📖 दीर्घ ईकारान्त शब्दरूप : पाणिनीय व्याकरणिक रहस्य एवं सूत्र
जिस प्रातिपदिक (मूल शब्द) के वर्ण-विच्छेद के अन्त में दीर्घ 'ई' स्वर आता है, उसे ईकारान्त कहते हैं (यथा: नदी = न् + अ + द् + ई | सुधी = स् + उ + ध् + ई)।
१. ईकारान्त स्त्रीलिंग के मुख्य पाणिनीय सूत्र
सूत्र १: "यू स्त्र्याख्यौ नदी" (अष्टाध्यायी १.४.३) — नदी संज्ञा
नदी-संज्ञा विधान: दीर्घ 'ई' और दीर्घ 'ऊ' पर समाप्त होने वाले नित्य स्त्रीलिंग शब्दों की 'नदी' संज्ञा होती है। नदी-संज्ञक होने के कारण ही इन्हें निम्नलिखित विशेष कार्य होते हैं:
सूत्र २: "हल्ङ्याब्भ्यो दीर्घात् सुतिस्यपृक्तं हल्" (६.१.६८) एवं "अम्बार्थनद्योर्ह्रस्वः" (७.३.१०७)
• प्रथमा एकवचन में 'सु' (स्) का लोप होकर विसर्ग नहीं लगता: नदी + सु = नदी (गौरी, जननी आदि)।
• सम्बोधन एकवचन में दीर्घ 'ई' ह्रस्व होकर 'हे नदि!', 'हे गौरि!' बनता है (दीर्घ 'हे नदी' लिखना अशुद्ध है)।
सूत्र ३: "आण्नद्याः" (७.३.११२) एवं "ङेराम्नद्याम्नीभ्यः" (७.३.११६)
ङित् विभक्तियों में 'आट्' का आगम होता है:
• चतुर्थी १व.: नदी + आट् + ङे = नद्यै
• पञ्चमी/षष्ठी १व.: नदी + आट् + अस् = नद्याः
• सप्तमी १व.: 'ङि' को 'आम्' आदेश होकर नदी + आम् = नद्याम् सिद्ध होता है।
⚠️ स्त्रीलिंग के तीन महा-अपवाद (प्रतियोगी परीक्षाओं के मुख्य प्रश्न):
१. लक्ष्मी शब्द: 'हल्ङ्याब्भ्यो...' का अपवाद होने से प्रथमा एकवचन में विसर्ग का लोप नहीं होता, अतः लक्ष्मीः बनता है (न कि लक्ष्मी)।
२. स्त्री शब्द ("स्त्रियाः" ६.४.७९): इसमें अजादि विभक्तियों में विकल्प से 'इयङ्' आदेश होता है। अतः द्वितीया १व. में स्त्रियम् / स्त्रीम् तथा द्वितीया बहुवचन में स्त्रियः / स्त्रीः रूप बनते हैं।
३. धी, श्री, ह्री शब्द: ये धातुज होने के कारण अजादि विभक्तियों में यण् न होकर 'इयङ्' आदेश पाते हैं (धियौ, धियः, श्रियौ, श्रियः)।
२. ईकारान्त पुल्लिंग का रहस्य (सुधी बनाम सेनानी)
सूत्र ४: "एरनेकाचोऽसंयोगपूर्वस्य" (६.४.८२) बनाम "इयङ् विधान"
ईकारान्त पुल्लिंग शब्द धातुज होते हैं। इनमें दो मुख्य भेद हैं:
• सेनानी वर्ग (यण् भाव): 'नी' धातु के पूर्व कोई संयुक्त व्यंजन न होने से अजादि विभक्तियों में 'यण्' (य्) होता है: सेनानीः, सेनान्यौ, सेनान्यः, सप्तमी में सेनान्याम् / सेनान्यि।
• सुधी वर्ग (इयङ् भाव): 'धी' में धातुज अंग होने से अजादि में 'इयङ्' होता है: सुधीः, सुधियौ, सुधियः, सप्तमी में सुधियि।
३. ईकारान्त नपुंसकलिंग नियम
सूत्र ५: "ह्रस्वो नपुंसके प्रातिपदिकस्य" (१.२.४७)
नपुंसकलिंग में किसी भी दीर्घ स्वर का अस्तित्व नहीं रहता, वह ह्रस्व हो जाता है। अतः जब कोई ईकारान्त शब्द (जैसे सुधी, सेनानी) नपुंसकलिंग विशेषण बनता है, तो वह ह्रस्व 'इ' होकर 'वारि' की भाँति (प्रथमा: सुधि, सुधिनी, सुधीनि) चलता है।
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | नदी | नद्यौ | नद्यः |
| द्वितीया | नदीम् | नद्यौ | नदीः |
| तृतीया | नद्या | नदीभ्याम् | नदीभिः |
| चतुर्थी | नद्यै | नदीभ्याम् | नदीभ्यः |
| पञ्चमी | नद्याः | नदीभ्याम् | नदीभ्यः |
| षष्ठी | नद्याः | नद्योः | नदीनाम् |
| सप्तमी | नद्याम् | नद्योः | नदीषु |
| सम्बोधन | हे नदि | हे नद्यौ | हे नद्यः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | गौरी | गौर्यौ | गौर्यः |
| द्वितीया | गौरीम् | गौर्यौ | गौरीः |
| तृतीया | गौर्या | गौरीभ्याम् | गौरीभिः |
| चतुर्थी | गौर्यै | गौरीभ्याम् | गौरीभ्यः |
| पञ्चमी | गौर्याः | गौरीभ्याम् | गौरीभ्यः |
| षष्ठी | गौर्याः | गौर्योः | गौरीणाम् |
| सप्तमी | गौर्याम् | गौर्योः | गौरीषु |
| सम्बोधन | हे गौरि | हे गौर्यौ | हे गौर्यः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | देवी | देव्यौ | देव्यः |
| द्वितीया | देवीम् | देव्यौ | देवीः |
| तृतीया | देव्या | देवीभ्याम् | देवीभिः |
| चतुर्थी | देव्यै | देवीभ्याम् | देवीभ्यः |
| पञ्चमी | देव्याः | देवीभ्याम् | देवीभ्यः |
| षष्ठी | देव्याः | देव्योः | देवीनाम् |
| सप्तमी | देव्याम् | देव्योः | देवीषु |
| सम्बोधन | हे देवि | हे देव्यौ | हे देव्यः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | नारी | नार्यौ | नार्यः |
| द्वितीया | नारीम् | नार्यौ | नारीः |
| तृतीया | नार्या | नारीभ्याम् | नारीभिः |
| चतुर्थी | नार्यै | नारीभ्याम् | नारीभ्यः |
| पञ्चमी | नार्याः | नारीभ्याम् | नारीभ्यः |
| षष्ठी | नार्याः | नार्योः | नारीणाम् |
| सप्तमी | नार्याम् | नार्योः | नारीषु |
| सम्बोधन | हे नारि | हे नार्यौ | हे नार्यः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | जननी | जनन्यौ | जनन्यः |
| द्वितीया | जननीम् | जनन्यौ | जननीः |
| तृतीया | जनन Push्या ➔ जनन्या | जननीभ्याम् | जननीभिः |
| चतुर्थी | जनन्यै | जननीभ्याम् | जननीभ्यः |
| पञ्चमी | जनन्याः | जननीभ्याम् | जननीभ्यः |
| षष्ठी | जनन्याः | जनन्योः | जननीनाम् |
| सप्तमी | जनन्याम् | जनन्योः | जननीषु |
| सम्बोधन | हे जननि | हे जनन्यौ | हे जनन्यः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | भगिनी | भगिन्यौ | भगिन्यः |
| द्वितीया | भगिनीम् | भगिन्यौ | भगिनीः |
| तृतीया | भगिन्या | भगिनीभ्याम् | भगिनीभिः |
| चतुर्थी | भगिन्यै | भगिनीभ्याम् | भगिनीभ्यः |
| पञ्चमी | भगिन्याः | भगिनीभ्याम् | भगिनीभ्यः |
| षष्ठी | भगिन्याः | भगिन्योः | भगिनीनाम् |
| सप्तमी | भगिन्याम् | भगिन्योः | भगिनीषु |
| सम्बोधन | हे भगिनि | हे भगिन्यौ | हे भगिन्यः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | पत्नी | पत्न्यौ | पत्न्यः |
| द्वितीया | पत्नीम् | पत्न्यौ | पत्नीः |
| तृतीया | पत्नया | पत्नीभ्याम् | पत्नीभिः |
| चतुर्थी | पत्न्यै | पत्नीभ्याम् | पत्नीभ्यः |
| पञ्चमी | पत्न्याः | पत्नीभ्याम् | पत्नीभ्यः |
| षष्ठी | पत्न्याः | पत्न्योः | पत्नीनाम् |
| सप्तमी | पत्न्याम् | पत्न्योः | पत्नीषु |
| सम्बोधन | हे पत्नि | हे पत्न्यौ | हे पत्न्यः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | सखी | सख्यौ | सख्यः |
| द्वितीया | सखीम् | सख्यौ | सखीः |
| तृतीया | सख्या | सखीभ्याम् | सखीभिः |
| चतुर्थी | सख्यै | सखीभ्याम् | सखीभ्यः |
| पञ्चमी | सख्याः | सखीभ्याम् | सखीभ्यः |
| षष्ठी | सख्याः | सख्योः | सखीनाम् |
| सप्तमी | सख्याम् | सख्योः | सखीषु |
| सम्बोधन | हे सखि | हे सख्यौ | हे सख्यः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | वाणी | वाण्यौ | वाण्यः |
| द्वितीया | वाणीम् | वाण्यौ | वाणीः |
| तृतीया | वाण्या | वाणीभ्याम् | वाणीभिः |
| चतुर्थी | वाण्यै | वाणीभ्याम् | वाणीभ्यः |
| पञ्चमी | वाण्याः | वाणीभ्याम् | वाणीभ्यः |
| षष्ठी | वाण्याः | वाण्योः | वाणीनाम् |
| सप्तमी | वाण्याम् | वाण्योः | वाणीषु |
| सम्बोधन | हे वाणि | हे वाण्यौ | हे वाण्यः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | नगरी | नगर्यौ | नगर्यः |
| द्वितीया | नगरीम् | नगर्यौ | नगरीः |
| तृतीया | नगर्या | नगरीभ्याम् | नगरीभिः |
| चतुर्थी | नगर्यै | नगरीभ्याम् | नगरीभ्यः |
| पञ्चमी | नगर्याः | नगरीभ्याम् | नगरीभ्यः |
| षष्ठी | नगर्याः | नगर्योः | नगरीणाम् |
| सप्तमी | नगर्याम् | नगर्योः | नगरीषु |
| सम्बोधन | हे नगरि | हे नगर्यौ | हे नगर्यः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | रजनी | र्जन्यौ | र्जन्यः |
| द्वितीया | रजनीम् | र्जन्यौ | रजनीः |
| तृतीया | रजन्या | रजनीभ्याम् | रजनीभिः |
| चतुर्थी | र्जन्यै | रजनीभ्याम् | रजनीभ्यः |
| पञ्चमी | रजन्याः | रजनीभ्याम् | रजनीभ्यः |
| षष्ठी | रजन्याः | र्जन्योः | रजनीनाम् |
| सप्तमी | रजन्याम् | र्जन्योः | रजनीषु |
| सम्बोधन | हे रजनि | हे र्जन्यौ | हे र्जन्यः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | पृथ्वी | पृथ्व्यौ | पृथ्व्यः |
| द्वितीया | पृथ्वीम् | पृथ्व्यौ | पृथ्वीः |
| तृतीया | पृथ्व्या | पृथ्वीभ्याम् | पृथ्वीभिः |
| चतुर्थी | पृथ्व्यै | पृथ्वीभ्याम् | पृथ्वीभ्यः |
| पञ्चमी | पृथ्व्याः | पृथ्वीभ्याम् | पृथ्वीभ्यः |
| षष्ठी | पृथ्व्याः | पृथ्व्योः | पृथ्वीनाम् |
| सप्तमी | पृथ्व्याम् | पृथ्व्योः | पृथ्वीषु |
| सम्बोधन | हे पृथ्वि | हे पृथ्व्यौ | हे पृथ्व्यः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | कुमारी | कुमार्यौ | कुमार्यः |
| द्वितीया | कुमारीम् | कुमार्यौ | कुमारीः |
| तृतीया | कुमार्या | कुमारीभ्याम् | कुमारीभिः |
| चतुर्थी | कुमार्यै | कुमारीभ्याम् | कुमारीभ्यः |
| पञ्चमी | कुमार्याः | कुमारीभ्याम् | कुमारीभ्यः |
| षष्ठी | कुमार्याः | कुमार्योः | कुमारीणाम् |
| सप्तमी | कुमार्याम् | कुमार्योः | कुमारीषु |
| सम्बोधन | हे कुमारि | हे कुमार्यौ | हे कुमार्यः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | पुत्री | पुत्र्यौ | पुत्र्यः |
| द्वितीया | पुत्रीम् | पुत्र्यौ | पुत्रीः |
| तृतीया | पुत्र्या | पुत्रीभ्याम् | पुत्रीभिः |
| चतुर्थी | पुत्र्यै | पुत्रीभ्याम् | पुत्रीभ्यः |
| पञ्चमी | पुत्र्याः | पुत्रीभ्याम् | पुत्रीभ्यः |
| षष्ठी | पुत्र्याः | पुत्र्योः | पुत्रीणाम् |
| सप्तमी | पुत्र्याम् | पुत्र्योः | पुत्रीषु |
| सम्बोधन | हे पुत्रि | हे पुत्र्यौ | हे पुत्र्यः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | दासी | दास्यौ | दास्यः |
| द्वितीया | दासीम् | दास्यौ | दासीः |
| तृतीया | दास्या | दासीभ्याम् | दासीभिः |
| चतुर्थी | दास्यै | दासीभ्याम् | दासीभ्यः |
| पञ्चमी | दास्याः | दासीभ्याम् | दासीभ्यः |
| षष्ठी | दास्याः | दास्योः | दासीनाम् |
| सप्तमी | दास्याम् | दास्योः | दासीषु |
| सम्बोधन | हे दासि | हे दास्यौ | हे दास्यः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | महिषी | महिष्यौ | महिष्यः |
| द्वितीया | महिषीम् | महिष्यौ | महिषीः |
| तृतीया | महिष्या | महिषीभ्याम् | महिषीभिः |
| चतुर्थी | महिष्यै | महिषीभ्याम् | महिषीभ्यः |
| पञ्चमी | महिष्याः | महिषीभ्याम् | महिषीभ्यः |
| षष्ठी | महिष्याः | महिष्योः | महिषीणाम् |
| सप्तमी | महिष्याम् | महिष्योः | महिषीषु |
| सम्बोधन | हे महिषि | हे महिष्यौ | हे महिष्यः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | कल्याणी | कल्याण्यौ | कल्याण्यः |
| द्वितीया | कल्याणीम् | कल्याण्यौ | कल्याणीः |
| तृतीया | कल्याण push्या ➔ कल्याण्य | कल्याणीभ्याम् | कल्याणीभिः |
| चतुर्थी | कल्याण्यै | कल्याणीभ्याम् | कल्याणीभ्यः |
| पञ्चमी | कल्याण Push्याः ➔ कल्याण्य | कल्याणीभ्याम् | कल्याणीभ्यः |
| षष्ठी | कल्याण Push्याः | कल्याण्योः | कल्याणीनाम् |
| सप्तमी | कल्याण Push्याम् | कल्याण्योः | कल्याणीषु |
| सम्बोधन | हे कल्याणि | हे कल्याण्यौ | हे कल्याण्यः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | भवानी | भवान्यौ | भवान्यः |
| द्वितीया | भवानीम् | भवान्यौ | भवानीः |
| तृतीया | भवान्या | भवानीभ्याम् | भवानीभिः |
| चतुर्थी | भवान्यै | भवानीभ्याम् | भवानीभ्यः |
| पञ्चमी | भवान्याः | भवानीभ्याम् | भवानीभ्यः |
| षष्ठी | भवान्याः | भवान्योः | भवानीनाम् |
| सप्तमी | भवान्याम् | भवान्योः | भवानीषु |
| सम्बोधन | हे भवानि | हे भवान्यौ | हे भवान्यः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | पार्वती | पार्वत्यौ | पार्वत्यः |
| द्वितीया | पार्वतीम् | पार्वत्यौ | पार्वतीः |
| तृतीया | पार्वत्या | पार्वतीभ्याम् | पार्वतीभिः |
| चतुर्थी | पार्वत्यै | पार्वतीभ्याम् | पार्वतीभ्यः |
| पञ्चमी | पार्वत्याः | पार्वतीभ्याम् | पार्वतीभ्यः |
| षष्ठी | पार्वत्याः | पार्वत्योः | पार्वतीणाम् |
| सप्तमी | पार्वत्याम् | पार्वत्योः | पार्वतीषु |
| सम्बोधन | हे पार्वति | हे पार्वत्यौ | हे पार्वत्यः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | सरस्वती | सरस्वत्यौ | सरस्वत्यः |
| द्वितीया | सरस्वतीम् | सरस्वत्यौ | सरस्वतीः |
| तृतीया | सरस्वत्या | सरस्वतीभ्याम् | सरस्वतीभिः |
| चतुर्थी | सरस्वत्यै | सरस्वतीभ्याम् | सरस्वतीभ्यः |
| पञ्चमी | सरस्वत्याः | सरस्वतीभ्याम् | सरस्वतीभ्यः |
| षष्ठी | सरस्वत्याः | सरस्वत्योः | सरस्वतीनाम् |
| सप्तमी | सरस्वत्याम् | सरस्वत्योः | सरस्वतीषु |
| सम्बोधन | हे सरस्वति | हे सरस्वती/सरस्वत्यौ | हे सरस्वत्यः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | श्रीमती | श्रीमत्यौ | श्रीमत्यः |
| द्वितीया | श्रीमतीम् | श्रीमत्यौ | श्रीमतीः |
| तृतीया | श्रीमत्या | श्रीमतीभ्याम् | श्रीमतीभिः |
| चतुर्थी | श्रीमत्यै | श्रीमतीभ्याम् | श्रीमतीभ्यः |
| पञ्चमी | श्रीमत्याः | श्रीमतीभ्याम् | श्रीमतीभ्यः |
| षष्ठी | श्रीमत्याः | श्रीमत्योः | श्रीमतीनाम् |
| सप्तमी | श्रीमत्याम् | श्रीमत्योः | श्रीमतीषु |
| सम्बोधन | हे श्रीमति | हे श्रीमत्यौ | हे श्रीमत्यः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | बुद्धिमती | बुद्धिमत्यौ | बुद्धिमत्यः |
| द्वितीया | बुद्धिमतीम् | बुद्धिमत्यौ | बुद्धिमतीः |
| तृतीया | बुद्धिमत्या | बुद्धिमतीभ्याम् | बुद्धिमतीभिः |
| चतुर्थी | बुद्धिमत्यै | बुद्धिमतीभ्याम् | बुद्धिमतीभ्यः |
| पञ्चमी | बुद्धिमत्याः | बुद्धिमतीभ्याम् | बुद्धिमतीभ्यः |
| षष्ठी | बुद्धिमत्याः | बुद्धिमत्योः | बुद्धिमतीनाम् |
| सप्तमी | बुद्धिमत्याम् | बुद्धिमत्योः | बुद्धिमतीषु |
| सम्बोधन | हे बुद्धिमति | हे बुद्धिमत्यौ | हे बुद्धिमत्यः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | गायत्री | गायत्र्यौ | गायत्र्यः |
| द्वितीया | गायत्रीम् | गायत्र्यौ | गायत्रीः |
| तृतीया | गायत्र्या | गायत्रीभ्याम् | गायत्रीभिः |
| चतुर्थी | गायत्र्यै | गायत्रीभ्याम् | गायत्रीभ्यः |
| पञ्चमी | गायत्र्याः | गायत्रीभ्याम् | गायत्रीभ्यः |
| षष्ठी | गायत्र्याः | गायत्र्योः | गायत्रीणाम् |
| सप्तमी | गायत्र्याम् | गायत्र्योः | गायत्रीषु |
| सम्बोधन | हे गायत्रि | हे गायत्र्यौ | हे गायत्र्यः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | दात्री | दात्र्यौ | दात्र्यः |
| द्वितीया | दात्रीम् | दात्र्यौ | दात्रीः |
| तृतीया | दात्र्या | दात्रीभ्याम् | दात्रीभिः |
| चतुर्थी | दात्र्यै | दात्रीभ्याम् | दात्रीभ्यः |
| पञ्चमी | दात्र्याः | दात्रीभ्याम् | दात्रीभ्यः |
| षष्ठी | दात्र्याः | दात्र्योः | दात्रीणाम् |
| सप्तमी | दात्र्याम् | दात्र्योः | दात्रीषु |
| सम्बोधन | हे दात्रि | हे दात्र्यौ | हे दात्र्यः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | कर्त्री | कर्त्र्यौ | कर्त्र्यः |
| द्वितीया | कर्त्रीम् | कर्त्र्यौ | कर्त्रीः |
| तृतीया | कर्त्र्या | कर्त्रीभ्याम् | कर्त्रीभिः |
| चतुर्थी | कर्त्र्यै | कर्त्रीभ्याम् | कर्त्रीभ्यः |
| पञ्चमी | कर्त्र्याः | कर्त्रीभ्याम् | कर्त्रीभ्यः |
| षष्ठी | कर्त्र्याः | कर्त्र्योः | कर्त्रीणाम् |
| सप्तमी | कर्त्र्याम् | कर्त्र्योः | कर्त्रीषु |
| सम्बोधन | हे कर्त्रि | हे कर्त्र्यौ | हे कर्त्र्यः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | लक्ष्मीः | लक्ष्म्यौ | लक्ष्म्यः |
| द्वितीया | लक्ष्मीम् | लक्ष्म्यौ | लक्ष्मीः |
| तृतीया | लक्ष्म्या | लक्ष्मीभ्याम् | लक्ष्मीभिः |
| चतुर्थी | लक्ष्म्यै | लक्ष्मीभ्याम् | लक्ष्मीभ्यः |
| पञ्चमी | लक्ष्म्याः | लक्ष्मीभ्याम् | लक्ष्मीभ्यः |
| षष्ठी | लक्ष्म्याः | लक्ष्म्योः | लक्ष्मीणाम् |
| सप्तमी | लक्ष्म्याम् | लक्ष्म्योः | लक्ष्मीषु |
| सम्बोधन | हे लक्ष्मि | हे लक्ष्म्यौ | हे लक्ष्म्यः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | स्त्री | स्त्रियौ | स्त्रियः |
| द्वितीया | स्त्रियम् / स्त्रीम् | स्त्रियौ | स्त्रियः / स्त्रीः |
| तृतीया | स्त्रिया | स्त्रीभ्याम् | स्त्रीभिः |
| चतुर्थी | स्त्रियै | स्त्रीभ्याम् | स्त्रीभ्यः |
| पञ्चमी | स्त्रियाः | स्त्रीभ्याम् | स्त्रीभ्यः |
| षष्ठी | स्त्रियाः | स्त्रियोः | स्त्रीणाम् |
| सप्तमी | स्त्रियाम् | स्त्रियोः | स्त्रीषु |
| सम्बोधन | हे स्त्रि | हे स्त्रियौ | हे स्त्रियः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | धीः | धियौ | धियः |
| द्वितीया | धियम् | धियौ | धियः |
| तृतीया | धिया | धीभ्याम् | धीभिः |
| चतुर्थी | धिये / धियै | धीभ्याम् | धीभ्यः |
| पञ्चमी | धियः / धियाः | धीभ्याम् | धीभ्यः |
| षष्ठी | धियः / धियाः | धियोः | धीनाम् / धियाम् |
| सप्तमी | धियि / धियाम् | धियोः | धीषु |
| सम्बोधन | हे धीः | हे धियौ | हे धियः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | श्रीः | श्रियौ | श्रियः |
| द्वितीया | श्रियम् | श्रियौ | श्रियः |
| तृतीया | श्रिया | श्रीभ्याम् | श्रीभिः |
| चतुर्थी | श्रिये / श्रियै | श्रीभ्याम् | श्रीभ्यः |
| पञ्चमी | श्रियः / श्रियाः | श्रीभ्याम् | श्रीभ्यः |
| षष्ठी | श्रियः / श्रियाः | श्रियोः | श्रीणाम् / श्रियाम् |
| सप्तमी | श्रियि / श्रियाम् | श्रियोः | श्रीषु |
| सम्बोधन | हे श्रीः | हे श्रियौ | हे श्रियः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | ह्रीः | ह्रियौ | ह्रियः |
| द्वितीया | ह्रियम् | ह्रियौ | ह्रियः |
| तृतीया | ह्रिया | ह्रीभ्याम् | ह्रीभिः |
| चतुर्थी | ह्रिये / ह्रियै | ह्रीभ्याम् | ह्रीभ्यः |
| पञ्चमी | ह्रियः / ह्रियाः | ह्रीभ्याम् | ह्रीभ्यः |
| षष्ठी | ह्रियः / ह्रियाः | ह्रियोः | ह्रीणाम् / ह्रियाम् |
| सप्तमी | ह्रियि / ह्रियाम् | ह्रियोः | ह्रीषु |
| सम्बोधन | हे ह्रीः | हे ह्रियौ | हे ह्रियः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | सुधीः | सुधियौ | सुधियः |
| द्वितीया | सुधियम् | सुधियौ | सुधियः |
| तृतीया | सुधिया | सुधीभ्याम् | सुधीभिः |
| चतुर्थी | सुधिये | सुधीभ्याम् | सुधीभ्यः |
| पञ्चमी | सुधियः | सुधीभ्याम् | सुधीभ्यः |
| षष्ठी | सुधियः | सुधियोः | सुधियाम् |
| सप्तमी | सुधियि | सुधियोः | सुधीषु |
| सम्बोधन | हे सुधीः | हे सुधियौ | हे सुधियः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | सेनानीः | सेनान्यौ | सेनान्यः |
| द्वितीया | सेनान्यम् | सेनान्यौ | सेनान्यः |
| तृतीया | सेनान्या | सेनानीभ्याम् | सेनानीभिः |
| चतुर्थी | सेनान्ये | सेनानीभ्याम् | सेनानीभ्यः |
| पञ्चमी | सेनान्यः | सेनानीभ्याम् | सेनानीभ्यः |
| षष्ठी | सेनान्यः | सेनान्योः | सेनान्याम् |
| सप्तमी | सेनान्याम् / सेनान्यि | सेनान्योः | सेनानीषु |
| सम्बोधन | हे सेनानीः | हे सेनान्यौ | हे सेनान्यः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | ग्रामणीः | ग्रामण्यौ | ग्रामण्यः |
| द्वितीया | ग्रामण्यम् | ग्रामण्यौ | ग्रामण्यः |
| तृतीया | ग्रामण्या | ग्रामणीभ्याम् | ग्रामणीभिः |
| चतुर्थी | ग्रामण्ये | ग्रामणीभ्याम् | ग्रामणीभ्यः |
| पञ्चमी | ग्रामण्यः | ग्रामणीभ्याम् | ग्रामणीभ्यः |
| षष्ठी | ग्रामण्यः | ग्रामण्योः | ग्रामण्याम् |
| सप्तमी | ग्रामण्याम् / ग्रामण्यि | ग्रामण्योः | ग्रामणीषु |
| सम्बोधन | हे ग्रामणीः | हे ग्रामण्यौ | हे ग्रामण्यः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | अग्रणीः | अग्रण्यौ | अग्रण्यः |
| द्वितीया | अग्रण्यम् | अग्रण्यौ | अग्रण्यः |
| तृतीया | अग्रण्या | अग्रणीभ्याम् | अग्रणीभिः |
| चतुर्थी | अग्रण्ये | अग्रणीभ्याम् | अग्रणीभ्यः |
| पञ्चमी | अग्रण्यः | अग्रणीभ्याम् | अग्रणीभ्यः |
| षष्ठी | अग्रण्यः | अग्रण्योः | अग्रण्याम् |
| सप्तमी | अग्रण्याम् / अग्रण्यि | अग्रण्योः | अग्रणीषु |
| सम्बोधन | हे अग्रणीः | हे अग्रण्यौ | हे अग्रण्यः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | प्रधीः | प्रधियौ | प्रधियः |
| द्वितीया | प्रधियम् | प्रधियौ | प्रधियः |
| तृतीया | प्रधिया | प्रधीभ्याम् | प्रधीभिः |
| चतुर्थी | प्रधिये | प्रधीभ्याम् | प्रधीभ्यः |
| पञ्चमी | प्रधियः | प्रधीभ्याम् | प्रधीभ्यः |
| षष्ठी | प्रधियः | प्रधियोः | प्रधियाम् |
| सप्तमी | प्रधियि | प्रधियोः | प्रधीषु |
| सम्बोधन | हे प्रधीः | हे प्रधियौ | हे प्रधियः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | शुद्धधीः | शुद्धधियौ | शुद्धधियः |
| द्वितीया | शुद्धधियम् | शुद्धधियौ | शुद्धधियः |
| तृतीया | शुद्धधिया | शुद्धधीभ्याम् | शुद्धधीभिः |
| चतुर्थी | शुद्धधिये | शुद्धधीभ्याम् | शुद्धधीभ्यः |
| पञ्चमी | शुद्धधियः | शुद्धधीभ्याम् | शुद्धधीभ्यः |
| षष्ठी | शुद्धधियः | शुद्धधियोः | शुद्धधियाम् |
| सप्तमी | शुद्धधियि | शुद्धधियोः | शुद्धधीषु |
| सम्बोधन | हे शुद्धधीः | हे शुद्धधियौ | हे शुद्धधियः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | महाधीः | महाधियौ | महाधियः |
| द्वितीया | महाधियम् | महाधियौ | महाधियः |
| तृतीया | महाधिया | महाधीभ्याम् | महाधीभिः |
| चतुर्थी | महाधिये | महाधीभ्याम् | महाधीभ्यः |
| पञ्चमी | महाधियः | महाधीभ्याम् | महाधीभ्यः |
| षष्ठी | महाधियः | महाधियोः | महाधियाम् |
| सप्तमी | महाधियि | महाधियोः | महाधीषु |
| सम्बोधन | हे महाधीः | हे महाधियौ | हे महाधियः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | मन्दधीः | मन्दधियौ | मन्दधियः |
| द्वितीया | मन्दधियम् | मन्दधियौ | मन्दधियः |
| तृतीया | मन्दधिया | मन्दधीभ्याम् | मन्दधीभिः |
| चतुर्थी | मन्दधिये | मन्दधीभ्याम् | मन्दधीभ्यः |
| पञ्चमी | मन्दधियः | मन्दधीभ्याम् | मन्दधीभ्यः |
| षष्ठी | मन्दधियः | मन्दधियोः | मन्दधियाम् |
| सप्तमी | मन्दधियि | मन्दधियोः | मन्दधीषु |
| सम्बोधन | हे मन्दधीः | हे मन्दधियौ | हे मन्दधियः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | पपीः | पप्यौ | पप्यः |
| द्वितीया | पप्यम् | पप्यौ | पप्यः |
| तृतीया | पप्या | पपीभ्याम् | पपीभिः |
| चतुर्थी | पप्ये | पपीभ्याम् | पपीभ्यः |
| पञ्चमी | पप्यः | पपीभ्याम् | पपीभ्यः |
| षष्ठी | पप्यः | पप्योः | पप्याम् |
| सप्तमी | पप्याम् / पप्यि | पप्योः | पपीषु |
| सम्बोधन | हे पपीः | हे पप्यौ | हे पप्यः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | ययीः | यय्यौ | यय्यः |
| द्वितीया | यय्यम् | यय्यौ | यय्यः |
| तृतीया | यय्या | ययीभ्याम् | ययीभिः |
| चतुर्थी | यय्ये | ययीभ्याम् | ययीभ्यः |
| पञ्चमी | यय्यः | ययीभ्याम् | ययीभ्यः |
| षष्ठी | यय्यः | यय्योः | यय्याम् |
| सप्तमी | यय्याम् / यय्यि | यय्योः | ययीषु |
| सम्बोधन | हे ययीः | हे यय्यौ | हे यय्यः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | नीः | नियौ | नियः |
| द्वितीया | नियम् | नियौ | नियः |
| तृतीया | निया | नीभ्याम् | नीभिः |
| चतुर्थी | निये | नीभ्याम् | नीभ्यः |
| पञ्चमी | नियः | नीभ्याम् | नीभ्यः |
| षष्ठी | नियः | नियोः | नियाम् |
| सप्तमी | नियि | नियोः | नीषु |
| सम्बोधन | हे नीः | हे नियौ | हे नियः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | कोशणीः | कोशण्यौ | कोशण्यः |
| द्वितीया | कोशण्यम् | कोशण्यौ | कोशण्यः |
| तृतीया | कोशण्या | कोशणीभ्याम् | कोशणीभिः |
| चतुर्थी | कोशण्ये | कोशणीभ्याम् | कोशणीभ्यः |
| पञ्चमी | कोशण्यः | कोशणीभ्याम् | कोशणीभ्यः |
| षष्ठी | कोशण्यः | कोशण्योः | कोशण्याम् |
| सप्तमी | कोशण्याम् / कोशण्यि | कोशण्योः | कोशणीषु |
| सम्बोधन | हे कोशणीः | हे कोशण्यौ | हे कोशण्यः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | वारिणीपः | वारिणीपौ | वारिणीपाः |
| द्वितीया | वारिणीपम् | वारिणीपौ | वारिणीपान् |
| तृतीया | वारिणीपेन | वारिणीपाभ्याम् | वारिणीपैः |
| चतुर्थी | वारिणीपाय | वारिणीपाभ्याम् | वारिणीपेभ्यः |
| पञ्चमी | वारिणीपात् | वारिणीपाभ्याम् | वारिणीपेभ्यः |
| षष्ठी | वारिणीपस्य | वारिणीपयोः | वारिणीपानाम् |
| सप्तमी | वारिणीपे | वारिणीपयोः | वारिणीपेषु |
| सम्बोधन | हे वारिणीप | हे वारिणीपौ | हे वारिणीपाः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | कुबुद्धीः | कुबुद्धियौ | कुबुद्धियः |
| द्वितीया | कुबुद्धियम् | कुबुद्धियौ | कुबुद्धियः |
| तृतीया | कुबुद्धिया | कुबुद्धीभ्याम् | कुबुद्धीभिः |
| चतुर्थी | कुबुद्धिये | कुबुद्धीभ्याम् | कुबुद्धीभ्यः |
| पञ्चमी | कुबुद्धियः | कुबुद्धीभ्याम् | कुबुद्धीभ्यः |
| षष्ठी | कुबुद्धियः | कुबुद्धियोः | कुबुद्धियाम् |
| सप्तमी | कुबुद्धियि | कुबुद्धियोः | कुबुद्धीषु |
| सम्बोधन | हे कुबुद्धीः | हे कुबुद्धियौ | हे कुबुद्धियः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | सुधि | सुधिनी | सुधीनि |
| द्वितीया | सुधि | सुधिनी | सुधीनि |
| तृतीया | सुधिना / सुधिया | सुधिभ्याम् | सुधिभिः |
| चतुर्थी | सुधिने / सुधिये | सुधिभ्याम् | सुधिभ्यः |
| पञ्चमी | सुधिनः / सुधियः | सुधिभ्याम् | सुधिभ्यः |
| षष्ठी | सुधिनः / सुधियः | सुधिनोः / सुधियोः | सुधीनाम् / सुधियाम् |
| सप्तमी | सुधिनि / सुधियि | सुधिनोः / सुधियोः | सुधिषु |
| सम्बोधन | हे सुधे / हे सुधि | हे सुधिनी | हे सुधीनि |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | सेनानि | सेनानिनी | सेनानीनि |
| द्वितीया | सेनानि | सेनानिनी | सेनानीनि |
| तृतीया | सेनानिना / सेनान्या | सेनानिभ्याम् | सेनानिभिः |
| चतुर्थी | सेनानिने / सेनान्ये | सेनानिभ्याम् | सेनानिभ्यः |
| पञ्चमी | सेनानिनः / सेनान्यः | सेनानिभ्याम् | सेनानिभ्यः |
| षष्ठी | सेनानिनः / सेनान्यः | सेनानिनोः / सेनान्योः | सेनानीनाम् / सेनान्याम् |
| सप्तमी | सेनानिनि / सेनान्याम् | सेनानिनोः / सेनान्योः | सेनानिषु |
| सम्बोधन | हे सेनाने / हे सेनानि | हे सेनानिनी | हे सेनानीनि |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | ग्रामणि | ग्रामणिनी | ग्रामणीनि |
| द्वितीया | ग्रामणि | ग्रामणिनी | ग्रामणीनि |
| तृतीया | ग्रामणिना / ग्रामण्या | ग्रामणिभ्याम् | ग्रामणिभिः |
| चतुर्थी | ग्रामणिने / ग्रामण्ये | ग्रामणिभ्याम् | ग्रामणिभ्यः |
| पञ्चमी | ग्रामणिनः / ग्रामण्यः | ग्रामणिभ्याम् | ग्रामणिभ्यः |
| षष्ठी | ग्रामणिनः / ग्रामण्यः | ग्रामणिनोः / ग्रामण्योः | ग्रामणीनाम् |
| सप्तमी | ग्रामणिनि / ग्रामण्याम् | ग्रामणिनोः / ग्रामण्योः | ग्रामणिषु |
| सम्बोधन | हे ग्रामणे / हे ग्रामणि | हे ग्रामणिनी | हे ग्रामणीनि |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | प्रधि | प्रधिनी | प्रधीनि |
| द्वितीया | प्रधि | प्रधिनी | प्रधीनि |
| तृतीया | प्रधिना / प्रधिया | प्रधिभ्याम् | प्रधिभिः |
| चतुर्थी | प्रधिने / प्रधिये | प्रधिभ्याम् | प्रधिभ्यः |
| पञ्चमी | प्रधिनः / प्रधियः | प्रधिभ्याम् | प्रधिभ्यः |
| षष्ठी | प्रधिनः / प्रधियः | प्रधिनोः / प्रधियोः | प्रधीनाम् |
| सप्तमी | प्रधिनि / प्रधियि | प्रधिनोः / प्रधियोः | प्रधिषु |
| सम्बोधन | हे प्रधे / हे प्रधि | हे प्रधिनी | हे प्रधीनि |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | शुद्धधि | शुद्धधिनी | शुद्धधीनि |
| द्वितीया | शुद्धधि | शुद्धधिनी | शुद्धधीनि |
| तृतीया | शुद्धधिना / शुद्धधिया | शुद्धधिभ्याम् | शुद्धधिभिः |
| चतुर्थी | शुद्धधिने / शुद्धधिये | शुद्धधिभ्याम् | शुद्धधिभ्यः |
| पञ्चमी | शुद्धधिनः / शुद्धधियः | शुद्धधिभ्याम् | शुद्धधिभ्यः |
| षष्ठी | शुद्धधिनः / शुद्धधियः | शुद्धधिनोः / शुद्धधियोः | शुद्धधीनाम् |
| सप्तमी | शुद्धधिनि / शुद्धधियि | शुद्धधिनोः / शुद्धधियोः | शुद्धधिषु |
| सम्बोधन | हे शुद्धधे / हे शुद्धधि | हे शुद्धधिनी | हे शुद्धधीनि |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | अग्रणि | अग्रणिनी | अग्रणीनि |
| द्वितीया | अग्रणि | अग्रणिनी | अग्रणीनि |
| तृतीया | अग्रणिना / अग्रण्या | अग्रणिभ्याम् | अग्रणिभिः |
| चतुर्थी | अग्रणिने / अग्रण्ये | अग्रणिभ्याम् | अग्रणिभ्यः |
| पञ्चमी | अग्रणिनः / अग्रण्यः | अग्रणिभ्याम् | अग्रणिभ्यः |
| षष्ठी | अग्रणिनः / अग्रण्यः | अग्रणिनोः / अग्रण्योः | अग्रणीनाम् |
| सप्तमी | अग्रणिनि / अग्रण्याम् | अग्रणिनोः / अग्रण्योः | अग्रणिषु |
| सम्बोधन | हे अग्रणे / हे अग्रणि | हे अग्रणिनी | हे अग्रणीनि |