📖 ओ-औकारान्त शब्दरूप : पाणिनीय व्याकरणिक रहस्य एवं सूत्र
जिन प्रातिपदिकों (मूल शब्दों) के अन्त में सन्ध्यक्षर (कण्ठोष्ठ्य स्वर) 'ओ' अथवा 'औ' आता है, उन्हें क्रमशः ओकारान्त एवं औकारान्त कहते हैं (यथा: गो = ग् + ओ | द्यो = द् + य् + ओ | नौ = न् + औ | ग्लौ = ग् + ल् + औ)।
१. ओकारान्त के मुख्य पाणिनीय सूत्र ('गो' एवं 'द्यो' शब्द सिद्धि)
सूत्र १: "गोतो णित्" (अष्टाध्यायी ७.१.९०) एवं "अचो ञ्णिति" (७.२.११५) — वृद्धि विधान
'गो' शब्द से परे सर्वनामस्थान प्रत्यय (सु, औ, जस्, अम्, औट्) 'णित्' माने जाते हैं। अतः 'अचो ञ्णिति' से ओकार को वृद्धि (औ) होती है:
• गो + सुँ = गौः (प्रथमा १व.) | गो + औ = गावौ | गो + जस् = गावः।
• सम्बोधन एकवचन में भी णित्वद्भाव से वृद्धि होकर हे गौः! सिद्ध होता है।
⚠️ ओकारान्त का सबसे बड़ा परीक्षा नियम — "औतोऽम्शसोः" (६.१.९३):
ओकारान्त शब्द से परे 'अम्' (द्वितीया १व.) और 'शस्' (द्वितीया बहु.) आने पर दोनों स्वरों के स्थान पर 'आत्' (आ) एकादेश होता है:
• द्वितीया एकवचन: गो + अम् = गाम् (द्याम्) | द्वितीया बहुवचन: गो + शस् = गाः (द्याः)।
(परीक्षा में प्रायः पूछा जाता है: 'गो' का द्वितीया बहुवचन 'गान्' नहीं बनता, अपितु विसर्गयुक्त 'गाः' बनता है)।
सूत्र २: "एचोऽयवायावः" (६.१.७८) एवं "ङसिङसोश्च" (६.१.१०७)
• तृतीया से सप्तमी तक की अजादि विभक्तियों में ओकार को 'अव्' आदेश होता है: गो + टा = गवा | गो + ङे = गवे | गो + ओस् = गवोः | गो + आम् = गवाम् | गो + ङि = गवि।
• पञ्चमी व षष्ठी एकवचन में 'ङसिङसोश्च' से पूर्वरूप एकादेश होकर 'गोः' बनता है (गो + अस् = गोः)।
• हलादि विभक्तियों में प्रकृतिभाव रहता है: गोभ्याम्, गोभिः, गोभ्यः, गोषु।
२. औकारान्त के मुख्य पाणिनीय सूत्र ('नौ' एवं 'ग्लौ' शब्द सिद्धि)
सूत्र ३: "एचोऽयवायावः" (६.१.७८) — सार्वत्रिक 'आव्' आदेश
औकारान्त शब्दों (नौ, ग्लौ, स्नौ आदि) में समस्त अजादि विभक्तियों (प्रथमा द्विवचन से लेकर सप्तमी पर्यन्त) में औकार के स्थान पर अयादि सन्धि द्वारा 'आव्' आदेश होता है:
• नौ + औ = नावौ | नौ + जस् = नावः | नौ + अम् = नावम् | नौ + शस् = नावः।
• नौ + टा = नावा | नौ + ङे = नावे | नौ + ङसि/ङस् = नावः | नौ + आम् = नावाम् | नौ + ङि = नावि।
• हलादि विभक्तियों में: औकार में कोई विकार नहीं होता, केवल सुप्-कार्य होते हैं: नौः, नौभ्याम्, नौभिः, नौभ्यः, नौषु। (ग्लौः, ग्लौभ्याम्, ग्लौषु)।
३. ओ-औकारान्त नपुंसकलिंग के नियम
सूत्र ४: "ह्रस्वो नपुंसके प्रातिपदिकस्य" (१.२.४७) एवं "एच इग्घ्रस्वादेशे" (१.१.४८)
नपुंसकलिंग में 'ओ' और 'औ' दोनों का ह्रस्व आदेश नित्य 'उ' (ह्रस्व उकार) होता है (जैसे: उपगो ➔ उपगु कुलम् | अतिनौ ➔ अतिनु कुलम्)।
ह्रस्व उकारान्त हो जाने पर इनके समस्त रूप 'मधु' शब्द के समान चलते हैं: प्रथमा/द्वितीया = उपगु, उपगुनी, उपगूनि।
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | गौः | गावौ | गावः |
| द्वितीया | गाम् | गावौ | गाः |
| तृतीया | गवा | गोभ्याम् | गोभिः |
| चतुर्थी | गवे | गोभ्याम् | गोभ्यः |
| पञ्चमी | गोः | गोभ्याम् | गोभ्यः |
| षष्ठी | गोः | गवोः | गवाम् |
| सप्तमी | गवि | गवोः | गोषु |
| सम्बोधन | हे गौः | हे गावौ | हे गावः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | सुगौः | सुगावौ | सुगावः |
| द्वितीया | सुगाम् | सुगावौ | सुगाः |
| तृतीया | सुगवा | सुगोभ्याम् | सुगोभिः |
| चतुर्थी | सुगवे | सुगोभ्याम् | सुगोभ्यः |
| पञ्चमी | सुगोः | सुगोभ्याम् | सुगोभ्यः |
| षष्ठी | सुगोः | सुगवोः | सुगवाम् |
| सप्तमी | सुगवि | सुगवोः | सुगोषु |
| सम्बोधन | हे सुगौः | हे सुगावौ | हे सुगावः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | चित्रगौः | चित्रगावौ | चित्रगावः |
| द्वितीया | चित्रगाम् | चित्रगावौ | चित्रगाः |
| तृतीया | चित्रगवा | चित्रगोभ्याम् | चित्रगोभिः |
| चतुर्थी | चित्रगवे | चित्रगोभ्याम् | चित्रगोभ्यः |
| पञ्चमी | चित्रगोः | चित्रगोभ्याम् | चित्रगोभ्यः |
| षष्ठी | चित्रगोः | चित्रगवोः | चित्रगवाम् |
| सप्तमी | चित्रगवि | चित्रगवोः | चित्रगोषु |
| सम्बोधन | हे चित्रगौः | हे चित्रगावौ | हे चित्रगावः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | अतिगौः | अतिगावौ | अतिगावः |
| द्वितीया | अतिगाम् | अतिगावौ | अतिगाः |
| तृतीया | अतिगवा | अतिगोभ्याम् | अतिगोभिः |
| चतुर्थी | अतिगवे | अतिगोभ्याम् | अतिगोभ्यः |
| पञ्चमी | अतिगोः | अतिगोभ्याम् | अतिगोभ्यः |
| षष्ठी | अतिगोः | अतिगवोः | अतिगवाम् |
| सप्तमी | अतिगवि | अतिगवोः | अतिगोषु |
| सम्बोधन | हे अतिगौः | हे अतिगावौ | हे अतिगावः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | महागौः | महागावौ | महागावः |
| द्वितीया | महागाम् | महागावौ | महागाः |
| तृतीया | महागवा | महागोभ्याम् | महागोभिः |
| चतुर्थी | महागवे | महागोभ्याम् | महागोभ्यः |
| पञ्चमी | महागोः | महागोभ्याम् | महागोभ्यः |
| षष्ठी | महागोः | महागवोः | महागवाम् |
| सप्तमी | महागवि | महागवोः | महागोषु |
| सम्बोधन | हे महागौः | हे महागावौ | हे महागावः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | द्यौः | द्यावौ | द्यावः |
| द्वितीया | द्याम् | द्यावौ | द्याः |
| तृतीया | द्यवा | द्योभ्याम् | द्योभिः |
| चतुर्थी | द्यवे | द्योभ्याम् | द्योभ्यः |
| पञ्चमी | द्योः | द्योभ्याम् | द्योभ्यः |
| षष्ठी | द्योः | द्यवोः | द्यवाम् |
| सप्तमी | द्यवि | द्यवोः | द्योषु |
| सम्बोधन | हे द्यौः | हे द्यावौ | हे द्यावः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | गौः | गावौ | गावः |
| द्वितीया | गाम् | गावौ | गाः |
| तृतीया | गवा | गोभ्याम् | गोभिः |
| चतुर्थी | गवे | गोभ्याम् | गोभ्यः |
| पञ्चमी | गोः | गोभ्याम् | गोभ्यः |
| षष्ठी | गोः | गवोः | गवाम् |
| सप्तमी | गवि | गवोः | गोषु |
| सम्बोधन | हे गौः | हे गावौ | हे गावः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | सुगौः | सुगावौ | सुगावः |
| द्वितीया | सुगाम् | सुगावौ | सुगाः |
| तृतीया | सुगवा | सुगोभ्याम् | सुगोभिः |
| चतुर्थी | सुगवे | सुगोभ्याम् | सुगोभ्यः |
| पञ्चमी | सुगोः | सुगोभ्याम् | सुगोभ्यः |
| षष्ठी | सुगोः | सुगवोः | सुगवाम् |
| सप्तमी | सुगवि | सुगवोः | सुगोषु |
| सम्बोधन | हे सुगौः | हे सुगावौ | हे सुगावः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | चित्रगौः | चित्रगावौ | चित्रगावः |
| द्वितीया | चित्रगाम् | चित्रगावौ | चित्रगाः |
| तृतीया | चित्रगवा | चित्रगोभ्याम् | चित्रगोभिः |
| चतुर्थी | चित्रगवे | चित्रगोभ्याम् | चित्रगोभ्यः |
| पञ्चमी | चित्रगोः | चित्रगोभ्याम् | चित्रगोभ्यः |
| षष्ठी | चित्रगोः | चित्रगवोः | चित्रगवाम् |
| सप्तमी | चित्रगवि | चित्रगवोः | चित्रगोषु |
| सम्बोधन | हे चित्रगौः | हे चित्रगावौ | हे चित्रगावः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | अतिगौः | अतिगावौ | अतिगावः |
| द्वितीया | अतिगाम् | अतिगावौ | अतिगाः |
| तृतीया | अतिगवा | अतिगोभ्याम् | अतिगोभिः |
| चतुर्थी | अतिगवे | अतिगोभ्याम् | अतिगोभ्यः |
| पञ्चमी | अतिगोः | अतिगोभ्याम् | अतिगोभ्यः |
| षष्ठी | अतिगोः | अतिगवोः | अतिगवाम् |
| सप्तमी | अतिगवि | अतिगवोः | अतिगोषु |
| सम्बोधन | हे अतिगौः | हे अतिगावौ | हे अतिगावः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | महागौः | महागावौ | महागावः |
| द्वितीया | महागाम् | महागावौ | महागाः |
| तृतीया | महागवा | महागोभ्याम् | महागोभिः |
| चतुर्थी | महागवे | महागोभ्याम् | महागोभ्यः |
| पञ्चमी | महागोः | महागोभ्याम् | महागोभ्यः |
| षष्ठी | महागोः | महागवोः | महागवाम् |
| सप्तमी | महागवि | महागवोः | महागोषु |
| सम्बोधन | हे महागौः | हे महागावौ | हे महागावः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | द्यौः | द्यावौ | द्यावः |
| द्वितीया | द्याम् | द्यावौ | द्याः |
| तृतीया | द्यवा | द्योभ्याम् | द्योभिः |
| चतुर्थी | द्यवे | द्योभ्याम् | द्योभ्यः |
| पञ्चमी | द्योः | द्योभ्याम् | द्योभ्यः |
| षष्ठी | द्योः | द्यवोः | द्यवाम् |
| सप्तमी | द्यवि | द्यवोः | द्योषु |
| सम्बोधन | हे द्यौः | हे द्यावौ | हे द्यावः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | ग्लौः | ग्लावौ | ग्लावः |
| द्वितीया | ग्लावम् | ग्लावौ | ग्लावः |
| तृतीया | ग्लावा | ग्लौभ्याम् | ग्लौभिः |
| चतुर्थी | ग्लावे | ग्लौभ्याम् | ग्लौभ्यः |
| पञ्चमी | ग्लावः | ग्लौभ्याम् | ग्लौभ्यः |
| षष्ठी | ग्लावः | ग्लावोः | ग्लावाम् |
| सप्तमी | ग्लावि | ग्लावोः | ग्लौषु |
| सम्बोधन | हे ग्लौः | हे ग्लावौ | हे ग्लावः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | स्नौः | स्नावौ | स्नावः |
| द्वितीया | स्नावम् | स्नावौ | स्नावः |
| तृतीया | स्नावा | स्नौभ्याम् | स्नौभिः |
| चतुर्थी | स्नावे | स्नौभ्याम् | स्नौभ्यः |
| पञ्चमी | स्नावः | स्नौभ्याम् | स्नौभ्यः |
| षष्ठी | स्नावः | स्नावोः | स्नावाम् |
| सप्तमी | स्नावि | स्नावोः | स्नौषु |
| सम्बोधन | हे स्नौः | हे स्नावौ | हे स्नावः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | सुग्लौः | सुग्लावौ | सुग्लावः |
| द्वितीया | सुग्लावम् | सुग्लावौ | सुग्लावः |
| तृतीया | सुग्लावा | सुग्लौभ्याम् | सुग्लौभिः |
| चतुर्थी | सुग्लावे | सुग्लौभ्याम् | सुग्लौभ्यः |
| पञ्चमी | सुग्लावः | सुग्लौभ्याम् | सुग्लौभ्यः |
| षष्ठी | सुग्लावः | सुग्लावोः | सुग्लावाम् |
| सप्तमी | सुग्लावि | सुग्लावोः | सुग्लौषु |
| सम्बोधन | हे सुग्लौः | हे सुग्लावौ | हे सुग्लावः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | अतिग्लौः | अतिग्लावौ | अतिग्लावः |
| द्वितीया | अतिग्लावम् | अतिग्लावौ | अतिग्लावः |
| तृतीया | अतिग्लावा | अतिग्लौभ्याम् | अतिग्लौभिः |
| चतुर्थी | अतिग्लावे | अतिग्लौभ्याम् | अतिग्लौभ्यः |
| पञ्चमी | अतिग्लावः | अतिग्लौभ्याम् | अतिग्लौभ्यः |
| षष्ठी | अतिग्लावः | अतिग्लावोः | अतिग्लावाम् |
| सप्तमी | अतिग्लावि | अतिग्लावोः | अतिग्लौषु |
| सम्बोधन | हे अतिग्लौः | हे अतिग्लावौ | हे अतिग्लावः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | महाग्लौः | महाग्लावौ | महाग्लावः |
| द्वितीया | महाग्लावम् | महाग्लावौ | महाग्लावः |
| तृतीया | महाग्लावा | महाग्लौभ्याम् | महाग्लौभिः |
| चतुर्थी | महाग्लावे | महाग्लौभ्याम् | महाग्लौभ्यः |
| पञ्चमी | महाग्लावः | महाग्लौभ्याम् | महाग्लौभ्यः |
| षष्ठी | महाग्लावः | महाग्लावोः | महाग्लावाम् |
| सप्तमी | महाग्लावि | महाग्लावोः | महाग्लौषु |
| सम्बोधन | हे महाग्लौः | हे महाग्लावौ | हे महाग्लावः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | सुनौः | सुनावौ | सुनावः |
| द्वितीया | सुनावम् | सुनावौ | सुनावः |
| तृतीया | सुनावा | सुनौभ्याम् | सुनौभिः |
| चतुर्थी | सुनावे | सुनौभ्याम् | सुनौभ्यः |
| पञ्चमी | सुनावः | सुनौभ्याम् | सुनौभ्यः |
| षष्ठी | सुनावः | सुनावोः | सुनावाम् |
| सप्तमी | सुनावि | सुनावोः | सुनौषु |
| सम्बोधन | हे सुनौः | हे सुनावौ | हे सुनावः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | अतिनौः | अतिनावौ | अतिनावः |
| द्वितीया | अतिनावम् | अतिनावौ | अतिनावः |
| तृतीया | अतिनावा | अतिनौभ्याम् | अतिनौभिः |
| चतुर्थी | अतिनावे | अतिनौभ्याम् | अतिनौभ्यः |
| पञ्चमी | अतिनावः | अतिनौभ्याम् | अतिनौभ्यः |
| षष्ठी | अतिनावः | अतिनावोः | अतिनावाम् |
| सप्तमी | अतिनावि | अतिनावोः | अतिनौषु |
| सम्बोधन | हे अतिनौः | हे अतिनावौ | हे अतिनावः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | दृढ़नौः | दृढ़नावौ | दृढ़नावः |
| द्वितीया | दृढ़नावम् | दृढ़नावौ | दृढ़नावः |
| तृतीया | दृढ़नावा | दृढ़नौभ्याम् | दृढ़नौभिः |
| चतुर्थी | दृढ़नावे | दृढ़नौभ्याम् | दृढ़नौभ्यः |
| पञ्चमी | दृढ़नावः | दृढ़नौभ्याम् | दृढ़नौभ्यः |
| षष्ठी | दृढ़नावः | दृढ़नावोः | दृढ़नावाम् |
| सप्तमी | दृढ़नावि | दृढ़नावोः | दृढ़नौषु |
| सम्बोधन | हे दृढ़नौः | हे दृढ़नावौ | हे दृढ़नावः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | नौः | नावौ | नावः |
| द्वितीया | नावम् | नावौ | नावः |
| तृतीया | नावा | नौभ्याम् | नौभिः |
| चतुर्थी | नावे | नौभ्याम् | नौभ्यः |
| पञ्चमी | नावः | नौभ्याम् | नौभ्यः |
| षष्ठी | नावः | नावोः | नावाम् |
| सप्तमी | नावि | नावोः | नौषु |
| सम्बोधन | हे नौः | हे नावौ | हे नावः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | सुनौः | सुनावौ | सुनावः |
| द्वितीया | सुनावम् | सुनावौ | सुनावः |
| तृतीया | सुनावा | सुनौभ्याम् | सुनौभिः |
| चतुर्थी | सुनावे | सुनौभ्याम् | सुनौभ्यः |
| पञ्चमी | सुनावः | सुनौभ्याम् | सुनौभ्यः |
| षष्ठी | सुनावः | सुनावोः | सुनावाम् |
| सप्तमी | सुनावि | सुनावोः | सुनौषु |
| सम्बोधन | हे सुनौः | हे सुनावौ | हे सुनावः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | अतिनौः | अतिनावौ | अतिनावः |
| द्वितीया | अतिनावम् | अतिनावौ | अतिनावः |
| तृतीया | अतिनावा | अतिनौभ्याम् | अतिनौभिः |
| चतुर्थी | अतिनावे | अतिनौभ्याम् | अतिनौभ्यः |
| पञ्चमी | अतिनावः | अतिनौभ्याम् | अतिनौभ्यः |
| षष्ठी | अतिनावः | अतिनावोः | अतिनावाम् |
| सप्तमी | अतिनावि | अतिनावोः | अतिनौषु |
| सम्बोधन | हे अतिनौः | हे अतिनावौ | हे अतिनावः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | महानौः | महानावौ | महानावः |
| द्वितीया | महानावम् | महानावौ | महानावः |
| तृतीया | महानावा | महानौभ्याम् | महानौभिः |
| चतुर्थी | महानावे | महानौभ्याम् | महानौभ्यः |
| पञ्चमी | महानावः | महानौभ्याम् | महानौभ्यः |
| षष्ठी | महानावः | महानावोः | महानावाम् |
| सप्तमी | महानावि | महानावोः | महानौषु |
| सम्बोधन | हे महानौः | हे महानावौ | हे महानावः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | दृढ़नौः | दृढ़नावौ | दृढ़नावः |
| द्वितीया | दृढ़नावम् | दृढ़नावौ | दृढ़नावः |
| तृतीया | दृढ़नावा | दृढ़नौभ्याम् | दृढ़नौभिः |
| चतुर्थी | दृढ़नावे | दृढ़नौभ्याम् | दृढ़नौभ्यः |
| पञ्चमी | दृढ़नावः | दृढ़नौभ्याम् | दृढ़नौभ्यः |
| षष्ठी | दृढ़नावः | दृढ़नावोः | दृढ़नावाम् |
| सप्तमी | दृढ़नावि | दृढ़नावोः | दृढ़नौषु |
| सम्बोधन | हे दृढ़नौः | हे दृढ़नावौ | हे दृढ़नावः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | सुग्लौः | सुग्लावौ | सुग्लावः |
| द्वितीया | सुग्लावम् | सुग्लावौ | सुग्लावः |
| तृतीया | सुग्लावा | सुग्लौभ्याम् | सुग्लौभिः |
| चतुर्थी | सुग्लावे | सुग्लौभ्याम् | सुग्लौभ्यः |
| पञ्चमी | सुग्लावः | सुग्लौभ्याम् | सुग्लौभ्यः |
| षष्ठी | सुग्लावः | सुग्लावोः | सुग्लावाम् |
| सप्तमी | सुग्लावि | सुग्लावोः | सुग्लौषु |
| सम्बोधन | हे सुग्लौः | हे सुग्लावौ | हे सुग्लावः |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | उपगु | उपगुनी | उपगूनि |
| द्वितीया | उपगु | उपगुनी | उपगूनि |
| तृतीया | उपगुना | उपगुभ्याम् | उपगुभिः |
| चतुर्थी | उपगुने | उपगुभ्याम् | उपगुभ्यः |
| पञ्चमी | उपगुनः | उपगुभ्याम् | उपगुभ्यः |
| षष्ठी | उपगुनः | उपगुनोः | उपगूनाम् |
| सप्तमी | उपगुनि | उपगुनोः | उपगुषु |
| सम्बोधन | हे उपगो / हे उपगु | हे उपगुनी | हे उपगूनि |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | अतिगु | अतिगुनी | अतिगूनि |
| द्वितीया | अतिगु | अतिगुनी | अतिगूनि |
| तृतीया | अतिगुना | अतिगुभ्याम् | अतिगुभिः |
| चतुर्थी | अतिगुने | अतिगुभ्याम् | अतिगुभ्यः |
| पञ्चमी | अतिगुनः | अतिगुभ्याम् | अतिगुभ्यः |
| षष्ठी | अतिगुनः | अतिगुनोः | अतिगूनाम् |
| सप्तमी | अतिगुनि | अतिगुनोः | अतिगुषु |
| सम्बोधन | हे अतिगो / हे अतिगु | हे अतिगुनी | हे अतिगूनि |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | अतिनु | अतिनुनी | अतिनूनि |
| द्वितीया | अतिनु | अतिनुनी | अतिनूनि |
| तृतीया | अतिनुना | अतिनुभ्याम् | अतिनुभिः |
| चतुर्थी | अतिनुने | अतिनुभ्याम् | अतिनुभ्यः |
| पञ्चमी | अतिनुनः | अतिनुभ्याम् | अतिनुभ्यः |
| षष्ठी | अतिनुनः | अतिनुनोः | अतिनूनाम् |
| सप्तमी | अतिनुनि | अतिनुनोः | अतिनुषु |
| सम्बोधन | हे अतिनो / हे अतिनु | हे अतिनुनी | हे अतिनूनि |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | सुगु | सुगुनी | सुगूनि |
| द्वितीया | सुगु | सुगुनी | सुगूनि |
| तृतीया | सुगुना | सुगुभ्याम् | सुगुभिः |
| चतुर्थी | सुगुने | सुगुभ्याम् | सुगुभ्यः |
| पञ्चमी | सुगुनः | सुगुभ्याम् | सुगुभ्यः |
| षष्ठी | सुगुनः | सुगुनोः | सुगूनाम् |
| सप्तमी | सुगुनि | सुगुनोः | सुगुषु |
| सम्बोधन | हे सुगो / हे सुगु | हे सुगुनी | हे सुगूनि |