॥ श्रीसरस्वत्यै नमः • डिजिटल ग्रन्थालय ॥
'प' वर्ग (प, फ, ब, भ, म) से प्रारम्भ होने वाले मुहावरे
सम्पूर्ण संकलन • प्रामाणिक अर्थ • सटीक वाक्य-प्रयोग
क्र.
मुहावरा
मुहावरे का अर्थ
वाक्य प्रयोग
01
पगड़ी उछालना
सार्वजनिक रूप से अपमानित या बेइज्जत करना
प्रयोग: भरी पंचायत में एक कुलीन और सम्मानित व्यक्ति की पगड़ी उछालना सर्वथा अनुचित है।
02
पहाड़ टूट पड़ना
अचानक बहुत भारी विपत्ति या संकट आ जाना
प्रयोग: घर के एकमात्र कमाऊ मुखिया की असामयिक मृत्यु से परिवार पर दुःखों का पहाड़ टूट पड़ा।
03
पाँव उखड़ना
हिम्मत हार जाना या पीछे हटने पर विवश होना
प्रयोग: भारतीय सेना के प्रचंड प्रहार के आगे शत्रु सैनिकों के पाँव उखड़ गए।
04
पाँव जमीन पर न पड़ना
अत्यधिक घमंड या अत्यधिक खुशी में होना
प्रयोग: सिविल सेवा परीक्षा में शीर्ष स्थान प्राप्त करने के बाद से उसके पाँव जमीन पर नहीं पड़ रहे हैं।
05
पासा पलटना
परिस्थिति या भाग्य का अचानक विपरीत हो जाना
प्रयोग: मैच के अंतिम ओवर में भारतीय बल्लेबाज ने दो छक्के लगाकर खेल का पासा ही पलट दिया।
06
पानी-पानी होना
अत्यधिक लज्जित या शर्मिंदा होना
प्रयोग: परीक्षा में नकल करते हुए रंगे हाथों पकड़े जाने पर छात्र शर्म से पानी-पानी हो गया।
07
पानी में आग लगाना
असंभव कार्य कर दिखाना / शांति में उपद्रव खड़ा करना
प्रयोग: उस चतुर कूटनीतिज्ञ ने असंभव समझौते को साकार करके पानी में आग लगा दी।
08
पानी फेरना
बना-बनाया काम या आशा पूरी तरह नष्ट कर देना
प्रयोग: पुत्र की गलत संगति और लापरवाही ने पिता के वर्षों के परिश्रम पर पानी फेर दिया।
09
पानी पी-पीकर कोसना
लगातार और अत्यधिक बुरा-भला कहना
प्रयोग: धोखा खा जाने के बाद वह ठग को दिन भर पानी पी-पीकर कोसता रहा।
10
पापड़ बेलना
जीवन में कठिन संघर्ष और अत्यधिक कष्ट झेलना
प्रयोग: एक सम्मानजनक आजीविका स्थापित करने के लिए उसे वर्षों तक दर-दर पापड़ बेलने पड़े।
11
पत्थर की लकीर होना
अमिट, दृढ़ और निश्चित बात होना
प्रयोग: महापुरुषों द्वारा दिया गया वचन पत्थर की लकीर होता है, जो कभी बदलता नहीं।
12
पत्थर का कलेजा होना
अत्यंत कठोर और दयाहीन हृदय होना
प्रयोग: अनाथ बच्चों की दीन दशा देखकर जिसका दिल न पसीजे, उसका कलेजा पत्थर का ही होगा।
13
पलकें बिछाना
अत्यंत प्रेम, उत्सुकता और आदर से स्वागत करना
प्रयोग: अयोध्यावासियों ने चौदह वर्ष बाद लौटे प्रभु श्रीराम के स्वागत में पलकें बिछा दीं।
14
पाँचों उँगलियाँ घी में होना
सभी ओर से भारी लाभ और सुख की प्राप्ति होना
प्रयोग: व्यापार में भारी मुनाफा और पुत्र की सरकारी नौकरी लगने से उसकी पाँचों उँगलियाँ घी में हैं।
15
प्राण हथेली पर रखना
मृत्यु की परवाह न करते हुए भारी जोखिम उठाना
प्रयोग: भारतीय सुरक्षा बल सीमा पर सदा अपने प्राण हथेली पर रखकर देश की रक्षा करते हैं।
16
प्राण सूखना
अत्यधिक भयभीत या आतंकित हो जाना
प्रयोग: जंगल में अचानक सामने आदमखोर बाघ को देखकर राहगीर के प्राण सूख गए।
17
पेट काटना
आवश्यक खर्चों में अत्यधिक कटौती करके बचत करना
प्रयोग: निर्धन माता-पिता ने अपना पेट काटकर बेटे को उच्च शिक्षा दिलवाई।
18
पेट में दाढ़ी होना
उम्र में छोटा होकर भी बहुत चतुर और अनुभवी होना
प्रयोग: वह देखने में बालक लगता है पर बातें ऐसी करता है मानो उसके पेट में दाढ़ी हो।
19
पैरों तले जमीन खिसकना
अचानक होश उड़ जाना या स्तब्ध रह जाना
प्रयोग: बैंक दिवालिया होने का समाचार सुनते ही जमाकर्ताओं के पैरों तले जमीन खिसक गई।
20
पोल खोलना
गुप्त दोष या वास्तविक रहस्य उजागर करना
प्रयोग: ऑडिट रिपोर्ट ने भ्रष्ट अधिकारियों के सभी घोटालों की पोल खोल दी।
21
पीठ दिखाना
कायरतापूर्वक युद्ध या मुकाबले से भाग जाना
प्रयोग: सच्चे शूरवीर रणभूमि में प्राण दे देते हैं, किंतु कभी पीठ नहीं दिखाते।
22
पीठ ठोकना
उत्साहवर्धन करना या शाबाशी देना
प्रयोग: दौड़ प्रतियोगिता में प्रथम आने पर प्रधानाचार्य ने छात्र की पीठ ठोकी।
23
पीठ में छुरा घोंपना
विश्वासघात या कपटपूर्ण विश्वासघात करना
प्रयोग: व्यापारिक साझेदार ने गुप्त दस्तावेज बेचकर अपने मित्र की पीठ में छुरा घोंप दिया।
24
पौ बारह होना
खूब लाभ होना या भाग्य का अत्यधिक अनुकूल होना
प्रयोग: शेयर बाजार में भारी उछाल आते ही चतुर निवेशकों के पौ बारह हो गए।
25
प्राण पखेरू उड़ना
मृत्यु हो जाना या देहांत होना
प्रयोग: अस्पताल पहुँचने से पूर्व ही गंभीर रूप से घायल व्यक्ति के प्राण पखेरू उड़ गए।
26
पट्टी पढ़ाना
गलत राय देना या बहकाकर अनुचित मार्ग दिखाना
प्रयोग: शकुनि ने दुर्योधन को ऐसी कुटिल पट्टी पढ़ाई कि पूरा कौरव वंश विनाश के गर्त में गिर गया।
27
पत्ता कटना
पद से हटा दिया जाना या संबंध समाप्त होना
प्रयोग: चुनाव में अनुशासनहीनता के कारण कई बड़े नेताओं का पार्टी से पत्ता कट गया।
28
पानी का बुलबुला होना
अत्यंत क्षणभंगुर या नश्वर होना
प्रयोग: मानव जीवन पानी का बुलबुला है, अतः इस पर अहंकार करना व्यर्थ है।
29
पल्ला झाड़ना
जिम्मेदारी से पूरी तरह अलग हो जाना
प्रयोग: मुसीबत आते ही स्वार्थी मित्र अपना पल्ला झाड़कर किनारे हो गया।
30
पसीना बहाना
अत्यधिक कठोर शारीरिक या मानसिक परिश्रम करना
प्रयोग: किसान जेठ की दोपहरी में पसीना बहाकर देश के लिए अन्न उपजाता है।
31
पाँव फूँक-फूँक कर रखना
अत्यधिक सावधानी और सतर्कता बरतना
प्रयोग: व्यापार में एक बार धोखा खा जाने के बाद वह हर निर्णय में पाँव फूँक-फूँक कर रखता है।
32
पानी उतरना
लज्जा, मान-मर्यादा या प्रतिष्ठा समाप्त हो जाना
प्रयोग: भ्रष्टाचार में लिप्त व्यक्ति की आँखों का पानी पूरी तरह उतर चुका होता है।
33
पाला पड़ना
किसी धूर्त या कठिन व्यक्ति से पाला/सामना होना
प्रयोग: इस बार तुम्हारा पाला एक ईमानदार और सख्त अधिकारी से पड़ा है।
34
पिंडी छूटना
मुसीबत या अवांछित झंझट से पीछा छूटना
प्रयोग: झूठे मुकदमे से बरी होने के बाद आखिरकार उसकी कोर्ट-कचहरी से पिंडी छूटी।
35
पैरों पर खड़ा होना
स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनना
प्रयोग: शिक्षा पूरी करने के बाद युवक का पहला लक्ष्य अपने पैरों पर खड़ा होना होना चाहिए।
36
पस्त होना
बुरी तरह थक जाना या हिम्मत टूट जाना
प्रयोग: दिन भर की भीषण चढ़ाई के बाद पर्वतारोहियों की हिम्मत पस्त हो गई।
37
पानीदार होना
स्वाभिमानी, मर्यादावान और तेजस्वी होना
प्रयोग: पानीदार व्यक्ति अनुचित लाभ के लिए कभी किसी के आगे हाथ नहीं फैलाता।
38
पत्ता तक न खड़कना
पूर्ण सन्नाटा या अत्यधिक शांति होना
प्रयोग: कर्फ्यू के दौरान नगर की सड़कों पर पत्ता तक नहीं खड़क रहा था।
39
पाँव की जूती समझना
अत्यंत तुच्छ, हीन या महत्वहीन समझना
प्रयोग: स्वाभिमानी स्त्री किसी को भी अपने को पाँव की जूती नहीं समझने देती।
40
प्राण फूँकना
नया जीवन, ऊर्जा या उत्साह का संचार करना
प्रयोग: नेताजी के ओजस्वी भाषण ने निराश जनता में नए प्राण फूँक दिए।
41
पगड़ी रखना
मान-सम्मान की रक्षा करना / दीनतापूर्वक विनती करना
प्रयोग: गरीब पिता ने बेटी के विवाह के लिए सेठ के चरणों में अपनी पगड़ी रख दी।
42
पाँव चूमना
अत्यधिक आदर-सत्कार या भक्ति भाव प्रकट करना
प्रयोग: विजयी होकर लौटे वीर सपूत के सम्मान में देशवासियों ने उसके पाँव चूम लिए।
43
पाँव में बेड़ी पड़ना
बंधन में जकड़ जाना या विवश होना
प्रयोग: परिवार की जिम्मेदारियों के कारण युवक की उच्च शिक्षा के पाँव में बेड़ी पड़ गई।
44
पानी भरना
तुलना में बहुत कमतर या तुच्छ साबित होना
प्रयोग: उस महान विद्वान के गहन ज्ञान के आगे बड़े-बड़े पंडित पानी भरते नजर आते हैं।
45
पलक न झपकना
अत्यंत सतर्क रहना या निरंतर देखते रहना
प्रयोग: सीमा पर तैनात सुरक्षा प्रहरी रात भर बिना पलक झपकाए चौकसी करते हैं।
46
पसीना-पसीना होना
अत्यधिक घबरा जाना या लज्जित होना
प्रयोग: अचानक आय-कर विभाग का छापा पड़ते ही व्यापारी घबराहट से पसीना-पसीना हो गया।
47
प्राणों की बाजी लगाना
जान की परवाह किए बिना साहसिक काम करना
प्रयोग: अग्निशमन दल ने प्राणों की बाजी लगाकर जलती इमारत से बच्चों को सुरक्षित निकाला।
48
पेट में चूहे कूदना
अत्यधिक तीव्र भूख लगना
प्रयोग: दिन भर बिना भोजन के काम करने के बाद शाम को पेट में चूहे कूदने लगे।
49
पेट में बात न पचना
गुप्त बात को छिपाकर रखने में असमर्थ होना
प्रयोग: उसे कोई गुप्त रहस्य मत बताना, उसके पेट में कोई बात नहीं पचती।
50
प्राणों पर बन आना
जीवन पर अत्यंत गंभीर संकट आ जाना
प्रयोग: नाव के भँवर में फँसते ही सभी मुसाफिरों के प्राणों पर बन आई।
51
पर निकलना
मर्यादा या औकात से बढ़कर अनुचित आचरण करना
प्रयोग: थोड़ा सा धन हाथ लगते ही उसके पर निकल आए और वह बड़ों का अनादर करने लगा।
52
पैर पसारना
प्रभाव, विस्तार या अधिकार क्षेत्र को बढ़ाना
प्रयोग: ईस्ट इंडिया कंपनी ने व्यापार के बहाने भारत में धीरे-धीरे अपने पैर पसार लिए।
53
पल्ला पकड़ना
किसी समर्थ या ज्ञानी व्यक्ति का आश्रय लेना
प्रयोग: कठिन समय में उसने सच्चे गुरु का पल्ला पकड़ लिया और शांति पाई।
54
पहाड़ से टक्कर लेना
अत्यंत बलशाली प्रतिद्वंद्वी से मुकाबला करना
प्रयोग: भ्रष्ट व्यवस्था के विरुद्ध अकेले संघर्ष करना पहाड़ से टक्कर लेने जैसा है।
55
पत्थर पर दूब जमना
कदापि संभव न होने वाले असंभव कार्य का होना
प्रयोग: उस कंजूस व्यक्ति से दान मिलना पत्थर पर दूब जमने के समान है।
56
पीला पड़ना
अत्यधिक भय, कमजोरी या बीमारी से चेहरे का रंग उड़ना
प्रयोग: सामने अचानक पुलिस को देखकर अपराधी का चेहरा पीला पड़ गया।
57
पेट पालना
कठिनाई से जीवन-यापन या आजीविका चलाना
प्रयोग: मजदूर दिन भर पसीना बहाकर अपने परिवार का पेट पालता है।
58
पासा फेंकना
कूटनीतिक दाँव चलना या अंतिम युक्ति आजमाना
प्रयोग: चुनाव जीतने के लिए नेताजी ने अंतिम समय में जातियों के समीकरण का पासा फेंका।
59
पगड़ी बदलना
परस्पर गहरी मित्रता का अटूट संकल्प लेना
प्रयोग: दोनों रियासतों के राजाओं ने पगड़ी बदलकर आजीवन मैत्री निभाने का वचन दिया।
60
पछाड़ खाना
अत्यधिक आघात से बेहोश होकर गिरना या परास्त होना
प्रयोग: पुत्र की मृत्यु का दारुण समाचार सुनते ही अभागी माँ पछाड़ खाकर गिर पड़ी।
61
पर लगना
अत्यधिक तेज गति से उड़ना या चलना
प्रयोग: खुशी के समाचार सुनते ही उसके पैरों में मानो पर लग गए।
62
पानी का मोल बिकना
अत्यधिक सस्ता या कौड़ी के भाव बिकना
प्रयोग: बाजार में भारी आवक होने के कारण सब्जियाँ पानी के मोल बिक रही हैं।
63
पाँव गाड़ना
मजबूती और दृढ़ता से अपने स्थान पर टिक जाना
प्रयोग: अंगद ने रावण की राजसभा में अपने पाँव ऐसे गाड़े कि कोई डिगा न सका।
64
पेट बाँधना
भूखा रहकर या अत्यंत कम खाकर गुजारा करना
प्रयोग: अकाल के दिनों में ग्रामीणों ने पेट बाँधकर दिन काटे।
65
पैरों तले कुचलना
पूरी तरह दमन करना या घोर अपमानित करना
प्रयोग: निरंकुश तानाशाह ने जनता के मौलिक अधिकारों को पैरों तले कुचल दिया।
66
प्राण त्यागना
देह छोड़ना या मृत्यु को प्राप्त होना
प्रयोग: भीष्म पितामह ने सूर्य के उत्तरायण होने पर अपने प्राण त्यागे।
67
पिल पड़ना
पूरी शक्ति और आक्रामकता से किसी कार्य या व्यक्ति पर टूट पड़ना
प्रयोग: चोर को भागते देख मोहल्ले के लोग लाठी-डंडे लेकर उस पर पिल पड़े।
68
पानी करना
कठिन काम को अत्यंत सरल और सहज बना देना
प्रयोग: कुशल गणितज्ञ ने जटिल प्रश्नों को चुटकियों में हल करके पानी कर दिया।
69
पुतली न हिलना
अत्यधिक स्तब्ध, सुन्न या गतिहीन हो जाना
प्रयोग: अद्भुत दृश्य देखकर दर्शकों की आँखों की पुतली तक नहीं हिल रही थी।
70
पेट की आग बुझाना
भोजन करके भूख शांत करना
प्रयोग: गरीब मजदूर रूखी-सूखी रोटी खाकर किसी तरह अपने पेट की आग बुझाता है।
71
पानी मरना
तेज, चमक या प्रभाव का पूरी तरह समाप्त हो जाना
प्रयोग: कुकर्मों में लिप्त होने के बाद समाज में उसकी प्रतिष्ठा का पानी मर गया।
72
पाँव उखाड़ देना
प्रतिद्वंद्वी को मैदान छोड़कर भागने पर विवश करना
प्रयोग: भारतीय सेना ने सीमा पर घुसपैठ कर रहे आतंकियों के पाँव उखाड़ दिए।
73
पानी का पानी होना
सच्चाई पूरी तरह स्पष्ट और प्रकट हो जाना
प्रयोग: न्यायालय में साक्ष्य प्रस्तुत होते ही दूध का दूध और पानी का पानी हो गया।
74
पाँव भारी होना
गर्भवती होना
प्रयोग: घर में नए शिशु के आगमन का समाचार पाकर पूरा परिवार प्रसन्न हो उठा।
75
पेट भरना
संतुष्ट होना या आजीविका प्राप्त करना
प्रयोग: ईमानदारी की रोटी खाकर वह संतोषपूर्वक अपना पेट भरता है।
76
फूला न समाना
अत्यधिक प्रसन्न या हर्षित होना
प्रयोग: पुत्र के प्रतियोगी परीक्षा में सफल होने का समाचार सुनकर माता-पिता फूले न समाए।
77
फूलकर कुप्पा होना
अत्यधिक घमंड में भर जाना या बहुत खुश होना
प्रयोग: झूठी चापलूसी सुनकर वह अहंकार से फूलकर कुप्पा हो गया।
78
फूटी आँख न सुहाना
जरा भी अच्छा न लगना (घोर अरुचि या द्वेष होना)
प्रयोग: ईर्ष्यालु पड़ोसी को मेरी तरक्की और यश फूटी आँख नहीं सुहाता।
79
फूँक-फूँक कर कदम रखना
अत्यधिक सतर्कता और सावधानी से कार्य करना
प्रयोग: शत्रुओं से घिरे होने पर समझदार व्यक्ति हर मामले में फूँक-फूँक कर कदम रखता है।
80
फूँक निकल जाना
शक्ति, अकड़ या हेकड़ी पूरी तरह समाप्त हो जाना
प्रयोग: पुलिस के सामने आते ही बड़े-बड़े दबंगों की फूँक निकल जाती है।
81
फटे हाल होना
अत्यंत दरिद्र, विपन्न और दयनीय स्थिति में होना
प्रयोग: व्यापार में दिवालिया होने के बाद वह पूरी तरह फटे हाल हो गया।
82
फंदा डालना
धोखे या छल के जाल में फँसाना
प्रयोग: धूर्त एजेंट सीधे-सादे ग्रामीणों पर विदेश भेजने के नाम पर फंदा डालते हैं।
83
फजीहत होना
सार्वजनिक रूप से घोर बदनामी और दुर्दशा होना
प्रयोग: समारोह में अनुशासनहीनता करने पर उस उपद्रवी की भारी फजीहत हुई।
84
फड़क उठना
उत्साह या आवेश से भुजाओं या शरीर का रोमांचित होना
प्रयोग: शत्रु की ललकार सुनते ही वीर योद्धाओं की भुजाएँ फड़क उठीं।
85
फाड़ खाना
अत्यधिक क्रोध और चिड़चिड़ापन से बात करना
प्रयोग: सीधे प्रश्न पूछने पर भी वह ऐसे बोलता है मानो फाड़ खाएगा।
86
फाके मस्त होना
घोर निर्धनता में भी स्वाभिमान और मौज से रहना
प्रयोग: कबीर जैसे संत किसी के आगे हाथ नहीं फैलाते, वे फाके मस्त रहते हैं।
87
फालूदा बनना
पूरी तरह कुचला जाना या भारी दुर्दशा होना
प्रयोग: भीड़ भरे मेले में धक्का-मुक्की से यात्रियों का फालूदा बन गया।
88
फिसल पड़ना
प्रलोभन या आकर्षण में आकर अपने धर्म से बहक जाना
प्रयोग: धन का भारी लालच देखकर कमजोर ईमान वाला व्यक्ति फिसल पड़ा।
89
फुर्र होना
पलक झपकते गायब या भाग जाना
प्रयोग: पुलिस की सायरन सुनते ही चौराहे पर उत्पात मचा रहे उपद्रवी फुर्र हो गए।
90
फूटी कौड़ी न होना
पूरी तरह धनहीन या कंगाल होना
प्रयोग: महीने के अंत में उसके पास दवा खरीदने के लिए भी फूटी कौड़ी नहीं बची।
91
फूल झड़ना
अत्यंत मीठी, मधुर और प्रिय वाणी बोलना
प्रयोग: वह जब भी बोलती है, उसके मुख से मानो फूल झड़ते हैं।
92
फूलों की सेज होना
अत्यंत सुखद, सरल और आरामदायक परिस्थिति होना
प्रयोग: जीवन कोई फूलों की सेज नहीं है, इसमें काँटों भरी राहों पर भी चलना पड़ता है।
93
फोड़ा फूटना
दबा हुआ पुराना विवाद या गुप्त रहस्य सरेआम होना
प्रयोग: जाँच शुरू होते ही वर्षों पुराने वित्तीय घोटाले का फोड़ा फूट गया।
94
फतेह हासिल करना
कठिन परीक्षा या युद्ध में विजय प्राप्त करना
प्रयोग: कड़े परिश्रम और लगन के बल पर उसने सिविल सेवा परीक्षा में फतेह हासिल की।
95
फन कुचलना
शत्रु या अन्यायी के अहंकार और शक्ति को समूल नष्ट करना
प्रयोग: प्रशासन ने समाज विरोधी तत्वों का समय रहते फन कुचल दिया।
96
फंदा कटना
भारी संकट या बंधन से मुक्ति प्राप्त होना
प्रयोग: ऋण का पूरा भुगतान करने के बाद किसान के गले का फंदा कटा।
97
फूँक मारना
जादू-टोना करना या तुच्छ समझकर उड़ा देना
प्रयोग: उस पहलवान के लिए विपक्षी को फूँक मारकर गिराना बायें हाथ का खेल था।
98
फर्ज अदा करना
पूरी निष्ठा से अपना कर्तव्य निभाना
प्रयोग: सैनिकों ने मातृभूमि की रक्षा में अपने प्राणों का बलिदान देकर सच्चा फर्ज अदा किया।
99
फाँसी का फंदा होना
प्राणघातक या सर्वनाशकारी सिद्ध होना
प्रयोग: साहूकार का चक्रवर्ती ब्याज गरीब किसान के लिए फाँसी का फंदा बन गया।
100
फिरकनी होना
काम के सिलसिले में लगातार चक्कर काटते रहना
प्रयोग: फाइल पास कराने के लिए क्लर्क दिन भर दफ्तरों में फिरकनी बना रहा।
101
फुसलाना
मीठी-मीठी बातों से बहकाकर अपना काम निकालना
प्रयोग: धूर्त व्यापारी ने बच्चे को फुसलाकर उसकी मूल्यवान वस्तु ले ली।
102
फूँक से उड़ाना
किसी शक्तिशाली द्वारा कमजोर को सहज ही नष्ट कर देना
प्रयोग: विशाल सेना के आगे शत्रु की छोटी टुकड़ी फूँक से उड़ गई।
103
फैसला सुनाना
अंतिम और निर्णायक मत देना
प्रयोग: न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद निष्पक्ष फैसला सुनाया।
104
फरेब का जाल
धोखेबाजी और मक्कारी का षड्यंत्र
प्रयोग: सीधा-सादा व्यक्ति जालसाज के फरेब के जाल को समझ न सका।
105
फड़कना (आँख)
शकुन या अपशकुन का पूर्वाभास होना
प्रयोग: दाहिनी आँख फड़कते ही उसने किसी शुभ समाचार की उम्मीद की।
106
बगुला भगत होना
ऊपर से साधु पर भीतर से कपटी और धूर्त होना
प्रयोग: उस पाखंडी बाबा पर विश्वास मत करो, वह साक्षात बगुला भगत है।
107
बट्टा लगना
मान-मर्यादा या प्रतिष्ठा पर कलंक लगना
प्रयोग: भ्रष्टाचार में नाम आते ही अधिकारी के निष्कलंक सेवा-काल पर बट्टा लग गया।
108
बंदर घुड़की देना
कोरी, झूठी या प्रभावहीन धमकी देना
प्रयोग: हम तुम्हारी बंदर घुड़कियों से डरने वाले नहीं हैं, सत्य के लिए लड़ेंगे।
109
बछिया का ताऊ
निपट मूर्ख या महामूर्ख व्यक्ति
प्रयोग: उसे कितना भी समझाओ समझता ही नहीं, वह तो साक्षात बछिया का ताऊ है।
110
बगलें झाँकना
निरुत्तर, लज्जित या असमंजस में पड़ जाना
प्रयोग: अध्यापक के कड़े प्रश्न का उत्तर न आने पर छात्र बगलें झाँकने लगा।
111
बली का बकरा बनना
दूसरों के अपराध या स्वार्थ के लिए निर्दोष का दंडित होना
प्रयोग: बड़े अफसरों के घोटाले में छोटे क्लर्क को बली का बकरा बना दिया गया।
112
बल्लियों उछलना
अत्यधिक प्रसन्नता और उत्साह से झूम उठना
प्रयोग: मनचाही नौकरी का नियुक्ति पत्र मिलते ही युवक खुशी से बल्लियों उछलने लगा।
113
बात का धनी होना
अपने वचन या प्रतिज्ञा का पक्का होना
प्रयोग: रघुकुल के राजा बात के धनी थे, प्राण भले चले जाएँ पर वचन नहीं तोड़ते थे।
114
बात का बतंगड़ बनाना
छोटी सी बात को बहुत अधिक बढ़ा-चढ़ाकर विवाद खड़ा करना
प्रयोग: मामूली सी बहस थी, पर पड़ोसियों ने बात का बतंगड़ बना दिया।
115
बाएँ हाथ का खेल
अत्यंत सरल, सहज और आसान कार्य
प्रयोग: कुशल इंजीनियर के लिए इस जटिल मशीन को ठीक करना बाएँ हाथ का खेल है।
116
बाछें खिलना
अत्यधिक प्रसन्न और प्रफुल्लित होना
प्रयोग: पुत्र की सफलता का समाचार सुनते ही वृद्ध पिता की बाछें खिल गईं।
117
बाल-बाल बचना
अत्यंत निकट से आए भीषण संकट से सुरक्षित निकलना
प्रयोग: भीषण सड़क दुर्घटना में कार चालक बाल-बाल बच गया।
118
बाल की खाल निकालना
अनावश्यक रूप से अत्यधिक सूक्ष्म छानबीन या नुक्ताचीनी करना
प्रयोग: सीधी सी बात में बाल की खाल निकालने से केवल समय नष्ट होता है।
119
बाल बाँका न होना
जरा सा भी नुकसान, कष्ट या आँच न आना
प्रयोग: जिस पर ईश्वर की कृपा हो, भयंकर विपत्ति में भी उसका बाल बाँका नहीं होता।
120
बीड़ा उठाना
किसी कठिन या महान कार्य को करने का दृढ़ संकल्प लेना
प्रयोग: समाज सुधारकों ने देश से अशिक्षा और कुरीतियों को मिटाने का बीड़ा उठाया।
121
बेपेंदी का लोटा
सिद्धांतहीन और अस्थिर विचारों वाला व्यक्ति
प्रयोग: उस पर भरोसा मत करो, वह बेपेंदी का लोटा है जो लाभ देखकर पाला बदल लेता है।
122
बेड़ा पार होना
संकट से मुक्ति पाना या कार्य में पूर्ण सफलता मिलना
प्रयोग: गुरु के आशीर्वाद और कठिन परिश्रम से छात्र का बेड़ा पार हो गया।
123
बेड़ा गर्क करना
बना-बनाया काम या व्यवस्था पूरी तरह बर्बाद कर देना
प्रयोग: अयोग्य प्रबंधक ने अपनी लापरवाही से पूरी कंपनी का बेड़ा गर्क कर दिया।
124
बोल-बाला होना
अत्यधिक प्रभाव, सम्मान और बोलबाला होना
प्रयोग: आज पूरे विश्व में भारत की तकनीकी प्रतिभा का बोल-बाला है।
125
बाँह पकड़ना
सहारा देना या संरक्षण में लेना
प्रयोग: अनाथ बालक की बाँह पकड़कर सज्जन व्यक्ति ने उसे अपने पैरों पर खड़ा किया।
126
बाजार गर्म होना
चर्चा, अफवाह या व्यापार में भारी तेजी होना
प्रयोग: चुनाव आते ही शहर में राजनीतिक चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
127
बिजली गिरना
अचानक भीषण विपत्ति या आघात आ पड़ना
प्रयोग: कारखाने में आग लगने का समाचार मालिक पर बिजली गिरने जैसा था।
128
बुढ़ापे की लाठी होना
वृद्धावस्था का एकमात्र मुख्य सहारा होना
प्रयोग: श्रवण कुमार अपने नेत्रहीन माता-पिता के लिए बुढ़ापे की लाठी थे।
129
बूँद-बूँद से घड़ा भरना
छोटी-छोटी बचत से बड़ा संचय होना
प्रयोग: प्रतिदिन थोड़ी-थोड़ी बचत करो, क्योंकि बूँद-बूँद से ही घड़ा भरता है।
130
बेपर की उड़ाना
निराधार और कोरी झूठी अफवाह फैलाना
प्रयोग: उसकी बातों पर ध्यान मत दो, वह दिन भर बेपर की उड़ाता रहता है।
131
बत्तीसी दिखाना
बिना कारण दाँत निकालकर अनुचित हँसी हँसना
प्रयोग: गंभीर विषय पर चर्चा हो रही है, यहाँ बत्तीसी दिखाना बंद करो।
132
बगले बजाना
अत्यधिक खुशी प्रकट करना या इतराना
प्रयोग: शत्रु की पराजय देखकर विरोधी बगले बजाने लगे।
133
बदन में आग लगना
ईर्ष्या या क्रोध से तिलमिला उठना
प्रयोग: मेरी तरक्की देखकर उसके बदन में आग लग गई।
134
बात खटकना
मन में संदेह या बुरा लगना
प्रयोग: उसका अजीब व्यवहार मुझे पहले दिन से ही बात खटक रही थी।
135
बात काटना
दूसरे को बीच में ही रोककर बोलने लगना
प्रयोग: बड़ों की बात बीच में काटना असभ्यता का लक्षण है।
136
बात तक न पूछना
बिल्कुल आदर या परवाह न करना
प्रयोग: गरीब होते ही रिश्तेदारों ने उसकी बात तक पूछना छोड़ दिया।
137
बातें बनाना
बहानेबाजी करना या कोरी गपशप करना
प्रयोग: काम करने के समय वह केवल बातें बनाने में माहिर है।
138
बासी कढ़ी में उबाल आना
उम्र बीत जाने पर असमय नया जोश या उमंग आना
प्रयोग: वृद्धावस्था में पहलवानी करने का विचार बासी कढ़ी में उबाल आने जैसा है।
139
बोलती बंद होना
अवाक, निरुत्तर या लज्जित हो जाना
प्रयोग: सच्चे प्रमाण सामने आते ही झूठे गवाह की बोलती बंद हो गई।
140
बाट जोहना
अत्यधिक उत्सुकता से किसी की प्रतीक्षा करना
प्रयोग: माता यशोदा शाम तक कन्हैया के घर लौटने की बाट जोहती रहीं।
141
बाँसों उछलना
अत्यधिक खुशी से उछल पड़ना
प्रयोग: लॉटरी जीतने का समाचार सुनते ही वह बाँसों उछल पड़ा।
142
बुनियाद हिलना
मूल आधार पूरी तरह कमजोर पड़ जाना
प्रयोग: घोटालों के खुलासे से उस भ्रष्ट साम्राज्य की बुनियाद हिल गई।
143
बट्टा खाता में डालना
डूबा हुआ मानकर वसूली की उम्मीद छोड़ देना
प्रयोग: दिवालिया व्यापारी से ऋण वापस न मिलने पर बैंक ने रकम बट्टा खाते में डाल दी।
144
बल पड़ना (माथे पर)
क्रोध, चिंता या असंतोष से भौंहें तनना
प्रयोग: अनुशासनहीनता देखते ही अधिकारी के माथे पर बल पड़ गए।
145
बस चलना
नियंत्रण, शक्ति या अधिकार होना
प्रयोग: यदि मेरा बस चलता, तो मैं देश से गरीबी को एक दिन में मिटा देता।
146
बात बढ़ाना
झगड़े या विवाद को लंबा खींचना
प्रयोग: समझदार लोग क्षमा माँगकर बात को खत्म करते हैं, बढ़ाते नहीं।
147
बाँहों में भरना
अत्यधिक स्नेह और वात्सल्य से गले लगाना
प्रयोग: बरसों बाद परदेस से लौटे पुत्र को माँ ने बाँहों में भर लिया।
148
बात पक्की होना
सहमति या निर्णय निश्चित हो जाना
प्रयोग: दोनों पक्षों की बातचीत के बाद विवाह की बात पक्की हो गई।
149
बाल धूप में सफेद होना
बिना व्यावहारिक अनुभव के ही उम्र बीतना
प्रयोग: इतनी बड़ी गलती करने से लगता है कि उसके बाल धूप में सफेद हुए हैं।
150
बिगाड़ होना
संबंधों में अनबन या खटास आना
प्रयोग: संपत्ति के बँटवारे को लेकर दोनों भाइयों में बिगाड़ हो गया।
151
बिच्छू का डंक
अत्यंत असह्य और चुभने वाले कटु वचन
प्रयोग: दुष्ट के ताने बिच्छू के डंक की तरह हृदय में चुभते हैं।
152
बिंदु में सिंधु देखना
सूक्ष्म में विशाल ज्ञान या सत्य को देख लेना
प्रयोग: कवि बिहारी के दोहे बिंदु में सिंधु देखने के श्रेष्ठ उदाहरण हैं।
153
बिल्ली के भागों छींका टूटना
अचानक और अनायास बड़ा लाभ मिल जाना
प्रयोग: बिना विशेष प्रयास के उसे उच्च पद मिल गया, मानो बिल्ली के भागों छींका टूटा।
154
बीज बोना
विवाद या किसी कार्य का आरम्भ करना
प्रयोग: उसकी भड़काऊ बातों ने समाज में घृणा का बीज बो दिया।
155
बोझ उतारना
कर्तव्य या भारी जिम्मेदारी पूरी करना
प्रयोग: पुत्री का सकुशल विवाह करके पिता ने सिर से भारी बोझ उतारा।
156
बाग-बाग होना
मन अत्यधिक हर्षित और प्रफुल्लित होना
प्रयोग: मित्र की अप्रत्याशित सफलता देखकर मेरा हृदय बाग-बाग हो गया।
157
बात मुँह से निकलना
गुप्त रहस्य का अनजाने में प्रकट हो जाना
प्रयोग: बात मुँह से निकलते ही पूरा भेद सबके सामने आ गया।
158
बार-बार कहना
किसी बात पर अत्यधिक बल देना
प्रयोग: शिक्षक ने बार-बार कहा कि नियमित अभ्यास ही सफलता की कुंजी है।
159
बुरा मानना
आहत या अपमानित अनुभव करना
प्रयोग: सच्चे मित्र की कड़वी सलाह का बुरा नहीं मानना चाहिए।
160
बेल-बूटे काढ़ना
बात को सजा-धजाकर बहुत बढ़ा-चढ़ाकर कहना
प्रयोग: सीधी बात कहने के बजाय वह हर बात में बेल-बूटे काढ़ने लगता है।
161
बैर बाँधना
अनावश्यक शत्रुता या द्वेष मोल लेना
प्रयोग: पड़ोसियों से बिना वजह बैर बाँधना समझदारी नहीं है।
162
बड़ों के बोल
बुजुर्गों और गुरुजनों की मूल्यवान सीख
प्रयोग: बड़ों के बोल हमेशा जीवन में सही दिशा दिखाते हैं।
163
बिगड़ैल होना
अत्यधिक लाड़-प्यार से अनुशासनहीन हो जाना
प्रयोग: अत्यधिक छूट मिलने के कारण वह लड़का बिल्कुल बिगड़ैल हो गया है।
164
बिसूरना
मन ही मन रोते या दुखी होते रहना
प्रयोग: समय बीत जाने पर केवल बिसूरने से बिगड़ा काम नहीं बनता।
165
बोए पेड़ बबूल का तो आम कहाँ से होय
बुरे कर्म करके अच्छे परिणाम की आशा नहीं की जा सकती
प्रयोग: साल भर पढ़ाई न करने पर फेल होना ही था, सच है बोए पेड़ बबूल का तो आम कहाँ से होय।
166
भंडा फोड़ना
छिपे हुए गुप्त भेद या घोटाले को सरेआम उजागर करना
प्रयोग: सजग पत्रकार ने भ्रष्ट अधिकारियों के काले कारनामों का भंडा फोड़ दिया।
167
भट्टी में झोंकना
नुकसान या घोर कष्ट में जबरदस्ती डाल देना
प्रयोग: गलत सलाहकारों ने सीधे-सादे किसान की जमापूँजी को जोखिम की भट्टी में झोंक दिया।
168
भनक पड़ना
हल्की सी गुप्त सूचना या आभास मिलना
प्रयोग: पुलिस के छापे की भनक पड़ते ही तस्कर माल लेकर फरार हो गए।
169
भँवर में फँसना
गंभीर संकट या जटिल उलझनों में घिर जाना
प्रयोग: ऋण और मुकदमों के कारण व्यापारी जीवन के भँवर में फँस गया।
170
भाग्य चमकना
अचानक सौभाग्य का उदय होना
प्रयोग: विदेशी छात्रवृत्ति मिलते ही उस मेधावी निर्धन छात्र का भाग्य चमक गया।
171
भाड़ झोंकना
व्यर्थ समय नष्ट करना या तुच्छ काम करना
प्रयोग: इतने वर्षों तक विश्वविद्यालय में क्या भाड़ झोंकते रहे जो सरल प्रश्न का उत्तर भी नहीं आता?
172
भाड़े का टट्टू
केवल पैसे के लिए किसी का भी काम करने वाला सिद्धांतहीन व्यक्ति
प्रयोग: उसकी निष्ठा पर भरोसा मत करो, वह तो भाड़े का टट्टू है।
173
भीगी बिल्ली बनना
भय के कारण अत्यधिक दब्बू और शांत बन जाना
प्रयोग: थानेदार के सामने आते ही बाहर रौब झाड़ने वाला गुंडा भीगी बिल्ली बन गया।
174
भूत सवार होना
किसी कार्य की अत्यधिक सनक या हठ सवार होना
प्रयोग: उस पर वैज्ञानिक बनने का ऐसा भूत सवार है कि वह दिन-रात प्रयोगशाला में रहता है।
175
भेड़ चाल चलना
बिना सोचे-समझे दूसरों की अंधी नकल करना
प्रयोग: अपनी रुचि के अनुसार करियर चुनो, भेड़ चाल चलने से सफलता नहीं मिलती।
176
भैंस के आगे बीन बजाना
मूर्ख व्यक्ति को ज्ञान या समझदारी की बातें समझाना जो व्यर्थ हो
प्रयोग: उद्दंड लोगों को सदाचार सिखाना भैंस के आगे बीन बजाने जैसा है।
177
भौचक्का रह जाना
अत्यधिक चकित या हैरान रह जाना
प्रयोग: जादूगर के अकल्पनीय करतब देखकर दर्शक भौचक्के रह गए।
178
भागीरथ प्रयास करना
असाधारण, अथक और कठिन परिश्रम करना
प्रयोग: सूखे क्षेत्र में नहर लाने के लिए ग्रामीणों ने भागीरथ प्रयास किया।
179
भौंहें तानना
क्रोध, नाराजगी या असंतोष प्रकट करना
प्रयोग: कर्मचारियों की कामचोरी देखते ही अधिकारी ने अपनी भौंहें तान लीं।
180
भूचाल आ जाना
अत्यधिक हलचल या भारी उथल-पुथल मचना
प्रयोग: घोटाले की रिपोर्ट सार्वजनिक होते ही पूरे राजनीतिक गलियारे में भूचाल आ गया।
181
भार उतारना
ऋण या भारी जिम्मेदारी से मुक्त होना
प्रयोग: कर्ज चुकता करने के बाद उसने अपने सिर से भारी भार उतारा।
182
भारी पड़ना
अधिक शक्तिशाली या भारी नुकसानदेह साबित होना
प्रयोग: क्रिकेट मैच में एक छोटी सी भूल पूरी टीम पर भारी पड़ गई।
183
भूला-भटका होना
बहुत दिनों बाद अचानक कहीं दिखाई देना
प्रयोग: आज वर्षों बाद तुम हमारे घर भूले-भटके कैसे आ पहुँचे?
184
भेद खुलना
गुप्त रहस्य सबके सामने प्रकट हो जाना
प्रयोग: सच्चाई सामने आते ही उस पाखंडी का सारा भेद खुल गया।
185
भस्म होना
जलकर पूरी तरह नष्ट हो जाना
प्रयोग: भीषण दावानल में वन संपदा जलकर भस्म हो गई।
186
भस्म रमा लेना
संसार त्यागकर संन्यासी बन जाना
प्रयोग: सांसारिक मोह-माया से विरक्त होकर राजकुमार ने भस्म रमा ली।
187
भिक्षा माँगना
दीनतापूर्वक याचना करना
प्रयोग: स्वाभिमानी मनुष्य भूखा रह लेगा, पर किसी के आगे भिक्षा नहीं माँगेगा।
188
भुखमरी फैलना
अन्न का भारी अभाव होना
प्रयोग: सूखे के कारण पूरे प्रांत में भुखमरी फैल गई।
189
भूख-प्यास भूलना
किसी कार्य में पूरी तन्मयता से लीन होना
प्रयोग: परीक्षा की तैयारी में छात्र अपनी भूख-प्यास भूलकर जुटा हुआ है।
190
भूल-भुलैया में पड़ना
जटिल उलझन में रास्ता न सूझना
प्रयोग: कानूनी दाँव-पेंचों की भूल-भुलैया में पड़कर आम आदमी भटक जाता है।
191
भोजन का ग्रास छीनना
किसी की आजीविका या रोजी-रोटी छीन लेना
प्रयोग: गरीब मजदूर के मुँह से भोजन का ग्रास छीनना महापाप है।
192
भ्रम में पड़ना
गलतफहमी या संदेह का शिकार होना
प्रयोग: बिना प्रमाण के किसी के प्रति भ्रम में नहीं पड़ना चाहिए।
193
भ्रम का जाल टूटना
सच्चाई सामने आने पर अज्ञान का नष्ट होना
प्रयोग: तथ्य सामने आते ही उसके मन का भ्रम जाल टूट गया।
194
भलाई का जमाना न होना
उपकार के बदले अपकार या बुराई मिलना
प्रयोग: मैंने मदद की और उसने मुझ पर ही आरोप लगा दिया, सच है भलाई का जमाना नहीं रहा।
195
भरपाई करना
नुकसान की पूरी क्षतिपूर्ति करना
प्रयोग: बीमा कंपनी ने दुर्घटना में हुए नुकसान की पूरी भरपाई कर दी।
196
भाँप लेना
गुप्त विचार या आने वाले खतरे का पूर्व अनुमान लगा लेना
प्रयोग: चौकन्ने पहरेदार ने शत्रु की कुटिल चाल को पहले ही भाँप लिया।
197
भाग्य फूटना
दुर्भाग्य का आरम्भ होना
प्रयोग: कमाऊ बेटे की मृत्यु से उस असहाय परिवार का भाग्य ही फूट गया।
198
भोग लगाना
ईश्वर को भक्तिपूर्वक नैवेद्य अर्पित करना
प्रयोग: मंदिर में भगवान को छप्पन भोग लगाया गया।
199
भद्रता की सीमा लाँघना
अत्यधिक असभ्य और अमर्यादित आचरण करना
प्रयोग: भरी सभा में अपशब्द कहकर उसने भद्रता की सारी सीमाएँ लाँघ दीं।
200
भिक्षुक बनना
पूरी तरह दरिद्र या कंगाल हो जाना
प्रयोग: जुए की बुरी लत ने अमीर सेठ को भी भिक्षुक बना दिया।
201
मक्खन लगाना
अपना स्वार्थ सिद्ध करने के लिए अत्यधिक चापलूसी करना
प्रयोग: पदोन्नति पाने के लिए वह दिन-रात अपने अधिकारी को मक्खन लगाने में लगा रहता है।
202
मक्खियाँ मारना
बेकार बैठे रहना या कोई काम-धंधा न होना
प्रयोग: दिन भर चौराहे पर बैठकर मक्खियाँ मारने से बेहतर है कि कोई उपयोगी कार्य करो।
203
मगरमच्छ के आँसू बहाना
झूठा और दिखावटी शोक या सहानुभूति प्रकट करना
प्रयोग: सहानुभूति का ढोंग करके मगरमच्छ के आँसू बहाने वालों से सदा सावधान रहना चाहिए।
204
मति भ्रष्ट होना
बुद्धि का सही काम न करना या विवेक समाप्त हो जाना
प्रयोग: विनाशकाल में अहंकारी मनुष्य की मति भ्रष्ट हो जाती है।
205
मन खट्टा होना
मन में विरक्ति, अरुचि या उदासीनता आना
प्रयोग: मित्र के लगातार विश्वासघात के कारण मेरा दोस्ती से मन खट्टा हो गया है।
206
मन के लड्डू खाना
केवल कोरी कल्पनाओं में प्रसन्न होना (व्यर्थ उम्मीद रखना)
प्रयोग: कर्म किए बिना केवल मन के लड्डू खाने से कोई धनवान नहीं बन जाता।
207
मन मारना
अपनी स्वाभाविक इच्छाओं और उमंगों का दमन करना
प्रयोग: आर्थिक तंगी के कारण परिवार को मन मारकर जीना पड़ रहा है।
208
मन में चोर होना
मन में कोई दुर्भावना, पाप या कपट छिपा होना
प्रयोग: उसके मन में चोर था, इसीलिए वह पुलिस के सामने आँखें नहीं मिला पा रहा था।
209
मंत्रमुग्ध होना
पूरी तरह मोहित, आकर्षित या सम्मोहित हो जाना
प्रयोग: संगीतकार की मधुर बाँसुरी की धुन सुनकर सभी श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए।
210
मरहम लगाना
दुःख और कष्ट में सांत्वना, राहत या सहायता देना
प्रयोग: आपदा के समय समाजसेवियों ने पीड़ितों के घावों पर मरहम लगाने का काम किया।
211
मस्तक ऊँचा होना
गर्व, सम्मान और गौरव से सिर उठना
प्रयोग: ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर खिलाड़ी ने पूरे देश का मस्तक ऊँचा कर दिया।
212
माथे पर शिकन न आना
घोर संकट या कठिनाई में भी शांत और अविचलित रहना
प्रयोग: भारी वित्तीय नुकसान के बाद भी धैर्यवान व्यापारी के माथे पर शिकन तक नहीं आई।
213
माथा ठनकना
किसी अनिष्ट या खतरे का पहले ही आभास या संदेह होना
प्रयोग: तिजोरी का ताला खुला देखकर गृहस्वामी का माथा ठनका।
214
माथा पच्ची करना
कठिन समस्या को सुलझाने में अत्यधिक दिमाग लगाना
प्रयोग: घंटों माथा पच्ची करने के बाद आखिरकार गणित का वह जटिल प्रश्न हल हो सका।
215
मिट्टी का माधो
निपट मूर्ख, जड़बुद्धि या अकर्मण्य व्यक्ति
प्रयोग: वह तो मिट्टी का माधो है, उसे चाहे जो कहो वह कोई प्रतिक्रिया नहीं देता।
216
मिट्टी में मिलना
पूरी तरह बर्बाद या नष्ट हो जाना
प्रयोग: गलत आदतों और जुए के कारण उसके कुल की सारी मान-प्रतिष्ठा मिट्टी में मिल गई।
217
मिट्टी पलीद करना
घोर दुर्दशा, अपमान या फजीहत करना
प्रयोग: समारोह में अभद्र आचरण करके उसने पूरे परिवार की मिट्टी पलीद कर दी।
218
मीठी छुरी चलाना
ऊपर से मधुर बातें करके भीतर से गहरा विश्वासघात करना
प्रयोग: उस चापलूस से सावधान रहना, वह मीठी छुरी चलाने में बहुत माहिर है।
219
मुट्ठी गर्म करना
रिश्वत या घूस देना
प्रयोग: आजकल बिना मुट्ठी गर्म किए दफ्तरों में फाइलें आगे नहीं बढ़तीं।
220
मुँह की खाना
बुरी तरह पराजित या लज्जित होना
प्रयोग: युद्धभूमि में भारतीय शूरवीरों के सामने शत्रु सेना को मुँह की खानी पड़ी।
221
मुँह ताकना
दूसरों के सहारे रहना या लाचारी से देखना
प्रयोग: आत्मनिर्भर बनो, छोटी-छोटी आवश्यकताओं के लिए दूसरों का मुँह ताकना छोड़ो।
222
मुँह पर ताला लगना
पूरी तरह मौन हो जाना या बोलने से रोक दिया जाना
प्रयोग: सच्चाई सामने आते ही झूठे आरोप लगाने वालों के मुँह पर ताला लग गया।
223
मुँहतोड़ जवाब देना
करारा, निर्णायक और अकाट्य प्रतिउत्तर देना
प्रयोग: भारतीय सेना ने सीमा पर शत्रु की गोलाबारी का मुँहतोड़ जवाब दिया।
224
मेंढकी को जुकाम होना
तुच्छ या असमर्थ व्यक्ति का नखरे दिखाना या बड़ा दावा करना
प्रयोग: छोटा सा काम करने में भी वह नखरे दिखा रहा है, यह तो मेंढकी को जुकाम होने जैसा है।
225
मैदान मारना
प्रतियोगिता या मुकाबले में शानदार विजय प्राप्त करना
प्रयोग: कड़े मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम ने अंतिम क्षणों में मैदान मार लिया।
226
मैदान छोड़ना
कायरतापूर्वक हार मानकर भाग जाना
प्रयोग: वीर सैनिक कभी मैदान नहीं छोड़ते, वे अंतिम साँस तक मुकाबला करते हैं।
227
मौत के घाट उतारना
पूरी तरह मार डालना या समाप्त कर देना
प्रयोग: सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में दुर्दांत आतंकवादियों को मौत के घाट उतार दिया।
228
मुहर लगना
पुष्टि या अंतिम रूप से आधिकारिक स्वीकृति मिलना
प्रयोग: संसद की स्वीकृति मिलते ही नए कानून पर राष्ट्रपति की मुहर लग गई।
229
मन डोलना
प्रलोभन या लालच में आकर संकल्प से विचलित होना
प्रयोग: रिश्वत के करोड़ों रुपये देखकर कमजोर ईमान वाले अधिकारी का मन डोल गया।
230
मन की मन में रहना
इच्छा या अभिलाषा अधूरी रह जाना
प्रयोग: अचानक परीक्षा स्थगित होने से छात्र की तैयारी की बात मन की मन में ही रह गई।
231
मुँह लटकाना
उदास, खिन्न या लज्जित होकर बैठना
प्रयोग: परीक्षा में कम अंक आने पर छात्र मुँह लटकाकर बैठ गया।
232
मुँह में राम बगल में छुरी
ऊपर से साधुता का ढोंग पर भीतर से गहरा कपट होना
प्रयोग: उस धूर्त व्यक्ति की मीठी बातों पर मत जाओ, वह मुँह में राम बगल में छुरी रखता है।
233
मखमली जूते मारना
मीठी और शिष्ट बातों में गहरा व्यंग्य या अपमान करना
प्रयोग: विद्वान वक्ता ने अपने शालीन भाषण से भ्रष्ट तंत्र पर मखमली जूते मारे।
234
मोती पिरोना
अत्यंत सुंदर और सुरुचिपूर्ण लिखावट लिखना
प्रयोग: उसकी हस्तलिपि इतनी सुंदर है मानो कागज पर मोती पिरो दिए गए हों।
235
मलाई खाना
बिना परिश्रम के सबसे बड़ा लाभ या मलाई हड़प लेना
प्रयोग: किसान दिन भर पसीना बहाते हैं और बिचौलिए बिना मेहनत के मलाई खाते हैं।
236
मखमल में टाट का पैबंद
अत्यंत बेमेल, असंगत और भद्दा मेल होना
प्रयोग: शानदार रेशमी कुर्ते पर खुरदरे सूती कपड़े का जोड़ मखमल में टाट का पैबंद लग रहा था।
237
मन में समाना
अत्यधिक प्रिय लगना या हृदय में बस जाना
प्रयोग: प्रकृति का अनुपम सौंदर्य हर पर्यटक के मन में समा जाता है।
238
मन मैला करना
किसी के प्रति द्वेष या दुर्भावना रखना
प्रयोग: छोटी-छोटी बातों पर अपनों से मन मैला नहीं करना चाहिए।
239
मन बहलाना
मनोरंजन या दिल बहलाना
प्रयोग: थकान दूर करने के लिए वह शाम को संगीत सुनकर मन बहलाता है।
240
मरे को मारना
पहले से ही दुखी और असहाय व्यक्ति पर और अत्याचार करना
प्रयोग: दिवालिया हो चुके गरीब को ताने मारना मरे को मारने जैसा है।
241
मस्तक झुकना
शर्मिंदगी या पराजय स्वीकार करना
प्रयोग: कुकर्मों का भंडाफोड़ होते ही समाज के सामने उसका मस्तक झुक गया।
242
मान रखना
मर्यादा, प्रतिष्ठा या वचन का सम्मान करना
प्रयोग: उसने संकट में अपने मित्र की सहायता करके मित्रता का मान रख लिया।
243
मुट्ठी में होना
पूरी तरह वश, नियंत्रण या प्रभाव में होना
प्रयोग: अपनी बुद्धिमत्ता और सेवाभाव से उसने पूरे विभाग को अपनी मुट्ठी में कर लिया।
244
मुँह छिपाना
शर्मिंदगी के कारण लोगों के सामने न आना
प्रयोग: घोटाले में पकड़े जाने के बाद भ्रष्ट नेता समाज से मुँह छिपाता फिर रहा है।
245
मुँह में पानी आना
स्वादिष्ट भोजन देखकर ललचा जाना
प्रयोग: गरमा-गरम मिठाइयाँ देखकर बच्चे के मुँह में पानी आ गया।
246
मुँह मोड़ना
उपेक्षा करना या सहायता करने से इनकार करना
प्रयोग: संकट के समय सच्चे मित्र कभी अपने साथियों से मुँह नहीं मोड़ते।
247
मैदान में उतरना
मुकाबले या संघर्ष के लिए सीधे तैयार होकर आना
प्रयोग: अन्याय के विरुद्ध जनता अब सीधे मैदान में उतर आई है।
248
मौत सिर पर खेलना
मृत्यु के अत्यंत सन्निकट गंभीर खतरे में होना
प्रयोग: तूफानी समंदर में नाव चलाते समय नाविकों की मौत सिर पर खेल रही थी।
249
मुँह से फूल झड़ना
अत्यंत शिष्ट, शालीन और मनभावन बातें बोलना
प्रयोग: उस सज्जन पुरुष के मुँह से सदा ज्ञान और प्रेम के फूल झड़ते हैं।
250
मिट्टी का पुतला
नश्वर और क्षणभंगुर मानव शरीर
प्रयोग: यह शरीर तो मिट्टी का पुतला है, अंततः इसे इसी मिट्टी में विलीन होना है।
