॥ श्रीसरस्वत्यै नमः • डिजिटल ग्रन्थालय ॥
'च' वर्ग (च, छ, ज, झ) से प्रारम्भ होने वाले मुहावरे
सम्पूर्ण संकलन • प्रामाणिक अर्थ • सटीक वाक्य-प्रयोग
क्र.
मुहावरा
मुहावरे का अर्थ
वाक्य प्रयोग
01
चाँद पर थूकना
किसी निष्कलंक या महान व्यक्ति पर व्यर्थ लांछन लगाना
प्रयोग: त्यागी और तपस्वी महापुरुषों के चरित्र पर उंगली उठाना चाँद पर थूकने के समान है।
02
चंडूखाने की गप
निराधार और मनगढ़ंत झूठी बातें
प्रयोग: उसकी बातों का कोई सिर-पैर नहीं होता, वह केवल चंडूखाने की गप हाँकता रहता है।
03
चंपत होना
भाग जाना या नौ-दो ग्यारह होना
प्रयोग: मकान मालिक को आते देख किराएदार पिछले दरवाजे से चंपत हो गया।
04
चकमा देना
धोखा देकर बच निकलना
प्रयोग: शातिर अपराधी पुलिसकर्मियों को चकमा देकर हथकड़ी सहित फरार हो गया।
05
चंडाल चौकड़ी
दुष्ट या उत्पाती लोगों का समूह
प्रयोग: मोहल्ले में रहने वाली चंडाल चौकड़ी ने सबका जीना दूभर कर रखा है।
06
चमड़ी जाए पर दमड़ी न जाए
अत्यधिक कंजूस होना (कष्ट सहकर भी धन बचाना)
प्रयोग: सेठ जी बीमार होने पर भी दवा नहीं खरीदते, उनका नियम है कि चमड़ी जाए पर दमड़ी न जाए।
07
चाँदी काटना
खूब धन और लाभ कमाना
प्रयोग: त्योहारों के मौसम में मिठाई व्यापारियों ने जमकर चाँदी काटी।
08
चाँदी का जूता मारना
रिश्वत देकर काम कराना
प्रयोग: आज के भ्रष्ट तंत्र में योग्यता की जगह लोग चाँदी का जूता मारकर पद हासिल कर लेते हैं।
09
चार चाँद लगना
शोभा या प्रतिष्ठा में अत्यधिक वृद्धि होना
प्रयोग: मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध विद्वान के पधारने से समारोह में चार चाँद लग गए।
10
चार दिन की चाँदनी
थोड़े समय का सुख या वैभव
प्रयोग: सांसारिक सुख तो चार दिन की चाँदनी है, अंततः सत्य केवल ईश्वरीय चिंतन है।
11
चिकना घड़ा होना
निर्लज्ज होना जिस पर किसी उपदेश का असर न हो
प्रयोग: उसे कितनी भी डांट पड़े वह नहीं सुधरता, वह तो साक्षात चिकना घड़ा हो चुका है।
12
चिराग तले अंधेरा
पास की बुराई न दिखाई देना या ज्ञानी के पास अज्ञान होना
प्रयोग: न्यायाधीश महोदय का अपना ही बेटा अपराध में लिप्त पाया गया, इसे कहते हैं चिराग तले अंधेरा।
13
चिराग लेकर ढूँढना
अत्यंत दुर्लभ या खोजने पर भी न मिलना
प्रयोग: आज के युग में ऐसा कर्तव्यनिष्ठ और ईमानदार कर्मचारी चिराग लेकर ढूँढने पर भी नहीं मिलेगा।
14
चींटी के पर निकलना
विनाश के निकट आकर औकात से बढ़कर काम करना
प्रयोग: साधारण नौकर होकर मालिक पर रौब झाड़ रहे हो, लगता है तुम्हारे पर निकल आए हैं।
15
चूड़ियाँ पहनना
कायरता दिखाना या असहाय बन जाना
प्रयोग: अन्याय होते देखकर चुपचाप बैठना चूड़ियाँ पहनने के समान है।
16
चूना लगाना
धोखा देकर धन हड़पना या नुकसान करना
प्रयोग: साझेदार ने नकली कागजात बनाकर व्यापार में मुझे लाखों का चूना लगा दिया।
17
चूलें ढीली होना
अंग-अंग शिथिल होना या व्यवस्था चरमरा जाना
प्रयोग: पहाड़ की खड़ी चढ़ाई चढ़ते-चढ़ते पर्यटकों की चूलें ढीली हो गईं।
18
चेहरे पर हवाइयाँ उड़ना
अत्यधिक भयभीत या घबरा जाना
प्रयोग: थानेदार को सामने खड़ा देखकर चोर के चेहरे पर हवाइयाँ उड़ने लगीं।
19
चैन की बंसी बजाना
निश्चिंत होकर सुखपूर्वक जीवन बिताना
प्रयोग: सभी संतानों के आत्मनिर्भर हो जाने के बाद अब वृद्ध माता-पिता चैन की बंसी बजा रहे हैं।
20
चोली-दामन का साथ
अत्यंत घनिष्ठ और अभिन्न संबंध होना
प्रयोग: परिश्रम और सफलता का आपस में चोली-दामन का साथ होता है।
21
चप्पा-चप्पा छान मारना
हर जगह बारीकी से तलाश करना
प्रयोग: पुलिस ने लापता बच्चे को ढूँढने के लिए पूरे जंगल का चप्पा-चप्पा छान मारा।
22
चादर देखकर पाँव फैलाना
अपनी आय और सामर्थ्य के अनुसार व्यय करना
प्रयोग: कर्ज के बोझ से बचना चाहते हो तो हमेशा चादर देखकर पाँव फैलाया करो।
23
चार आँखें होना
आमना-सामना होना या प्रेम होना
प्रयोग: भीड़ भरे बाजार में अचानक पुराने मित्र से चार आँखें हुईं तो दोनों गले लग गए।
24
चुटकी लेना
हँसी उड़ाना या व्यंग्य कसना
प्रयोग: वह जब भी सभा में आता है, किसी न किसी की चुटकी लेने से बाज नहीं आता।
25
चुल्लू भर पानी में डूब मरना
अत्यधिक लज्जित होना (गहरी शर्मिंदगी महसूस करना)
प्रयोग: इतनी उम्र में भी माता-पिता की कमाई पर पलते हो, तुम्हें तो चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए।
26
चकनाचूर होना
पूरी तरह टूट जाना या नष्ट होना
प्रयोग: परीक्षा में अनुत्तीर्ण होने से उसके डॉक्टर बनने के सारे सपने चकनाचूर हो गए।
27
चक्के छुड़ाना
बुरी तरह पराजित करना या हिम्मत पस्त करना
प्रयोग: भारतीय क्रिकेट टीम ने आक्रामक खेल से विरोधी टीम के चक्के छुड़ा दिए।
28
चने के झाड़ पर चढ़ाना
झूठी प्रशंसा करके किसी को बहकाना या फुलाना
प्रयोग: चापलूस मित्रों ने उसे चने के झाड़ पर चढ़ाकर उसका सारा धन खर्च करवा दिया।
29
चलती गाड़ी में रोड़ा अटकाना
सुचारु रूप से चल रहे कार्य में अनावश्यक विघ्न डालना
प्रयोग: परियोजना पूरी होने वाली थी कि विपक्षियों ने चलती गाड़ी में रोड़ा अटका दिया।
30
चलता पुर्जा होना
अत्यधिक चालाक और चतुर व्यक्ति होना
प्रयोग: उससे व्यापारिक लेनदेन में सावधान रहना, वह बहुत चलता पुर्जा है।
31
चल बसना
मृत्यु हो जाना
प्रयोग: लंबी बीमारी के बाद कल रात गाँव के वयोवृद्ध प्रधान जी चल बसे।
32
चारपाई पकड़ना
अत्यधिक बीमार होकर बिस्तर पर पड़ जाना
प्रयोग: भीषण बुखार के कारण रमेश ने पिछले एक पखवाड़े से चारपाई पकड़ रखी है।
33
चित्त से उतरना
आदर या प्रेम भाव का समाप्त हो जाना
प्रयोग: झूठ और धोखेबाजी के कारण वह सदा के लिए मेरे चित्त से उतर गया।
34
चिनगारी सुलगाना
विवाद या झगड़े को हवा देना
प्रयोग: दोनों पक्षों में सुलह होने ही वाली थी कि उपद्रवियों ने चिनगारी सुलगा दी।
35
चोटी का पसीना एड़ी तक आना
चरम सीमा तक कठोर परिश्रम करना
प्रयोग: आईएएस परीक्षा में प्रथम स्थान पाने के लिए उसका चोटी का पसीना एड़ी तक आ गया।
36
चौखट न लाँघना
घर की मर्यादा में रहना या बाहर न निकलना
प्रयोग: प्राचीन काल में कुलवधू अपने घर की चौखट कभी नहीं लाँघती थी।
37
चाँद का टुकड़ा होना
अत्यंत सुंदर और आकर्षक होना
प्रयोग: उस नन्हे और रूपवान बालक को देखकर सब कहते हैं कि वह चाँद का टुकड़ा है।
38
चींटी की चाल चलना
अत्यंत धीमी गति से कार्य करना
प्रयोग: यदि चींटी की चाल चलोगे तो निश्चित समय पर पाठ्यक्रम कभी पूरा नहीं होगा।
39
चेहरा खिलना
अत्यधिक प्रसन्न होना
प्रयोग: मनचाहा परिणाम आते ही विद्यार्थी का चेहरा खिल उठा।
40
चेहरा उतरना
उदास या लज्जित होना
प्रयोग: चोरी का भंडाफोड़ होते ही दोषी कर्मचारी का चेहरा उतर गया।
41
चौदहवीं का चाँद होना
अद्वितीय और अनुपम सौंदर्य वाला होना
प्रयोग: विवाह के परिधान में राजकुमारी मानो चौदहवीं का चाँद लग रही थी।
42
चटनी बनाना
अत्यधिक पीटना या कुचल देना
प्रयोग: मोहल्ले के लोगों ने मिलकर जेबकतरे की चटनी बना दी।
43
चबा-चबाकर बात करना
रुक-रुक कर या नखरे के साथ बोलना
प्रयोग: सीधी बात कहने के बजाय वह हर बात चबा-चबाकर बोलता है।
44
चरण चूमना
अत्यधिक आदर-सत्कार या भक्ति प्रकट करना
प्रयोग: विजयी होकर लौटे वीर सैनिक के सम्मान में देशवासियों ने उसके चरण चूम लिए।
45
चट कर जाना
सब कुछ खा जाना या शीघ्रता से समाप्त कर देना
प्रयोग: भूखे बालक ने देखते ही देखते थाली की सारी मिठाई चट कर दी।
46
चक्रव्यूह में फँसना
ऐसी जटिल मुसीबत में पड़ना जिससे निकलना कठिन हो
प्रयोग: कर्ज और झूठे मुकदमों के कारण वह कानूनी चक्रव्यूह में फँस गया।
47
चकमक होना
चमक उठना या क्रोध से आँखें लाल होना
प्रयोग: अपमान सुनते ही योद्धा की आँखें क्रोध से चकमक हो उठीं।
48
चूक जाना
अवसर खो देना
प्रयोग: यदि इस बार मौका चूक गए तो दोबारा ऐसा स्वर्णिम अवसर नहीं मिलेगा।
49
चीर हरण करना
सरेआम मान-मर्यादा या लज्जा भंग करना
प्रयोग: कौरवों की राजसभा में दुःशासन द्वारा द्रौपदी का चीर हरण महाविनाश का कारण बना।
50
चौपड़ बैठना
सर्वनाश होना या सब कुछ उजड़ जाना
प्रयोग: व्यापार में भारी आगजनी के बाद सेठ जी की तो चौपड़ ही बैठ गई।
51
चूस लेना
पूरी तरह शोषण करना या शक्तिहीन कर देना
प्रयोग: जमींदारों ने ब्याज के नाम पर गरीब किसानों का खून चूस लिया।
52
चारों खाने चित होना
पूरी तरह परास्त या असहाय होना
प्रयोग: कुश्ती के अखाड़े में भारतीय पहलवान के दाँव के आगे विदेशी पहलवान चारों खाने चित हो गया।
53
चमत्कार दिखाना
अद्भुत या अविश्वसनीय कार्य कर दिखाना
प्रयोग: वैज्ञानिकों ने कम लागत में अंतरिक्ष अभियान सफल बनाकर चमत्कार दिखा दिया।
54
चरणों की धूल होना
स्वयं को अत्यंत तुच्छ या विनम्र मानना
प्रयोग: शिष्य ने गुरु से कहा कि ज्ञान के मामले में मैं तो आपके चरणों की धूल भी नहीं हूँ।
55
चरका देना
धोखा या नुकसान पहुँचाना
प्रयोग: उस जालसाज ने फर्जी जमीन का बैनामा करके सीधे-सादे किसान को अच्छा चरका दिया।
56
चाव न रहना
उत्साह या रुचि समाप्त हो जाना
प्रयोग: निरंतर असफलताओं के कारण अब उसका पढ़ाई में कोई चाव नहीं रहा।
57
चित्त पर चढ़ना
मन में गहराई से बस जाना
प्रयोग: संत कबीर के अनमोल उपदेश श्रोताओं के चित्त पर चढ़ गए।
58
चीथड़े उड़ना
टुकड़े-टुकड़े हो जाना या धज्जियाँ उड़ना
प्रयोग: बम विस्फोट में वाहन के चीथड़े उड़ गए।
59
चिंता की चिता
अत्यधिक मानसिक तनाव जो जीवन को क्षीण करे
प्रयोग: कहा गया है कि चिंता चिता के समान होती है जो मनुष्य को भीतर से जलाती है।
60
चौंक पड़ना
अचानक आश्चर्यचकित या भयभीत हो जाना
प्रयोग: सन्नाटे में अचानक सायरन की आवाज सुनकर सभी लोग चौंक पड़े।
61
चश्मा चढ़ना
दृष्टि कमजोर होना / पूर्वाग्रह से ग्रसित होना
प्रयोग: उसे हर बात में स्वार्थ ही दिखता है, लगता है उसकी आँखों पर संदेह का चश्मा चढ़ गया है।
62
चक्कर काटना
काम कराने के लिए बार-बार फेरे लगाना
प्रयोग: पेंशन स्वीकृत कराने के लिए वृद्ध को महीनों सरकारी दफ्तर के चक्कर काटने पड़े।
63
चाटुकारिता करना
अत्यधिक झूठी खुशामद करना
प्रयोग: स्वाभिमानी व्यक्ति कभी अधिकारियों की चाटुकारिता नहीं करता।
64
चल निकलना
व्यापार या काम में तेजी से उन्नति होना
प्रयोग: कड़ी मेहनत के बाद आखिरकार उसका नया रेस्टोरेंट चल निकला।
65
चौड़ा होना
अहंकार या गर्व से इतराना
प्रयोग: लॉटरी क्या लग गई, वह तो मोहल्ले में चौड़ा होकर घूमने लगा है।
66
चाबुक चलाना
सख्ती या कठोर नियंत्रण लागू करना
प्रयोग: नए जिलाधिकारी ने भ्रष्ट कर्मचारियों पर नियमों का चाबुक चला दिया।
67
चित्त प्रसन्न होना
मन अत्यंत प्रफुल्लित होना
प्रयोग: प्राकृतिक सौंदर्य और हरियाली देखकर चित्त प्रसन्न हो जाता है।
68
चाल चलना
षड्यंत्र या कूटनीतिक चाल रचना
प्रयोग: शकुनि ने पांडवों को नष्ट करने के लिए पाँसों की कुटिल चाल चली।
69
चख-चख करना
व्यर्थ का वाद-विवाद या बकझक करना
प्रयोग: छोटी-छोटी बातों पर दिन भर चख-चख करने से घर की शांति भंग होती है।
70
चमका देना
सुधार कर उत्कृष्ट बना देना / डांट लगाना
प्रयोग: शिक्षक ने अपने कुशल मार्गदर्शन से साधारण छात्र की प्रतिभा को चमका दिया।
71
छठी का दूध याद आना
अत्यधिक भारी संकट या घोर कष्ट में पड़ना
प्रयोग: पर्वतारोहण के दुर्गम मार्ग पर भारी तूफान में फँसने से पर्वतारोहियों को छठी का दूध याद आ गया।
72
छक्के छूटना
हिम्मत पस्त होना या होश उड़ जाना
प्रयोग: कठिन प्रश्न-पत्र देखकर परीक्षा भवन में विद्यार्थियों के छक्के छूट गए।
73
छक्के छुड़ाना
शत्रु को बुरी तरह परास्त करना
प्रयोग: 1971 के युद्ध में भारतीय सेना ने दुश्मन सेना के छक्के छुड़ा दिए थे।
74
छत्तीस का आँकड़ा होना
कट्टर शत्रुता या परस्पर घोर विरोध होना
प्रयोग: पुरानी पारिवारिक रंजिश के चलते उन दोनों भाइयों के बीच छत्तीस का आँकड़ा है।
75
छप्पर फाड़ कर देना
ईश्वर द्वारा अनायास और प्रचुर मात्रा में धन-सम्पदा देना
प्रयोग: ईश्वर जब भी किसी निर्धन पर कृपा करता है, तो छप्पर फाड़ कर देता है।
76
छाती पर मूँग दलना
पास रहकर जान-बूझकर कष्ट या तनाव देना
प्रयोग: निकम्मा बेटा दिन भर घर में बैठकर अपने वृद्ध पिता की छाती पर मूँग दलता है।
77
छाती पर साँप लोटना
ईर्ष्या और डाह से जलना
प्रयोग: पड़ोसी की नई गाड़ी देखकर ईर्ष्यालु व्यक्ति की छाती पर साँप लोटने लगा।
78
छाती पर पत्थर रखना
अत्यंत धैर्यपूर्वक हृदय के भारी दुःख को सहना
प्रयोग: इकलौते बेटे को सीमा पर युद्ध में भेजते समय माँ ने अपनी छाती पर पत्थर रख लिया।
79
छाती पीटना
अत्यधिक विलाप या गहरा शोक प्रकट करना
प्रयोग: भूकंप में घर-बार तबाह हो जाने पर बेसहारा लोग छाती पीट-पीटकर रोने लगे।
80
छाती फटना
असह्य दुःख या वेदना होना
प्रयोग: अनाथ बच्चों की दीन दशा देखकर दयालु व्यक्ति की छाती फट गई।
81
छाती फूलना
गर्व या अभिमान से हृदय प्रफुल्लित होना
प्रयोग: बेटे को स्वर्ण पदक मिलते देखकर पिता की छाती गर्व से फूल गई।
82
छाती से लगाना
अत्यधिक स्नेह और प्यार से आलिंगन करना
प्रयोग: बरसों बाद विदेश से लौटे पुत्र को देखते ही माँ ने छाती से लगा लिया।
83
छींटाकशी करना
व्यंग्य कसना या ताने मारना
प्रयोग: सभ्य समाज में किसी के पहनावे या रूप-रंग पर छींटाकशी करना अपराध है।
84
छूमंतर होना
गायब हो जाना या तुरंत भाग जाना
प्रयोग: दवा की एक खुराक लेते ही उसका सारा सिरदर्द छूमंतर हो गया।
85
छोटे मुँह बड़ी बात
अपनी योग्यता व मर्यादा से बढ़कर बोलना
प्रयोग: वरिष्ठ अधिकारियों के निर्णय पर टिप्पणी करना मेरे लिए छोटे मुँह बड़ी बात होगी।
86
छाया न छूने देना
पास न फटकने देना या पूरी तरह दूरी बनाए रखना
प्रयोग: सज्जन पुरुष दुर्जनों और अपराधियों को अपनी छाया भी नहीं छूने देते।
87
छार-छार होना
पूरी तरह जलकर भस्म या नष्ट होना
प्रयोग: भीषण दावानल में वन संपदा छार-छार हो गई।
88
छिद्रान्वेषण करना
दूसरों में केवल दोष या गलतियाँ ही खोजना
प्रयोग: कुछ लोगों का स्वभाव ही दूसरों के कार्यों में छिद्रान्वेषण करने का होता है।
89
छींका टूटना
अचानक और अप्रत्याशित रूप से बड़ा लाभ होना
प्रयोग: बिना प्रयास के ही उसे उच्च पद मिल गया, मानो बिल्ली के भागों छींका टूट पड़ा।
90
छुपे रुस्तम होना
अप्रत्यक्ष रूप से असाधारण योग्यता रखने वाला व्यक्ति
प्रयोग: शांत दिखने वाले छात्र ने राज्य में पहला स्थान पाकर साबित कर दिया कि वह छुपे रुस्तम है।
91
छलनी कर देना
गोलियों या कटु वचनों से छलनी/जर्जर करना
प्रयोग: सैनिकों ने सीमा पर घुसपैठ कर रहे आतंकियों के सीने को गोलियों से छलनी कर दिया।
92
छाछ भी फूँक-फूँककर पीना
एक बार धोखा खाकर अत्यधिक सावधान रहना
प्रयोग: व्यापार में भारी घाटे के बाद अब वह छाछ भी फूँक-फूँककर पीता है।
93
छीछालेदर होना
सार्वजनिक रूप से घोर दुर्दशा या फजीहत होना
प्रयोग: विवाह समारोह में भोजन कम पड़ने से आयोजकों की भारी छीछालेदर हो गई।
94
छाती ठोक कर कहना
पूर्ण विश्वास और निर्भीकता के साथ दावा करना
प्रयोग: मैं छाती ठोक कर कह सकता हूँ कि मेरे उत्पाद की गुणवत्ता सबसे श्रेष्ठ है।
95
छुट्टी पाना
झंझट या मुसीबत से मुक्ति पाना
प्रयोग: पुराना कर्ज चुकता करने के बाद उसने साहूकार के तगादों से छुट्टी पाई।
96
छिन्न-भिन्न होना
पूरी तरह बिखर या नष्ट हो जाना
प्रयोग: आपसी फूट के कारण एक विशाल और संगठित साम्राज्य छिन्न-भिन्न हो गया।
97
छुरी चलाना
कठोर आघात करना या भारी नुकसान करना
प्रयोग: मुनाफाखोर व्यापारी संकट के समय मनमाने दाम वसूलकर ग्राहकों की जेब पर छुरी चला रहे हैं।
98
छूटे साँड की तरह घूमना
बिना किसी रोक-टोक या अनुशासनहीन होकर घूमना
प्रयोग: पढ़ाई-लिखाई छोड़कर आवारा लड़के छूटे साँड की तरह सड़कों पर घूमते रहते हैं।
99
छाती गदगद होना
अत्यधिक हर्ष और आनंद से भर जाना
प्रयोग: पुत्र की अभूतपूर्व सफलता का समाचार सुनकर माता-पिता की छाती गदगद हो गई।
100
छिपकर वार करना
कायरतापूर्ण तरीके से कपटपूर्वक आक्रमण करना
प्रयोग: कायर शत्रु सदा सामने से लड़ने के बजाय पीठ पीछे छिपकर वार करता है।
101
छाती धड़कना
भय या आशंका से व्याकुल होना
प्रयोग: परीक्षा परिणाम घोषित होने से पूर्व सभी परीक्षार्थियों की छाती धड़क रही थी।
102
छाया तक न पड़ना
बिल्कुल संपर्क न रखना या पूरी तरह दूर रहना
प्रयोग: मैं ऐसे भ्रष्ट लोगों के पास अपनी छाया तक नहीं पड़ने देता।
103
छोटो को सिर चढ़ाना
अनावश्यक लाड़-प्यार देकर बिगाड़ देना
प्रयोग: बच्चों को इतना सिर मत चढ़ाओ कि वे बड़ों का आदर करना ही भूल जाएँ।
104
छप्पर पर फूस न होना
अत्यंत निर्धन या दरिद्र होना
प्रयोग: उसके छप्पर पर फूस नहीं है, फिर भी वह राजाओं जैसा ठाठ दिखाने का ढोंग करता है।
105
छेद निकालना
कमियाँ या खोट तलाशना
प्रयोग: दूसरों के अच्छे काम में भी छेद निकालना निंदकों की पुरानी आदत है।
106
छूट मिलना
स्वतंत्रता या ढील प्राप्त होना
प्रयोग: माता-पिता से अधिक छूट मिलने पर अक्सर बच्चे अनुशासनहीन हो जाते हैं।
107
छल-कपट जानना
धोखेबाजी की कला में निपुण होना
प्रयोग: सीधा-सादा किसान धूर्त मुनीम के छल-कपट को समझ न सका।
108
छाप छोड़ना
गहरा और स्थायी प्रभाव डालना
प्रयोग: स्वामी विवेकानंद ने अपने ओजस्वी भाषण से विश्व पटल पर भारत की अमिट छाप छोड़ी।
109
छाती पर हाथ रखना
ईमानदारी और अंतरात्मा से विचार करना
प्रयोग: अपनी छाती पर हाथ रखकर बताओ कि क्या तुमने इस मामले में न्याय किया है?
110
छोड़ बैठना
त्याग देना या हाथ धो बैठना
प्रयोग: क्रोध के आवेश में आकर वह अपनी वर्षों पुरानी अच्छी नौकरी छोड़ बैठा।
111
जमीन पर पैर न पड़ना
अत्यधिक घमंड होना या खुशी से झूमना
प्रयोग: उच्च पद पर चयन होते ही उस अहंकारी युवक के जमीन पर पैर नहीं पड़ रहे हैं।
112
जमीन-आसमान एक करना
कठिन से कठिन हर संभव प्रयास कर डालना
प्रयोग: परीक्षा में सर्वोच्च अंक पाने के लिए उसने जमीन-आसमान एक कर दिया।
113
जमीन-आसमान का अंतर होना
अत्यधिक भारी भिन्नता या अंतर होना
प्रयोग: दोनों भाइयों के स्वभाव और चरित्र में जमीन-आसमान का अंतर है।
114
जमीन में गड़ जाना
अत्यधिक लज्जित या शर्मसार होना
प्रयोग: भरी सभा में चोरी का राज खुलते ही वह शर्म से जमीन में गड़ गया।
115
जहर उगलना
अत्यंत कटु, द्वेषपूर्ण और अपमानजनक बातें बोलना
प्रयोग: समाज में शांति बिगाड़ने के लिए कुछ असामाजिक तत्व भाषणों में जहर उगलते हैं।
116
जहर का घूँट पीना
विवश होकर भारी अपमान या कटु बात चुपचाप सहना
प्रयोग: नौकरी बचाने के लिए सज्जन कर्मचारी अधिकारी के दुर्व्यवहार का जहर का घूँट पीकर रह गया।
117
जान पर खेलना
अपने जीवन की परवाह किए बिना साहसिक काम करना
प्रयोग: सैनिकों ने जान पर खेलकर बाढ़ में फँसे नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला।
118
जान हथेली पर रखना
मृत्यु से न डरते हुए सदा तैयार रहना
प्रयोग: देश के वीर रक्षक सीमा पर सदा अपनी जान हथेली पर रखकर तैनात रहते हैं।
119
जान में जान आना
संकट टलने पर राहत या तसल्ली मिलना
प्रयोग: खोए हुए बालक के सकुशल घर लौटने पर माता-पिता की जान में जान आई।
120
जान के लाले पड़ना
प्राण संकट में पड़ जाना
प्रयोग: नाव के भँवर में फँसते ही सभी मुसाफिरों की जान के लाले पड़ गए।
121
जान छिड़कना
अत्यधिक प्रेम और समर्पण रखना
प्रयोग: माता-पिता अपनी संतान की खुशी और उन्नति पर अपनी जान छिड़कते हैं।
122
जी चुराना
परिश्रम या काम करने से कतराना
प्रयोग: जो विद्यार्थी परिश्रम से जी चुराते हैं, वे जीवन में कभी सफल नहीं होते।
123
जी खट्टा होना
मन विरक्त या खिन्न हो जाना
प्रयोग: मित्र के लगातार विश्वासघात से अब मेरा दोस्ती से जी खट्टा हो गया है।
124
जी तोड़ मेहनत करना
चरम सीमा तक अथक प्रयास करना
प्रयोग: किसान फसल अच्छी पैदा करने के लिए खेतों में जी तोड़ मेहनत करता है।
125
जीती मक्खी निगलना
जान-बूझकर अनुचित या बेईमानी का काम करना
प्रयोग: सत्य जानते हुए भी झूठी गवाही देना जीती मक्खी निगलने के समान है।
126
जूते चाटना
अत्यधिक नीच स्तर की खुशामद करना
प्रयोग: स्वार्थी लोग पद पाने के लिए नेताओं के जूते चाटने को भी तैयार रहते हैं।
127
जूतियाँ चटकाते फिरना
बेरोजगार होकर दर-दर व्यर्थ भटकना
प्रयोग: डिग्री लेने के बाद भी आजकल के युवा नौकरी के लिए जूतियाँ चटकाते फिरते हैं।
128
जूतियों में दाल बँटना
आपस में भयंकर कलह, झगड़ा या अनबन होना
प्रयोग: पिता की मृत्यु के बाद संपत्ति को लेकर भाइयों की जूतियों में दाल बँटने लगी।
129
जेब गर्म करना
रिश्वत देना या लेना
प्रयोग: बाबू की जेब गर्म किए बिना फाइल एक मेज से दूसरी मेज पर नहीं खिसकती।
130
जेब ढीली होना
अत्यधिक धन खर्च होना
प्रयोग: महानगर में बच्चों की उच्च शिक्षा में अभिभावकों की अच्छी-खासी जेब ढीली हो जाती है।
131
जलती आग में घी डालना
झगड़े या क्रोध को और अधिक भड़काना
प्रयोग: दोनों पक्षों के विवाद में पुरानी बातें छेड़कर उसने जलती आग में घी डाल दिया।
132
जड़ काटना
समूल नष्ट करने का गुप्त प्रयास करना
प्रयोग: वह सामने मित्र बनता है पर पीठ पीछे मेरी जड़ काटने में लगा रहता है।
133
जबान पर लगाम न होना
बिना सोचे-समझे अनियंत्रित और अभद्र बोलना
प्रयोग: उसकी जबान पर लगाम नहीं है, वह बड़ों के सामने भी अमर्यादित बोलता है।
134
जबान कैंची की तरह चलना
लगातार तेज और तीखे वचनों से बोलना
प्रयोग: क्रोध में उसकी जबान कैंची की तरह चलने लगती है।
135
जबान देना
प्रतिज्ञा करना या वचनबद्ध होना
प्रयोग: रघुकुल के वीरों की परंपरा है कि जबान देकर प्राण भले चले जाएँ पर वचन नहीं टूटता।
136
जबान पलटना
अपने दिए हुए वादे या वचन से मुकर जाना
प्रयोग: सज्जन पुरुष कभी जबान नहीं पलटते, केवल अवसरवादी लोग ही वादे तोड़ते हैं।
137
जली-कटी सुनाना
कटु और चुभने वाले ताने मारना
प्रयोग: देर से घर पहुँचने पर सास ने बहू को खूब जली-कटी सुनाई।
138
जल-भुनकर राख होना
अत्यधिक क्रोध या ईर्ष्या में पागल होना
प्रयोग: मेरी पदोन्नति की खबर सुनकर विरोधी जल-भुनकर राख हो गया।
139
जल बिन मछली होना
अत्यंत तड़पना या घोर व्याकुल होना
प्रयोग: पुत्र के वियोग में माता की दशा जल बिन मछली जैसी हो गई।
140
जहर लगना
अत्यंत अप्रिय या बुरा प्रतीत होना
प्रयोग: आलसी व्यक्ति को परिश्रम करने की सलाह भी जहर लगती है।
141
जामा से बाहर होना
क्रोध के कारण आपे से बाहर हो जाना
प्रयोग: झूठा आरोप लगते ही शांत स्वभाव का व्यक्ति भी अपने जामे से बाहर हो गया।
142
जी पसीजना
दया या करुणा से मन भर आना
प्रयोग: कड़ाके की ठंड में ठिठुरते भिखारी को देखकर धनी सेठ का भी जी पसीज गया।
143
जी का जंजाल होना
मुसीबत या गले का भारी फंदा बन जाना
प्रयोग: यह पुरानी और खराब गाड़ी मेरे लिए जी का जंजाल बन गई है।
144
जुबानी जमाखर्च करना
केवल मौखिक बातें करना पर वास्तव में कुछ न करना
प्रयोग: केवल जुबानी जमाखर्च करने से देश का विकास नहीं होता, ठोस कार्य करना पड़ता है।
145
जौहर दिखाना
अद्भुत पराक्रम, कौशल या योग्यता प्रदर्शित करना
प्रयोग: भारतीय जवानों ने युद्धभूमि में अपने अदम्य शौर्य का जौहर दिखाया।
146
जीते जी मर जाना
असह्य अपमान या दारुण दुःख में जीवन बिताना
प्रयोग: कुलघाती संतान के कुकर्मों के कारण वृद्ध माता-पिता जीते जी मर गए।
147
जड़ जमाना
स्थायी रूप से मजबूत स्थिति बना लेना
प्रयोग: कठोर परिश्रम से कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी जड़ें जमा ली हैं।
148
जड़ से उखाड़ फेंकना
पूरी तरह समाप्त या निर्मूल कर देना
प्रयोग: समाज सुधारकों ने देश से कुप्रथाओं को जड़ से उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया।
149
जबान पर चढ़ना
कंठस्थ होना या बार-बार याद आना
प्रयोग: यह देशभक्ति गीत आजकल हर बच्चे की जबान पर चढ़ा हुआ है।
150
जमघट लगना
भारी भीड़ एकत्र होना
प्रयोग: जादू का खेल शुरू होते ही चौराहे पर लोगों का भारी जमघट लग गया।
151
जादू का डंडा होना
अचानक चमत्कारिक समाधान होना
प्रयोग: समस्याओं को सुलझाने के लिए मेहनत चाहिए, किसी के पास कोई जादू का डंडा नहीं होता।
152
जान हलकान होना
अत्यधिक परेशान या पस्त हो जाना
प्रयोग: दिन भर धूप में मजदूरी करने से उसकी जान हलकान हो गई।
153
जी छोटा करना
निराश या हतोत्साहित होना
प्रयोग: एक असफलता पर जी छोटा मत करो, पुनः दुगुने उत्साह से प्रयास करो।
154
जी भर आना
अत्यधिक भावुक होकर आँखों में आँसू आना
प्रयोग: बेटी की विदाई के समय पिता का जी भर आया।
155
जोर आजमाइश करना
पूरी शक्ति या सामर्थ्य की परीक्षा लेना
प्रयोग: चुनाव जीतने के लिए सभी राजनीतिक दल पूरी जोर आजमाइश कर रहे हैं।
156
जोरू का गुलाम होना
पत्नी के अनुचित इशारों पर ही चलने वाला व्यक्ति
प्रयोग: वह वृद्ध माता-पिता की बात नहीं सुनता, साक्षात जोरू का गुलाम बन गया है।
157
जुबान बंद करना
बोलने से रोक देना या चुप करा देना
प्रयोग: वकील ने अकाट्य प्रमाण प्रस्तुत करके विरोधी पक्ष की जुबान बंद कर दी।
158
जीवन दान देना
मृत्यु के मुख से बचा लेना
प्रयोग: शल्य चिकित्सक ने गंभीर मरीज का सफल ऑपरेशन करके उसे नया जीवन दान दिया।
159
जुआ खेलना
अत्यधिक बड़ा और अनिश्चित जोखिम उठाना
प्रयोग: बिना सोचे-समझे सारी जमापूँजी अज्ञात कंपनी में लगाना जुआ खेलने जैसा है।
160
जकड़ में आना
कठिन नियंत्रण या चंगुल में फँस जाना
प्रयोग: साहूकार के भारी ब्याज की जकड़ में आकर किसान बर्बाद हो गया।
161
जाग उठना
चेतना या जागरूकता का संचार होना
प्रयोग: स्वतंत्रता संग्राम के समय देशवासियों का सोया हुआ स्वाभिमान जाग उठा।
162
जान की बाजी लगाना
प्राणों को दाँव पर लगा देना
प्रयोग: अग्निशामक कर्मियों ने जान की बाजी लगाकर जलती इमारत से लोगों को बचाया।
163
जी खट्टा करना
दुखी या निराश कर देना
प्रयोग: उसकी कड़वी बातों ने शुभ अवसर पर सबका जी खट्टा कर दिया।
164
जूता मारना
घोर अपमान करना
प्रयोग: विश्वासघाती मित्र को सच्चाई का आईना दिखाकर उसने मानो जूता मार दिया।
165
जहर की घूँट
असह्य कटु अनुभव
प्रयोग: झूठा कलंक सहना किसी भी स्वाभिमानी मनुष्य के लिए जहर की घूँट के समान है।
166
जमीन नापना
व्यर्थ मारा-मारा फिरना
प्रयोग: बिना लक्ष्य के दिन भर सड़कों पर जमीन नापने से कोई लाभ नहीं।
167
जी जलना
अत्यधिक दुःख, शोक या ईर्ष्या होना
प्रयोग: संतान की दुर्दशा देखकर वृद्ध माता-पिता का जी जलता रहता है।
168
जंजीर ढीली होना
अनुशासन या नियंत्रण कमजोर पड़ना
प्रयोग: प्रबंधक की ढिलाई से संस्थान में अनुशासन की जंजीर ढीली हो गई है।
169
जागते रहना
सजग और सावधान रहना
प्रयोग: प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में छात्र को हर सूचना के प्रति जागते रहना पड़ता है।
170
जुड़ जाना
पूर्ण मनोयोग से कार्य में लग जाना
प्रयोग: परीक्षा की तिथि निकट आते ही छात्र दिन-रात तैयारी में जुड़ गए।
171
झक मारना
व्यर्थ समय नष्ट करना या विवश होकर काम करना
प्रयोग: दिन भर गपशप में झक मारने से बेहतर है कि कोई रचनात्मक कार्य करो।
172
झगड़ा मोल लेना
जान-बूझकर विवाद या मुसीबत पैदा करना
प्रयोग: दुष्ट लोगों से व्यर्थ उलझकर झगड़ा मोल नहीं लेना चाहिए।
173
झंडा गाड़ना
अभूतपूर्व सफलता या विजय प्राप्त करना
प्रयोग: ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय खिलाड़ी ने विश्व पटल पर झंडा गाड़ दिया।
174
झंडा बुलंद करना
अपने विचार, आंदोलन या विजय की प्रतिष्ठा बढ़ाना
प्रयोग: स्वतंत्रता सेनानियों ने क्रांति का झंडा बुलंद करके अंग्रेजी राज की नींव हिला दी।
175
झाँसा देना
धोखा देकर फँसाना या कपट करना
प्रयोग: ठग ने धन दोगुना करने का झाँसा देकर भोले-भाले ग्रामीणों के पैसे लूट लिए।
176
झाड़ू फेरना
पूरी तरह नष्ट या बर्बाद कर देना
प्रयोग: बेटे की गलत आदतों ने पिता की सारी इज्जत और दौलत पर झाड़ू फेर दिया।
177
झूठ के पाँव न होना
असत्य का कभी टिक न पाना (झूठ का शीघ्र पर्दाफाश होना)
प्रयोग: अदालत में सच सामने आ ही गया, सच कहा गया है कि झूठ के पाँव नहीं होते।
178
झूठ का पुलिंदा
पूरी तरह झूठा और मनगढ़ंत विवरण
प्रयोग: विपक्षी नेता द्वारा लगाए गए सभी आरोप झूठ का पुलिंदा साबित हुए।
179
झोली फैलाना
अत्यधिक दीनतापूर्वक याचना या भीख माँगना
प्रयोग: स्वाभिमानी व्यक्ति कभी किसी के आगे झोली नहीं फैलाता।
180
झोली भरना
प्रचुर मात्रा में दान, धन या मनोवांछित फल देना
प्रयोग: ईश्वर ने निर्धन भक्त की सच्ची प्रार्थना सुनकर खुशियों से उसकी झोली भर दी।
181
झल्ला उठना
अचानक चिढ़ जाना या क्रोध में आ जाना
प्रयोग: बार-बार काम में रुकावट आने से प्रबंधक झल्ला उठा।
182
झरोखा खुलना
ज्ञान, समझ या नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त होना
प्रयोग: पुस्तकों के गहन अध्ययन से मनुष्य के मानसिक ज्ञान का नया झरोखा खुलता है।
183
झुक जाना
हार मान लेना या अधीनता स्वीकार करना
प्रयोग: महाराणा प्रताप ने मुगलों की विशाल सेना के आगे कभी झुकना स्वीकार नहीं किया।
184
झेंप मिटाना
अपनी लज्जा या शर्मिंदगी को छिपाने का प्रयास करना
प्रयोग: गलत उत्तर देने पर छात्र व्यर्थ हँसकर अपनी झेंप मिटाने लगा।
185
झोंक देना
पूरी तरह समर्पित कर देना या लगा देना
प्रयोग: उसने राष्ट्र सेवा के महान यज्ञ में अपना सर्वस्व झोंक दिया।
186
झपट्टा मारना
अचानक तेजी से छीनने या पकड़ने के लिए लपकना
प्रयोग: चील ने आकाश से नीचे उतरकर मछली पर जोरदार झपट्टा मारा।
187
झंझावात में फँसना
अत्यंत भीषण संकटों और कठिनाइयों में घिरना
प्रयोग: पारिवारिक और आर्थिक विपत्तियों के कारण वह जीवन के झंझावात में फँस गया।
188
झड़ी लगना
लगातार एक के बाद एक घटनाओं का तांता लगना
प्रयोग: मेधावी छात्र के मंच पर आते ही पुरस्कारों की झड़ी लग गई।
189
झुलस जाना
कष्ट या ताप से पीड़ित होना
प्रयोग: जेठ की भीषण दुपहरी में गर्म लू के थपेड़ों से फसलें झुलस गईं।
190
झूठ का बोलबाला होना
असत्य और अन्याय का प्रभाव बढ़ जाना
प्रयोग: कलिकाल में सत्यवादी को कष्ट सहने पड़ते हैं और झूठ का बोलबाला रहता है।
191
झेलना पड़ना
विवश होकर कष्ट या दंड भुगतना
प्रयोग: गलत संगति के कारण निर्दोष युवक को भी जेल की यातना झेलनी पड़ी।
192
झोल मारना
कार्य में कमी, दोष या असमानता होना
प्रयोग: अनाड़ी दर्जी द्वारा सिले गए कुर्ते में जगह-जगह झोल मार रहा है।
193
झाड़ बाँधना
लगातार एक सुर में बोलते चले जाना
प्रयोग: वक्ता महोदय ने मंच पर आते ही भाषण का ऐसा झाड़ बाँधा कि सब सुनते रह गए।
194
झाँकी दिखाना
संक्षिप्त रूप में किसी दृश्य या सत्य का परिचय देना
प्रयोग: नाटक के पहले दृश्य ने ही तत्कालीन समाज की कुरीतियों की झाँकी दिखा दी।
195
झपकी आना
अल्पकालिक नींद या तंद्रा लगना
प्रयोग: गाड़ी चलाते समय जरा सी झपकी आने पर भयंकर दुर्घटना हो सकती है।
196
झूठे बर्तन चाटना
दूसरों के टुकड़ों पर पलना या अत्यंत दीन होना
प्रयोग: स्वाभिमानी मनुष्य भूखा मरना पसंद करता है पर किसी के झूठे बर्तन नहीं चाटता।
197
झिलमिला उठना
आशा या आनंद की नई किरण दिखाई देना
प्रयोग: नौकरी का नियुक्ति पत्र मिलते ही निराशा के अंधकार में उसके नयन झिलमिला उठे।
198
झुकाव होना
विशेष रुचि या पक्षपात होना
प्रयोग: बचपन से ही उसका रुझान और झुकाव साहित्य तथा संगीत की ओर था।
199
झाड़ू मारना
तिरस्कारपूर्वक उपेक्षा करना या हटा देना
प्रयोग: उसने अपने स्वाभिमान के आगे धन के प्रलोभन पर झाड़ू मार दिया।
200
झंडा फहराना
विजयी होकर गौरव बढ़ाना
प्रयोग: पर्वतारोही दल ने एवरेस्ट की सर्वोच्च चोटी पर तिरंगा झंडा फहरा दिया।
