📖 उकारान्त शब्दरूप : पाणिनीय व्याकरणिक रहस्य एवं सूत्र
जिस प्रातिपदिक (मूल शब्द) के वर्ण-विच्छेद के अन्त में ह्रस्व 'उ' स्वर आता है, उसे उकारान्त कहते हैं (यथा: गुरु = ग् + उ + र् + उ | धेनु = ध् + ए + न् + उ | मधु = म् + अ + ध् + उ)।
१. उकारान्त पुल्लिंग के मुख्य पाणिनीय सूत्र
सूत्र १: "शेषो घ्यसखि" (अष्टाध्यायी १.४.७) — घि-संज्ञा
ह्रस्व इकारान्त की तरह ही सभी ह्रस्व उकारान्त पुल्लिंग शब्दों की 'घि' संज्ञा होती है। घिसंज्ञक होने के कारण निम्नलिखित कार्य होते हैं:
सूत्र २: "आङो नाऽस्त्रियाम्" (७.३.१२०) एवं "घेर्ङिति" (७.३.१११)
• तृतीया एकवचन ('टा' = आ) में घिसंज्ञक को 'ना' आदेश होता है: गुरु + टा = गुरुणा (णत्व युक्त) | भानु + टा = भानुना।
• ङित् विभक्तियों (चतुर्थी 'ङे', पञ्चमी 'ङसि', षष्ठी 'ङस्') में उकार को गुण (ओ) होकर अयादि सन्धि होती है: गुरु + ङे = गुरो + ए = गुरवे | गुरो + अस् = गुरोः।
सूत्र ३: "अच्च घेः" (७.३.११९) एवं "औत औत्" (७.३.१२०)
सप्तमी एकवचन (ङि) में घिसंज्ञक उकार को 'अ' और प्रत्यय को 'औ' होकर 'गुरौ', 'भानौ', 'शम्भौ' सिद्ध होता है। सम्बोधन एकवचन में 'ह्रस्वस्य गुणः' से 'हे गुरो!' बनता है।
⚠️ पुल्लिंग का विशेष पाणिनीय अपवाद — क्रोष्टु (सियार) शब्द:
सूत्र "विभाषा तृतीयादिष्वचि" (७.१.९७): 'क्रोष्टु' शब्द प्रथमा और द्वितीया में सामान्य रूप से चलता है (क्रोष्टा, क्रोष्टारौ, क्रोष्टारः), किन्तु तृतीया से आगे अजादि विभक्तियों में विकल्प से तृज्वत् (धातृ/पितृ की तरह) होकर क्रोष्ट्रा / क्रोष्टुना, क्रोष्ट्रे / क्रोष्टवे रूप बनाता है।
२. उकारान्त स्त्रीलिंग के विशेष नियम (वैकल्पिक रूप)
सूत्र ४: "ङिति ह्रस्वश्च" (१.४.६) एवं "वोतो गुणवचनात्" (४.१.४४)
• 'मति' शब्द की तरह ही उकारान्त स्त्रीलिंग (धेनु, रज्जु आदि) में ङित् विभक्तियों (चतुर्थी, पञ्चमी, षष्ठी व सप्तमी १व.) में विकल्प से 'नदी संज्ञा' होती है, जिससे दो-दो रूप बनते हैं:
चतुर्थी (१व.): धेनवे (घि-पक्ष) / धेन्वै (नदी-पक्ष)
पञ्चमी (१व.): धेनोः (घि-पक्ष) / धेन्वाः (नदी-पक्ष)
षष्ठी (१व.): धेनोः (घि-पक्ष) / धेन्वाः (नदी-पक्ष)
सप्तमी (१व.): धेनौ (घि-पक्ष) / धेन्वाम् (नदी-पक्ष)
• गुणवाचक उकारान्त शब्दों (लघु, पटु, मृदु आदि) से स्त्रीलिंग में ङीष् न होने पर वे धेनुवत् ही चलते हैं।
३. उकारान्त नपुंसकलिंग के नियम (मात्राओं का विशेष ध्यान)
सूत्र ५: "इकोऽचि विभक्तौ" (७.१.७३) — नुम् आगम
• अजादि विभक्तियों में 'नुम्' (न्) का आगम होता है: मधुना, मधुने, मधुनः, मधुनि।
• परीक्षाओं में सबसे अधिक पूछा जाने वाला नियम:
प्रथमा/द्वितीया द्विवचन = मधुनी (ह्रस्व 'उ' + दीर्घ 'ई')
प्रथमा/द्वितीया बहुवचन = मधूनि (दीर्घ 'ऊ' + ह्रस्व 'इ')
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | गुरुः | गुरू | गुरवः |
| द्वितीया | गुरुम् | गुरू | गुरून् |
| तृतीया | गुरुणा | गुरुभ्याम् | गुरुभिः |
| चतुर्थी | गुरवे | गुरुभ्याम् | गुरुभ्यः |
| पञ्चमी | गुरोः | गुरुभ्याम् | गुरुभ्यः |
| षष्ठी | गुरोः | गुर्वोः | गुरूणाम् |
| सप्तमी | गुरौ | गुर्वोः | गुरुषु |
| सम्बोधन | हे गुरो | हे गुरू | हे गुरवः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | भानुः | भानू | भानवः |
| द्वितीया | भानुम् | भानू | भानून् |
| तृतीया | भानुना | भानुभ्याम् | भानुभिः |
| चतुर्थी | भानवे | भानुभ्याम् | भानुभ्यः |
| पञ्चमी | भानोः | भानुभ्याम् | भानुभ्यः |
| षष्ठी | भानोः | भान्वोः | भानूनाम् |
| सप्तमी | भानौ | भान्वोः | भानुषु |
| सम्बोधन | हे भानो | हे भानू | हे भानवः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | शम्भुः | शम्भू | शम्भवः |
| द्वितीया | शम्भुम | शम्भू | शम्भून् |
| तृतीया | शम्भुना | शम्भुभ्याम् | शम्भुभिः |
| चतुर्थी | शम्भवे | शम्भुभ्याम् | शम्भुभ्यः |
| पञ्चमी | शम्भोः | शम्भुभ्याम् | शम्भुभ्यः |
| षष्ठी | शम्भोः | शम्भ्वोः | शम्भूनाम् |
| सप्तमी | शम्भौ | शम्भ्वोः | शम्भुषु |
| सम्बोधन | हे शम्भो | हे शम्भू | हे शम्भवः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | साधुः | साधू | साधवः |
| द्वितीया | साधुम् | साधू | साधून् |
| तृतीया | साधुना | साधुभ्याम् | साधुभिः |
| चतुर्थी | साधवे | साधुभ्याम् | साधुभ्यः |
| पञ्चमी | साधोः | साधुभ्याम् | साधुभ्यः |
| षष्ठी | साधोः | साध्वोः | साधूनाम् |
| सप्तमी | साधौ | साध्वोः | साधुषु |
| सम्बोधन | हे साधो | हे साधू | हे साधवः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | शिशुः | शिशू | शिशवः |
| द्वितीया | शिशुम् | शिशू | शिशून् |
| तृतीया | शिशुना | शिशुभ्याम् | शिशुभिः |
| चतुर्थी | शिशवे | शिशुभ्याम् | शिशुभ्यः |
| पञ्चमी | शिशोः | शिशुभ्याम् | शिशुभ्यः |
| षष्ठी | शिशोः | शिश्वोः | शिशूनाम् |
| सप्तमी | शिशौ | शिश्वोः | शिशुषु |
| सम्बोधन | हे शिशो | हे शिशू | हे शिशवः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | रिपुः | रिपू | रिपवः |
| द्वितीया | रिपुम् | रिपू | रिपून् |
| तृतीया | रिपुणा | रिपुभ्याम् | रिपुभिः |
| चतुर्थी | रिपवे | रिपुभ्याम् | रिपुभ्यः |
| पञ्चमी | रिपोः | रिपुभ्याम् | रिपुभ्यः |
| षष्ठी | रिपोः | रिप्वोः | रिपूणाम् |
| सप्तमी | रिपौ | रिप्वोः | रिपुषु |
| सम्बोधन | हे रिपो | हे रिपू | हे रिपवः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | वायुः | वायूँ | वायवः |
| द्वितीया | वायुम् | वायूँ | वायून् |
| तृतीया | वायुना | वायुभ्याम् | वायुभिः |
| चतुर्थी | वायवे | वायुभ्याम् | वायुभ्यः |
| पञ्चमी | वायोः | वायुभ्याम् | वायुभ्यः |
| षष्ठी | वायोः | वाय्वोः | वायूनाम् |
| सप्तमी | वायौ | वाय्वोः | वायुषु |
| सम्बोधन | हे वायो | हे वायूँ | हे वायवः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | पशुः | पशू | पशवः |
| द्वितीया | पशुम् | पशू | पशून् |
| तृतीया | पशुना | पशुभ्याम् | पशुभिः |
| चतुर्थी | पशवे | पशुभ्याम् | पशुभ्यः |
| पञ्चमी | पशोः | पशुभ्याम् | पशुभ्यः |
| षष्ठी | पशोः | पश्वोः | पशूनाम् |
| सप्तमी | पशौ | पश्वोः | पशुषु |
| सम्बोधन | हे पशो | हे पशू | हे पशवः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | तरुः | तरू | तरवः |
| द्वितीया | तरुम् | तरू | तरून् |
| तृतीया | तरुणा | तरुभ्याम् | तरुभिः |
| चतुर्थी | तरवे | तरुभ्याम् | तरुभ्यः |
| पञ्चमी | तरोः | तरुभ्याम् | तरुभ्यः |
| षष्ठी | तरोः | तर्वोः | तरूणाम् |
| सप्तमी | तरौ | तर्वोः | तरुषु |
| सम्बोधन | हे तरो | हे तरू | हे तरवः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | प्रभुः | प्रभू | प्रभवः |
| द्वितीया | प्रभुम् | प्रभू | प्रभून् |
| तृतीया | प्रभुणा | प्रभुभ्याम् | प्रभुभिः |
| चतुर्थी | प्रभवे | प्रभुभ्याम् | प्रभुभ्यः |
| पञ्चमी | प्रभोः | प्रभुभ्याम् | प्रभुभ्यः |
| षष्ठी | प्रभोः | प्रभ्वोः | प्रभूणाम् |
| सप्तमी | प्रभौ | प्रभ्वोः | प्रभुषु |
| सम्बोधन | हे प्रभो | हे प्रभू | हे प्रभवः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | बिन्दुः | बिन्दू | बिन्दवः |
| द्वितीया | बिन्दुम् | बिन्दू | बिन्दून् |
| तृतीया | बिन्दुना | बिन्दुभ्याम् | बिन्दुभिः |
| चतुर्थी | बिन्दवे | बिन्दुभ्याम् | बिन्दुभ्यः |
| पञ्चमी | बिन्दोः | बिन्दुभ्याम् | बिन्दुभ्यः |
| षष्ठी | बिन्दोः | बिन्द्वोः | बिन्दूनाम् |
| सप्तमी | बिन्दौ | बिन्द्वोः | बिन्दुषु |
| सम्बोधन | हे बिन्दो | हे बिन्दू | हे बिन्दवः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | सिन्धुः | सिन्धू | सिन्धवः |
| द्वितीया | सिन्धुम् | सिन्धू | सिन्धून् |
| तृतीया | सिन्धुना | सिन्धुभ्याम् | सिन्धुभिः |
| चतुर्थी | सिन्धवे | सिन्धुभ्याम् | सिन्धुभ्यः |
| पञ्चमी | सिन्धोः | सिन्धुभ्याम् | सिन्धुभ्यः |
| षष्ठी | सिन्धोः | सिन्ध्वोः | सिन्धूनाम् |
| सप्तमी | सिन्धौ | सिन्ध्वोः | सिन्धुषु |
| सम्बोधन | हे सिन्धो | हे सिन्धू | हे सिन्धवः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | बन्धुः | बन्धू | बन्धवः |
| द्वितीया | बन्धुम् | बन्धू | बन्धून् |
| तृतीया | बन्धुना | बन्धुभ्याम् | बन्धुभिः |
| चतुर्थी | बन्धवे | बन्धुभ्याम् | बन्धुभ्यः |
| पञ्चमी | बन्धोः | बन्धुभ्याम् | बन्धुभ्यः |
| षष्ठी | बन्धोः | बन्ध्वोः | बन्धूनाम् |
| सप्तमी | बन्धौ | बन्ध्वोः | बन्धुषु |
| सम्बोधन | हे बन्धो | हे बन्धू | हे बन्धवः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | इन्दुः | इन्दू | इन्दवः |
| द्वितीया | इन्दुम् | इन्दू | इन्दून् |
| तृतीया | इन्दुना | इन्दुभ्याम् | इन्दुभिः |
| चतुर्थी | इन्दवे | इन्दुभ्याम् | इन्दुभ्यः |
| पञ्चमी | इन्दोः | इन्दुभ्याम् | इन्दुभ्यः |
| षष्ठी | इन्दोः | इन्द्वोः | इन्दूनाम् |
| सप्तमी | इन्दौ | इन्द्वोः | इन्दुषु |
| सम्बोधन | हे इन्दो | हे इन्दू | हे इन्दवः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | अंशुः | अंशू | अंशवः |
| द्वितीया | अंशुम् | अंशू | अंशून् |
| तृतीया | अंशुना | अंशुभ्याम् | अंशुभिः |
| चतुर्थी | अंशवे | अंशुभ्याम् | अंशुभ्यः |
| पञ्चमी | अंशोः | अंशुभ्याम् | अंशुभ्यः |
| षष्ठी | अंशोः | अंश्वोः | अंशूनाम् |
| सप्तमी | अंशौ | अंश्वोः | अंशुषु |
| सम्बोधन | हे अंशो | हे अंशू | हे अंशवः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | ऋतुः | ऋतू | ऋतवः |
| द्वितीया | ऋतुम् | ऋतू | ऋतून् |
| तृतीया | ऋतुना | ऋतुभ्याम् | ऋतुभिः |
| चतुर्थी | ऋतवे | ऋतुभ्याम् | ऋतुभ्यः |
| पञ्चमी | ऋतोः | ऋतुभ्याम् | ऋतुभ्यः |
| षष्ठी | ऋतोः | ऋत्वोः | ऋतूणाम् |
| सप्तमी | ऋतौ | ऋत्वोः | ऋतुषु |
| सम्बोधन | हे ऋतो | हे ऋतू | हे ऋतवः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | हेतुः | हेतू | हेतवः |
| द्वितीया | हेतुम् | हेतू | हेतून् |
| तृतीया | हेतुना | हेतुभ्याम् | हेतुभिः |
| चतुर्थी | हेतवे | हेतुभ्याम् | हेतुभ्यः |
| पञ्चमी | हेतोः | हेतुभ्याम् | हेतुभ्यः |
| षष्ठी | हेतोः | हेत्वोः | हेतूनाम् |
| सप्तमी | हेतौ | हेत्वोः | हेतुषु |
| सम्बोधन | हे हेतो | हे हेतू | हे हेतवः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | विष्णुः | विष्णू | विष्णवः |
| द्वितीया | विष्णुम् | विष्णू | विष्णून् |
| तृतीया | विष्णुना | विष्णुभ्याम् | विष्णुभिः |
| चतुर्थी | विष्णवे | विष्णुभ्याम् | विष्णुभ्यः |
| पञ्चमी | विष्णोः | विष्णुभ्याम् | विष्णुभ्यः |
| षष्ठी | विष्णोः | विष्ण्वोः | विष्णूनाम् |
| सप्तमी | विष्णौ | विष्ण्वोः | विष्णुषु |
| सम्बोधन | हे विष्णो | हे विष्णू | हे विष्णवः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | वेणुः | वेणू | वेणवः |
| द्वितीया | वेणुम् | वेणू | वेणून् |
| तृतीया | वेणुना | वेणुभ्याम् | वेणुभिः |
| चतुर्थी | वेणवे | वेणुभ्याम् | वेणुभ्यः |
| पञ्चमी | वेणोः | वेणुभ्याम् | वेणुभ्यः |
| षष्ठी | वेणोः | वेण्वोः | वेणूनाम् |
| सप्तमी | वेणौ | वेण्वोः | वेणुषु |
| सम्बोधन | हे वेणो | हे वेणू | हे वेणवः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | केतुः | केतू | केतवः |
| द्वितीया | केतुम् | केतू | केतून् |
| तृतीया | केतुना | केतुभ्याम् | केतुभिः |
| चतुर्थी | केतवे | केतुभ्याम् | केतुभ्यः |
| पञ्चमी | केतोः | केतुभ्याम् | केतुभ्यः |
| षष्ठी | केतोः | केत्वोः | केतूनाम् |
| सप्तमी | केतौ | केत्वोः | केतुषु |
| सम्बोधन | हे केतो | हे केतू | हे केतवः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | जन्तुः | जन्तू | जन्तवः |
| द्वितीया | जन्तुम् | जन्तू | जन्तून् |
| तृतीया | जन्तुना | जन्तुभ्याम् | जन्तुभिः |
| चतुर्थी | जन्तवे | जन्तुभ्याम् | जन्तुभ्यः |
| पञ्चमी | जन्तोः | जन्तुभ्याम् | जन्तुभ्यः |
| षष्ठी | जन्तोः | जन्त्वोः | जन्तूनाम् |
| सप्तमी | जन्तौ | जन्त्वोः | जन्तुषु |
| सम्बोधन | हे जन्तो | हे जन्तू | हे जन्तवः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | अणुः | अणू | अणवः |
| द्वितीया | अणुम् | अणू | अणून् |
| तृतीया | अणुना | अणुभ्याम् | अणुभिः |
| चतुर्थी | अणवे | अणुभ्याम् | अणुभ्यः |
| पञ्चमी | अणोः | अणुभ्याम् | अणुभ्यः |
| षष्ठी | अणोः | अण्वोः | अणूनाम् |
| सप्तमी | अणौ | अण्वोः | अणुषु |
| सम्बोधन | हे अणो | हे अणू | हे अणवः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | बाहुः | बाहू | बाहवः |
| द्वितीया | बाहुम् | बाहू | बाहून् |
| तृतीया | बाहुना | बाहुभ्याम् | बाहुभिः |
| चतुर्थी | बाहवे | बाहुभ्याम् | बाहुभ्यः |
| पञ्चमी | बाहोः | बाहुभ्याम् | बाहुभ्यः |
| षष्ठी | बाहोः | बाह्वोः | बाहूनाम् |
| सप्तमी | बाहौ | बाह्वोः | बाहुषु |
| सम्बोधन | हे बाहो | हे बाहू | हे बाहवः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | क्रोष्टा | क्रोष्टारौ | क्रोष्टारः |
| द्वितीया | क्रोष्टारम् | क्रोष्टारौ | क्रोष्टून् |
| तृतीया | क्रोष्ट्रा / क्रोष्टुना | क्रोष्टुभ्याम् | क्रोष्टुभिः |
| चतुर्थी | क्रोष्ट्रे / क्रोष्टवे | क्रोष्टुभ्याम् | क्रोष्टुभ्यः |
| पञ्चमी | क्रोष्टुः / क्रोष्टोः | क्रोष्टुभ्याम् | क्रोष्टुभ्यः |
| षष्ठी | क्रोष्टुः / क्रोष्टोः | क्रोष्ट्रोः / क्रोष्ट्वोः | क्रोष्टूनाम् |
| सप्तमी | क्रोष्टरि / क्रोष्टौ | क्रोष्ट्रोः / क्रोष्ट्वोः | क्रोष्टुषु |
| सम्बोधन | हे क्रोष्टो | हे क्रोष्टारौ | हे क्रोष्टारः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | धेनुः | धेनू | धेनवः |
| द्वितीया | धेनुम् | धेनू | धेनूः |
| तृतीया | धेन्वा | धेनुभ्याम् | धेनुभिः |
| चतुर्थी | धेनवे / धेन्वै | धेनुभ्याम् | धेनुभ्यः |
| पञ्चमी | धेनोः / धेन्वाः | धेनुभ्याम् | धेनुभ्यः |
| षष्ठी | धेनोः / धेन्वाः | धेन्वोः | धेनूनाम् |
| सप्तमी | धेनौ / धेन्वाम् | धेन्वोः | धेनुषु |
| सम्बोधन | हे धेनो | हे धेनू | हे धेनवः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | तनुः | तनू | तनवः |
| द्वितीया | तनुम् | तनू | तनूः |
| तृतीया | तन्वा | तनुभ्याम् | तनुभिः |
| चतुर्थी | तनवे / तन्वै | तनुभ्याम् | तनुभ्यः |
| पञ्चमी | तनोः / तन्वाः | तनुभ्याम् | तनुभ्यः |
| षष्ठी | तनोः / तन्वाः | तन्वोः | तनूनाम् |
| सप्तमी | तनौ / तन्वाम् | तन्वोः | तनुषु |
| सम्बोधन | हे तनो | हे तनू | हे तनवः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | रज्जुः | रज्जू | रज्जवः |
| द्वितीया | रज्जुम् | रज्जू | रज्जूः |
| तृतीया | रज्जवा | रज्जुभ्याम् | रज्जुभिः |
| चतुर्थी | रज्जवे / रज्ज्वै | रज्जुभ्याम् | रज्जुभ्यः |
| पञ्चमी | रज्जोः / रज्ज्वाः | रज्जुभ्याम् | रज्जुभ्यः |
| षष्ठी | रज्जोः / रज्ज्वाः | रज्ज्वोः | रज्जूनाम् |
| सप्तमी | रज्जौ / रज्ज्वाम् | रज्ज्वोः | रज्जुषु |
| सम्बोधन | हे रज्जो | हे रज्जू | हे रज्जवः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | रेणुः | रेणू | रेणवः |
| द्वितीया | रेणुम् | रेणू | रेणूः |
| तृतीया | रेण्वा | रेणुभ्याम् | रेणुभिः |
| चतुर्थी | रेणवे / रेण्वै | रेणुभ्याम् | रेणुभ्यः |
| पञ्चमी | रेणोः / रेण्वाः | रेणुभ्याम् | रेणुभ्यः |
| षष्ठी | रेणोः / रेण्वाः | रेण्वोः | रेणूनाम् |
| सप्तमी | रेणौ / रेण्वाम् | रेण्वोः | रेणुषु |
| सम्बोधन | हे रेणो | हे रेणू | हे रेणवः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | चञ्चुः | चञ्चू | चञ्चवः |
| द्वितीया | चञ्चुम् | चञ्चू | चञ्चूः |
| तृतीया | चञ्च्वा | चञ्चुभ्याम् | चञ्चुभिः |
| चतुर्थी | चञ्चवे / चञ्च्वै | चञ्चुभ्याम् | चञ्चुभ्यः |
| पञ्चमी | चञ्चोः / चञ्च्वाः | चञ्चुभ्याम् | चञ्चुभ्यः |
| षष्ठी | चञ्चोः / चञ्च्वाः | चञ्च्वोः | चञ्चूनाम् |
| सप्तमी | चञ्चौ / चञ्च्वाम् | चञ्च्वोः | चञ्चुषु |
| सम्बोधन | हे चञ्चो | हे चञ्चू | हे चञ्चवः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | हनुः | हनू | हनवः |
| द्वितीया | हनुम् | हनू | हनूः |
| तृतीया | हन्वा | हनुभ्याम् | हनुभिः |
| चतुर्थी | हनवे / हन्वै | हनुभ्याम् | हनुभ्यः |
| पञ्चमी | हनोः / हन्वाः | हनुभ्याम् | हनुभ्यः |
| षष्ठी | हनोः / हन्वाः | हन्वोः | हनूनाम् |
| सप्तमी | हनौ / हन्वाम् | हन्वोः | हनुषु |
| सम्बोधन | हे हनो | हे हनू | हे हनवः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | काकुः | काकू | काकवः |
| द्वितीया | काकुम् | काकू | काकूः |
| तृतीया | काक्वा | काकुभ्याम् | काकुभिः |
| चतुर्थी | काकवे / काक्वै | काकुभ्याम् | काकुभ्यः |
| पञ्चमी | काकोः / काक्वाः | काकुभ्याम् | काकुभ्यः |
| षष्ठी | काकोः / काक्वाः | काक्वोः | काकूनाम् |
| सप्तमी | काकौ / काक्वाम् | काक्वोः | काकुषु |
| सम्बोधन | हे काको | हे काकू | हे काकवः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | कशेरुः | कशेरू | कशेरवः |
| द्वितीया | कशेरुम् | कशेरू | कशेरूः |
| तृतीया | कशेर्वा | कशेरुभ्याम् | कशेरुभिः |
| चतुर्थी | कशेरवे / कशेर्वै | कशेरुभ्याम् | कशेरुभ्यः |
| पञ्चमी | कशेरोः / कशेर्वाः | कशेरुभ्याम् | कशेरुभ्यः |
| षष्ठी | कशेरोः / कशेर्वाः | कशेर्वोः | कशेरूणाम् |
| सप्तमी | कशेरौ / कशेर्वाम् | कशेर्वोः | कशेरुषु |
| सम्बोधन | हे कशेरो | हे कशेरू | हे कशेरवः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | सिन्धुः | सिन्धू | सिन्धवः |
| द्वितीया | सिन्धुम् | सिन्धू | सिन्धूः |
| तृतीया | सिन्ध्वा | सिन्धुभ्याम् | सिन्धुभिः |
| चतुर्थी | सिन्धवे / सिन्ध्वै | सिन्धुभ्याम् | सिन्धुभ्यः |
| पञ्चमी | सिन्धोः / सिन्ध्वाः | सिन्धुभ्याम् | सिन्धुभ्यः |
| षष्ठी | सिन्धोः / सिन्ध्वाः | सिन्ध्वोः | सिन्धूनाम् |
| सप्तमी | सिन्धौ / सिन्ध्वाम् | सिन्ध्वोः | सिन्धुषु |
| सम्बोधन | हे सिन्धो | हे सिन्धू | हे सिन्धवः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | लघुः | लघू | लघवः |
| द्वितीया | लघुम् | लघू | लघूः |
| तृतीया | लघ्वा | लघुभ्याम् | लघुभिः |
| चतुर्थी | लघवे / लघ्वै | लघुभ्याम् | लघुभ्यः |
| पञ्चमी | लघोः / लघ्वाः | लघुभ्याम् | लघुभ्यः |
| षष्ठी | लघोः / लघ्वाः | लघ्वोः | लघूनाम् |
| सप्तमी | लघौ / लघ्वाम् | लघ्वोः | लघुषु |
| सम्बोधन | हे लघो | हे लघू | हे लघवः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | पटुः | पटू | पटवः |
| द्वितीया | पटुम् | पटू | पटूः |
| तृतीया | पट्वा | पटुभ्याम् | पटुभिः |
| चतुर्थी | पटवे / पट्वै | पटुभ्याम् | पटुभ्यः |
| पञ्चमी | पटोः / पट्वाः | पटुभ्याम् | पटुभ्यः |
| षष्ठी | पटोः / पट्वाः | पट्वोः | पटूनाम् |
| सप्तमी | पटौ / पट्वाम् | पट्वोः | पटुषु |
| सम्बोधन | हे पटो | हे पटू | हे पटवः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | मृदुः | मृदू | मृदवः |
| द्वितीया | मृदुम् | मृदू | मृदूः |
| तृतीया | मृद्वा | मृदुभ्याम् | मृदुभिः |
| चतुर्थी | मृदवे / मृद्वै | मृदुभ्याम् | मृदुभ्यः |
| पञ्चमी | मृदोः / मृद्वाः | मृदुभ्याम् | मृदुभ्यः |
| षष्ठी | मृदोः / मृद्वाः | मृद्वोः | मृदूनाम् |
| सप्तमी | मृदौ / मृद्वाम् | मृद्वोः | मृदुषु |
| सम्बोधन | हे मृदो | हे मृदू | हे मृदवः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | गुरुः | गुरू | गुरवः |
| द्वितीया | गुरुम् | गुरू | गुरूः |
| तृतीया | गुर्वा | गुरुभ्याम् | गुरुभिः |
| चतुर्थी | गुरवे / गुर्वै | गुरुभ्याम् | गुरुभ्यः |
| पञ्चमी | गुरोः / गुर्वाः | गुरुभ्याम् | गुरुभ्यः |
| षष्ठी | गुरोः / गुर्वाः | गुर्वोः | गुरूणाम् |
| सप्तमी | गुरौ / गुर्वाम् | गुर्वोः | गुरुषु |
| सम्बोधन | हे गुरो | हे गुरू | हे गुरवः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | साधुः | साधू | साधवः |
| द्वितीया | साधुम् | साधू | साधूः |
| तृतीया | साध्वा | साधुभ्याम् | साधुभिः |
| चतुर्थी | साधवे / साध्वै | साधुभ्याम् | साधुभ्यः |
| पञ्चमी | साधोः / साध्वाः | साधुभ्याम् | साधुभ्यः |
| षष्ठी | साधोः / साध्वाः | साध्वोः | साधूनाम् |
| सप्तमी | साधौ / साध्वाम् | साध्वोः | साधुषु |
| सम्बोधन | हे साधो | हे साधू | हे साधवः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | बहुः | बहू | बहवः |
| द्वितीया | बहुम् | बहू | बहूः |
| तृतीया | बह्वा | बहुभ्याम् | बहुभिः |
| चतुर्थी | बहवे / बह्वै | बहुभ्याम् | बहुभ्यः |
| पञ्चमी | बहोः / बह्वाः | बहुभ्याम् | बहुभ्यः |
| षष्ठी | बहोः / बह्वाः | बह्वोः | बहूनाम् |
| सप्तमी | बहौ / बह्वाम् | बह्वोः | बहुषु |
| सम्बोधन | हे बहो | हे बहू | हे बहवः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | स्वादुः | स्वादू | स्वादवः |
| द्वितीया | स्वादुम् | स्वादू | स्वादूः |
| तृतीया | स्वाद्वा | स्वादुभ्याम् | स्वादुभिः |
| चतुर्थी | स्वादवे / स्वाद्वै | स्वादुभ्याम् | स्वादुभ्यः |
| पञ्चमी | स्वादोः / स्वाद्वाः | स्वादुभ्याम् | स्वादुभ्यः |
| षष्ठी | स्वादोः / स्वाद्वाः | स्वाद्वोः | स्वादूनाम् |
| सप्तमी | स्वादौ / स्वाद्वाम् | स्वाद्वोः | स्वादुषु |
| सम्बोधन | हे स्वादो | हे स्वादू | हे स्वादवः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | उरुः | उरू | उरवः |
| द्वितीया | उरुम् | उरू | उरूः |
| तृतीया | उर्वा | उरुभ्याम् | उरुभिः |
| चतुर्थी | उरवे / उर्वै | उरुभ्याम् | उरुभ्यः |
| पञ्चमी | उरोः / उर्वाः | उरुभ्याम् | उरुभ्यः |
| षष्ठी | उरोः / उर्वाः | उर्वोः | उरूणाम् |
| सप्तमी | उरौ / उर्वाम् | उर्वोः | उरुषु |
| सम्बोधन | हे उरो | हे उरू | हे उरवः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | चारुः | चारू | चारवः |
| द्वितीया | चारुम | चारू | चारूः |
| तृतीया | चार्वा | चारुभ्याम् | चारुभिः |
| चतुर्थी | चारवे / चार्वै | चारुभ्याम् | चारुभ्यः |
| पञ्चमी | चारोः / चार्वाः | चारुभ्याम् | चारुभ्यः |
| षष्ठी | चारोः / चार्वाः | चार्वोः | चारूणाम् |
| सप्तमी | चारौ / चार्वाम् | चार्वोः | चारुषु |
| सम्बोधन | हे चारो | हे चारू | हे चारवः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | मधु | मधुनी | मधूनि |
| द्वितीया | मधु | मधुनी | मधूनि |
| तृतीया | मधुना | मधुभ्याम् | मधुभिः |
| चतुर्थी | मधुने | मधुभ्याम् | मधुभ्यः |
| पञ्चमी | मधुनः | मधुभ्याम् | मधुभ्यः |
| षष्ठी | मधुनः | मधुनोः | मधूनाम् |
| सप्तमी | मधुनि | मधुनोः | मधुषु |
| सम्बोधन | हे मधो / हे मधु | हे मधुनी | हे मधूनि |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | वस्तु | वस्तुनी | वस्तूनि |
| द्वितीया | वस्तु | वस्तुनी | वस्तूनि |
| तृतीया | वस्तुना | वस्तुभ्याम् | वस्तुभिः |
| चतुर्थी | वस्तुने | वस्तुभ्याम् | वस्तुभ्यः |
| पञ्चमी | वस्तुनः | वस्तुभ्याम् | वस्तुभ्यः |
| षष्ठी | वस्तुनः | वस्तुनोः | वस्तूनाम् |
| सप्तमी | वस्तुनि | वस्तुनोः | वस्तुषु |
| सम्बोधन | हे वस्तो / हे वस्तु | हे वस्तुनी | हे वस्तूनि |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | जानु | जानुनी | जानूनि |
| द्वितीया | जानु | जानुनी | जानूनि |
| तृतीया | जानुना | जानुभ्याम् | जानुभिः |
| चतुर्थी | जानुने | जानुभ्याम् | जानुभ्यः |
| पञ्चमी | जानुनः | जानुभ्याम् | जानुभ्यः |
| षष्ठी | जानुनः | जानुनोः | जानूनाम् |
| सप्तमी | जानुनि | जानुनोः | जानुषु |
| सम्बोधन | हे जानो / हे जानु | हे जानुनी | हे जानूनि |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | दारु | दारुणी | दारूणि |
| द्वितीया | दारु | दारुणी | दारूणि |
| तृतीया | दारुणा | दारुभ्याम् | दारुभिः |
| चतुर्थी | दारुणे | दारुभ्याम् | दारुभ्यः |
| पञ्चमी | दारुणः | दारुभ्याम् | दारुभ्यः |
| षष्ठी | दारुणः | दारुणोः | दारूणाम् |
| सप्तमी | दारुणि | दारुणोः | दारुषु |
| सम्बोधन | हे दारो / हे दारु | हे दारुणी | हे दारूणि |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | अश्रु | अश्रुणी | अश्रूणि |
| द्वितीया | अश्रु | अश्रुणी | अश्रूणि |
| तृतीया | अश्रुणा | अश्रुभ्याम् | अश्रुभिः |
| चतुर्थी | अश्रुणे | अश्रुभ्याम् | अश्रुभ्यः |
| पञ्चमी | अश्रुणः | अश्रुभ्याम् | अश्रुभ्यः |
| षष्ठी | अश्रुणः | अश्रुणोः | अश्रूणाम् |
| सप्तमी | अश्रुणि | अश्रुणोः | अश्रुषु |
| सम्बोधन | हे अश्रो / हे अश्रु | हे अश्रुणी | हे अश्रूणि |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | तालु | तालुनी | तालूनि |
| द्वितीया | तालु | तालुनी | तालूनि |
| तृतीया | तालुना | तालुभ्याम् | तालुभिः |
| चतुर्थी | तालुने | तालुभ्याम् | तालुभ्यः |
| पञ्चमी | तालुनः | तालुभ्याम् | तालुभ्यः |
| षष्ठी | तालुनः | तालुनोः | तालूनाम् |
| सप्तमी | तालुनि | तालुनोः | तालुषु |
| सम्बोधन | हे तालो / हे तालु | हे तालुनी | हे तालूनि |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | अम्बु | अम्बुनी | अम्बूनि |
| द्वितीया | अम्बु | अम्बुनी | अम्बूनि |
| तृतीया | अम्बुना | अम्बुभ्याम् | अम्बुभिः |
| चतुर्थी | अम्बुने | अम्बुभ्याम् | अम्बुभ्यः |
| पञ्चमी | अम्बुनः | अम्बुभ्याम् | अम्बुभ्यः |
| षष्ठी | अम्बुनः | अम्बुनोः | अम्बूनाम् |
| सप्तमी | अम्बुनि | अम्बुनोः | अम्बुषु |
| सम्बोधन | हे अम्बो / हे अम्बु | हे अम्बुनी | हे अम्बूनि |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | चारु | चारुणी | चारूणि |
| द्वितीया | चारु | चारुणी | चारूणि |
| तृतीया | चारुणा | चारुभ्याम् | चारुभिः |
| चतुर्थी | चारुणे | चारुभ्याम् | चारुभ्यः |
| पञ्चमी | चारुणः | चारुभ्याम् | चारुभ्यः |
| षष्ठी | चारुणः | चारुणोः | चारूणाम् |
| सप्तमी | चारुणि | चारुणोः | चारुषु |
| सम्बोधन | हे चारो / हे चारु | हे चारुणी | हे चारूणि |