किरातार्जुनीयम् : 500 वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरी महामैराथन (भाग-1)
UGC NET, UP TGT, PGT, GIC, RPSC, असिस्टेंट प्रोफेसर एवं समस्त संस्कृत प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु
1. महाकवि भारवि के काल-निर्धारण का सबसे प्रामाणिक बाह्य साक्ष्य कौन-सा है?
2. 'अवन्तिसुन्दरीकथा' के अनुसार महाकवि भारवि किस पल्लव नरेश की सभा में सम्मानित थे?
3. महाकवि भारवि के पिता एवं माता का क्या नाम था?
4. भारवि का जन्म किस गोत्र में माना जाता है?
5. भारवि की पत्नी का वास्तविक नाम ग्रन्थों में क्या प्राप्त होता है?
6. भारवि मुख्यतः किस सम्प्रदाय/मत के अनुयायी थे?
7. किरातार्जुनीयम् महाकाव्य संस्कृत साहित्य के किस ग्रन्थ-त्रयी के अन्तर्गत आता है?
8. किरातार्जुनीयम् महाकाव्य का मुख्य उपजीव्य (कथानक का मूल स्रोत) क्या है?
9. किरातार्जुनीयम् महाकाव्य में कुल कितने सर्ग तथा लगभग कितने श्लोक हैं?
10. किरातार्जुनीयम् का प्रधान (अङ्गी) रस कौन-सा है?
11. किरातार्जुनीयम् का नायक किस कोटि का है?
12. किरातार्जुनीयम् का प्रारम्भ किस शब्द से होता है?
13. किरातार्जुनीयम् के प्रत्येक सर्ग का अन्तिम श्लोक किस शब्द से समाप्त होता है?
14. किरातार्जुनीयम् के प्रथम सर्ग में कुल कितने श्लोक हैं?
15. प्रथम सर्ग के श्लोक संख्या 1 से 44 तक किस छन्द की प्रमुखता है?
16. किरातार्जुनीयम् के प्रथम सर्ग के 45वें तथा 46वें श्लोक में क्रमशः कौन-से छन्द हैं?
17. 'श्रियः कुरुणामधिपस्य पालनीम्' इस प्रथम श्लोक में 'कुरुणामधिपस्य' पद से किसका संकेत है?
18. दुर्योधन का समाचार जानने के बाद वनेचर युधिष्ठिर से कहाँ मिला?
19. 'स वर्णिलीङ्गी विदितः समाययौ' यहाँ 'वर्णिलीङ्गी' पद का क्या अर्थ है?
20. 'कृतप्रणामस्य महीं महीभुजे' श्लोकांश में 'महीभुजे' पद में कौन-सी विभक्ति और वचन है?
21. 'द्विषां विघाताय विधातुमिच्छतो' यहाँ 'द्विषाम्' पद में कौन-सी विभक्ति है?
22. 'हितं मनोहारि च दुर्लभं वचः' यह सूक्ति किरातार्जुनीयम् के किस सर्ग और श्लोक की है?
23. 'क्रियासु युक्तैर्नृप चारचक्षुषो न वञ्चनीयाः प्रभवोऽनुजीविभिः' यह कथन किसका है?
24. 'सदानुकूलेषु हि कुर्वते रतिं नृपेष्वमात्येषु च सर्वसम्पदः' यहाँ किसका महत्त्व प्रतिपादित है?
25. 'वरं विरोधोऽपि समं महात्मभिः' यह प्रसिद्ध सूक्ति किरातार्जुनीयम् के किस सर्ग में है?
26. 'अहो दुरन्ता बलवद्विरोधिता' सूक्ति किसके द्वारा कही गई है?
27. दुर्योधन राज्य को किस प्रकार जीतना चाहता है?
28. 'अदेवमातृकाः' पद का किरातार्जुनीयम् के सन्दर्भ में क्या अर्थ है?
29. दुर्योधन ने अपने अन्तःशत्रु (काम, क्रोध, लोभ आदि) को जीतने के लिए किसे जीता?
30. प्रथम सर्ग में भारवि ने दुर्योधन के लिए किस शब्द का प्रयोग किया है?
31. वनेचर के चले जाने के बाद युधिष्ठिर किसके भवन में प्रविष्ट होते हैं?
32. 'व्रजन्ति ते मूढधियः पराभवं भवन्ति मायाविषु ये न मायिनः' यह किसकी उक्ति है?
33. 'विचित्ररूपाः खलु चित्तवृत्तयः' सूक्ति किरातार्जुनीयम् के किस सर्ग से उद्धृत है?
34. द्रौपदी युधिष्ठिर को किस मार्ग का परित्याग कर तेज धारण करने के लिए प्रेरित करती हैं?
35. 'अमर्षशून्येन जनस्य जन्तुना न जातहार्देन न विद्विषादरः' यह कथन किसका है?
36. किरातार्जुनीयम् के द्वितीय सर्ग में पाण्डवों में से किसका ओजस्वी संवाद प्रस्तुत है?
37. "सहसा विदधीत न क्रियामविवेकः परमापदां पदम्" यह श्लोक किस सर्ग का है?
38. पाण्डवों को राजनीति एवं अस्त्र-शस्त्र प्राप्ति का परामर्श देने द्वैतवन में कौन पधारे थे?
39. महर्षि वेदव्यास ने युधिष्ठिर को कौन-सी गुप्त विद्या प्रदान की थी?
40. अर्जुन तपस्या करने के लिए किस पर्वत पर गए थे?
41. अर्जुन की तपस्या भंग करने के लिए इन्द्र ने किन्हें भेजा था?
42. किरातार्जुनीयम् के किस सर्ग में शरद ऋतु का अत्यन्त मनोहारी वर्णन प्राप्त होता है?
43. किरातार्जुनीयम् के किस सर्ग में चित्रकाव्य (एकाक्षर, सर्वतोभद्र आदि) का चमत्कार प्रदर्शित है?
44. "न नोननुन्नो नुन्नोनो नाना नानानना ननु" यह प्रसिद्ध एकाक्षर श्लोक किस कवि की रचना है?
45. अर्जुन और भगवान शिव के मध्य किस दैत्य (शूकर रूपधारी) के वध को लेकर विवाद हुआ?
46. भगवान शिव अर्जुन के समक्ष किस रूप में प्रकट हुए थे?
47. अर्जुन को शिव की प्रसन्नता के उपरान्त किस अमोघ अस्त्र की प्राप्ति हुई?
48. किरातार्जुनीयम् महाकाव्य पर मल्लिनाथ द्वारा लिखी गई प्रसिद्ध टीका का नाम क्या है?
49. "नारिकेलफलसम्मितं वचो भारवेः" यह प्रशंसात्मक उक्ति किस आचार्य ने कही है?
50. 'भारवेरर्थगौरवम्' के अनुसार भारवि की शैली की प्रमुख विशेषता क्या है?
किरातार्जुनीयम् : 500 वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरी महामैराथन (भाग-2 : प्रश्न 51-100)
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51. 'प्रवृत्तिसाराः खलु मादृशां गिरः' यह कथन किरातार्जुनीयम् में किसके द्वारा कहा गया है?
52. 'किरातार्जुनीयम्' पद की निष्पत्ति में किस तद्धित प्रत्यय का प्रयोग हुआ है?
53. किरातार्जुनीयम् के प्रथम तीन सर्गों को विद्वानों द्वारा किस संज्ञा से अभिहित किया गया है?
54. 'मनोहारि' पद में 'हृ' धातु से कौन-सा कृदन्त प्रत्यय लगा है?
55. 'निवेदयिष्यतः' पद में किस कृदन्त प्रत्यय का योग हुआ है?
56. 'जिगीषतः' पद में 'जि' धातु के साथ किस प्रत्यय का प्रयोग हुआ है?
57. 'अकृष्टपच्या इव सस्यसम्पदः' इस श्लोकांश का क्या भावार्थ है?
58. 'न तेन सज्यं क्वचिदुद्यतं धनुः' यहाँ 'सज्यम्' पद का क्या अर्थ है?
59. 'कथं त्वमेतौ धृतिसंयमौ यमौ विलोकयन्त्सहसे न बाधितुम्' यहाँ 'यमौ' पद से किनका बोध होता है?
60. 'गुणानुरोधेन बिना न सत्क्रिया' यह सूक्ति किरातार्जुनीयम् के किस सर्ग की है?
61. दुर्योधन किस भय के कारण निरन्तर अपने व्यवहार को श्रेष्ठ और लोकहितकारी दिखाने का यत्न करता है?
62. 'सम्पदां' पद में किस विभक्ति और वचन का प्रयोग हुआ है?
63. किरातार्जुनीयम् के द्वितीय सर्ग का आरम्भ किस पात्र के भाषण/वक्तव्य से होता है?
64. भीमसेन ने द्वितीय सर्ग में युधिष्ठिर के किस दृष्टिकोण का तीव्र प्रतिवाद किया है?
65. 'स्फुटता न पदैरपाकृता न च न स्वीकृतमर्थगौरवम्' यह श्लोक किसकी काव्य-शैली का आदर्श व्यक्त करता है?
66. किरातार्जुनीयम् के तृतीय सर्ग में पाण्डवों के आश्रम में किस महर्षि का आगमन होता है?
67. वेदव्यास ने युधिष्ठिर को कौन-सी विद्या प्रदान की, जिसे युधिष्ठिर ने बाद में अर्जुन को दी?
68. व्यास के परामर्श पर अर्जुन किस दिशा की ओर दिव्यास्त्रों की प्राप्ति हेतु प्रस्थान करते हैं?
69. किरातार्जुनीयम् के चतुर्थ सर्ग में किस ऋतु का अलौकिक एवं विस्तृत प्राकृतिक वर्णन है?
70. भारवि ने पञ्चम सर्ग में किस पर्वत की प्राकृतिक सुषमा एवं शिखरों का सांगोपांग वर्णन किया है?
71. षष्ठ सर्ग में इन्द्र द्वारा अर्जुन की तपस्या में विघ्न डालने हेतु किसे भेजा जाता है?
72. किरातार्जुनीयम् के सप्तम और अष्टम सर्ग में मुख्यतः किन विषयों का शृङ्गारिक वर्णन है?
73. नवम सर्ग में महाकवि भारवि ने अपनी अद्भुत काव्य-प्रतिभा से किसका वर्णन किया है?
74. दशम सर्ग में अप्सराओं के समस्त हाव-भाव और प्रलोभनों के सम्मुख अर्जुन का आचरण कैसा रहा?
75. एकादश (11वें) सर्ग में देवराज इन्द्र किस रूप में आकर अर्जुन की निष्ठा की परीक्षा लेते हैं?
76. द्वादश (12वें) सर्ग में अर्जुन किसके निमित्त घोर एवं निराहार तपस्या आरम्भ करते हैं?
77. त्रयोदश (13वें) सर्ग में किस मायावी दैत्य ने अर्जुन पर आक्रमण करने हेतु वराह (शूकर) का रूप धरा था?
78. अर्जुन और किरातवेशी शिव का एक साथ बाण किस लक्ष्य पर लगा?
79. चतुर्दश (14वें) सर्ग में अर्जुन और किरात सेनापति के मध्य किस विषय पर वाक्युद्ध होता है?
80. पञ्चदश (15वें) सर्ग में प्रयुक्त चित्रालंकारों में कौन-सा प्रमुख बन्ध प्राप्त होता है?
81. किरातार्जुनीयम् के षोडश (16वें) सर्ग में दोनों पक्षों के मध्य किस प्रकार का युद्ध होता है?
82. सप्तदश (17वें) सर्ग में समस्त दिव्यास्त्र निष्फल होने पर अर्जुन और किरात के बीच कौन-सा युद्ध हुआ?
83. अष्टादश (18वें) सर्ग में अर्जुन के अतुलित शौर्य और धैर्य से प्रसन्न होकर शिव ने कौन-सा रूप दिखाया?
84. भगवान शिव ने प्रसन्न होकर अर्जुन को कौन-सा अमोघ अस्त्र प्रदान किया?
85. शिव के अतिरिक्त किरातार्जुनीयम् के अन्तिम सर्ग में किन लोकपालों ने अर्जुन को अपने अस्त्र दिए?
86. 'भारवि' शब्द की व्युत्पत्ति क्या है?
87. भारवि की काव्य-शैली में किस रीति की प्रधानता मानी जाती है?
88. 'उपमा कालिदासस्य भारवेरर्थगौरवम्' यह प्रसिद्ध श्लोक किस आचार्य/परम्परा से सम्बद्ध है?
89. 'किरात' पद का व्याकरणिक अर्थ क्या है?
90. 'महीभृतां' पद में कौन-सा समास है?
91. 'वसुनि वाञ्छन् न च मन्युना नृपः' यहाँ 'वसुनि' शब्द का क्या तात्पर्य है?
92. किरातार्जुनीयम् के प्रथम सर्ग में 'उदारकीर्तेरुदयम्' में कौन-सा अलंकार प्रयुक्त है?
93. 'न बाधतेऽस्य त्रिगणः परस्परम्' यहाँ 'त्रिगण' से क्या अभिप्राय है?
94. 'अखण्डमाखण्डलतुल्यधामभिः' यहाँ 'आखण्डल' पद का क्या अर्थ है?
95. द्रौपदी के अनुसार किस व्यक्ति का आदर न मित्र करते हैं और न ही शत्रु उससे डरते हैं?
96. 'द्विषन्निमित्ता यदियं दशा ततः' यह श्लोकांश किस पात्र के अन्तर्द्वन्द्व एवं पीड़ा को दर्शाता है?
97. 'अवन्ध्यकोपस्य विहन्तुरापदां' यहाँ 'अवन्ध्यकोपस्य' का क्या अर्थ है?
98. भारवि के काव्य में किस गुण (काव्यगुण) की सर्वाधिक दीप्ति देखने को मिलती है?
99. 'विधाय तन्वंीमिव भूपतेस्तनुम्' यहाँ कौन-सा छन्द है?
100. किरातार्जुनीयम् के अनुसार एक राजा के गुप्तचर उसकी क्या होते हैं?
किरातार्जुनीयम् : 500 वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरी महामैराथन (भाग-3 : प्रश्न 101-150)
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101. 'महोक्षः' पद का सही समास-विग्रह क्या होगा?
102. 'ससौष्ठवौदार्यविशेषशालिनीम्' में 'शालिनीम्' पद का क्या अर्थ है?
103. 'विनिश्चितार्थामिति वाचमाददे' यहाँ 'वाचम्' पद का विशेषण पद कौन-सा है?
104. 'न विव्यथे तस्य मनो न हि प्रियं प्रवेक्तुमिच्छन्ति मृषा हितैषिणः' में कौन-सा अलंकार है?
105. 'द्विषां विघाताय विधातुमिच्छतः' इस श्लोकांश में कौन-सा शब्दालंकार है?
106. वनेचर ने हस्तिनापुर जाकर दुर्योधन के किस आचरण को प्रत्यक्ष जाना?
107. दुर्योधन अपने सेवकों (भृत्यों) के साथ किस प्रकार का स्नेहपूर्ण व्यवहार करता था?
108. दुर्योधन अपने मित्रों (सुहृदों) के साथ कैसा बर्ताव करता था?
109. 'असक्तमाराधयतो यथायथं त्रिगणस्य' यहाँ 'असक्तम्' पद का क्या तात्पर्य है?
110. 'निरत्ययं साम न दानवर्जितं न भूरि दानं विरहय्य सत्क्रियाम्' के अनुसार दुर्योधन का 'साम' किसके बिना प्रयुक्त नहीं होता?
111. दुर्योधन का प्रचुर दान (भूरि दानम्) किसके बिना नहीं होता था?
112. दुर्योधन द्वारा अपराधियों को दण्ड देते समय किन दो दुर्गुणों का पूर्ण अभाव रहता था?
113. 'महीभृतां' पद में मूल धातु एवं कौन-सा कृत् प्रत्यय लगा है?
114. 'दुरोदरच्छद्मजितां समीहते नयेन जेतुं जगतीं सुयोधनः' में 'दुरोदर' पद का क्या अर्थ है?
115. 'जगतीम्' पद में किस विभक्ति एवं वचन का प्रयोग हुआ है?
116. 'तथापि जिह्मः स भवज्जिगीषया' यहाँ 'जिह्मः' पद का क्या अर्थ है?
117. 'कुरुन्' पद में कौन-सी विभक्ति और वचन है?
118. 'अचिरेण' अव्यय पद का सही अर्थ क्या है?
119. द्रौपदी के अनुसार जुए में राज्य गँवाने वाले राजा की तुलना किससे की गई है?
120. 'पराभवोऽप्युत्सव एव मानिनाम्' यह अमर सूक्ति किरातार्जुनीयम् में किसके द्वारा कही गई है?
121. 'व्रजन्ति शत्रुनावधूय निःस्पृहाः शमेन सिद्धिं मुनयो न भूभृतः' यहाँ 'भूभृतः' पद किसके लिए प्रयुक्त हुआ है?
122. द्रौपदी के अनुसार शम (शान्ति/तपस्या) द्वारा सिद्धि प्राप्त करना किसका कार्य है?
123. 'अनुजीविभिः' पद में कौन-सी विभक्ति और वचन है?
124. 'चारचक्षुषः' पद का सही समास विग्रह क्या होगा?
125. 'भवज्जिगीषया' पद में कौन-सा समास है?
126. 'अनारतम्' पद का क्या अर्थ है?
127. 'नय' शब्द का किरातार्जुनीयम् महाकाव्य में मुख्य अर्थ क्या है?
128. किरातार्जुनीयम् के तृतीय सर्ग में महर्षि वेदव्यास ने पाण्डवों को किस बात पर विशेष बल दिया?
129. महर्षि वेदव्यास द्वारा प्रदत्त 'प्रतिस्मृति विद्या' का मुख्य सामर्थ्य क्या था?
130. किरातार्जुनीयम् के सर्ग 7 से सर्ग 10 तक किस रस का अङ्ग रूप में विशद विस्तार हुआ है?
131. 'पाषाणत्रय' के अन्तर्गत किरातार्जुनीयम् के कौन-से सर्ग परिगणित होते हैं?
132. किरातार्जुनीयम् के 15वें सर्ग में प्रयुक्त 'सर्वतोभद्र' चित्र-श्लोक का क्या वैशिष्ट्य है?
133. मल्लिनाथ ने भारवि के काव्य-पाक को किस फल के सदृश कहा है?
134. 'नारिकेलपाक' का वास्तविक लक्षण क्या है?
135. किरातार्जुनीयम् में स्त्री होकर भी राजनीति की मर्मस्पर्शी और ओजस्वी मन्त्रणा देने वाली पात्र कौन हैं?
136. 'सुलभाः पुरुषा राजन् सततं प्रियवादिनः' इस रामायणी सूक्ति के समान किरातार्जुनीयम् की कौन-सी सूक्ति है?
137. 'अपवर्जितामिव मालां मत्तवारणेन' यहाँ 'मत्तवारण' पद का क्या अर्थ है?
138. 'उदपादि' क्रियापद में कौन-सा लकार प्रयुक्त हुआ है?
139. 'द्विषन्निमित्ता' पद में कौन-सा समास है?
140. 'शुक-पिक-कूजित' आदि शब्द भारवि के किस ऋतु-वर्णन में प्राप्त होते हैं?
141. 'सखीनिव प्रीतियुजोऽनुजीविनः' में कौन-सा अलंकार है?
142. 'महीं महीभुजे' में 'मही' और 'महीभुजे' शब्दों की आवृत्ति में कौन-सा अलंकार है?
143. किरातार्जुनीयम् के प्रथम सर्ग में कुल कितने श्लोकों में वनेचर का कथन वर्णित है?
144. प्रथम सर्ग में द्रौपदी का कथन किस श्लोक संख्या से आरम्भ होता है?
145. 'अहो दुरन्ता बलवद्विरोधिता' में 'बलवद्विरोधिता' का क्या समास विग्रह होगा?
146. किरातार्जुनीयम् के किस सर्ग को 'व्यास-आगमन' सर्ग भी कहा जाता है?
147. 'धनुर्धरः' पद में कौन-सा समास है?
148. 'प्रशाम्य' पद में कौन-सा प्रत्यय है?
149. किरातार्जुनीयम् महाकाव्य में भारवि ने किस गुण को 'सर्वसम्पदां मूलम्' सिद्ध किया है?
150. भारवि के किरातार्जुनीयम् की समाप्ति पर अर्जुन को पाशुपतास्त्र के साथ-साथ क्या आशीर्वाद प्राप्त होता है?
किरातार्जुनीयम् : 500 वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरी महामैराथन (भाग-4 : प्रश्न 151-200)
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151. 'प्रविभज्य' पद में प्रकृति-प्रत्यय का सही रूप क्या होगा?
152. 'समूलमुन्मूलयतीव मे मनः' यह श्लोकांश प्रथम सर्ग में किसके द्वारा कहा गया है?
153. द्रौपदी के अनुसार शत्रुओं द्वारा दिया गया कौन-सा दुःख उसके मन को जड़ से उखाड़ रहा है?
154. 'निसर्गदुर्बोधमबोधविक्लवाः क्व भूपतीनां चरितं क्व जन्तवः' में 'निसर्गदुर्बोधम्' किसका विशेषण है?
155. 'क्व भूपतीनां चरितं क्व जन्तवः' इस पंक्ति में कौन-सा प्रमुख अलंकार है?
156. 'वनेचरः' पद में कौन-सा समास माना जाता है?
157. 'महीभुजाम्' पद में कौन-सी विभक्ति और वचन प्रयुक्त है?
158. 'अहो दुरन्ता बलवद्विरोधिता' यहाँ 'दुरन्ता' पद का व्याकरणिक लिंग क्या है?
159. द्रौपदी ने युधिष्ठिर के गुप्त तेज की तुलना किस काष्ठ/वृक्ष में छिपी अग्नि से की है?
160. 'ज्वलन्तमग्निं दहनोचितं वने' यहाँ किस तेजस्वी गुण के प्रज्वलन का संकेत है?
161. 'धृतिसंयमौ' पद का शुद्ध समास-विग्रह क्या होगा?
162. 'अधिशय्य' पद में प्रयुक्त उपसर्ग, धातु एवं प्रत्यय का सही क्रम क्या है?
163. युधिष्ठिर पहले राजप्रासाद में जिस बहुमूल्य शय्या पर सोते थे, वन में वे किस पर शयन करते हैं?
164. भीमसेन के शरीर पर पहले लाल चन्दन का लेप होता था, अब वन में क्या लगा रहता है?
165. अर्जुन पहले उत्तर कुरु से अपरिमित सुवर्ण लाते थे, अब वन में युधिष्ठिर के लिए क्या लाते हैं?
166. नकुल और सहदेव की किस अवस्था को देखकर द्रौपदी का हृदय अत्यधिक व्यथित होता है?
167. द्रौपदी के अनुसार स्वाभिमानी क्षत्रियों के लिए 'धन' के समान क्या होता है?
168. 'उदितम्' पद में मूल धातु एवं प्रत्यय कौन-सा है?
169. 'अवधीर्य' पद का सटीक संस्कृत पर्याय/अर्थ क्या है?
170. 'विजिगीषु' शब्द का राजनीतिशास्त्र में क्या अर्थ है?
171. किरातार्जुनीयम् के द्वितीय सर्ग में भीमसेन ने राजनीति के किस पक्ष को सर्वोपरि माना?
172. द्वितीय सर्ग में युधिष्ठिर ने भीमसेन के प्रस्ताव के उत्तर में किस गुण को आवश्यक बताया?
173. भारवि के अनुसार बिना विचारे कार्य करने वाले (अविमृश्यकारी) व्यक्ति को क्या प्राप्त होता है?
174. 'गुणलुब्धाः' पद में कौन-सा समास है?
175. 'वृणते हि विमृश्यकारिणं गुणलुब्धाः स्वयमेव सम्पदः' में किसका वरण सम्पत्तियाँ स्वयं करती हैं?
176. किरातार्जुनीयम् के तृतीय सर्ग में महर्षि वेदव्यास का आगमन किस तेज के समान वर्णित है?
177. इन्द्रकील पर्वत पर प्रस्थान करते समय अर्जुन को किसने अमोघ आशीर्वाद और प्रेरणा दी?
178. चतुर्थ सर्ग में शरद् ऋतु की क्षीण-जल वाली नदियों की तुलना किससे की गई है?
179. पञ्चम सर्ग में भारवि ने हिमालय एवं इन्द्रकील के शिखरों पर विचरने वाली किन जातियों का वर्णन किया?
180. किरातार्जुनीयम् के पञ्चम सर्ग में प्राकृतिक छटा के चित्रण में किस छन्द की प्रमुखता है?
181. षष्ठ सर्ग में देवराज इन्द्र को अर्जुन के घोर तप से क्या आशंका उत्पन्न हुई?
182. सप्तम सर्ग में गन्धर्वों और अप्सराओं के आकाश-मार्ग से आगमन हेतु किसका उल्लेख है?
183. अष्टम सर्ग में वर्णित अप्सराओं की जलक्रीड़ा एवं पुष्प-चयन किस रस का परिपोषक है?
184. नवम सर्ग में भारवि ने उदित होते हुए चन्द्रमा की तुलना किससे की है?
185. दशम सर्ग में अर्जुन को आकर्षित करने में असफल होने पर अप्सराओं की क्या स्थिति हुई?
186. एकादश सर्ग में वृद्ध तपस्वी वेशधारी इन्द्र ने अर्जुन के समक्ष क्या प्रश्न उठाया?
187. वृद्ध तपस्वी को अर्जुन ने अपने शस्त्र-धारण का क्या कारण बताया?
188. द्वादश सर्ग में अर्जुन के एकपाद-तप (एक पैर पर खड़े होकर तप) का दिशाओं पर क्या प्रभाव पड़ा?
189. त्रयोदश सर्ग में किरात सेनापति के साथ शिकार हेतु कौन-से सहायक जीव आए थे?
190. मूकासुर नामक दैत्य ने अर्जुन पर प्रहार करने के लिए किस पशु का विकराल रूप धरा था?
191. चतुर्दश सर्ग में किरात के दूत ने अर्जुन से क्या माँग की?
192. पञ्चदश सर्ग के 'गोमूत्रिका बन्ध' श्लोक की क्या विशेषता होती है?
193. षोडश सर्ग में अर्जुन के दिव्यास्त्रों को किरातवेशी शिव ने किस प्रकार व्यर्थ कर दिया?
194. सप्तदश सर्ग में धनुष कट जाने पर अर्जुन ने किरात पर प्रहार करने के लिए क्या उठाया?
195. अष्टादश सर्ग में भगवान शिव ने अर्जुन के किस गुण से परम सन्तुष्ट होकर अपना दिव्य रूप दिखाया?
196. भगवान शिव ने अर्जुन को पाशुपतास्त्र के साथ किस प्राचीन अवतार की स्मृति कराई?
197. किरातार्जुनीयम् पर टीका लिखने वाले दक्षिण भारतीय प्रकाण्ड पण्डित मल्लिनाथ का पूरा नाम क्या है?
198. भारवि के किरातार्जुनीयम् में प्रयुक्त 'घण्टापथ' टीका के नाम का क्या तात्पर्य है?
199. किरातार्जुनीयम् का प्रमुख काव्यशास्त्रीय सन्देश क्या निष्पन्न होता है?
200. 'किरातार्जुनीयम्' में कुल 18 सर्गों के साथ महाकाव्य के सभी शास्त्रीय लक्षणों की पूर्णता के कारण इसे क्या कहा जाता है?
किरातार्जुनीयम् : 500 वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरी महामैराथन (भाग-5 : प्रश्न 201-250)
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201. 'श्रियः कुरुणामधिपस्य पालनीम्' यहाँ 'श्रियः' पद में कौन-सी विभक्ति और वचन है?
202. 'पालनीम्' पद में कौन-सा प्रत्यय प्रयुक्त हुआ है?
203. 'वेत्तुम्' पद का सही प्रकृति-प्रत्यय क्या होगा?
204. 'समाययौ' क्रियापद किस लकार, पुरुष एवं वचन का रूप है?
205. 'न हि प्रियं प्रवेक्तुमिच्छन्ति मृषा हितैषिणः' यहाँ 'मृषा' अव्यय पद का क्या अर्थ है?
206. 'हितैषिणः' पद का सही समास-विग्रह क्या होगा?
207. 'द्विषाम्' पद का मूल प्रातिपदिक (शब्द) क्या है?
208. 'प्रभवः' पद का किरातार्जुनीयम् के प्रथम सर्ग में क्या पारिभाषिक अर्थ है?
209. 'चारचक्षुषो न वञ्चनीयाः प्रभवोऽनुजीविभिः' यहाँ 'अनुजीविभिः' पद का क्या अर्थ है?
210. 'तदर्हसि क्षन्तुमसाधु साधु वा' - वनेचर युधिष्ठिर से किस बात के लिए क्षमा की प्रार्थना करता है?
211. दुर्योधन अपनी शासन-व्यवस्था को किसके द्वारा निर्दिष्ट मार्ग पर चलाता हुआ दिखाता है?
212. 'नयपौरुषम्' पद में कौन-सा समास है?
213. 'वसुनि वाञ्छन्' में 'वसु' शब्द का द्वितीया बहुवचन में क्या रूप बनता है?
214. 'वाचमाददे' में 'आददे' क्रियापद किस धातु एवं लकार का रूप है?
215. 'विजिगीषया' पद में कौन-सी विभक्ति और वचन है?
216. 'गुणानुरागेण शिरोभिरुह्यते नराधिपैर्माल्यमिवास्य शासनम्' - दुर्योधन की आज्ञा को सामन्त राजा कैसे धारण करते हैं?
217. 'नराधिपैर्माल्यमिवास्य शासनम्' यहाँ कौन-सा अलंकार प्रयुक्त है?
218. 'सन्तनुते' क्रियापद में प्रयुक्त उपसर्ग, धातु और लकार क्या हैं?
219. 'सख्युः' पद में किस विभक्ति और वचन का प्रयोग हुआ है?
220. 'सुयोधनः' पद में 'सु' उपसर्ग का क्या औचित्य है?
221. द्रौपदी के तीव्र आक्रोश का मुख्य कारण युधिष्ठिर का कौन-सा आचरण था?
222. 'रुजः' पद का किरातार्जुनीयम् के सन्दर्भ में क्या अर्थ है?
223. 'अपास्त' पद में कौन-सा कृदन्त प्रत्यय लगा है?
224. द्रौपदी ने भीमसेन के किस पूर्व वैभव और वर्तमान दशा की तुलना करके युधिष्ठिर को धिक्कारा?
225. 'अधिरूढ' पद में प्रकृति-प्रत्यय का सही रूप क्या है?
226. 'द्विषन्निमित्ता यदियं दशा ततः' में 'दशा' पद का क्या तात्पर्य है?
227. 'उपेक्षसे' क्रियापद में कौन-सा लकार एवं पुरुष है?
228. द्रौपदी युधिष्ठिर को दुर्योधन के साथ कपट-सन्धि तोड़ने के पक्ष में क्या शास्त्र-सम्मत तर्क देती हैं?
229. 'समयपरिरक्षणम्' पद में 'समय' शब्द का क्या विशिष्ट अर्थ है?
230. प्रथम सर्ग के अन्तिम (46वें) श्लोक में 'लक्ष्मीम्' पद किसके पुनरागमन हेतु प्रयुक्त हुआ है?
231. राजनीतिशास्त्र के अनुसार किरातार्जुनीयम् के द्वितीय सर्ग में मन्त्रणा के कितने अङ्ग बताए गए हैं?
232. भीमसेन के अनुसार शत्रुओं को दण्ड देने के लिए किस काल की प्रतीक्षा करना व्यर्थ है?
233. 'अयुक्तयुक्तं' पद में कौन-सा समास है?
234. तृतीय सर्ग में महर्षि वेदव्यास के अन्तर्धान होने के उपरान्त युधिष्ठिर ने किसे एकान्त में मन्त्रणा हेतु बुलाया?
235. 'गुह्यम्' पद का व्युत्पत्तिपरक अर्थ क्या है?
236. किरातार्जुनीयम् के चतुर्थ सर्ग में शरद् ऋतु के वर्णन के समय किस पवित्र नदी की छटा का उल्लेख है?
237. पञ्चम सर्ग में इन्द्रकील पर्वत की गुफाओं और शिखरों के वर्णन में भारवि ने मुख्य रूप से किन अलंकारों की छटा बिखेरी है?
238. षष्ठ सर्ग में गन्धर्वों और अप्सराओं के अधिपति के रूप में किसका वर्णन आता है?
239. सप्तम सर्ग में वनविहार के समय अप्सराओं के किन आभूषणों की ध्वनि और शिथिलता का वर्णन है?
240. अष्टम सर्ग में भारवि द्वारा महाकाव्य के शास्त्रीय नियमों के अनुसार किस क्रीड़ा का वर्णन किया गया है?
241. नवम सर्ग में प्रभात वेला में सूर्योदय होते ही कमलों के खिलने का वर्णन किस काव्यगुण को प्रदर्शित करता है?
242. दशम सर्ग में अप्सराओं के समस्त कटाक्षों के बीच अर्जुन के अविचल ध्यान की तुलना किससे की गई है?
243. एकादश सर्ग में वृद्ध ब्राह्मण के रूप में इन्द्र ने अर्जुन को किस मार्ग का उपदेश देकर परीक्षा ली?
244. द्वादश सर्ग में अर्जुन की अनन्य तपस्या से द्रवीभूत होकर महादेव ने क्या रूप धारण करने का संकल्प किया?
245. त्रयोदश सर्ग में मूकासुर दैत्य पर अर्जुन और किरात के बाण छूटने की ध्वनि कैसी थी?
246. चतुर्दश सर्ग में किरात के दूत और अर्जुन के वाक्-प्रतिवाद में किस शैली का अद्भुत परिपाक है?
247. पञ्चदश सर्ग में प्रयुक्त 'मुरजबन्ध' चित्रकाव्य का क्या स्वरूप है?
248. षोडश सर्ग में किरात सेनापति (शिव) द्वारा अर्जुन के बाणों के निवारण की उपमा किससे दी गई है?
249. सप्तदश सर्ग में बाहुयुद्ध के दौरान अर्जुन के घूंसों (मुष्टिप्रहार) को शिव ने किस प्रकार स्वीकार किया?
250. अष्टादश सर्ग में भगवान शिव द्वारा अर्जुन को पाशुपतास्त्र के साथ किस विधि का पूर्ण उपदेश दिया गया?
किरातार्जुनीयम् : 500 वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरी महामैराथन (भाग-6 : प्रश्न 251-300)
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251. 'अकृत्रिम' पद का सही समास-विग्रह क्या होगा?
252. 'मनसा' पद में किस प्रातिपदिक (मूल शब्द), विभक्ति और वचन का प्रयोग हुआ है?
253. 'द्विषताम्' पद में मूल धातु एवं कौन-सा कृत् प्रत्यय लगा है?
254. 'न तेन सज्यं क्वचिदुद्यतं धनुः' - दुर्योधन को कभी प्रत्यञ्चा चढ़ा धनुष क्यों नहीं उठाना पड़ता था?
255. 'उदारकीर्तेरुदयम्' में 'उदारकीर्तेः' पद का सही समास-विग्रह क्या है?
256. 'प्रियाणि वाञ्छन्त्यसुभिः समीहितुम्' - यहाँ कौन प्राण देकर भी स्वामी का अभीष्ट सिद्ध करना चाहते हैं?
257. 'महीभृतां सच्चरितैश्चरैः' में 'चरैः' पद का वास्तविक अर्थ क्या है?
258. साहित्यशास्त्र में 'अमर्ष' शब्द का क्या लक्षण/अर्थ माना गया है?
259. द्रौपदी के अनुसार क्षत्रियों और राजाओं की वास्तविक शोभा किस गुण से है?
260. 'जटाधराः सञ्जुहुधीह पावकम्' - द्रौपदी युधिष्ठिर पर व्यंग्य करते हुए क्या करने की सलाह देती हैं?
261. 'सञ्जुहुधि' क्रियापद किस धातु, लकार, पुरुष एवं वचन का रूप है?
262. 'जटाधराः सञ्जुहुधीह पावकम्' में 'इह' अव्यय पद का क्या संकेत है?
263. 'पावकम्' पद का वैदिक एवं लौकिक संस्कृत में क्या अर्थ है?
264. 'विमुञ्च' क्रियापद में कौन-सा लकार और पुरुष है?
265. 'अवन्ध्यकोपस्य' पद में कौन-सा समास है?
266. 'विहन्तुः' पद में मूल धातु, प्रत्यय और विभक्ति क्या है?
267. 'जातहार्देन न विद्विषादरः' में 'हार्द' शब्द का क्या अर्थ है?
268. 'विद्विषा' पद में कौन-सी विभक्ति और वचन है?
269. किरातार्जुनीयम् के प्रथम सर्ग में द्रौपदी की वक्तृता किस गुण से ओत-प्रोत है?
270. द्वितीय सर्ग में भीमसेन ने 'उत्साह शक्ति' की तुलना किससे की है?
271. किरातार्जुनीयम् में 'प्रज्ञा' (बुद्धि/धैर्य) और 'पौरुष' (बल/पराक्रम) का द्वन्द्व किनके माध्यम से अभिव्यक्त हुआ है?
272. तृतीय सर्ग में महर्षि वेदव्यास ने अर्जुन को किस देवता की विशेष उपासना का निर्देश दिया?
273. 'तपस्विनाम्' पद में कौन-सा तद्धित प्रत्यय प्रयुक्त हुआ है?
274. चतुर्थ सर्ग में शरद् ऋतु में आकाश में उड़ते श्वेत हंसों की पंक्ति की तुलना किससे की गई है?
275. कासपुष्पों (कांस के फूलों) की सफेदी से सम्पूर्ण पृथ्वी का धवल होना किस ऋतु का प्राकृतिक वैशिष्ट्य है?
276. पञ्चम सर्ग में इन्द्रकील पर्वत से गिरते श्वेत जल-प्रपातों (झरनों) की उपमा किससे दी गई है?
277. षष्ठ सर्ग में अर्जुन की उग्र तपस्या के प्रभाव से वन के हिंसक वन्यजीवों का पारस्परिक व्यवहार कैसा हो गया?
278. सप्तम सर्ग में गन्धर्वों और अप्सराओं के सङ्गीत एवं नृत्य का वर्णन किस शास्त्रीय ग्रन्थ की परम्परा के अनुरूप है?
279. अष्टम सर्ग में अप्सराओं द्वारा 'मधुपान' के उपरान्त उनकी आँखों में कैसी शोभा वर्णित है?
280. नवम सर्ग में महाकवि भारवि ने रात्रि के गहन अन्धकार की उपमा किससे दी है?
281. दशम सर्ग में अर्जुन के अविचल मन और निष्कामता को देखकर देवांगनाओं ने उन्हें क्या माना?
282. एकादश सर्ग में वृद्ध मुनि रूपी इन्द्र ने 'मोक्षमार्ग' को उत्तम बताते हुए अर्जुन के किस आयुध को व्यर्थ कहा?
283. अर्जुन ने वृद्ध मुनि को उत्तर दिया कि "जो अपने कुल के अपमान का मार्जन नहीं कर सकता, उसका मोक्ष कैसा?" यह क्या दर्शाता है?
284. द्वादश सर्ग में महादेव शिव ने अर्जुन की वीरता की परीक्षा लेने हेतु अपने किस रूप का वरण किया?
285. त्रयोदश सर्ग में मूकासुर दैत्य पर अर्जुन और किरातवेशी शिव के बाण एक साथ किस स्थान पर लगे?
286. चतुर्दश सर्ग में किरात के दूत ने अर्जुन से क्या कहकर बाण वापस लेने को कहा?
287. पञ्चदश सर्ग के प्रसिद्ध एकाक्षर श्लोक 'न नोननुन्नो...' में भारवि ने किस एकमात्र व्यञ्जन वर्ण का चमत्कार दिखाया है?
288. पञ्चदश सर्ग में प्रयुक्त 'द्व्यक्षर श्लोक' में किन दो अक्षरों की पुनरावृत्ति से सम्पूर्ण श्लोक रचा गया है?
289. षोडश सर्ग में किरात सेनापति और अर्जुन के बीच किस कोटि का अस्त्र-युद्ध घटित हुआ?
290. सप्तदश सर्ग में बाहुयुद्ध के समय जब अर्जुन ने शिव के चरण पकड़ने का यत्न किया, तब शिव ने क्या किया?
291. अष्टादश सर्ग में भगवान शिव द्वारा अर्जुन को प्रदान किए गए 'पाशुपतास्त्र' की क्या विशेषता है?
292. 'पाशुपतास्त्र' के मूल अधिष्ठाता देव कौन माने जाते हैं?
293. महाकवि भारवि ने किरातार्जुनीयम् में कुल कितने विविध छन्दों का सफल सन्निवेश किया है?
294. महाकवि भारवि का सर्वाधिक प्रिय एवं सर्वाधिक प्रयुक्त छन्द कौन-सा है?
295. किरातार्जुनीयम् के प्रथम सर्ग के आधार पर दुर्योधन किस बात से सर्वाधिक भयभीत रहता था?
296. किरातार्जुनीयम् पर रचित टीकाओं में सबसे प्रामाणिक एवं परीक्षा-दृष्टि से मान्य टीका कौन-सी है?
297. प्रत्येक सर्ग के अन्त में 'लक्ष्मी' शब्द का प्रयोग होने के कारण किरातार्जुनीयम् को क्या कहा जाता है?
298. 'शिशुपालवधम्' (माघ) के प्रत्येक सर्ग के अन्त में कौन-सा शब्द प्रयुक्त होता है?
299. 'नैषधीयचरितम्' (श्रीहर्ष) के प्रत्येक सर्ग के अन्त में किसका नामोल्लेख प्राप्त होता है?
300. किरातार्जुनीयम् का प्रमुख दार्शनिक एवं नैतिक सन्देश क्या है?
किरातार्जुनीयम् : 500 वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरी महामैराथन (भाग-7 : प्रश्न 301-350)
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301. 'श्रियः कुरुणामधिपस्य पालनीम्' में 'पालनीम्' पद किसका विशेषण है?
302. 'कुरुणाम्' पद में किस विभक्ति और वचन का प्रयोग हुआ है?
303. 'द्वैतवने' पद में किस विभक्ति और वचन का रूप है?
304. 'समाययौ' क्रियापद में कितने उपसर्ग प्रयुक्त हैं?
305. 'कृतप्रणामस्य' पद का सही समास-विग्रह क्या होगा?
306. 'महीभुजे' पद का सटीक संस्कृत पर्याय क्या है?
307. 'सौष्ठव' शब्द में 'सुष्ठु' शब्द से कौन-सा तद्धित प्रत्यय लगा है?
308. 'औदार्य' शब्द की सही प्रकृति-प्रत्यय क्या है?
309. 'वाचमाददे' में 'वाच्' शब्द किस लिङ्ग एवं विभक्ति का रूप है?
310. 'मृषा' अव्यय पद का विलोम शब्द क्या होगा?
311. 'हितैषिणः' पद में मूल धातु कौन-सी है?
312. 'द्विषां विघाताय' में 'विघाताय' पद में चतुर्थी विभक्ति किस अर्थ में हुई है?
313. 'अनुजीविभिः' पद का शुद्ध संस्कृत समानार्थी क्या है?
314. 'प्रभवः' पद में 'प्र + भू' धातु से किस प्रत्यय का योग हुआ है?
315. 'चारचक्षुषो न वञ्चनीयाः' में 'वञ्चनीयाः' पद में कौन-सा कृत् प्रत्यय है?
316. 'तदर्हसि क्षन्तुमसाधु साधु वा' में 'असाधु' पद का क्या अर्थ है?
317. 'क्षन्तुम्' पद में कौन-सी धातु एवं प्रत्यय है?
318. 'सदानुकूलेषु हि कुर्वते रतिम्' में 'सदानुकूलेषु' में कौन-सा समास है?
319. 'नृपेष्वमात्येषु च' यहाँ कौन-सा समास निष्पन्न होता है?
320. 'रतिम्' पद में 'रम्' धातु के साथ कौन-सा कृदन्त प्रत्यय लगा है?
321. 'सर्वसम्पदः' पद का सही समास-विग्रह क्या होगा?
322. 'निसर्गदुर्बोधम्' पद का सही समास-विग्रह क्या है?
323. 'अबोधविक्लवाः' पद का क्या अर्थ है?
324. 'तवानुभावोऽयमवेदि यन्मया' - वनेचर ने दुर्योधन के समस्त रहस्यों को जानने का कारण किसे माना?
325. 'अवेदि' क्रियापद में कौन-सा लकार और वाच्य है?
326. 'गूढविप्लवम्' पद का क्या अर्थ है?
327. 'नयवर्त्म' पद का क्या तात्पर्य है?
328. 'मनूदिष्टेन' पद में कौन-सी सन्धि हुई है?
329. 'सख्युः' पद का मूल प्रातिपदिक (शब्द) क्या है?
330. 'इशिताम्' पद का किरातार्जुनीयम् में क्या अर्थ है?
331. 'असंशयम्' पद का व्याकरणिक स्वरूप क्या है?
332. 'कृतारिषड्वर्गजयेन' में 'अरिषड्वर्ग' से किसका बोध होता है?
333. 'त्रिगणः' पद में कौन-से तीन पुरुषार्थों का समावेश है?
334. 'यथायथम्' पद में कौन-सा समास है?
335. 'निरत्ययम्' पद का सही समास-विग्रह क्या होगा?
336. 'दानवर्जितम्' पद में कौन-सा समास है?
337. 'सत्क्रियाम्' पद का अर्थ क्या है?
338. 'वसु' शब्द का द्वितीया बहुवचन में क्या रूप बनता है?
339. 'मन्युना' पद में कौन-सा प्रातिपदिक (मूल शब्द) है?
340. 'गुरूपदिष्टेन' पद में कौन-सा समास है?
341. 'रिपौ सुते वा दिशति समं दण्डेन' - दुर्योधन न्याय करते समय शत्रु और पुत्र में कैसा व्यवहार रखता था?
342. 'धर्मविप्लवम्' पद का क्या अर्थ है?
343. 'विधातुम्' पद में कौन-सा प्रत्यय है?
344. 'कुरुणामधिपः' पद में कौन-सा समास है?
345. 'वनेचरः' पद में 'चरेष्टः' सूत्र से 'चर' धातु में कौन-सा कृत् प्रत्यय लगा है?
346. 'वर्णिलीङ्गी' पद में 'वर्ण' शब्द से कौन-सा मत्वर्थीय प्रत्यय लगा है?
347. 'हितं मनोहारि च दुर्लभं वचः' में कौन-सा छन्द प्रयुक्त है?
348. किरातार्जुनीयम् के प्रथम सर्ग का मुख्य सन्दर्भ और वातावरण क्या है?
349. भारवि ने अपने काव्य में 'अर्थगौरव' का निर्वाह किस प्रकार किया है?
350. किरातार्जुनीयम् का अध्ययन संस्कृत प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए क्यों सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण माना जाता है?
किरातार्जुनीयम् : 500 वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरी महामैराथन (भाग-8 : प्रश्न 351-400)
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351. 'अकृतात्मभिः' पद का सही समास-विग्रह क्या होगा?
352. 'तथापि जिह्मः स भवज्जिगीषया' में 'भवत्' पद से किसका निर्देश है?
353. 'दुरोदरच्छद्मजिताम्' पद में कौन-सा समास निष्पन्न होता है?
354. 'तनोति शुभ्रं गुणसम्पदा यशः' - यहाँ 'तनोति' क्रियापद का कर्ता कौन है?
355. 'समुन्नयन् भूतिमनार्यसङ्गमात्' यहाँ 'अनार्यसङ्गमात्' में कौन-सी विभक्ति है?
356. 'वरं विरोधोऽपि समं महात्मभिः' में 'महात्मभिः' पद में तृतीया विभक्ति किस सूत्र से हुई है?
357. दुर्योधन ने कृषि की उन्नति हेतु अपनी भूमि को कैसा बना दिया था?
358. 'वितन्वति क्षेममदेवमातृकाः' में 'क्षेमम्' पद का क्या अर्थ है?
359. 'सुखेन लभ्या दधतः कृषीवलैः' में 'कृषीवलैः' पद का क्या अर्थ है?
360. 'कृषीवल' पद में 'कृषि' शब्द से कौन-सा मत्वर्थीय तद्धित प्रत्यय लगा है?
361. 'सस्यसम्पदः' पद का सही समास-विग्रह क्या होगा?
362. 'उदारकीर्तेरुदयम्' में 'उदयम्' पद का क्या अर्थ है?
363. 'सञ्चिन्त्य' पद में कौन-सा कृदन्त प्रत्यय प्रयुक्त हुआ है?
364. 'तवानुजाताः' पद का किरातार्जुनीयम् के सन्दर्भ में क्या अर्थ है?
365. 'उरगः' पद की सही व्युत्पत्ति क्या है?
366. 'न विव्यथे तस्य मनः' में 'विव्यथे' क्रियापद किस धातु का रूप है?
367. 'कुरुन्' पद का प्रयोग भारवि ने किस अर्थ में किया है?
368. 'महीभृतां' पद का किरातार्जुनीयम् के प्रथम सर्ग में क्या अभिप्राय है?
369. 'अचिरेण' पद का व्याकरणिक स्वरूप क्या है?
370. 'प्रशाम्य' पद में मूल धातु कौन-सी है?
371. 'अवधीर्य' पद में प्रयुक्त उपसर्ग एवं प्रत्यय का सही युग्म क्या है?
372. 'विचित्ररूपाः खलु चित्तवृत्तयः' - द्रौपदी के अनुसार मनुष्यों के मन की वृत्तियाँ कैसी होती हैं?
373. 'निशम्य' पद में कौन-सा प्रत्यय है?
374. 'रुजः' पद में कौन-सा वचन और विभक्ति है?
375. 'अपास्त' पद में कौन-सा उपसर्ग है?
376. 'अधिरूढ' पद में मूल धातु कौन-सी है?
377. 'द्विषन्निमित्ता' में 'द्विषत्' पद का क्या अर्थ है?
378. 'उन्मूलयति' क्रियापद में प्रयुक्त उपसर्ग एवं लकार क्या है?
379. 'शमीतरुम्' पद में कौन-सा समास है?
380. 'शुष्कम्' पद में कौन-सा कृदन्त प्रत्यय लगा है?
381. 'कथं त्वमेतौ धृतिसंयमौ यमौ' में 'धृतिसंयमौ' किसका विशेषण है?
382. वनेचर का हस्तिनापुर से द्वैतवन में लौटना किरातार्जुनीयम् के किस सर्ग की मुख्य घटना है?
383. वनेचर द्वारा सत्य समाचार सुनाने पर युधिष्ठिर ने क्या प्रतिक्रिया दी?
384. किरातार्जुनीयम् में प्रतिपादित राजनीति के सिद्धान्तों की सर्वाधिक समानता किस प्राचीन नीतिग्रन्थ से है?
385. दुर्योधन द्वारा राज्य-रक्षा एवं विदेश नीति हेतु प्रयुक्त 'षड्गुणों' में क्या सम्मिलित नहीं है?
386. किरातार्जुनीयम् के 15वें सर्ग में प्रयुक्त 'पद्मबन्ध' चित्रकाव्य में अक्षरों का विन्यास किस रूप में होता है?
387. 'रथबन्ध' चित्रकाव्य का विन्यास किस स्वरूप में किया जाता है?
388. किरातार्जुनीयम् के पञ्चम सर्ग में हिमालय के किस विशिष्ट शिखर का वर्णन है?
389. षष्ठ सर्ग में देवराज इन्द्र द्वारा प्रेषित अप्सराओं के समूह में कौन-सी प्रमुख अप्सरा सम्मिलित थी?
390. अष्टम सर्ग में अप्सराओं के जलविहार का वर्णन किस देव-सरोवर/नदी में हुआ है?
391. दशम सर्ग में अर्जुन के अविचल तप के सम्मुख अप्सराओं के किस प्रयास की विफलता दिखाई गई है?
392. एकादश सर्ग में मुनिवेषधारी इन्द्र और अर्जुन के मध्य मुख्य विवाद का विषय क्या था?
393. द्वादश सर्ग में अर्जुन की अनन्य तपस्या के तेज से भयभीत होकर देवगण किसकी शरण में गए?
394. त्रयोदश सर्ग में किरातवेशी शिव के साथ आने वाली सेना का मुख्य आयुध क्या था?
395. चतुर्दश सर्ग में अर्जुन के गाण्डीव धनुष की प्रत्यञ्चा की टंकार से क्या प्रतिध्वनित हुआ?
396. षोडश सर्ग में अर्जुन और किरात के बाणों के परस्पर टकराने से आकाश में क्या दृश्य उत्पन्न हुआ?
397. सप्तदश सर्ग में अर्जुन ने समस्त अस्त्र समाप्त होने पर शिव के विरुद्ध किस युद्ध-कौशल का आश्रय लिया?
398. अष्टादश सर्ग में भगवान शिव ने अर्जुन के किस समर्पण-भाव से द्रवीभूत होकर वरदान दिया?
399. शिव से पाशुपतास्त्र प्राप्त करने के उपरान्त अर्जुन का अगला लक्ष्य क्या था?
400. किरातार्जुनीयम् महाकाव्य के समग्र अध्ययन से पाठक को किस प्रधान जीवन-मूल्य की प्रेरणा मिलती है?
किरातार्जुनीयम् : 500 वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरी महामैराथन (भाग-9 : प्रश्न 401-450)
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401. 'नृपेष्वमात्येषु' पद में किस विभक्ति और वचन का प्रयोग हुआ है?
402. 'अपास्तपेशा' में 'पेशा' (पिश धातु निष्पन्न) शब्द का वास्तविक अर्थ क्या है?
403. 'प्रजासु वृत्तिं यमयुङ्क्त वेदितुम्' - यहाँ 'वृत्तिम्' पद का क्या अर्थ है?
404. 'यमयुङ्क्त' क्रियापद में कौन-सा लकार, पुरुष और वचन प्रयुक्त हुआ है?
405. 'वर्णी' शब्द की व्युत्पत्ति एवं शास्त्रीय अर्थ क्या है?
406. महाभारत एवं किरातार्जुनीयम् के अनुसार 'द्वैतवन' किस पवित्र नदी के कछार/समीप स्थित था?
407. 'कृतप्रणामस्य महीं महीभुजे' में 'महीम्' पद किस कारक और विभक्ति का रूप है?
408. 'हितैषिणः' पद का व्याकरणिक स्वरूप क्या है?
409. 'द्विषां विघाताय विधातुमिच्छतः' में 'इच्छतः' पद में कौन-सा कृदन्त प्रत्यय लगा है?
410. 'रहस्यनुज्ञामधिगम्य भूभृतः' यहाँ 'रहसि' पद का क्या अर्थ है?
411. 'रहस्यनुज्ञामधिगम्य भूभृतः' में 'भूभृतः' पद में कौन-सी विभक्ति है और यह किसके लिए आया है?
412. 'सौष्ठवौदार्यविशेषशालिनीम्' में 'सौष्ठव' का काव्यशास्त्रीय तात्पर्य क्या है?
413. 'सौष्ठवौदार्यविशेषशालिनीम्' में 'औदार्य' शब्द का क्या अर्थ अभिप्रेत है?
414. 'विनिश्चितार्थाम्' पद का सही समास-विग्रह क्या होगा?
415. 'विनिश्चितार्थामिति वाचमाददे' - यहाँ 'आददे' क्रियापद का कर्ता पद कौन है?
416. 'निसर्गदुर्बोधम्' पद में कौन-सा उपसर्ग प्रयुक्त है?
417. 'क्व भूपतीनां चरितं क्व जन्तवः' - यहाँ 'जन्तवः' पद से वनेचर ने किसका संकेत किया है?
418. 'तवानुभावोऽयमवेदि यन्मया' में 'अनुभावः' शब्द का सही अर्थ क्या है?
419. 'निगूढतत्त्वं नयवर्त्म विद्विषाम्' - यहाँ 'निगूढतत्त्वम्' किसका विशेषण पद है?
420. 'विशङ्कमानो भवतः पराभवम्' - दुर्योधन को किससे पराजय की निरन्तर आशङ्का बनी रहती है?
421. 'नृपासनस्थोऽपि वनाधिवासिनाम्' - राजसिंहासन पर विराजमान होने पर भी दुर्योधन किससे भयभीत रहता है?
422. 'दुरोदरच्छद्मजिताम्' में 'जिताम्' पद में कौन-से प्रत्यय लगे हैं?
423. 'समीहते नयेन जेतुं जगतीं सुयोधनः' में 'समीहते' क्रियापद में कौन-सी मूल धातु है?
424. 'तथापि जिह्मः स भवज्जिगीषया' - कपटी दुर्योधन किस साधन से सम्पूर्ण पृथ्वी को जीतना चाहता है?
425. 'तनोति शुभ्रं गुणसम्पदा यशः' में 'शुभ्रम्' पद किसका विशेषण है?
426. 'समुन्नयन् भूतिमनार्यसङ्गमाद् वरं विरोधोऽपि समं महात्मभिः' - इस श्लोकार्ध में प्रयुक्त छन्द कौन-सा है?
427. 'कृतारिषड्वर्गजयेन मानवीम्' में 'मानवीम्' पद किसका विशेषण है?
428. 'अगम्प्यरूपाम्' पद का किरातार्जुनीयम् में क्या अर्थ है?
429. 'पदवीम्' पद में किस विभक्ति और वचन का प्रयोग हुआ है?
430. 'प्रविभज्य नक्तन्दिवमस्ततन्द्रिणा' - दुर्योधन आलस्य त्यागकर रात-दिन का विभाजन किसलिए करता था?
431. 'अस्ततन्द्रिणा' पद में 'तन्द्रा' शब्द का सही अर्थ क्या है?
432. 'अस्ततन्द्रिणा' पद का सही समास-विग्रह क्या होगा?
433. 'नक्तन्दिवम्' पद में कौन-सा समास माना जाता है?
434. 'असक्तमाराधयतो यथायथं त्रिगणस्य' में 'आराधयतः' पद में कौन-सा कृदन्त प्रत्यय है?
435. दुर्योधन के न्यायप्रिय शासन में धर्म, अर्थ और काम (त्रिगण) किस प्रकार आचरित होते थे?
436. 'निरत्ययं साम न दानवर्जितम्' - यहाँ 'निरत्ययम्' पद किसका विशेषण है?
437. 'न भूरि दानं विरहय्य सत्क्रियाम्' में 'विरहय्य' पद में कौन-सा कृदन्त प्रत्यय लगा है?
438. 'प्रवर्तते नास्य न सत्क्रियोपहता' में 'सत्क्रियोपहता' पद में कौन-सा समास है?
439. 'वसुनि वाञ्छन् न च मन्युना नृपः' - दुर्योधन धन-लोभ अथवा क्रोध के वशीभूत होकर क्या नहीं करता?
440. 'स्वधर्म इत्येव निवृत्तकारणैः' - दुर्योधन दण्ड-विधान को किस रूप में स्वीकार करता था?
441. 'गुरूपदिष्टेन रिपौ सुतेऽपि वा' - दुर्योधन किसके द्वारा उपदिष्ट दण्ड-मार्ग का निष्पक्ष पालन करता था?
442. 'विधाय रक्षान् परितः परेतरान्' में 'परेतरान्' पद का सटीक संस्कृत अर्थ क्या है?
443. 'अशङ्कितः' पद में कौन-सा समास है?
444. 'स शङ्किताकारमुपैति शङ्कितः' इस श्लोकांश में कौन-सा प्रमुख अलंकार है?
445. 'क्रियापवर्गेष्वनुजीविसात्कृताः' में 'क्रियापवर्गेषु' पद का क्या अर्थ है?
446. 'अनुजीविसात्कृताः' पद में 'सात्' प्रत्यय किस अर्थ में प्रयुक्त हुआ है?
447. 'कृतज्ञतामस्य वदन्ति सम्पदः' - सेवकों को प्रदान की गई प्रचुर धन-सम्पदाएँ दुर्योधन के किस गुण को दर्शाती हैं?
448. 'अनारतं तेन पदेषु लम्भिता' में 'पदेषु' पद का क्या अर्थ है?
449. 'विभाति भूयः समुदीरिता परम्' - दुर्योधन के राज्य में गुणों का यथोचित सम्मान होने से किसकी निरन्तर वृद्धि हो रही थी?
450. प्रथम सर्ग में भारवि द्वारा दुर्योधन के नीतिपूर्ण आचरण का विशद वर्णन महाकाव्य के किस उच्च आदर्श को प्रकट करता है?
किरातार्जुनीयम् : 500 वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरी महामैराथन (भाग-10 : प्रश्न 451-500)
UGC NET, UP TGT, PGT, GIC, RPSC एवं असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा विशेष (सम्पूर्ण ग्रन्थ समापन)
451. 'अनादरः' पद का सही समास-विग्रह क्या होगा?
452. 'अहो दुरन्ता बलवद्विरोधिता' में 'बलवद्विरोधिता' पद में कौन-सा भाववाचक तद्धित प्रत्यय लगा है?
453. 'कुरुन्' शब्द किस प्रातिपदिक (मूल शब्द) का द्वितीया बहुवचन रूप है?
454. 'तथापि जिह्मः स भवज्जिगीषया' में 'जिह्मः' पद किस लिङ्ग और विभक्ति का रूप है?
455. 'तनोति शुभ्रं गुणसम्पदा यशः' में 'यशः' शब्द किस प्रातिपदिक का रूप है?
456. 'गुणसम्पदा' पद में कौन-सी विभक्ति और वचन प्रयुक्त है?
457. 'अनार्यसङ्गमात्' पद में कौन-से दो समास समाहित हैं?
458. 'वितन्वति क्षेममदेवमातृकाः' में 'वितन्वति' पद किस व्याकरणिक रूप में प्रयुक्त है?
459. 'अदेवमातृकाः' पद का सही समास-विग्रह क्या होगा?
460. 'सस्यसम्पदः' पद में 'सस्य' शब्द का क्या अर्थ है?
461. 'कृषीवलैः' पद में मूल प्रातिपदिक क्या है?
462. 'सुखेन लभ्या दधतः कृषीवलैः' - दुर्योधन के सुशासित राज्य में किसानों को क्या सुगमता से प्राप्त हो रहा था?
463. 'उदारकीर्तेः' पद का मूल प्रातिपदिक शब्द क्या है?
464. 'अनुजाताः' पद में कौन-सा उपसर्ग और कृदन्त प्रत्यय है?
465. 'उरगः' का अमरकोषीय संस्कृत पर्याय क्या है?
466. 'द्विषन्निमित्ता यदियं दशा ततः' में 'द्विषन्निमित्ता' पद का सही समास क्या है?
467. 'उन्मूलयति' पद में कौन-सी धातु और प्रत्यय प्रयुक्त हैं?
468. 'शमीतरुम्' में 'तरु' शब्द व्याकरण के अनुसार किस लिङ्ग का है?
469. 'शुष्कम्' पद में 'शुष्' धातु का क्या अर्थ है?
470. 'धृतिसंयमौ' पद में 'धृति' शब्द का शास्त्रीय अर्थ क्या है?
471. 'संयम' शब्द का वास्तविक अर्थ क्या है?
472. 'यमौ' पद में कौन-सी विभक्ति और वचन का प्रयोग हुआ है?
473. 'अधिशय्य' पद में किस पाणिनीय सूत्र से 'ल्यप्' आदेश हुआ है?
474. 'कुशास्तरणम्' पद का सही अर्थ क्या है?
475. 'रक्ताङ्गरागम्' पद में कौन-सा समास है?
476. 'रेणु' शब्द का अमरकोषीय अर्थ क्या है?
477. 'वल्कल' शब्द का क्या तात्पर्य है?
478. 'अभिमानधन' पद किरातार्जुनीयम् में किसके लिए विशेष रूप से प्रयुक्त हुआ है?
479. 'उदितम्' पद में कौन-सी धातु और प्रत्यय है?
480. 'अवधीर्य' पद में 'धीर्' धातु किस अर्थ में प्रयुक्त हुई है?
481. 'विजिगीषु' पद में 'सनाशंसभिक्ष उः' सूत्र से कौन-सा प्रत्यय लगा है?
482. 'परमापदाम्' पद का सही समास-विग्रह क्या है?
483. 'विमृश्यकारिणम्' पद में कौन-सा कृदन्त प्रत्यय लगा है?
484. 'गुणलुब्धाः' में 'लुब्ध' शब्द में कौन-सा प्रत्यय है?
485. महाभारत के वनपर्व में महर्षि वेदव्यास द्वारा युधिष्ठिर को किस विद्या का उपदेश दिया गया था, जो किरातार्जुनीयम् का आधार है?
486. 'इन्द्रकील' पर्वत वर्तमान भौगोलिक दृष्टि से किस हिमालयी क्षेत्र में अवस्थित माना जाता है?
487. किरातार्जुनीयम् के 15वें सर्ग में प्रयुक्त विविध चित्रालंकारों में कौन-सा बन्ध संस्कृत काव्य की पराकाष्ठा है?
488. "न नोननुन्नो नुन्नोनो..." यह एकाक्षर श्लोक भारवि की किस असाधारण प्रतिभा को सिद्ध करता है?
489. किरातार्जुनीयम् के 18वें (अन्तिम) सर्ग की समाप्ति किस मङ्गलमय फलश्रुति के साथ होती है?
490. महाकवि दण्डी-रचित 'अवन्तिसुन्दरीकथा' के अनुसार भारवि का मूल नाम क्या था?
491. भारवि को किस चालुक्य/पल्लव राजसभा में विशिष्ट राज्याश्रय और सम्मान प्राप्त था?
492. 634 ईस्वी के प्रसिद्ध ऐहोल अभिलेख (कर्नाटक) में महाकवि कालिदास के साथ किस महाकवि का गौरवपूर्ण नामोल्लेख है?
493. महाकवि भारवि का जन्मस्थान अधिकांश प्रामाणिक इतिहासकारों द्वारा कहाँ माना जाता है?
494. संस्कृत साहित्य के 'बृहत्त्रयी' का प्रथम और सर्वप्रमुख ग्रन्थ कौन-सा है?
495. किरातार्जुनीयम् पर 'घण्टापथ' टीका का प्रणयन करने वाले प्रकाण्ड पण्डित मल्लिनाथ का काल क्या है?
496. किरातार्जुनीयम् का प्रधान (अङ्गी) रस क्या है?
497. किरातार्जुनीयम् का नायक अर्जुन किस कोटि का नायक है?
498. किरातार्जुनीयम् का प्रतिनायक (सहयोगी प्रतिपक्षी) कौन है?
499. किरातार्जुनीयम् का प्रथम श्लोक 'श्रियः कुरुणामधिपस्य पालनीम्' किस प्रकार का मङ्गलाचरण है?
500. 500 प्रश्नों की इस सम्पूर्ण किरातार्जुनीयम् महामैराथन का सर्वोत्कृष्ट नीति-सार किस अमर सूक्ति में अभिव्यक्त है?
