सर्ग में 'मधुपान' (मद्य-सेवन) से स्त्रियों की वाणी में कौन-सा गुण आ जाता है?

(अ) मधुर स्खलन एवं कमनीयता (अस्फुट मधुर आलाप) (ब) कर्कशता (स) मौन (द) रोदन

253. एकादश सर्ग में प्रभात-वर्णन के समय चक्रवाक-युगल (चकवा-चकवी) के विरह की समाप्ति का कारण क्या है?

(अ) सूर्योदय और रात्रि का अवसान (ब) वर्षा (स) चन्द्रोदय (द) वायु-प्रवाह

254. द्वादश सर्ग में यमुना नदी के श्याम जल की तुलना किससे की गई है?

(अ) नीलमणि की कान्ति एवं कज्जल-प्रवाह से (ब) दुग्ध से (स) सुवर्ण से (द) भस्म से

255. त्रयोदश सर्ग में इन्द्रप्रस्थ प्रवेश के समय श्रीकृष्ण के ऊपर क्या बरसाया गया?

(अ) लाजा (खीलें) एवं पुष्प-वृष्टि (ब) जल (स) फल (द) वस्त्र

256. चतुर्दश सर्ग में राजसूय यज्ञ की दीक्षा किसने ली थी?

(अ) धर्मराज युधिष्ठिर ने (ब) श्रीकृष्ण ने (स) भीष्म ने (द) दुर्योधन ने

257. राजसूय यज्ञ में समस्त राजाओं द्वारा युधिष्ठिर को क्या समर्पित किया गया?

(अ) विविध बहुमूल्य कर, मणियाँ एवं उपहार (ब) शस्त्र (स) वन (द) सन्धि-पत्र

258. भीष्म पितामह ने श्रीकृष्ण की स्तुति करते हुए उन्हें किन तीन गुणों (त्रिगुण) का स्वामी बताया?

(अ) सत्त्व, रज और तम (सृष्टि, स्थिति, प्रलय कर्ता) (ब) वात, पित्त, कफ (स) साम, दान, दण्ड (द) धर्म, अर्थ, काम

259. पञ्चदश सर्ग में शिशुपाल ने भीष्म की मति (बुद्धि) को क्या कहा?

(अ) वृद्ध होने के कारण भ्रष्ट एवं चाटुकारिता-युक्त (ब) परम पवित्र (स) विद्वान (द) पूज्य

260. शिशुपाल ने श्रीकृष्ण के बाल-चरित्रों (पूतनावध, कालियादमन) को क्या बताया?

(अ) सामान्य स्त्री-हत्या एवं सर्प-वध (कोई महान् पराक्रम नहीं) (ब) ईश्वरीय चमत्कार (स) धर्म (द) पूज्य कार्य

261. षोडश सर्ग में शिशुपाल के दूत ने सभा में आकर किस आचार्य के कूटनीतिक वाक्-कौशल का प्रदर्शन किया?

(अ) श्लेष-कला एवं दर्पोक्ति (ब) विनय (स) प्रार्थना (द) क्षमा

262. सात्यकि ने दूत के भाषण का उत्तर देते हुए शिशुपाल को क्या उपाधि दी?

(अ) गीदड़ (शृगाल) जो सिंह के सम्मुख व्यर्थ गर्जना करता है (ब) शूरवीर (स) पण्डित (द) राजा

263. सप्तदश सर्ग में चेदि सेना के वीरों के कवच किस धातु के बने बताए गए हैं?

(अ) सुवर्ण एवं लौह के सुदृढ़ कवच (ब) काष्ठ के (स) चर्म के (द) वस्त्र के

264. अष्टादश सर्ग में युद्धभूमि में गिरे हुए सैनिकों के रक्त से क्या बन गया?

(अ) शोणित (रक्त) की भयानक नदियाँ (ब) सरोवर (स) सागर (द) दलदल

265. एकोनविंश (19वें) सर्ग में 'गोमूत्रिका बन्ध' की रचना किस प्रकार की जाती है?

(अ) दो चरणों के वर्णों को तिरछे क्रम से पढ़ने पर दूसरे चरण का निष्पन्न होना (ब) केवल 'ग' वर्ण आना (स) उल्टा पढ़ना (द) वृत्त बनाना

266. 19वें सर्ग में 'द्व्यक्षर श्लोक' में किन दो व्यञ्जनों का चमत्कार माघ ने दिखाया?

(अ) 'भ' और 'र' (अथवा 'ज' और 'र') (ब) 'क' और 'ख' (स) 'प' और 'फ' (द) 'त' और 'थ'

267. विंश (20वें) सर्ग में शिशुपाल ने श्रीकृष्ण पर किस भयानक अस्त्र का प्रयोग किया था?

(अ) आग्नेयास्त्र एवं चक्र (ब) केवल गदा (स) पाशुपत (द) दण्ड

268. श्रीकृष्ण ने शिशुपाल के आग्नेयास्त्र को किस अस्त्र से शान्त किया?

(अ) वारुणास्त्र (जल-अस्त्र) से (ब) वायव्यास्त्र से (स) ब्रह्मास्त्र से (द) नारायणास्त्र से

269. सुदर्शन चक्र की प्रभा कैसी वर्णित है?

(अ) प्रलयकालीन सहस्र सूर्यों के प्रचण्ड तेज के समान (ब) चन्द्रमा जैसी (स) दीपक जैसी (द) तारा जैसी

270. शिशुपाल का वध होते ही सम्पूर्ण चेदि सेना की क्या स्थिति हुई?

(अ) वह भयभीत होकर चारों दिशाओं में भाग खड़ी हुई (ब) उसने युद्ध जारी रखा (स) वह विजयी हुई (द) वह शान्त रही

271. 'शिशुपालवधम्' का अङ्गी रस वीर रस है, तो इसके प्रमुख अङ्ग रस कौन-से हैं?

(अ) शृङ्गार एवं रौद्र रस (ब) केवल हास्य (स) केवल करुण (द) केवल वीभत्स

272. माघ के काव्य में 'अर्थगौरव' का उत्कृष्ट उदाहरण किस सर्ग में मिलता है?

(अ) द्वितीय सर्ग (उद्धव-बलराम संवाद) एवं प्रथम सर्ग (ब) केवल अष्टम सर्ग (स) केवल नवम सर्ग (द) केवल 17वाँ सर्ग

273. 'पदलालित्य' की दृष्टि से माघ का कौन-सा सर्ग सर्वाधिक मधुर माना जाता है?

(अ) षष्ठ, सप्तम एवं एकादश सर्ग (ऋतु, वन एवं प्रभात वर्णन) (ब) 18वाँ सर्ग (स) 19वाँ सर्ग (द) 20वाँ सर्ग

274. 'उपमा' की दृष्टि से माघ ने रैवतक पर्वत पर सूर्य-चन्द्रमा की जो उपमा दी, उसमें कौन-सा भाव है?

(अ) अलौकिक सौन्दर्य एवं भव्यता (घण्टा-सादृश्य) (ब) हास्य (स) भय (द) शोक

275. "कुमुदवनमपश्यत्..." प्रभात वेला में कुमुद (कुमुदिनी) के बन्द होने और कमल के खिलने में कौन-सा अलंकार है?

(अ) समासोक्ति एवं रूपक (ब) यमक (स) अनुप्रास (द) श्लेष

276. 'सर्वङ्कषा' टीका में मल्लिनाथ ने किस ग्रन्थ के उद्धरणों से माघ के व्याकरण को पुष्ट किया?

(अ) पाणिनीय अष्टाध्यायी, महाभाष्य एवं काशिका (ब) मुग्धबोध (स) सिद्धान्तकौमुदी (द) सारसिद्धान्त

277. माघ के पितामह 'सुप्रभदेव' किस जाति/वर्ग के विद्वान् थे?

(अ) श्रीमाली ब्राह्मण (ब) क्षत्रिय (स) कायस्थ (द) वैश्य

278. माघ के आश्रयदाता राजा वर्मलात का राज्य किस क्षेत्र में विस्तृत था?

(अ) राजस्थान के वसन्तगढ़ (सिरोही) एवं भीनमाल क्षेत्र में (ब) मगध में (स) गौड़ देश में (द) कश्मीर में

279. 'शिशुपालवधम्' में कुल कितने श्लोक प्रामाणिक रूप से स्वीकार किए जाते हैं?

(अ) 1650 श्लोक (ब) 1000 श्लोक (स) 2000 श्लोक (द) 1200 श्लोक

280. बृहत्त्रयी के तीनों ग्रन्थों (किरात, शिशुपाल, नैषध) में सर्गों का सही क्रम क्या है?

(अ) 18, 20, 22 सर्ग (ब) 20, 18, 22 सर्ग (स) 22, 20, 18 सर्ग (द) 17, 18, 19 सर्ग

281. 'शिशुपालवधम्' का द्वितीय सर्ग किस नाम से प्रसिद्ध है?

(अ) मन्त्र-वर्णन / राजनीति-मन्त्रणा सर्ग (ब) नारदावतरण (स) रैवतक-वर्णन (द) युद्ध-वर्णन

282. "उदन्वच्छिन्नाया..." तृतीय सर्ग में द्वारका के किस वैभव का उल्लेख है?

(अ) सुवर्णमयी अट्टालिकाओं एवं समुद्र-वेष्टित परकोटे का (ब) झोपड़ियों का (स) गुफाओं का (द) वन का

283. माघ के अनुसार राजा को किस प्रकार के दूत की नियुक्ति करनी चाहिए?

(अ) जो शास्त्रज्ञ, निर्भीक, वाक्पटु एवं देश-काल का ज्ञाता हो (ब) जो कायर हो (स) जो धनलोलुप हो (द) जो मूक हो

284. 'सात्यकि' का अन्य प्रसिद्ध नाम क्या है?

(अ) युयुधान (शिनि-पौत्र / शैनेय) (ब) कृतवर्मा (स) अक्रूर (द) उग्रसेन

285. शिशुपालवधम् के 19वें सर्ग में 'मुरजबन्ध' किस ताल-वाद्य की आकृति बनाता है?

(अ) मृदङ्ग (पखावज) की आकृति (ब) वीणा की (स) वेणु की (द) डमरू की

286. 19वें सर्ग में 'सर्वतोभद्र' श्लोक की रचना किस छन्द में की गई है?

(अ) अनुष्टुप् छन्द में (ब) वंशस्थ में (स) मालिनी में (द) मन्दाक्रान्ता में

287. शिशुपालवधम् में भगवान श्रीकृष्ण के वाहन 'गरुड़' का क्या नामोल्लेख है?

(अ) वैनतेय / सुपर्ण / पक्षिराज (ब) उच्चैःश्रवा (स) ऐरावत (द) नन्दी

288. 'वैनतेय' पद में कौन-सा तद्धित प्रत्यय है?

(अ) विनता + ढक् (एय्) = वैनतेयः (ब) अण् प्रत्यय (स) यत् प्रत्यय (द) तल् प्रत्यय

289. माघ की कविता में 'शब्द-सौष्ठव' का मुख्य आधार क्या है?

(अ) पाणिनीय धातुपाठ एवं अमरकोश का अगाध ज्ञान (ब) केवल लोक-कथा (स) अनुकरण (द) प्राकृत शब्दावली

290. 'शिशुपालवधम्' का प्रथम सर्ग किस प्रकार के भाव से समाप्त होता है?

(अ) नारद के प्रस्थान एवं श्रीकृष्ण के गम्भीर विचार-मग्न होने से (ब) युद्ध से (स) उत्सव से (द) विलाप से

291. "शरीरभाजां भवदीयदर्शनं व्यनक्ति कालत्रितयेऽपि योग्यताम्..." यह कथन किसका है?

(अ) श्रीकृष्ण का नारद के प्रति (ब) नारद का श्रीकृष्ण के प्रति (स) शिशुपाल का (द) भीष्म का

292. 'कालत्रितये' पद में कौन-से तीन काल अभिप्रेत हैं?

(अ) भूत, वर्तमान और भविष्यत् काल (ब) प्रातः, मध्याह्न, सायं (स) जाग्रत्, स्वप्न, सुषुप्ति (द) बाल्य, युवा, वृद्ध

293. श्रीकृष्ण ने नारद के दर्शन को तीनों कालों में क्या फल देने वाला बताया?

(अ) भूतकाल के पापों का नाश, वर्तमान में आनन्द और भविष्य में मुक्ति (ब) केवल धन (स) केवल राज्य (द) यश

294. "गुरुता नयन्ति..." माघ के अनुसार सज्जनों का समागम व्यक्ति को क्या प्रदान करता है?

(अ) गौरव एवं महत्ता (गुरुता) (ब) धन (स) अहंकार (द) भय

295. 'शिशुपालवधम्' में किस रस का सर्वथा अभाव है?

(अ) अश्लील एवं मर्यादाहीन वीभत्स रस (ब) वीर रस (स) शृङ्गार रस (द) अद्भुत रस

296. शिशुपालवधम् के अध्ययन से किस प्रतियोगी परीक्षा के संस्कृत प्रश्न-पत्र में सर्वाधिक सहायता मिलती है?

(अ) UP TGT, PGT, GIC, RPSC, UGC NET एवं असिस्टेंट प्रोफेसर (ब) केवल प्राथमिक परीक्षा (स) सामान्य हिन्दी (द) केवल सामान्य ज्ञान

297. माघ की भाषा को संस्कृत साहित्य में किस कोटि का माना जाता है?

(अ) शास्त्रीय, पाण्डित्यपूर्ण, अलंकृत एवं प्रौढ़ संस्कृत (ब) सरल लोकभाषा (स) अशुद्ध (द) शिथिल

298. 'शिशुपालवधम्' के 20वें सर्ग में भगवान श्रीकृष्ण का कौन-सा रूप प्रतिपादित हुआ है?

(अ) धर्म-संस्थापक, दुष्ट-संहारक एवं जगदीश्वर रूप (ब) सामान्य राजा (स) केवल योद्धा (द) सखा मात्र

299. माघ के महाकाव्य में 'प्रकृति-चित्रण' की मुख्य विशेषता क्या है?

(अ) वह मानव-भावनाओं और शास्त्रीय अलंकारों से ओत-प्रोत सजीव चित्रण है (ब) केवल निर्जीव वर्णन (स) अतिशयोक्तिहीन (द) शुष्क

300. शिशुपालवधम् महाकाव्य के 300 प्रश्नों के अनुशीलन से क्या निष्कर्ष निकलता है?

(अ) यह महाकाव्य संस्कृत काव्य-शास्त्र का सर्वोत्कृष्ट, सर्वांगपूर्ण एवं अद्वितीय ग्रन्थ-रत्न है (ब) यह साधारण काव्य है (स) इसमें केवल कथा है (द) इसमें नीति नहीं है
✦ उत्तरमाला (Answer Key : प्रश्न 201 से 300) ✦
201-(ब) 202-(अ) 203-(अ) 204-(ब) 205-(अ) 206-(अ) 207-(ब) 208-(ब) 209-(ब) 210-(ब) 211-(अ) 212-(ब) 213-(ब) 214-(अ) 215-(अ) 216-(ब) 217-(ब) 218-(ब) 219-(ब) 220-(ब) 221-(ब) 222-(ब) 223-(ब) 224-(ब) 225-(ब) 226-(ब) 227-(ब) 228-(अ) 229-(ब) 230-(ब) 231-(ब) 232-(अ) 233-(अ) 234-(अ) 235-(अ) 236-(अ) 237-(ब) 238-(अ) 239-(ब) 240-(अ) 241-(अ) 242-(अ) 243-(ब) 244-(अ) 245-(अ) 246-(अ) 247-(अ) 248-(अ) 249-(अ) 250-(अ) 251-(अ) 252-(अ) 253-(अ) 254-(अ) 255-(अ) 256-(अ) 257-(अ) 258-(अ) 259-(अ) 260-(अ) 261-(अ) 262-(अ) 263-(अ) 264-(अ) 265-(अ) 266-(अ) 267-(अ) 268-(अ) 269-(अ) 270-(अ) 271-(अ) 272-(अ) 273-(अ) 274-(अ) 275-(अ) 276-(अ) 277-(अ) 278-(अ) 279-(अ) 280-(अ) 281-(अ) 282-(अ) 283-(अ) 284-(अ) 285-(अ) 286-(अ) 287-(अ) 288-(अ) 289-(अ) 290-(अ) 291-(अ) 292-(अ) 293-(अ) 294-(अ) 295-(अ) 296-(अ) 297-(अ) 298-(अ) 299-(अ) 300-(अ)

शिशुपालवधम् : 500 वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरी महामैराथन (खण्ड-4 : प्रश्न 301-400)

UGC NET, UP TGT, PGT, GIC, RPSC, असिस्टेंट प्रोफेसर एवं समस्त संस्कृत प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु

301. 'अनूरु' पद का सही समास-विग्रह क्या होगा?

(अ) अविद्यमानौ ऊरू यस्य सः (नञ् बहुव्रीहि - अरुण/सूर्य-सारथि) (ब) न ऊरुः (नञ् तत्पुरुष) (स) ऊरोः अभावः (द) कुत्सितः ऊरुः

302. 'त्रिदश' शब्द संस्कृत साहित्य में किसके लिए रूढ़/प्रयुक्त होता है?

(अ) असुरों के लिए (ब) देवताओं के लिए (तीन अवस्थाओं - जन्म, युवा, वृद्ध में से वृद्धावस्था-रहित) (स) मनुष्यों के लिए (द) मुनियों के लिए

303. 'सद्मन्' (भवन/गृह) शब्द का तृतीया बहुवचन में क्या रूप बनता है?

(अ) सद्मैः (ब) सद्मभिः (नपुंसकलिंग) (स) सद्मेभ्यः (द) सद्मसु

304. 'श्रियः पतिः' में 'श्री' शब्द का प्रथमा बहुवचन में क्या रूप बनता है?

(अ) श्रियः (ब) श्रियाः (स) श्रीः (द) श्रीयः

305. 'शासितुम्' पद में 'तुमुन्' प्रत्यय किस पाणिनीय सूत्र से हुआ है?

(अ) तुमुन्ण्वुलौ क्रियायां क्रियार्थायाम् (ब) ल्यपि लघुपूर्वात् (स) क्त्वा तोसुन्कसुनः (द) अदेङ् गुणः

306. 'अवतरन्तमम्बरात्' में 'अम्बरात्' पद में कौन-सा कारक और विभक्ति है?

(अ) करण कारक, तृतीया (ब) अपादान कारक, पञ्चमी एकवचन (स) कर्म कारक, द्वितीया (द) अधिकरण कारक, सप्तमी

307. 'विभावितार्चिषम्' में 'अर्चिस्' शब्द किस लिङ्ग का प्रातिपदिक है?

(अ) केवल पुँल्लिङ्ग (ब) नपुंसकलिंग / स्त्रीलिङ्ग (अर्चिः = किरण/तेज) (स) केवल अव्यय (द) केवल विशेषण

308. 'पुमान्' शब्द का मूल प्रातिपदिक (हलन्त शब्द) क्या है?

(अ) पुम (ब) पुंस् (सकारान्त पुँल्लिङ्ग) (स) पुमान् (द) पुंसु

309. 'क्रमात्' पद का व्याकरणिक स्वरूप क्या है?

(अ) पञ्चम्यन्त क्रियाविशेषण (अव्ययवत् प्रयुक्त) (ब) संज्ञा (स) सर्वनाम (द) धातु

310. 'अधोऽधः' पद में द्विरुक्ति किस सूत्र/नियम के अनुसार सामीप्य अर्थ में हुई है?

(अ) उपर्यध्यधसः सामीप्ये (ब) नित्यवीप्सयोः (स) द्वन्द्वेकशेष (द) कर्मधारय

311. 'रोहिणेयः' पद का सही समास/तद्धित विग्रह क्या है?

(अ) रोहिण्याः अपत्यं पुमान् (रोहिणी + ढक् = बलराम) (ब) रोहिण्या सह (स) रोहिण्यां जातः (द) रोहिणीवत्

312. 'सीरपाणिः' पद में कौन-सा समास है?

(अ) सीरं (हलम्) पाणौ यस्य सः (बहुव्रीहि - बलराम) (ब) तत्पुरुष (स) कर्मधारय (द) द्वन्द्व

313. राजनीति के मण्डल-सिद्धान्त में कुल कितने राजाओं (राजमण्डल प्रकृतियों) की गणना की गई है?

(अ) 4 राजा (ब) 12 राजा (द्वादश राजमण्डल) (स) 16 राजा (द) 20 राजा

314. मण्डल-सिद्धान्त में 'पाष्णिग्राह' किसे कहा जाता है?

(अ) सामने के शत्रु को (ब) पीठ पीछे से आक्रमण करने वाले शत्रु को (स) मित्र को (द) मन्त्री को

315. मण्डल-सिद्धान्त में 'आक्रन्द' का क्या अर्थ है?

(अ) रोने वाला (ब) पीठ पीछे के शत्रु का विरोधी / राजा का पृष्ठरक्षक मित्र (स) गुप्तचर (द) दूत

316. कौटिलीय एवं माघ-प्रतिपादित राजनीति में 'आसन' गुण का क्या अर्थ है?

(अ) युद्ध करना (ब) उचित अवसर की प्रतीक्षा में तटस्थ होकर उपेक्षापूर्वक बैठना (स) भाग जाना (द) सन्धि करना

317. राजनीति के षड्गुणों में 'यान' का क्या अभिप्राय है?

(अ) रथ पर चढ़ना (ब) शत्रु को पीड़ित करने हेतु चढ़ाई/आक्रमण करना (स) विश्राम (द) मौन

318. 'द्वैधीभाव' नामक राजनीतिक नीति का क्या तात्पर्य है?

(अ) दो राजाओं से विवाह (ब) अपनी सेना को दो भागों में विभक्त करना अथवा दोहरा व्यवहार रखना (स) भयभीत होना (द) राज्य छोड़ना

319. 'संश्रय' नीति का प्रयोग राजा कब करता है?

(अ) जब वह अत्यन्त निर्बल हो और किसी बलवान् राजा का आश्रय लेना अनिवार्य हो (ब) जब वह विजयी हो (स) जब धन अधिक हो (द) यज्ञ के समय

320. शिशुपालवधम् के तृतीय सर्ग में श्रीकृष्ण की सेना द्वारका से किस दिशा की ओर चली?

(अ) दक्षिण दिशा (ब) पूर्व/उत्तर दिशा (इन्द्रप्रस्थ की ओर) (स) पश्चिम दिशा (द) पाताल

321. 'उदयति विततोर्ध्वरश्मिरज्जावहिमरुचौ...' इस प्रसिद्ध घण्टामाघ श्लोक में कौन-सा छन्द है?

(अ) मालिनी (ब) प्रहर्षिणी छन्द ('म्नौ ज्रौ गस्त्रिदशयतिः प्रहर्षिणीयम्') (स) वसन्ततिलका (द) शार्दूलविक्रीडित

322. 'प्रहर्षिणी' छन्द के प्रत्येक चरण में कुल कितने वर्ण होते हैं?

(अ) 11 वर्ण (ब) 13 वर्ण (3 और 10 पर यति) (स) 15 वर्ण (द) 17 वर्ण

323. 'मालिनी' छन्द के प्रत्येक चरण में कुल कितने वर्ण होते हैं?

(अ) 12 वर्ण (ब) 15 वर्ण ('ननमयययुतेयं मालिनी भोगिलोकैः') (स) 14 वर्ण (द) 19 वर्ण

324. 'वसन्ततिलका' छन्द के प्रत्येक चरण में कितने वर्ण होते हैं?

(अ) 12 वर्ण (ब) 14 वर्ण ('उक्ता वसन्ततिलका तभजा जगौ गः') (स) 16 वर्ण (द) 18 वर्ण

325. 'द्रुतविलम्बित' छन्द का सही लक्षण क्या है?

(अ) 'द्रुतविलम्बितमाह नभौ भरौ' (12 वर्ण) (ब) 'जतौ तु वंशस्थम्' (स) 'सूर्याश्वैर्मसजस्ततः' (द) 'रसै रुद्रैश्छिन्ना'

326. चतुर्थ सर्ग में रैवतक पर्वत पर उगे 'हिन्ताल' वृक्ष किस जाति के वृक्ष माने जाते हैं?

(अ) ताड़ एवं खजूर जाति के सघन पत्रयुक्त वृक्ष (ब) चन्दन (स) आम्र (द) देवदारु

327. पञ्चम सर्ग में हाथियों के मदजल (गण्डस्थल से स्रावित जल) से कौन सुगन्धित हो उठा था?

(अ) रैवतक पर्वत की सम्पूर्ण उपत्यकाएँ एवं वन-प्रदेश (ब) समुद्र (स) आकाश (द) राजभवन

328. षष्ठ सर्ग में 'ऋतु-वर्णन' के समय महाकवि माघ ने किस शास्त्रीय नियम का प्रदर्शन किया?

(अ) प्रत्येक ऋतु के लिए भिन्न-भिन्न छन्दों का मनोहारी परिवर्तन (ब) केवल गद्य (स) केवल अनुष्टुप् (द) प्राकृत भाषा

329. सप्तम सर्ग में पुष्प-चयन के समय यादव-कामिनी युवतियों द्वारा किन लताओं के फूल चुने गए?

(अ) माधवी, मल्लिका, जामुन एवं कुन्द लता (ब) कैक्टस (स) नीम (द) धतूरा

330. अष्टम सर्ग में जलक्रीड़ा के समय स्त्रियों के भ्रू-भङ्ग (भौंहों के मटकाने) की तुलना किससे है?

(अ) नदी की चञ्चल तरङ्गों (लहरों) से (ब) सर्प से (स) बाण से (द) लता से

331. नवम सर्ग में सूर्यास्त के समय अस्ताचलगामी सूर्य की तुलना सांख्य दर्शन के किस तत्त्व से की गई है?

(अ) प्रकृति के अपने कार्य को समेटकर लीन होने के समान (ब) पुरुष से (स) महत्तत्त्व से (द) अहङ्कार से

332. 'पद्मिनी-वल्लभ' पद संस्कृत साहित्य में किसका पर्याय है?

(अ) चन्द्रमा का (ब) भगवान सूर्य का (कमलिनी के प्रिय) (स) मेघ का (द) भौंरे का

333. 'कुमुद-बान्धव' पद किसका वाचक है?

(अ) सूर्य का (ब) चन्द्रमा का (रात्रि में कुमुदिनी को खिलाने वाला) (स) समुद्र का (द) पवन का

334. दशम सर्ग में 'सुरतान्त-वर्णन' महाकाव्य के किस शास्त्रीय नियम का परिपालन करता है?

(अ) महाकाव्य के अष्टादश (18) अनिवार्य वर्णनों का (ब) केवल शृङ्गार ग्रन्थ का (स) कामसूत्र का (द) नाट्य-नियम का

335. एकादश सर्ग में प्रातःकाल सूर्य की प्रथम लाल किरणों के समूह को क्या कहा गया है?

(अ) अन्धकार (ब) अरुणोदय / अंशुजाल (स) सन्ध्या (द) मेघमाला

336. द्वादश सर्ग में श्रीकृष्ण की सेना ने किस साधन से यमुना नदी को सकुशल पार किया?

(अ) तैरकर (ब) सुसज्जित नौकाओं, सेतु एवं गजों के समूह की सहायता से (स) उड़कर (द) जल सुखाकर

337. त्रयोदश सर्ग में इन्द्रप्रस्थ के राजभवन में श्रीकृष्ण का स्वागत द्रौपदी ने किस प्रकार किया?

(अ) मङ्गल-दीप, अक्षत, पाद्य एवं सादर नमन से (ब) केवल देखकर (स) उपहार देकर (द) मौन रहकर

338. चतुर्दश सर्ग में राजसूय यज्ञ के प्रधान ऋत्विज कौन थे?

(अ) महर्षि कृष्णद्वैपायन व्यास, धौम्य एवं याज्ञवल्क्य (ब) द्रोणाचार्य (स) भीष्म (द) कृपाचार्य

339. अग्रपूजा के अवसर पर श्रीकृष्ण के चरणों में पूजा-जल किसने अर्पित किया?

(अ) दुर्योधन ने (ब) सहदेव एवं धर्मराज युधिष्ठिर ने भीष्म की आज्ञा से (स) कर्ण ने (द) शकुनि ने

340. पञ्चदश सर्ग में शिशुपाल ने युधिष्ठिर की भरी राजसभा को क्या कहकर धिक्कारा?

(अ) न्यायप्रिय (ब) चाटुकारों, विवेकहीनों एवं धर्मभ्रष्टों की सभा (स) पावन सभा (द) श्रेष्ठ सभा

341. भीष्म पितामह ने शिशुपाल के कटुवचनों को सुनकर उसकी तुलना किससे की?

(अ) सिंह से (ब) दीपक की लौ पर जल मरने वाले मूर्ख पतंगे (शलभ) से (स) हाथी से (द) विद्वान से

342. षोडश सर्ग में शिशुपाल के दूत के भाषण का मुख्य काव्यशास्त्रीय चमत्कार क्या है?

(अ) प्रत्येक श्लोक में श्लेष द्वारा एक साथ 'स्तुति' और 'निन्दा' दोनों अर्थों का स्फुरण (ब) केवल गालियाँ (स) केवल स्तुति (द) निरर्थक पद

343. सात्यकि ने शिशुपाल के दूत को क्या चेतावनी दी?

(अ) दूत अवध्य होता है, इसलिए जीवित छोड़ रहा हूँ; अन्यथा तेरा वध निश्चित था (ब) सन्धि कर लो (स) धन ले जाओ (द) भाग जाओ

344. सप्तदश सर्ग में चेदिराज शिशुपाल की सेना का प्रधान व्यूह कौन-सा था?

(अ) चक्रव्यूह एवं मकरव्यूह (ब) केवल गरुड़व्यूह (स) सर्पव्यूह (द) दण्डव्यूह

345. अष्टादश सर्ग में युद्धभूमि में वीरों के कटकर गिरे हुए मस्तक किस प्रकार दिख रहे थे?

(अ) कमल-पुष्पों के सदृश रणभूमि पर बिखरे हुए (ब) पाषाण जैसे (स) मिट्टी जैसे (द) फल जैसे

346. एकोनविंश (19वें) सर्ग में 'मुरजबन्ध' चित्रकाव्य किस वाद्ययन्त्र के आकार का श्लोक-विन्यास है?

(अ) वीणा (ब) मृदङ्ग (पखावज / मुरज) (स) डमरू (द) मञ्जीरा

347. 19वें सर्ग में 'अर्धभ्रम' बन्ध का क्या लक्षण होता है?

(अ) श्लोक का आधा भाग भ्रमित होकर चारों ओर से समान पढ़ा जाए (ब) पूरा श्लोक उल्टा होना (स) एक ही अक्षर आना (द) दो अक्षर आना

348. विंश (20वें) सर्ग में शिशुपाल ने श्रीकृष्ण पर किस भयानक अस्त्र का प्रहार किया था?

(अ) आग्नेयास्त्र एवं कालदण्ड जैसी शक्ति (ब) केवल पाषाण (स) केवल जल (द) मुष्टि

349. श्रीकृष्ण के सुदर्शन चक्र का प्रहार होते ही शिशुपाल के शरीर से क्या विदीर्ण हुआ?

(अ) उसका कण्ठ (मस्तक) कटकर धड़ से पृथक् हो गया (ब) केवल हाथ कटा (स) केवल मुकुट गिरा (द) रथ टूटा

350. शिशुपाल के शरीर से निकली दिव्य ज्योति का श्रीकृष्ण में समा जाना भागवत धर्म के किस सिद्धान्त को दर्शाता है?

(अ) द्वेष-भक्ति / वैर-भाव से भी परमात्मा का निरन्तर चिन्तन मोक्षप्रद होता है (ब) कर्मकाण्ड (स) अद्वैत विरोध (द) मायावाद

351. 'शिशुपालवधम्' पर वल्लभदेव द्वारा लिखी गई सुप्रसिद्ध प्राचीन टीका का क्या नाम है?

(अ) सन्देहविषौषधि टीका (ब) सर्वङ्कषा (स) घण्टापथ (द) सञ्जीवनी

352. वल्लभदेव किस प्रान्त के प्रसिद्ध टीकाकार थे?

(अ) काश्मीर प्रान्त के (ब) दक्षिण भारत के (स) मिथिला के (द) गौड़ देश के

353. 'माघ' शब्द का व्युत्पत्तिपरक अर्थ क्या माना जाता है?

(अ) मा + अघ (जिसमें कोई पाप या काव्य-दोष न हो) (ब) माघ मास (स) बड़ा कवि (द) मघवा का पुत्र

354. महाकवि माघ के जीवन के अन्तिम दिनों की दशा किस प्रकार की थी?

(अ) अत्यधिक उदारता एवं दानशीलता के कारण घोर निर्धनता (ब) राजा बन गए (स) संन्यासी हो गए (द) विदेश चले गए

355. माघ की मृत्यु के उपरान्त धारा-नरेश राजा भोज ने किस ग्रन्थ में उनकी दानशीलता का उल्लेख किया?

(अ) भोजप्रबन्ध में (ब) शृङ्गारप्रकाश में (स) सरस्वतीकण्ठाभरण में (द) चम्पूरामायण में

356. 'चेदिपतिः' पद में कौन-सा समास है?

(अ) चेदीनां पतिः (षष्ठी तत्पुरुष) (ब) चेदिना पतिः (स) चेदौ पतिः (द) बहुव्रीहि

357. 'अहिमरुचिः' पद का सही समास-विग्रह क्या होगा?

(अ) न हिमा अहिमा, अहिमा रुचिः यस्य सः (बहुव्रीहि - सूर्य) (ब) अहिमस्य रुचिः (स) अहिमा च रुचिः (द) तत्पुरुष

358. 'हिमरुचिः' पद का सही समास-विग्रह क्या है?

(अ) हिमा रुचिः यस्य सः (बहुव्रीहि - चन्द्रमा) (ब) हिमस्य रुचिः (स) हिमेन रुचिः (द) कर्मधारय

359. 'नभस्वान्' शब्द किस प्रत्यय के योग से निष्पन्न हुआ है?

(अ) नभस् + मतुप् (मत्वर्थीय प्रत्यय) (ब) नभस् + वतुप् (स) नभस् + इनि (द) नभस् + अण्

360. 'पक्षिराजः' पद में 'राजाहःसखिभ्यष्टच्' सूत्र से कौन-सा समासान्त प्रत्यय लगा है?

(अ) टच् प्रत्यय (पक्षिणां राजा) (ब) अच् प्रत्यय (स) कप् प्रत्यय (द) घञ् प्रत्यय

361. 'महती' शब्द में 'महत्' प्रातिपदिक से कौन-सा स्त्री-प्रत्यय लगा है?

(अ) ङीप् प्रत्यय (उगितश्च सूत्र से) (ब) ङीष् प्रत्यय (स) ङीन् प्रत्यय (द) टाप् प्रत्यय

362. 'गतस्पृहः' पद का सही समास-विग्रह क्या है?

(अ) गता स्पृहा यस्मात् / यस्य सः (बहुव्रीहि) (ब) गतायाः स्पृहा (स) गतेन स्पृहा (द) तत्पुरुष

363. 'दशमुखेन' पद में कौन-सा समास है?

(अ) दश मुखानि यस्य सः, तेन (बहुव्रीहि - रावण) (ब) द्विगु (स) कर्मधारय (द) तत्पुरुष

364. 'अविप्लवाय' पद में कौन-सा उपसर्ग और प्रत्यय है?

(अ) नञ् + वि + प्लु + अच् / घञ् (चतुर्थी एकवचन) (ब) अप + ल्युट् (स) अव + क्त (द) आङ् + तुमुन्

365. 'हलायुधः' पद किसका पर्याय है?

(अ) हलम् आयुधं यस्य सः (बलराम) (ब) श्रीकृष्ण (स) कर्ण (द) दुर्योधन

366. 'शौर्यम्' पद में 'शूर' शब्द से कौन-सा भाववाचक तद्धित प्रत्यय लगा है?

(अ) ष्यञ् / अण् प्रत्यय (शूरस्य भावः शौर्यम्) (ब) तल् प्रत्यय (स) त्व प्रत्यय (द) मतुप् प्रत्यय

367. 'धैर्यम्' पद में कौन-सा प्रत्यय है?

(अ) धीर + ष्यञ् (धीरस्य भावः धैर्यम्) (ब) धीर + तल् (स) धीर + त्व (द) धीर + ल्युट्

368. 'गाण्डीवम्' किस महाबली पाण्डव के धनुष का नाम है?

(अ) अर्जुन का (ब) भीम का (स) युधिष्ठिर का (द) नकुल का

369. 'शार्ङ्गम्' पद में 'शृङ्ग' शब्द से कौन-सा तद्धित प्रत्यय लगा है?

(अ) अण् प्रत्यय (शृङ्गस्य विकारः शार्ङ्गम् = सींग का धनुष) (ब) यत् प्रत्यय (स) ण्यत् प्रत्यय (द) इनि प्रत्यय

370. 'कौमोदकी' पद में कौन-सा प्रत्यय और स्त्री-प्रत्यय है?

(अ) कुमुद + अण् + ङीप् (श्रीकृष्ण की गदा) (ब) कुमुद + टाप् (स) कुमुद + ङीष् (द) कुमुद + क्तिन्

371. 'पाञ्चजन्यः' पद की सही व्युत्पत्ति क्या है?

(अ) पञ्चजन दैत्य की अस्थि से निर्मित शंख (पञ्चजन + यत्/अण्) (ब) पाँच जनों का शंख (स) पञ्चजन्य (द) पाँच दिशाओं का

372. 'सुदर्शनम्' पद का सही विग्रह क्या होगा?

(अ) शोभनं दर्शनं यस्य तत् (बहुव्रीहि - श्रीकृष्ण का चक्र) (ब) सुदर्शनं नाम (स) सुष्ठु दर्शनम् (द) सुदर्शनेन युक्तम्

373. माघ के अनुसार राजा को अपने राज्य में शान्ति बनाए रखने हेतु किस प्रकार के दण्ड का प्रयोग करना चाहिए?

(अ) शास्त्रानुकूल, निष्पक्ष एवं अपराध के अनुरूप यथायोग्य दण्ड (ब) अत्यधिक कठोर (स) सर्वथा दण्डहीन (द) क्रूर दण्ड

374. "विपत्ति में भी जो धैर्य नहीं छोड़ता और सम्पत्ति में जो उन्मत्त नहीं होता, वही पण्डित है" - यह भाव माघ के किस सर्ग में है?

(अ) द्वितीय सर्ग (उद्धव-नीति) (ब) चतुर्थ सर्ग (स) दशम सर्ग (द) 16वाँ सर्ग

375. शिशुपालवधम् में भगवान श्रीकृष्ण के भाई बलराम किसके अवतार माने जाते हैं?

(अ) शेषनाग (अनन्त) के (ब) गरुड़ के (स) सुदर्शन के (द) शंख के

376. माघ के काव्य में 'अर्थान्तरन्यास' अलंकार का प्रयोग किस उद्देश्य से हुआ है?

(अ) सामान्य से विशेष अथवा विशेष से सामान्य का समर्थन कर अमर सूक्तियाँ गढने हेतु (ब) केवल शब्द बढ़ाने (स) क्लिष्टता हेतु (द) कथा रोकने

377. शिशुपालवधम् के प्रथम सर्ग के 75वें श्लोक में कौन-सा छन्द प्रयुक्त है?

(अ) पुष्पिताग्रा छन्द (ब) वंशस्थ (स) मालिनी (द) शार्दूलविक्रीडित

378. 'पुष्पिताग्रा' छन्द किस कोटि का छन्द है?

(अ) अर्धसमवृत्त छन्द (ब) समवृत्त (स) विषमवृत्त (द) मात्रिक छन्द

379. शिशुपालवधम् के 20वें सर्ग के अन्तिम श्लोक में 'श्री' शब्द का प्रयोग किस विभक्ति में हुआ है?

(अ) प्रथमा / तृतीया आदि विभक्ति-युक्त पदों में मङ्गलाचरण रूप में (ब) केवल सम्बोधन (स) केवल पञ्चमी (द) केवल सप्तमी

380. माघ ने अपने महाकाव्य में किस व्याकरण-ग्रन्थ की 'काशिका-वृत्ति' के प्रयोगों को प्रामाणिक माना?

(अ) वामन-जयादित्य विरचित काशिका (ब) रूपसिद्धि (स) प्रक्रियाकौमुदी (द) बालमनोरमा

381. 'सर्वङ्कषा' टीका में मल्लिनाथ ने माघ के किस श्लोक पर सबसे लम्बी दार्शनिक व्याख्या प्रस्तुत की है?

(अ) द्वितीय सर्ग के मन्त्रणा-श्लोकों एवं प्रथम सर्ग के मङ्गलाचरण पर (ब) अष्टम सर्ग पर (स) 12वें सर्ग पर (द) 17वें सर्ग पर

382. शिशुपालवधम् में प्रतिनायक शिशुपाल की मृत्यु किस प्रकार की मृत्यु है?

(अ) शाप-मुक्ति एवं सायुज्य मुक्ति (भगवान में लीन होना) (ब) नरक गमन (स) पुनर्जन्म (द) प्रेत-योनि

383. जय और विजय नामक वैकुण्ठ के दो द्वारपालों को सनकादि ऋषियों ने कितने जन्मों तक असुर बनने का शाप दिया था?

(अ) तीन जन्मों का (हिरण्याक्ष-हिरण्यकशिपु, रावण-कुम्भकर्ण, शिशुपाल-दन्तवक्त्र) (ब) एक जन्म (स) सात जन्म (द) दस जन्म

384. शिशुपालवधम् में शिशुपाल का वध होने पर जय-विजय के किस जन्म का शाप समाप्त होता है?

(अ) तृतीय एवं अन्तिम जन्म का (जिसके बाद वे पुनः वैकुण्ठ लौटे) (ब) प्रथम जन्म (स) द्वितीय जन्म (द) शाप शेष रहा

385. 'दन्तवक्त्र' किसका अभिन्न मित्र और सहयोगी असुर राजा था?

(अ) चेदिराज शिशुपाल का (ब) युधिष्ठिर का (स) अर्जुन का (द) भीष्म का

386. महाकवि माघ की कविता में 'शब्दालंकारों' में सर्वाधिक प्रयुक्त अलंकार कौन-सा है?

(अ) अनुप्रास, यमक एवं श्लेष (ब) केवल चित्रकाव्य (स) केवल वक्रोक्ति (द) पुनरुक्तवदाभास मात्र

387. 'अर्थालंकारों' में माघ को किस अलंकार के मौलिक प्रयोग में महारत हासिल है?

(अ) उपमा, उत्प्रेक्षा, रूपक, अर्थान्तरन्यास एवं समासोक्ति (ब) केवल सन्देह (स) केवल भ्रान्तिमान् (द) केवल अपह्नुति

388. "मेघे माघे गतं वयः" - इस पद में 'माघे' पद किस विभक्ति का रूप है?

(अ) सप्तमी विभक्ति, एकवचन (माघ-काव्य के अनुशीलन में) (ब) प्रथमा द्विवचन (स) चतुर्थी एकवचन (द) तृतीया

389. 'शिशुपालवधम्' में किस सर्ग को 'सेना-निवेश' या 'स्कन्धावार' सर्ग कहा जाता है?

(अ) पञ्चम सर्ग को (ब) प्रथम सर्ग को (स) तृतीय सर्ग को (द) सप्तम सर्ग को

390. शिशुपालवधम् के किस सर्ग को 'प्रभात-वर्णन' सर्ग के नाम से जाना जाता है?

(अ) एकादश (11वें) सर्ग को (ब) नवम सर्ग को (स) दशम सर्ग को (द) द्वादश सर्ग को

391. शिशुपालवधम् के किस सर्ग को 'यमुना-तरण' सर्ग कहा जाता है?

(अ) द्वादश (12वें) सर्ग को (ब) तृतीय सर्ग को (स) चतुर्थ सर्ग को (द) षष्ठ सर्ग को

392. 'इन्द्रप्रस्थ-प्रवेश' का वर्णन शिशुपालवधम् के किस सर्ग में हुआ है?

(अ) त्रयोदश (13वें) सर्ग में (ब) चतुर्दश सर्ग में (स) पञ्चदश सर्ग में (द) षोडश सर्ग में

393. 'राजसूय यज्ञ एवं अग्रपूजा' का वर्णन किस सर्ग का मुख्य विषय है?

(अ) चतुर्दश (14वें) सर्ग का (ब) त्रयोदश सर्ग का (स) पञ्चदश सर्ग का (द) विंश सर्ग का

394. 'शिशुपाल-क्रोध एवं सभा-त्याग' का वर्णन किस सर्ग में है?

(अ) पञ्चदश (15वें) सर्ग में (ब) षोडश सर्ग में (स) सप्तदश सर्ग में (द) अष्टादश सर्ग में

395. 'दूत-वाक्य एवं श्लेष-भाषण' किस सर्ग में वर्णित है?

(अ) षोडश (16वें) सर्ग में (ब) सप्तदश सर्ग में (स) 18वें सर्ग में (द) 19वें सर्ग में

396. 'चित्रयुद्ध एवं चित्रालंकार' का सन्निवेश किस सर्ग में है?

(अ) एकोनविंश (19वें) सर्ग में (ब) विंश सर्ग में (स) 17वें सर्ग में (द) 18वें सर्ग में

397. 'शिशुपाल-वध एवं चक्र-प्रहार' किस सर्ग की चरम परिणति है?

(अ) विंश (20वें) अन्तिम सर्ग की (ब) 19वें सर्ग की (स) 18वें सर्ग की (द) 14वें सर्ग की

398. महाकवि माघ की काव्य-प्रतिभा का मूल्यांकन करते हुए किस पाश्चात्य/भारतीय विद्वान् ने उन्हें 'संस्कृत का डिक्शनरी-कवि' कहा?

(अ) उनके अप्रतिम शब्द-भाण्डार एवं नव-नव शब्द-प्रयोगों के कारण (ब) वे केवल शब्द लिखते थे (स) उनमें भाव नहीं था (द) वे विदेशी थे

399. शिशुपालवधम् महाकाव्य किस रस से प्रारम्भ होकर किस रस में विश्रान्त होता है?

(अ) शान्त/उत्साह से प्रारम्भ होकर परम वीर रस एवं भगवद्-अनुग्रह में पूर्ण (ब) केवल शृङ्गार (स) केवल करुण (द) केवल हास्य

400. 400 प्रश्नों के इस पड़ाव पर शिशुपालवधम् का कौन-सा पक्ष सबसे अधिक प्रभावकारी सिद्ध होता है?

(अ) इसका शास्त्रीय पाण्डित्य, उच्च कूटनीति, व्याकरण-वैभव एवं धर्म-विजय का अमर सन्देश (ब) केवल कथा-भाग (स) केवल युद्ध (द) केवल शृङ्गार
✦ उत्तरमाला (Answer Key : प्रश्न 301 से 400) ✦
301-(अ) 302-(ब) 303-(ब) 304-(अ) 305-(अ) 306-(ब) 307-(ब) 308-(ब) 309-(अ) 310-(अ) 311-(अ) 312-(अ) 313-(ब) 314-(ब) 315-(ब) 316-(ब) 317-(ब) 318-(ब) 319-(अ) 320-(ब) 321-(ब) 322-(ब) 323-(ब) 324-(ब) 325-(अ) 326-(अ) 327-(अ) 328-(अ) 329-(अ) 330-(अ) 331-(अ) 332-(ब) 333-(ब) 334-(अ) 335-(ब) 336-(ब) 337-(अ) 338-(अ) 339-(ब) 340-(ब) 341-(ब) 342-(अ) 343-(अ) 344-(अ) 345-(अ) 346-(ब) 347-(अ) 348-(अ) 349-(अ) 350-(अ) 351-(अ) 352-(अ) 353-(अ) 354-(अ) 355-(अ) 356-(अ) 357-(अ) 358-(अ) 359-(अ) 360-(अ) 361-(अ) 362-(अ) 363-(अ) 364-(अ) 365-(अ) 366-(अ) 367-(अ) 368-(अ) 369-(अ) 370-(अ) 371-(अ) 372-(अ) 373-(अ) 374-(अ) 375-(अ) 376-(अ) 377-(अ) 378-(अ) 379-(अ) 380-(अ) 381-(अ) 382-(अ) 383-(अ) 384-(अ) 385-(अ) 386-(अ) 387-(अ) 388-(अ) 389-(अ) 390-(अ) 391-(अ) 392-(अ) 393-(अ) 394-(अ) 395-(अ) 396-(अ) 397-(अ) 398-(अ) 399-(अ) 400-(अ)

शिशुपालवधम् : 500 वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरी महामैराथन (खण्ड-5 : प्रश्न 401-500)

UGC NET, UP TGT, PGT, GIC, RPSC एवं असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा विशेष (सम्पूर्ण ग्रन्थ समापन)

401. 'श्रीमति' पद में 'श्री' शब्द के साथ कौन-सा मत्वर्थीय तद्धित प्रत्यय प्रयुक्त हुआ है?

(अ) मतुप् प्रत्यय (श्रीमत् -> सप्तमी एकवचन) (ब) वतुप् प्रत्यय (स) इनि प्रत्यय (द) अण् प्रत्यय

402. 'वसुदेवसद्मनि' पद में कौन-सा समास निष्पन्न होता है?

(अ) वसुदेवस्य सद्म तस्मिन् (षष्ठी तत्पुरुष) (ब) कर्मधारय (स) बहुव्रीहि (द) द्वन्द्व

403. 'अमूं' पद किस मूल सर्वनाम शब्द का रूप है?

(अ) अदस् (पुँल्लिङ्ग, द्वितीया एकवचन) (ब) इदम् (स) तद् (द) अस्मद्

404. 'विभावितार्चिषम्' में 'अर्चिस्' शब्द का प्रथमा एकवचन में क्या रूप बनता है?

(अ) अर्चिः (सकारान्त) (ब) अर्चिम् (स) अर्चिषा (द) अर्चीः

405. 'अनूरुसारथेः' में 'सारथि' शब्द व्याकरण के अनुसार किस लिङ्ग का है?

(अ) पुँल्लिङ्ग (इकारान्त) (ब) स्त्रीलिङ्ग (स) नपुंसकलिंग (द) अव्यय

406. 'नभस्वतः' पद का मूल प्रातिपदिक क्या है?

(अ) नभस्वत् (तकारान्त पुँल्लिङ्ग) (ब) नभस्वन् (स) नभस् (द) नभ

407. 'गतस्पृहः' पद में 'स्पृहा' शब्द का सही अर्थ क्या है?

(अ) इच्छा / कामना / आसक्ति (ब) क्रोध (स) भय (द) लज्जा

408. 'अविधेयवृत्तिषु' पद में 'वृत्ति' शब्द का क्या अर्थ है?

(अ) आचरण / व्यवहार (ब) आजीविका (स) व्यापार (द) ग्रन्थ

409. 'जिगीषोः' पद में मूल प्रातिपदिक 'जिगीषु' का प्रथमा एकवचन रूप क्या है?

(अ) जिगीषुः (उकारान्त पुँल्लिङ्ग) (ब) जिगीषी (स) जिगीषः (द) जिगीषम्

410. 'चिकीर्षितम्' पद में 'कृ' धातु से कौन-सा सन्नन्त कृदन्त रूप बना है?

(अ) कृ + सन् + क्त (करने की इच्छा वाला कार्य) (ब) कृ + ल्युट् (स) कृ + तुमुन् (द) कृ + तव्यत्

411. 'उपेक्षकः' पद में प्रयुक्त मूल धातु कौन-सी है?

(अ) उप + ईक्ष् (ईक्ष् दर्शने) (ब) उप + अक्ष् (स) उप + इष् (द) उप + अच्

412. 'सद्वृत्तिः' पद में 'वृत्ति' शब्द किस लिङ्ग का है?

(अ) स्त्रीलिङ्ग (क्तिन् प्रत्ययान्त) (ब) पुँल्लिङ्ग (स) नपुंसकलिंग (द) अव्यय

413. 'अनुत्सूत्रपदन्यासा' में 'उत्सूत्र' का क्या अर्थ है?

(अ) नियम / सूत्र की मर्यादा का उल्लंघन करने वाला (ब) सीधा (स) नवीन (द) प्राचीन

414. 'आत्मोदयः' पद का सही समास-विग्रह क्या होगा?

(अ) आत्मनः उदयः (षष्ठी तत्पुरुष) (ब) आत्मना उदयः (स) आत्मने उदयः (द) कर्मधारय

415. 'परज्यानिः' पद में 'ज्यानि' शब्द का सही अर्थ क्या है?

(अ) हानि / क्षय / विनाश (ब) लाभ (स) ज्ञान (द) शान्ति

416. 'रत्नाकरः' पद किस देवता/प्राकृतिक तत्त्व का प्रसिद्ध वाचक है?

(अ) समुद्र (वरुण) का (ब) हिमालय का (स) इन्द्र का (द) सूर्य का

417. 'अहिमरुचिः' में 'अहिम' शब्द का क्या अर्थ है?

(अ) उष्ण / तप्त / प्रखर किरणयुक्त (ब) शीतल (स) अन्धकार (द) जल

418. 'हिमरुचिः' में 'हिम' शब्द का क्या अर्थ है?

(अ) शीतल / पावन चाँदनी युक्त (ब) उष्ण (स) अग्नि (द) बाण

419. 'आलानम्' पद में कौन-सा उपसर्ग और कृदन्त प्रत्यय है?

(अ) आङ् + ला + ल्युट् (हाथी बाँधने का खम्भा) (ब) अप + ल्यप् (स) अव + क्त (द) आ + तुमुन्

420. 'पद्मिनी-वल्लभः' पद में कौन-सा समास है?

(अ) पद्मिन्याः वल्लभः (षष्ठी तत्पुरुष - सूर्य) (ब) बहुव्रीहि (स) कर्मधारय (द) द्वन्द्व

421. तृतीय सर्ग में श्रीकृष्ण के प्रयाण को देखने हेतु द्वारका की स्त्रियों में किस प्रकार की आतुरता थी?

(अ) शीघ्रता में अस्त-व्यस्त वस्त्र-आभूषणों के साथ छतों पर दौड़ने की (ब) भयभीत होने की (स) रोने की (द) विश्राम की

422. चतुर्थ सर्ग में दारुक ने रैवतक पर्वत को किस देश का मुकुटमणि बताया?

(अ) सौराष्ट्र (आनर्त / गुजरात) देश का (ब) मगध का (स) कुरु देश का (द) चेदि देश का

423. 'उदयति विततोर्ध्वरश्मिरज्जावहिमरुचौ...' श्लोक में रैवतक पर्वत पर किस सन्ध्या-वेला का दृश्य है?

(अ) पूर्णिमा की सन्ध्या (जब एक ओर सूर्य अस्त और दूसरी ओर चन्द्र उदय हो रहा हो) (ब) अमावस्या की रात्रि (स) दोपहर (द) उषाकाल

424. पञ्चम सर्ग में सेना के पड़ाव के समय किस वाद्य-ध्वनि का विशद वर्णन है?

(अ) दुन्दुभि, शङ्ख, पणव एवं तूर्य (ब) केवल वेणु (स) केवल वीणा (द) मञ्जीरा मात्र

425. षष्ठ सर्ग में 'षड्ऋतु वर्णन' के समय कामदेव के पञ्चबाणों में क्या परिगणित नहीं है?

(अ) अरविन्द, अशोक, चूत, नवमल्लिका, नीलोत्पल (ब) खड्ग, गदा, चक्र (स) उपर्युक्त (अ) ही पञ्चबाण हैं (द) केवल पुष्पबाण

426. संस्कृत काव्य-परम्परा में 'ऋतुराज' किसे कहा जाता है?

(अ) वसन्त ऋतु को (ब) ग्रीष्म ऋतु को (स) वर्षा ऋतु को (द) शरद् ऋतु को

427. ग्रीष्म ऋतु में प्रचण्ड धूप के समय सूर्य के सात घोड़ों का पसीना किससे बहता बताया गया है?

(अ) आकाश-मार्ग के तीक्ष्ण ताप से (ब) वर्षा से (स) वायु से (द) भय से

428. वर्षा ऋतु में विकसित कदम्ब के गोल पुष्पों की उपमा किससे दी गई है?

(अ) प्रेमोल्लास में उठे रोमाञ्च (पुलकावली) से (ब) बाण से (स) पाषाण से (द) फल से

429. शरद् ऋतु में जल-विहीन बादलों का श्वेत रंग किसकी याद दिलाता है?

(अ) निर्मल शङ्ख एवं कर्पूर के समान धवल कान्ति की (ब) कज्जल की (स) तड़ित् की (द) सुवर्ण की

430. हेमन्त ऋतु में खेतों में किस फसल की पकी बालियों से पृथ्वी सुशोभित होती है?

(अ) शाली (धान/चावल) की स्वर्णिम बालियों से (ब) केवल तृण से (स) कपास से (द) सरसो से

431. शिशिर ऋतु में हिमपात एवं तुषार से कमलों की क्या स्थिति होती है?

(अ) वे पाले से झुलसकर नष्ट हो जाते हैं (ब) वे खिलते हैं (स) वे अमर रहते हैं (द) वे बढ़ते हैं

432. सप्तम सर्ग में पुष्प चुनती हुई स्त्रियों के हाथों की तुलना किससे की गई है?

(अ) नवीन रक्तिम पल्लवों (किसलयों) से (ब) काष्ठ से (स) बाण से (द) सुवर्ण-दण्ड से

433. अष्टम सर्ग में जलक्रीड़ा के समय स्त्रियों के चञ्चल नेत्रों की उपमा किससे है?

(अ) जल में तैरती चञ्चल मछलियों (शफरि) से (ब) कमलों से (स) भ्रमरों से (द) बाणों से

434. नवम सर्ग में अस्ताचलगामी सूर्य की लालिमा से रञ्जित पश्चिम दिशा की उपमा किससे है?

(अ) रक्तिम वस्त्र धारण करने वाली अनुरागवती नायिका से (ब) संन्यासिनी से (स) विधवा से (द) बालिका से

435. दशम सर्ग में मधुपान के समय स्त्रियों के कपोलों (गालों) पर क्या प्रस्फुटित होता है?

(अ) स्वाभाविक रक्तिम आभा एवं स्वेद-कण (ब) भस्म (स) धूलि (द) अश्रु

436. एकादश सर्ग में प्रभात-वर्णन के समय आकाश में तारों के छिपने की उपमा किससे है?

(अ) धनहीन हुए पुरुष को छोड़कर भागने वाले स्वार्थी आश्रितों से (ब) मुनियों से (स) पक्षियों से (द) पुष्पों से

437. द्वादश सर्ग में यमुना नदी के तट पर स्थित किन सघन वनों का उल्लेख है?

(अ) तमाल, कदम्ब, वञ्जुल एवं वेतस वन (ब) बबूल वन (स) देवदारु वन (द) चीड़ वन

438. त्रयोदश सर्ग में पाण्डवों की राजधानी इन्द्रप्रस्थ की भव्यता की उपमा किससे की गई है?

(अ) देवराज इन्द्र की अमरावती एवं कुबेर की अलकापुरी से (ब) लङ्का से (स) पाताल से (द) उज्जयिनी से

439. इन्द्रप्रस्थ नगर के दिव्य प्रासादों का निर्माण किन दो महान् देवशिल्पियों ने किया था?

(अ) विश्वकर्मा एवं मयासुर (मय दानव) (ब) नन्दी (स) भृगु (द) भारद्वाज

440. श्रीकृष्ण को देखकर धर्मराज युधिष्ठिर के नेत्रों से किस प्रकार के अश्रु प्रवाहित हुए?

(अ) अनन्य भक्ति, भ्रातृ-स्नेह एवं आनन्द के अश्रु (ब) शोक के अश्रु (स) भय के अश्रु (द) क्रोध के अश्रु

441. चतुर्दश सर्ग में राजसूय यज्ञ में चारों दिशाओं के दिग्विजय हेतु अर्जुन किस दिशा में गए थे?

(अ) उत्तर दिशा (उत्तर कुरु) की ओर (ब) दक्षिण दिशा (स) पूर्व दिशा (द) पश्चिम दिशा

442. राजसूय यज्ञ में 'अग्रपूजा' के समय समस्त सभासदों ने किसके नाम पर सर्वसम्मति से जयघोष किया?

(अ) भगवान श्रीकृष्ण के नाम पर (ब) भीष्म के नाम पर (स) द्रोण के नाम पर (द) युधिष्ठिर के नाम पर

443. भीष्म पितामह ने श्रीकृष्ण की स्तुति करते हुए उन्हें किसका मूल कारण बताया?

(अ) सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड की सृष्टि, स्थिति और संहार का साक्षात् कारण (ब) सामान्य राजा (स) केवल योद्धा (द) दूत

444. पञ्चदश सर्ग में शिशुपाल ने श्रीकृष्ण के गोवर्धन-धारण को क्या कहा?

(अ) एक सामान्य टीले को उठाना, कोई महान् पराक्रम नहीं (ब) ईश्वरीय चमत्कार (स) पावन लीला (द) धर्म

445. शिशुपाल ने श्रीकृष्ण के पूतना-वध को क्या कहकर निन्दित किया?

(अ) एक असहाय नारी (स्त्री) की हत्या का पाप (ब) राक्षसी का वध (स) महान् कार्य (द) वीरता

446. भीष्म पितामह ने शिशुपाल के वचनों को सुनकर क्या कहा?

(अ) शिशुपाल की बुद्धि काल-प्रेरित होकर नष्ट हो चुकी है (ब) शिशुपाल सत्य कह रहा है (स) सन्धि कर लो (द) यज्ञ रोको

447. षोडश सर्ग में शिशुपाल के दूत के भाषण का मुख्य काव्य-दोष/गुण क्या है?

(अ) उत्कृष्ट श्लेष-कला, जो एक साथ स्तुति और निन्दा दोनों व्यक्त करती है (ब) केवल गालियाँ (स) अप्रसन्नता (द) मौन

448. सात्यकि ने शिशुपाल के दूत को क्या कहकर लताड़ा?

(अ) तू गीदड़ का सन्देश सिंह के सम्मुख सुनाने आया है (ब) तू बुद्धिमान् है (स) तू मन्त्री है (द) तू मित्र है

449. सप्तदश सर्ग में चेदिराज शिशुपाल की सेना के प्रयाण के समय कौन-से अपशकुन हुए?

(अ) गीदड़ों का रोना, आकाश से उल्कापात एवं सूर्य का धूमिल होना (ब) पुष्पवृष्टि (स) सुगन्धित पवन (द) जयघोष

450. अष्टादश सर्ग में युद्धभूमि में वीरों के बाणों से घायल हाथियों की चिंघाड़ की उपमा किससे है?

(अ) वज्राहत पर्वतों के टूटने एवं प्रलय-मेघों से (ब) शंख-ध्वनि से (स) वेणु-ध्वनि से (द) वीणा से

451. एकोनविंश (19वें) सर्ग में 'दददो दुद्ददुद्दादी...' एकाक्षर श्लोक में किस एकमात्र व्यञ्जन का प्रयोग है?

(अ) 'द' (दकार) वर्ण का (ब) 'न' वर्ण का (स) 'क' वर्ण का (द) 'म' वर्ण का

452. 19वें सर्ग में 'गोमूत्रिका' चित्रकाव्य का स्वरूप क्या होता है?

(अ) दो चरणों के वर्णों को जिग-जैग (तिरछे) क्रम से पढ़ने पर दूसरे चरण की रचना होना (ब) चक्र बनाना (स) कमल बनाना (द) गदा बनाना

453. 19वें सर्ग में 'सर्वतोभद्र' श्लोक की क्या विशेषता होती है?

(अ) चारों चरणों को ऊपर, नीचे, आगे, पीछे किसी भी दिशा से पढ़ने पर समान पाठ प्राप्त होना (ब) केवल 'स' आना (स) आधा पद होना (द) केवल स्वर होना

454. 19वें सर्ग में महाकवि माघ ने किस पूर्ववर्ती महाकवि के चित्रकाव्य को विस्तार एवं परिष्कार प्रदान किया?

(अ) महाकवि भारवि (किरातार्जुनीयम्, 15वाँ सर्ग) को (ब) कालिदास को (स) दण्डी को (द) भवभूति को

455. संस्कृत काव्यशास्त्र (मम्मट आदि) में चित्रकाव्य को किस कोटि का काव्य माना गया है?

(अ) अधम काव्य / अवर काव्य (शब्द-चित्र एवं अर्थ-चित्र) (ब) उत्तम काव्य (ध्वनिकाव्य) (स) मध्यम काव्य (द) सर्वोत्तम

456. विंश (20वें) सर्ग में शिशुपाल ने श्रीकृष्ण पर किस भयानक शस्त्र का प्रहार किया?

(अ) आग्नेयास्त्र, पाश एवं तीक्ष्ण गदा (ब) केवल जल (स) केवल पुष्प (द) मुष्टि मात्र

457. श्रीकृष्ण ने सुदर्शन चक्र को किस अंगुली पर धारण करके घुमाया?

(अ) तर्जनी अंगुली पर (ब) कनिष्ठिका पर (स) अनामिका पर (द) मध्यमा पर

458. सुदर्शन चक्र के कितने अर (तीली/स्पोक्स) माने जाते हैं?

(अ) सहस्रार (हजार तीलियों वाला) (ब) चार (स) आठ (द) सोलह

459. शिशुपाल का वध होते ही युधिष्ठिर का कौन-सा अनुष्ठान निर्विघ्न सम्पन्न हुआ?

(अ) राजसूय महायज्ञ (ब) अश्वमेध यज्ञ (स) वाजपेय (द) सोमयज्ञ

460. राजसूय यज्ञ की पूर्णाहुति के उपरान्त युधिष्ठिर ने कौन-सा पावन मङ्गल-स्नान किया?

(अ) अवभृथ स्नान (ब) केवल पाद्य (स) तर्पण (द) आचमन

461. शिशुपालवधम् में किस दार्शनिक सिद्धान्त के 'सत्कार्यवाद' का दार्शनिक उल्लेख मिलता है?

(अ) सांख्य दर्शन के (ब) चार्वाक के (स) बौद्ध के (द) जैन के

462. 'शिशुपालवधम्' महाकाव्य में कुल कितने सर्ग हैं?

(अ) 20 सर्ग (ब) 18 सर्ग (स) 22 सर्ग (द) 17 सर्ग

463. 'शिशुपालवधम्' का दूसरा सर्वमान्य नाम क्या है?

(अ) माघकाव्यम् (ब) चैद्यवधम् (स) कृष्णविजयम् (द) उपर्युक्त (अ) और (ब) दोनों

464. महाकवि माघ के आश्रयदाता राजा वर्मलात का ऐतिहासिक वसन्तगढ़ शिलालेख किस संवत्/वर्ष का है?

(अ) 625 ईस्वी (विक्रम संवत् 682) (ब) 1000 ईस्वी (स) 300 ईस्वी (द) 1200 ईस्वी

465. माघ के पिता का नाम क्या था?

(अ) दत्तक (सर्वाश्रय) (ब) श्रीधर (स) दामोदर (द) चित्रभानु

466. माघ के पितामह 'सुप्रभदेव' किस पद पर प्रतिष्ठित थे?

(अ) राजा वर्मलात के प्रधान मन्त्री (सर्वाधिकार-सम्पन्न) (ब) सेनापति (स) पुरोहित (द) राजकवि

467. 'शिशुपालवधम्' संस्कृत साहित्य के किस ग्रन्थ-त्रयी का द्वितीय रत्न है?

(अ) बृहत्त्रयी (किरातार्जुनीयम्, शिशुपालवधम्, नैषधीयचरितम्) (ब) लघुत्रयी (स) प्रस्थानत्रयी (द) मुनित्रयी

468. बृहत्त्रयी में किरातार्जुनीयम् और नैषधीयचरितम् के मध्य में कौन-सा ग्रन्थ स्थित है?

(अ) शिशुपालवधम् (20 सर्ग) (ब) रघुवंशम् (स) कुमारसम्भवम् (द) मेघदूतम्

469. 'उपमा कालिदासस्य भारवेरर्थगौरवम्। दण्डिनः पदलालित्यं माघे सन्ति त्रयो गुणाः॥' - यह श्लोक माघ के किस वैशिष्ट्य को सिद्ध करता है?

(अ) उपमा, अर्थगौरव एवं पदलालित्य तीनों के समन्वित सर्वश्रेष्ठ महाकवि (ब) केवल उपमा (स) केवल पदलालित्य (द) केवल अर्थगौरव

470. "तावद् भा भारवेर्भाति यावन्माघस्य नोदयः" - इस पद में 'भा' शब्द की आवृत्ति से कौन-सा अलंकार है?

(अ) यमक एवं अनुप्रास अलंकार (ब) रूपक (स) उत्प्रेक्षा (द) श्लेष

471. "नवसर्गगते माघे नवशब्दो न विद्यते" - यह उक्ति माघ के किस गुण की प्रशंसा करती है?

(अ) उनके अगाध एवं अप्रतिम शब्द-कोश ज्ञान की (ब) उनके छन्द-ज्ञान की (स) उनके रस-ज्ञान की (द) उनके इतिहास की

472. "मेघे माघे गतं वयः" - इस प्रसिद्ध लोकोक्ति का क्या तात्पर्य है?

(अ) मेघदूतम् और माघकाव्य के गहन अध्ययन में सम्पूर्ण आयु बीत जाती है (ब) माघ मास में मेघ आते हैं (स) दोनों छोटे ग्रन्थ हैं (द) आयु व्यर्थ है

473. महाकवि माघ को 'घण्टामाघ' की उपाधि किस सर्ग के किस श्लोक के आधार पर दी गई?

(अ) चतुर्थ सर्ग, श्लोक 20 (रैवतक पर्वत पर सूर्य-चन्द्रमा के घण्टा-सादृश्य पर) (ब) प्रथम सर्ग, श्लोक 1 (स) द्वितीय सर्ग, श्लोक 10 (द) 20वें सर्ग पर

474. शिशुपालवधम् के प्रत्येक सर्ग के अन्तिम श्लोक में कौन-सा शब्द प्रयुक्त होता है?

(अ) 'श्री' शब्द (ब) 'लक्ष्मी' शब्द (स) 'शिव' शब्द (द) 'कृष्ण' शब्द

475. शिशुपालवधम् का प्रारम्भ किस शब्द से होता है?

(अ) 'श्रियः' शब्द से (ब) 'लक्ष्मी' से (स) 'ॐ' से (द) 'अथ' से

476. शिशुपालवधम् पर मल्लिनाथ द्वारा रचित विश्वविख्यात टीका का क्या नाम है?

(अ) 'सर्वङ्कषा' टीका (ब) 'घण्टापथ' (स) 'सञ्जीवनी' (द) 'जीवातू'

477. 'सर्वङ्कषा' टीका के टीकाकार मल्लिनाथ का पूरा नाम क्या है?

(अ) कोलाचल मल्लिनाथ सूरि (ब) पेद्दिभट्ट मल्लिनाथ (स) रामचन्द्र मल्लिनाथ (द) नारायण मल्लिनाथ

478. शिशुपालवधम् पर काश्मीरक विद्वान् वल्लभदेव की टीका का क्या नाम है?

(अ) 'सन्देहविषौषधि' टीका (ब) 'बालबोधिनी' (स) 'सुबोधिनी' (द) 'प्रकाशिका'

479. शिशुपालवधम् का प्रधान (अङ्गी) रस कौन-सा है?

(अ) वीर रस (उत्साह-स्थायीभाव) (ब) शृङ्गार रस (स) रौद्र रस (द) करुण रस

480. शिशुपालवधम् का नायक भगवान श्रीकृष्ण किस कोटि का नायक है?

(अ) धीरोदात्त नायक (ब) धीरोद्धत (स) धीरललित (द) धीरप्रशान्त

481. शिशुपालवधम् का प्रतिनायक चेदिराज शिशुपाल किस कोटि का पात्र है?

(अ) धीरोद्धत पात्र (ब) धीरोदात्त (स) धीरललित (द) धीरप्रशान्त

482. शिशुपालवधम् का उपजीव्य ग्रन्थ कौन-सा है?

(अ) महाभारत का सभापर्व (अध्याय 33-45) एवं श्रीमद्भागवत (ब) रामायण (स) वायुपुराण (द) विष्णुपुराण मात्र

483. शिशुपाल पूर्वजन्मों में क्रमशः किन दो महा-असुरों के रूप में उत्पन्न हुआ था?

(अ) सत्ययुग में हिरण्यकशिपु एवं त्रेतायुग में रावण (ब) महिषासुर एवं शुम्भ (स) कुम्भकर्ण एवं मेघनाद (द) कंस एवं बकासुर

484. शिशुपाल के वध के उपरान्त उसके शरीर से निकली दिव्य ज्योति किसमें विलीन हो गई?

(अ) भगवान श्रीकृष्ण के पावन विग्रह में (सायुज्य मुक्ति) (ब) पाताल में (स) अग्नि में (द) वायु में

485. शिशुपाल की माता का नाम क्या था?

(अ) श्रुतश्रवा (वसुदेव जी की बहन / श्रीकृष्ण की बुआ) (ब) कुन्ती (स) यशोदा (द) देवकी

486. शिशुपाल के पिता का नाम क्या था?

(अ) चेदिराज दमघोष (ब) उग्रसेन (स) शूरसेन (द) जरासन्ध

487. श्रीकृष्ण ने अपनी बुआ श्रुतश्रवा को शिशुपाल के कितने अपराध क्षमा करने का वचन दिया था?

(अ) सौ (100) अपराध (ब) पचास अपराध (स) हजार अपराध (द) अनन्त

488. प्रथम सर्ग में देवर्षि नारद के हाथ में स्थित दिव्य वीणा का क्या नाम था?

(अ) महती वीणा (ब) कादम्बरी (स) वासवदत्ता (द) विपञ्ची

489. भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य शंख का क्या नाम था?

(अ) पाञ्चजन्य शंख (ब) देवदत्त (स) पौण्ड्र (द) अनन्तविजय

490. भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य चक्र का क्या नाम था?

(अ) सुदर्शन चक्र (ब) कालचक्र (स) विष्णुचक्र (द) धर्मचक्र

491. भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य धनुष का क्या नाम था?

(अ) शार्ङ्ग धनुष (ब) गाण्डीव (स) पिनाक (द) कोदण्ड

492. भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य गदा का क्या नाम था?

(अ) कौमोदकी गदा (ब) कालदण्ड (स) वज्र (द) मुद्गर

493. भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य खड्ग (तलवार) का क्या नाम था?

(अ) नन्दक खड्ग (ब) चन्द्रहास (स) असी (द) कृपाण

494. भगवान श्रीकृष्ण के रथ के सारथि का क्या नाम था?

(अ) दारुक (ब) मातलि (स) सुमन्त्र (द) संजय

495. शिशुपालवधम् के चतुर्थ सर्ग में किस पर्वत का सांगोपांग वर्णन है?

(अ) रैवतक पर्वत (गिरनार, गुजरात) का (ब) हिमालय का (स) विन्ध्याचल का (द) इन्द्रकील का

496. शिशुपालवधम् के षष्ठ सर्ग में किसका एक साथ अद्वितीय वर्णन है?

(अ) षड्ऋतु (छहों ऋतुओं) का (ब) षड्गुणों का (द) अष्टदिग्पालों का (द) नवग्रहों का

497. राजनीति की प्रसिद्ध मन्त्रणा (श्रीकृष्ण, बलराम एवं उद्धव संवाद) किस सर्ग में है?

(अ) द्वितीय सर्ग में (ब) प्रथम सर्ग में (स) तृतीय सर्ग में (द) चतुर्थ सर्ग में

498. शिशुपालवधम् के 19वें सर्ग में किस प्रकार के काव्य-चमत्कार का सन्निवेश है?

(अ) चित्रकाव्य (एकाक्षर, द्व्यक्षर, सर्वतोभद्र, गोमूत्रिका आदि) का (ब) केवल गद्य (स) केवल नाटक (द) प्राकृत

499. "क्षणे क्षणे यन्नवतामुपैति तदेव रूपं रमणीयतायाः" - यह अमर सौन्दर्य-सूक्ति किस कवि की अमर देन है?

(अ) महाकवि माघ (शिशुपालवधम्, चतुर्थ सर्ग) (ब) कालिदास (स) भारवि (द) श्रीहर्ष

500. 500 प्रश्नों की इस सम्पूर्ण शिशुपालवधम् महामैराथन का सर्वोत्कृष्ट नीति-सार क्या है?

(अ) "आत्मोदयः परज्यानिः" तथा अधर्म पर धर्म की, अनीति पर न्याय की एवं अहंकार पर ईश्वर-भक्ति की शाश्वत विजय (ब) केवल युद्ध ही जीवन है (स) भाग्य ही सर्वोपरि है (द) संसार मिथ्या है
✦ उत्तरमाला (Answer Key : प्रश्न 401 से 500 - महामैराथन सम्पूर्ण) ✦
401-(अ) 402-(अ) 403-(अ) 404-(अ) 405-(अ) 406-(अ) 407-(अ) 408-(अ) 409-(अ) 410-(अ) 411-(अ) 412-(अ) 413-(अ) 414-(अ) 415-(अ) 416-(अ) 417-(अ) 418-(अ) 419-(अ) 420-(अ) 421-(अ) 422-(अ) 423-(अ) 424-(अ) 425-(ब) 426-(अ) 427-(अ) 428-(अ) 429-(अ) 430-(अ) 431-(अ) 432-(अ) 433-(अ) 434-(अ) 435-(अ) 436-(अ) 437-(अ) 438-(अ) 439-(अ) 440-(अ) 441-(अ) 442-(अ) 443-(अ) 444-(अ) 445-(अ) 446-(अ) 447-(अ) 448-(अ) 449-(अ) 450-(अ) 451-(अ) 452-(अ) 453-(अ) 454-(अ) 455-(अ) 456-(अ) 457-(अ) 458-(अ) 459-(अ) 460-(अ) 461-(अ) 462-(अ) 463-(द) 464-(अ) 465-(अ) 466-(अ) 467-(अ) 468-(अ) 469-(अ) 470-(अ) 471-(अ) 472-(अ) 473-(अ) 474-(अ) 475-(अ) 476-(अ) 477-(अ) 478-(अ) 479-(अ) 480-(अ) 481-(अ) 482-(अ) 483-(अ) 484-(अ) 485-(अ) 486-(अ) 487-(अ) 488-(अ) 489-(अ) 490-(अ) 491-(अ) 492-(अ) 493-(अ) 494-(अ) 495-(अ) 496-(अ) 497-(अ) 498-(अ) 499-(अ) 500-(अ)

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)