'क', 'ख', 'ग', 'घ' से शुरू होने वाले महत्वपूर्ण मुहावरे (अर्थ एवं वाक्य प्रयोग सहित)

चन्द्र देव त्रिपाठी 'अतुल'
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'क', 'ख', 'ग', 'घ' से शुरू होने वाले महत्वपूर्ण मुहावरे (अर्थ एवं वाक्य प्रयोग सहित)
॥ श्रीसरस्वत्यै नमः • डिजिटल ग्रन्थालय ॥

'क' वर्ग (क, ख, ग, घ) से प्रारम्भ होने वाले मुहावरे

सम्पूर्ण संकलन • प्रामाणिक अर्थ • सटीक वाक्य-प्रयोग

📖 मुहावरे: 200 🎯 लक्ष्य: सभी प्रतियोगी परीक्षाएँ ⚡ प्रारूप: अर्थ + वाक्य
क्र.
मुहावरा
मुहावरे का अर्थ
वाक्य प्रयोग
01 कलेजा ठंडा होना
मन को शांति या संतोष मिलना
प्रयोग: अपराधी को न्यायालय से कठोर सजा मिलने के बाद ही पीड़ित परिवार का कलेजा ठंडा हुआ।
02 कलेजा थाम कर रह जाना
दुःख या शोक को मन में दबाना
प्रयोग: दुर्घटना में अपने एकमात्र पुत्र की मृत्यु का समाचार सुनकर वृद्ध पिता कलेजा थाम कर रह गए।
03 कलेजे पर साँप लोटना
ईर्ष्या या डाह से जलना
प्रयोग: रोहन की सिविल सेवा में सफलता देखकर उसके ईर्ष्यालु पड़ोसियों के कलेजे पर साँप लोटने लगा।
04 कलेजे पर पत्थर रखना
अत्यंत धैर्यपूर्वक दुःख सहना
प्रयोग: युद्धभूमि में वीरगति को प्राप्त हुए बेटे को अंतिम विदाई देते समय माँ ने कलेजे पर पत्थर रख लिया।
05 कमर कसना
दृढ़ संकल्प के साथ तैयार होना
प्रयोग: प्रतियोगी परीक्षा में शीर्ष स्थान प्राप्त करने के लिए छात्रों ने अभी से कमर कस ली है।
06 कमर टूटना
बेसहारा होना या आर्थिक रूप से बर्बाद होना
प्रयोग: बाढ़ और सूखे की दोहरी मार से गरीब किसानों की पूरी तरह कमर टूट गई है।
07 कलम तोड़ना
अत्यंत उत्कृष्ट रचना लिखना / मृत्युदंड सुनाना
प्रयोग: मुंशी प्रेमचंद ने 'गोदान' उपन्यास लिखकर साहित्य जगत में मानो कलम ही तोड़ दी।
08 कलाई खुलना
छिपा हुआ भेद या रहस्य प्रकट होना
प्रयोग: सीबीआई की जाँच बैठते ही भ्रष्ट अधिकारी के काले कारनामों की कलाई खुल गई।
09 कागज़ी घोड़े दौड़ाना
केवल कागजी या व्यर्थ की लिखा-पढ़ी करना
प्रयोग: जमीनी स्तर पर काम किए बिना सिर्फ कागज़ी घोड़े दौड़ाने से देश का विकास संभव नहीं है।
10 काँटों पर लोटना
अत्यधिक बेचैन या व्याकुल होना
प्रयोग: जब तक परीक्षा का परिणाम घोषित नहीं हुआ, वह रात भर काँटों पर लोटता रहा।
11 कान का कच्चा होना
बिना सोचे-समझे दूसरों की बातों पर विश्वास करना
प्रयोग: अधिकारी का कान का कच्चा होना पूरे विभाग के कर्मचारियों के लिए परेशानी का कारण बन गया।
12 कान काटना
चतुराई में मात देना / बहुत चालाक होना
प्रयोग: वह उम्र में भले ही छोटा है, पर कूटनीति और बुद्धि में बड़ों-बड़ों के कान काटता है।
13 कान पर जूँ न रेंगना
बिल्कुल भी असर या परवाह न होना
प्रयोग: पिताजी ने उसे लाख समझाया, पर उसकी बुरी आदतों पर कान पर जूँ तक नहीं रेंगी।
14 कान भरना
चुगली करना या पीठ पीछे भड़काना
प्रयोग: मंथरा ने रानी कैकेयी के कान भरकर अयोध्या के राजपरिवार में कलह करा दी।
15 काठ का उल्लू
महामूर्ख या निपट बेवकूफ
प्रयोग: उसे कितनी भी गूढ़ बात समझाओ समझता ही नहीं, वह तो साक्षात् काठ का उल्लू है।
16 कीचड़ उछालना
चरित्र पर लांछन लगाना या बदनाम करना
प्रयोग: राजनीतिक रंजिश में बिना प्रमाण के किसी के निजी जीवन पर कीचड़ उछालना निंदनीय है।
17 कूपमंडूक होना
सीमित ज्ञान या संकुचित विचार वाला होना
प्रयोग: गाँव की सीमा से बाहर न निकलने के कारण वह आधुनिक दुनिया के लिए कूपमंडूक बना रहा।
18 कोल्हू का बैल होना
दिन-रात लगातार कठिन परिश्रम करना
प्रयोग: गरीब मजदूर अपने परिवार का पेट पालने के लिए कोल्हू के बैल की तरह जुटा रहता है।
19 कौड़ी के मोल बिकना
अत्यंत सस्ता या सर्वथा मूल्यहीन होना
प्रयोग: बाजार में नई तकनीक आने से पुरानी मशीनें अब कौड़ी के मोल बिक रही हैं।
20 कटे पर नमक छिड़कना
दुखी व्यक्ति को और अधिक कष्ट पहुँचाना
प्रयोग: व्यापार में दिवालिया हो चुके व्यक्ति को ताने मारकर लोग उसके कटे पर नमक छिड़क रहे हैं।
21 कफ़न सिर पर बाँधना
बलिदान या मौत के लिए सदैव तैयार रहना
प्रयोग: भारतीय सेना के शूरवीर जवान कफ़न सिर पर बाँधकर देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं।
22 कब्र में पैर लटकना
मृत्यु के अत्यंत सन्निकट होना
प्रयोग: सेठ जी के पैर कब्र में लटक रहे हैं, फिर भी उनकी धन के प्रति लालसा कम नहीं होती।
23 काठ की हांडी चढ़ना
धोखेबाजी या छल-कपट का बार-बार न चलना
प्रयोग: तुम एक बार झूठ बोलकर बच गए, पर याद रखो कि काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती।
24 काजल की कोठरी
कलंक या बदनामी लगने का स्थान
प्रयोग: भ्रष्ट लोगों की संगति काजल की कोठरी जैसी है, जहाँ कितना भी बचो दाग लग ही जाता है।
25 काफ़ूर होना
गायब हो जाना या अचानक उड़ जाना
प्रयोग: पुलिस की सायरन सुनते ही चौराहे पर उत्पात मचा रहे उपद्रवी पलक झपकते काफ़ूर हो गए।
26 काला अक्षर भैंस बराबर
पूरी तरह अनपढ़ या निरक्षर होना
प्रयोग: उसके सामने वेद-पुराण की बात करना व्यर्थ है, क्योंकि उसके लिए तो काला अक्षर भैंस बराबर है।
27 कुत्ते की मौत मरना
अत्यंत बुरी या दुर्दशापूर्ण मृत्यु पाना
प्रयोग: दूसरों पर अत्याचार करने वाले क्रूर तानाशाह अंततः कुत्ते की मौत मरते हैं।
28 कुएँ में भाँग पड़ना
सबकी बुद्धि एक साथ भ्रष्ट होना
प्रयोग: गाँव के सभी लोग एक ढोंगी बाबा के बहकावे में आ गए, लगता है पूरे कुएँ में भाँग पड़ गई है।
29 कतरब्योंत करना
खर्च में कटौती या काट-छाँट करना
प्रयोग: सीमित वेतन में गृहस्थी चलाने के लिए गृहिणी को हर महीने भारी कतरब्योंत करनी पड़ती है।
30 कलेजा छलनी होना
कठोर वचनों से गहरा दुःख पहुँचना
प्रयोग: सगे संबंधियों के कटु वचनों और तानों से बूढ़े पिता का कलेजा छलनी हो गया।
31 कान खड़े होना
चौकन्ना या सतर्क होना
प्रयोग: झाड़ियों में सरसराहट की हल्की सी आवाज सुनते ही पहरेदार के कान खड़े हो गए।
32 कायापलट होना
पूरी तरह रूप-रंग या स्थिति बदल जाना
प्रयोग: नई विकास योजनाओं के लागू होने से उस पिछड़े हुए कस्बे की कायापलट हो गई।
33 काल का ग्रास बनना
असामयिक मृत्यु का शिकार होना
प्रयोग: भीषण सड़क हादसे में बस में सवार कई निर्दोष यात्री काल का ग्रास बन गए।
34 काठ मार जाना
स्तब्ध या सुन्न रह जाना
प्रयोग: सामने अचानक विशालकाय बाघ को खड़ा देखकर शिकारी को मानो काठ मार गया।
35 कागज़ काले करना
व्यर्थ में बिना अर्थ के कुछ लिखते रहना
प्रयोग: जब तक विषय का ज्ञान न हो, केवल परीक्षा पुस्तिका में कागज़ काले करने से अंक नहीं मिलते।
36 कान फूँकना
दीक्षा देना या गुप्त मंत्रणा देकर भड़काना
प्रयोग: गुरु जी ने शिष्य के कान फूँककर उसे सन्यास मार्ग का रहस्य समझाया।
37 काम तमाम करना
मार डालना या पूरी तरह नष्ट करना
प्रयोग: भारतीय सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में घुसपैठिए आतंकवादियों का काम तमाम कर दिया।
38 काम आना
वीरगति प्राप्त करना / उपयोगी सिद्ध होना
प्रयोग: कारगिल के भीषण युद्ध में भारत माता के अनेक वीर सपूत रणभूमि में काम आए।
39 किस्मत चमकना
भाग्य का अचानक उदय होना
प्रयोग: विदेश में मनचाही नौकरी का अवसर मिलते ही उस साधारण युवक की किस्मत चमक गई।
40 कीचड़ में कमल खिलना
प्रतिकूल एवं अभावग्रस्त परिस्थितियों में भी श्रेष्ठ बनना
प्रयोग: रिक्शा चालक के बेटे का आईएएस बनना मानो कीचड़ में कमल खिलने जैसा है।
41 कुहराम मचना
अत्यधिक चीख-पुकार व त्राहि-त्राहि होना
प्रयोग: भूकंप के तेज झटकों से बहुमंजिला इमारत गिरते ही पूरे इलाके में कुहराम मच गया।
42 केंचुली बदलना
रूप या आचरण का अचानक परिवर्तन करना
प्रयोग: चुनाव जीतने के बाद नेताजी ने ऐसी केंचुली बदली कि अपने पुराने कार्यकर्ताओं को पहचानना भी छोड़ दिया।
43 कसौटी पर कसना
गुण, सत्यता या योग्यता की कड़ी परीक्षा लेना
प्रयोग: सच्चे मित्र की पहचान संकट के समय ही उसे कसौटी पर कसकर होती है।
44 काँटा निकलना
बाधा या संकट का पूरी तरह दूर होना
प्रयोग: विरोधी द्वारा मुकदमा वापस लेते ही रमेश के मार्ग का सबसे बड़ा काँटा निकल गया।
45 काँटे बोना
दूसरों के मार्ग में विघ्न या अनिष्ट उत्पन्न करना
प्रयोग: जो मनुष्य दूसरों की राह में काँटे बोता है, उसे भविष्य में स्वयं काँटों पर चलना पड़ता है।
46 कान पकड़ना
गलती स्वीकार कर भविष्य में न करने की प्रतिज्ञा करना
प्रयोग: व्यापार में भारी धोखा खाने के बाद उसने कान पकड़ लिए कि अब किसी अजनबी पर विश्वास नहीं करेगा।
47 कानाफूसी करना
चुपके-चुपके बातें या षड्यंत्र करना
प्रयोग: सभा के दौरान कुछ सदस्यों की कानाफूसी देखकर अध्यक्ष महोदय ने उन्हें कड़ी फटकार लगाई।
48 कलेजा मुँह को आना
अत्यधिक भयभीत या व्याकुल होना
प्रयोग: पहाड़ की गहरी खाई के किनारे गाड़ी फिसलते ही यात्रियों का कलेजा मुँह को आ गया।
49 कागज़ की नाव होना
अत्यंत क्षणभंगुर या अस्थायी वस्तु होना
प्रयोग: झूठ और प्रपंच पर आधारित मित्रता कागज़ की नाव की तरह होती है, जो कभी भी डूब सकती है।
50 कुत्ते की दुम होना
स्वभाव से कभी न सुधरने वाला
प्रयोग: वह आदतन चोर है, उसे जेल में रखो या बाहर, वह कुत्ते की दुम है जो कभी सीधी नहीं हो सकती।
51 करवटें बदलना
चिंता या बेचैनी के कारण नींद न आना
प्रयोग: कर्ज के बोझ और आर्थिक तंगी के कारण किसान पूरी रात बिस्तर पर करवटें बदलता रहा।
52 कंचन बरसना
अत्यधिक धन-सम्पत्ति का लाभ होना
प्रयोग: नया व्यापार शुरू करते ही इतनी बिक्री हुई मानो उसकी दुकान पर कंचन बरस रहा हो।
53 किस्मत फूटना
दुर्भाग्य का आरम्भ होना
प्रयोग: कमाऊ बेटे की असामयिक मृत्यु से उस गरीब परिवार की किस्मत ही फूट गई।
54 कोख उजाड़ना
पुत्र की हत्या या मृत्यु होना
प्रयोग: युद्ध के उन्मादियों ने न जाने कितनी अभागी माताओं की कोख उजाड़ दी।
55 कौड़ी काम का न होना
सर्वथा अनुपयोगी या निकम्मा होना
प्रयोग: पानी में भीग जाने के कारण यह सारा इलेक्ट्रॉनिक सामान अब कौड़ी काम का नहीं रहा।
56 कसर न छोड़ना
कोई कमी या प्रयास बाकी न रखना
प्रयोग: अतिथि सत्कार में मेज़बानों ने कोई कसर नहीं छोड़ी।
57 काला नाग होना
अत्यंत घातक या दुष्ट प्रवृत्ति का व्यक्ति
प्रयोग: उससे सावधान रहना, वह मीठी बातें जरूर करता है पर भीतर से साक्षात काला नाग है।
58 कान खोलना
सचेत या सावधान करना
प्रयोग: अध्यापक ने छात्रों के कान खोलते हुए कहा कि बिना कठिन परिश्रम के सफलता नहीं मिलेगी।
59 कलेजा काँपना
अत्यधिक डर जाना
प्रयोग: शमशान घाट में अचानक भयानक चीख सुनकर राहगीर का कलेजा काँप उठा।
60 काम निकालना
अपना स्वार्थ सिद्ध करना
प्रयोग: मतलबी लोग अपना काम निकालने के लिए पैरों में भी गिर जाते हैं।
61 कौड़ी-कौड़ी जोड़ना
बहुत कंजूसी या बचत से धन इकट्ठा करना
प्रयोग: उसने कौड़ी-कौड़ी जोड़कर अपनी बेटी के विवाह के लिए व्यवस्था की थी।
62 कलेजे से लगाना
अत्यधिक प्रेम या स्नेह से गले लगाना
प्रयोग: बरसों बाद परदेश से लौटे बेटे को देखकर माँ ने उसे तुरंत कलेजे से लगा लिया।
63 कुआँ खोदना
दूसरों को हानि पहुँचाने का षड्यंत्र रचना
प्रयोग: जो दूसरों के लिए कुआँ खोदता है, वह एक दिन स्वयं उसमें गिरता है।
64 कच्चा चिट्ठा खोलना
सारे गुप्त दोष या भेद उजागर करना
प्रयोग: विपक्ष ने संसद में सरकार की सभी विफलताओं का कच्चा चिट्ठा खोल दिया।
65 कंधे से कंधा मिलाना
पूर्ण सहयोग और निष्ठा से साथ देना
प्रयोग: आपदा के समय देशवासियों ने सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर राहत कार्य किया।
66 कलेजे पर छुरियाँ चलना
असह्य मानसिक वेदना या संताप होना
प्रयोग: संतान की दुर्दशा देखकर असहाय पिता के कलेजे पर छुरियाँ चल गईं।
67 किनारा करना
अलग हो जाना या संबंध तोड़ लेना
प्रयोग: मित्र की अनैतिक गतिविधियों को देखकर विवेक ने उससे किनारा कर लिया।
68 किताबी कीड़ा होना
केवल पुस्तकों में ही लीन रहना (व्यावहारिक ज्ञान शून्य होना)
प्रयोग: किताबी कीड़ा होने से जीवन में सफलता नहीं मिलती, व्यावहारिक समझ भी आवश्यक है।
69 कुत्ते को घी न पचना
ओछे व्यक्ति द्वारा उच्च पद या सम्मान न संभाल पाना
प्रयोग: छोटा सा पद मिलते ही वह घमंड से भर गया, सच ही है कि कुत्ते को घी नहीं पचता।
70 कौवा कान ले गया
बिना सच जाने अफवाहों के पीछे भागना
प्रयोग: सच्चाई का पता लगाने की बजाय लोग 'कौवा कान ले गया' की तर्ज पर भागने लगे।
71 कटी पतंग होना
बिना किसी सहारे या दिशाहीन भटकना
प्रयोग: माता-पिता के देहांत के बाद वह कटी पतंग की तरह दर-ब-दर भटक रहा है।
72 कान में तेल डालकर बैठना
सब कुछ सुनकर भी अनसुना कर देना
प्रयोग: जनता की समस्याओं पर शासन कान में तेल डालकर बैठा हुआ है।
73 करोड़ों में एक होना
अत्यंत दुर्लभ, गुणी या अद्वितीय होना
प्रयोग: डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जैसी निष्कलंक और महान विभूति करोड़ों में एक होती है।
74 कोख लजाना
कुल या माता-पिता का नाम डुबोना
प्रयोग: अपराध की राह चुनकर उस कुलघाती बेटे ने अपनी माँ की कोख लजा दी।
75 कलम का धनी होना
अत्यंत प्रभावी एवं उत्कृष्ट लेखन कला का स्वामी होना
प्रयोग: रामधारी सिंह 'दिनकर' कलम के धनी थे, जिनकी कविताओं से ओज टपकता था।
76 खटाई में पड़ना
काम में व्यवधान आना या लटक जाना
प्रयोग: दस्तावेजों में त्रुटि होने के कारण नियुक्ति प्रक्रिया खटाई में पड़ गई।
77 खयाली पुलाव पकाना
केवल कल्पनाओं में महल बनाना (कोरी कल्पना करना)
प्रयोग: कर्म किए बिना केवल खयाली पुलाव पकाने से धनवान नहीं बना जा सकता।
78 खरी-खोटी सुनाना
कड़े एवं स्पष्ट शब्दों में भला-बुरा कहना
प्रयोग: काम में लापरवाही देखकर प्रबंधक ने कर्मचारियों को जमकर खरी-खोटी सुनाई।
79 खाक छानना
दर-दर भटकना या व्यर्थ परेशान होना
प्रयोग: उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद वह नौकरी की तलाश में खाक छान रहा है।
80 खाक में मिलाना
पूरी तरह नष्ट या बर्बाद कर देना
प्रयोग: बेटे के जुए की लत ने पूर्वजों की सारी मान-मर्यादा और प्रतिष्ठा को खाक में मिला दिया।
81 खून का घूँट पीना
क्रोध या अपमान को विवश होकर सह लेना
प्रयोग: अधिकारी के अनुचित व्यवहार पर भी क्लर्क खून का घूँट पीकर चुप रह गया।
82 खून-पसीना एक करना
अथक एवं अत्यंत कठोर परिश्रम करना
प्रयोग: किसान खून-पसीना एक करके खेतों में अन्न उपजाता है।
83 खून खौलना
अत्यधिक क्रोधित या उत्तेजित होना
प्रयोग: आतंकवादियों द्वारा निर्दोष नागरिकों पर हमला देखकर हर भारतीय का खून खौल उठा।
84 खून सफेद होना
दया, प्रेम या मानवीय संवेदना समाप्त होना
प्रयोग: सगे भाई द्वारा संपत्ति के लिए भाई की हत्या करने से साफ है कि आज लोगों का खून सफेद हो गया है।
85 खिल्ली उड़ाना
मजाक उड़ाना या उपहास करना
प्रयोग: किसी गरीब या असहाय व्यक्ति की शारीरिक बनावट पर खिल्ली उड़ाना अशोभनीय है।
86 खेत रहना
युद्धभूमि में वीरगति को प्राप्त होना
प्रयोग: देश की रक्षा करते हुए सैकड़ों जांबाज सैनिक सीमा पर खेत रहे।
87 खिचड़ी पकाना
भीतर ही भीतर गुप्त षड्यंत्र रचना
प्रयोग: विपक्षी दल गुप्त बैठक करके सरकार को गिराने की खिचड़ी पका रहे हैं।
88 खूंटे के बल कूदना
किसी बड़े या शक्तिशाली व्यक्ति के आश्रय पर इतराना
प्रयोग: मंत्री जी का रिश्तेदार होने के कारण वह खूंटे के बल कूद रहा है।
89 खून के आँसू रुलाना
अत्यधिक सताना या भारी कष्ट देना
प्रयोग: कुकर्मी बेटे ने अपने वृद्ध माता-पिता को वृद्धाश्रम भेजकर खून के आँसू रुला दिए।
90 खलबली मचना
अचानक भगदड़, हलचल या भय पैदा होना
प्रयोग: आयकर विभाग का छापा पड़ते ही पूरे व्यापारिक क्षेत्र में खलबली मच गई।
91 खटिया खड़ी करना
बुरी तरह हराना या भारी संकट में डालना
प्रयोग: भारतीय टीम ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से विरोधी गेंदबाजों की खटिया खड़ी कर दी।
92 खाल खींचना
कठोर दंड देना या अत्यधिक पीटना
प्रयोग: थानेदार ने अपराधी को चेतावनी दी कि सच न उगलने पर खाल खींच ली जाएगी।
93 खाला जी का घर
अत्यंत सहज या आसान काम
प्रयोग: सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण करना कोई खाला जी का घर नहीं है, इसमें वर्षों का तप लगता है।
94 खार खाना
मन में पुरानी शत्रुता या द्वेष रखना
प्रयोग: पुरानी हार की वजह से वह आज भी मुझसे खार खाए बैठा है।
95 खून का प्यासा होना
कट्टर शत्रु होना या जान लेने पर उतारू होना
प्रयोग: जमीन के मामूली विवाद में दोनों पक्ष एक-दूसरे के खून के प्यासे हो गए हैं।
96 खोपड़ी चाटना
व्यर्थ की बकवास करके सिर दर्द करना
प्रयोग: वह सुबह से अपनी व्यर्थ की बातों से मेरी खोपड़ी चाट रहा है।
97 खुले हाथ से लुटाना
अत्यधिक और बिना सोचे-समझे खर्च करना
प्रयोग: पिता की गाढ़ी कमाई को अय्याश बेटा खुले हाथ से लुटा रहा है।
98 खटराग फैलाना
अनावश्यक बखेड़ा या झंझट खड़ा करना
प्रयोग: सीधे-सादे मामले में भी वह हर बार कोई न कोई नया खटराग फैला देता है।
99 खून सिर पर सवार होना
मरने-मारने पर उतारू होना या अंधाधुंध क्रोध आना
प्रयोग: झगड़े के समय उसका खून सिर पर सवार था, उसे सही-गलत का कोई होश न था।
100 खबर लेना
दंडित करना या सबक सिखाना
प्रयोग: अध्यापक ने कक्षा में अनुशासनहीनता करने वाले छात्रों की अच्छी खबर ली।
101 खोपड़ी गंजी करना
अत्यधिक पीटना या मार-मारकर बेहाल करना
प्रयोग: चोरी करते रंगे हाथों पकड़े जाने पर भीड़ ने चोर की खोपड़ी गंजी कर दी।
102 खाली हाथ लौटना
बिना कोई सफलता पाए निराश वापस आना
प्रयोग: साक्षात्कार में चयन न होने के कारण उसे खाली हाथ लौटना पड़ा।
103 खुराफात सूझना
दिमाग में शरारत या उपद्रव का विचार आना
प्रयोग: खाली बैठते ही शरारती बच्चों को कोई न कोई नई खुराफात सूझने लगती है।
104 खुदा गंजे को नाखून न दे
अयोग्य या अन्यायी व्यक्ति को अधिकार न मिलना
प्रयोग: क्रूर व्यक्ति को सत्ता मिलने पर वह विनाश करता है, इसीलिए कहा गया है कि खुदा गंजे को नाखून न दे।
105 खार निकालना
पुराना बदला या बैर पूरा करना
प्रयोग: मौका पाते ही उसने अपने प्रतिद्वंद्वी पर झूठा आरोप लगाकर अपनी पुरानी खार निकाली।
106 खोलकर रख देना
यथातथ्य और स्पष्ट रूप से सब कुछ बता देना
प्रयोग: वकील ने अदालत में गवाह के सारे बयानों की वास्तविकता को खोलकर रख दिया।
107 खूंटे से बंधना
परतंत्र होना या किसी बंधन में जकड़ जाना
प्रयोग: नौकरी के सख्त नियमों के कारण वह खूंटे से बंध गया है और स्वतंत्र निर्णय नहीं ले सकता।
108 खामोशी छा जाना
गहरा सन्नाटा या स्तब्धता होना
प्रयोग: अप्रिय दुर्घटना का समाचार सुनते ही उत्सव के माहौल में अचानक खामोशी छा गई।
109 खाल मोटी होना
बेशर्म होना या अपमान का कोई असर न होना
प्रयोग: उसे कितनी भी डांट पड़े वह सुधरता नहीं, उसकी खाल बहुत मोटी हो चुकी है।
110 खटखटाना
ध्यान आकर्षित करना या दरवाजा खटखटाना/याचना करना
प्रयोग: न्याय पाने के लिए पीड़ित को हर उच्च अधिकारी का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
111 खोपड़ी उल्टी होना
सदा अनुचित या विपरीत दिशा में सोचना
प्रयोग: उसकी खोपड़ी सदा उल्टी चलती है, भलाई की बात में भी वह बुराई ही खोजता है।
112 खाक उड़ाना
बदनामी करना या व्यर्थ भटकना
प्रयोग: बिना वजह दूसरों की खाक उड़ाने से स्वयं की प्रतिष्ठा भी कम होती है।
113 खेल खत्म होना
पराजय होना या अंत हो जाना
प्रयोग: धोखाधड़ी के प्रमाण मिलते ही उस फर्जी कंपनी का खेल खत्म हो गया।
114 खरी-खरी कहना
मुँह पर साफ और स्पष्ट बात कहना
प्रयोग: सत्यवादी व्यक्ति किसी से डरता नहीं, वह सबके सामने खरी-खरी कहता है।
115 खर्राटे भरना
बेफिक्र होकर गहरी नींद में सोना
प्रयोग: जब सारा नगर संकट में था, पहरेदार खर्राटे भर रहे थे।
116 खिड़की खोलना
ज्ञान या प्रगति के नए अवसर देना
प्रयोग: डिजिटल शिक्षा ने ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों के लिए ज्ञान की खिड़की खोल दी है।
117 खुले आम कहना
बिना किसी भय के सार्वजनिक रूप से कहना
प्रयोग: उसने भ्रष्ट व्यवस्था के विरोध में मंच से खुले आम अपनी बात कही।
118 खोंचा मारना
व्यंग्य या तंज कसना
प्रयोग: वह जब भी बात करता है, बातों ही बातों में खोंचा मारने से बाज नहीं आता।
119 खप जाना
नष्ट हो जाना या खपकर समाप्त होना
प्रयोग: पूरा जीवन दूसरों की सेवा में ही खप गया, पर बदले में केवल उपेक्षा मिली।
120 खोदा पहाड़ निकली चुहिया
कठिन परिश्रम के बाद अत्यंत अल्प लाभ होना
प्रयोग: महीनों की भारी छानबीन के बाद भी पुलिस को कुछ खास न मिला, यह तो वही हुआ कि खोदा पहाड़ निकली चुहिया।
121 गड़े मुर्दे उखाड़ना
पुरानी विवादित बातों को फिर से छेड़ना
प्रयोग: अब सुलह हो चुकी है, व्यर्थ में गड़े मुर्दे उखाड़ने से कोई लाभ नहीं।
122 गधे को बाप बनाना
स्वार्थ सिद्ध करने हेतु मूर्ख की भी खुशामद करना
प्रयोग: आजकल अपना काम निकालने के लिए लोग गधे को भी बाप बनाने में संकोच नहीं करते।
123 गच्चा खाना
धोखा खाना या भ्रम में पड़ना
प्रयोग: चतुर व्यापारी भी जालसाजों के लुभावने प्रस्ताव में आकर गच्चा खा गया।
124 गले का हार होना
अत्यंत प्रिय या दुलारा होना
प्रयोग: अपने विनम्र और आज्ञाकारी स्वभाव के कारण वह सभी अध्यापकों के गले का हार बन गया है।
125 गले पड़ना
अवांछित भार या मुसीबत बनकर चिपक जाना
प्रयोग: मैंने तो केवल सहायता की थी, पर अब वह हमेशा के लिए मेरे गले पड़ गया है।
126 गले मढ़ना
जबरदस्ती किसी पर काम या दोष थोपना
प्रयोग: अपनी स्वयं की भूल का दोष उसने मेरे गले मढ़ दिया।
127 गहरा हाथ मारना
अचानक बहुत बड़ी संपत्ति या लाभ हड़पना
प्रयोग: बैंक डकैती में लुटेरों ने गहरा हाथ मारा और करोड़ों रुपये लेकर फरार हो गए।
128 गाँठ बाँधना
किसी बात को हमेशा के लिए अच्छी तरह याद रखना
प्रयोग: सफलता के लिए नियमित अभ्यास अनिवार्य है, यह बात तुम गाँठ बाँध लो।
129 गागर में सागर भरना
थोड़े शब्दों में अत्यंत गूढ़ एवं विस्तृत भाव कहना
प्रयोग: कविवर बिहारी ने अपने दोहों में गागर में सागर भर दिया है।
130 गाजर-मूली समझना
तुच्छ या महत्वहीन समझना
प्रयोग: साम्राज्यवादी सेना ने निरीह जनता को गाजर-मूली समझकर कत्लेआम कर दिया।
131 गाल बजाना
डिंग हाँकना या व्यर्थ शेखी बघारना
प्रयोग: वह केवल गाल बजाना जानता है, वास्तविक कार्य के समय पीछे हट जाता है।
132 गिरगिट की तरह रंग बदलना
अवसरवादी होना या अपनी बात पर स्थिर न रहना
प्रयोग: उस स्वार्थी नेता पर भरोसा मत करो, वह गिरगिट की तरह रंग बदलता है।
133 गीदड़ भभकी देना
कोरी या झूठी धमकी देकर डराना
प्रयोग: हम तुम्हारी गीदड़ भभकियों से डरने वाले नहीं हैं, सत्य के लिए लड़ेंगे।
134 गुदड़ी का लाल
अभावग्रस्त या निर्धन परिवार में जन्मा अत्यंत प्रतिभाशाली व्यक्ति
प्रयोग: झोपड़ी में रहकर वैज्ञानिक बनने वाला वह बालक वास्तव में गुदड़ी का लाल निकला।
135 गुड़-गोबर करना
बना-बनाया काम पूरी तरह बिगाड़ देना
प्रयोग: ऐन वक्त पर विवाद खड़ा करके उसने पूरे उत्सव का गुड़-गोबर कर दिया।
136 गुल खिलाना
कोई नया उपद्रव या विचित्र काम करना
प्रयोग: देखना यह शरारती लड़का आज फिर कोई नया गुल खिलाएगा।
137 गूलर का फूल होना
अत्यंत दुर्लभ या कभी न दिखाई देने वाली वस्तु होना
प्रयोग: अमीर बनने के बाद से वह तो मानो गूलर का फूल हो गया है, कहीं मिलता ही नहीं।
138 गांठ का पूरा होना
धनवान या समृद्ध होना
प्रयोग: सेठ जी अक्ल के भले ही कच्चे हों, पर गांठ के पूरे हैं।
139 गर्दन पर छुरी फेरना
विश्वासघात करके भारी नुकसान पहुँचाना या लूटना
प्रयोग: साझेदार ने जालसाजी करके अपने ही साथी की गर्दन पर छुरी फेर दी।
140 गर्दन उठाना
अन्याय के विरुद्ध विरोध या विद्रोह करना
प्रयोग: तानाशाह के शासन में किसी को भी गर्दन उठाने का साहस न था।
141 गर्दन झुकना
शर्मिंदा या पराजित होना
प्रयोग: भ्रष्टाचार के आरोप सिद्ध होते ही अदालत में अधिकारी की गर्दन झुक गई।
142 गर्त में गिरना
पूरी तरह पतन या विनाश की ओर जाना
प्रयोग: नशे की लत में पड़कर होनहार युवक का जीवन गर्त में गिर गया।
143 गुलछर्रे उड़ाना
खूब मौज-मस्ती व ऐशो-आराम से धन उड़ाना
प्रयोग: पिता की संपत्ति पर निकम्मे बेटे गुलछर्रे उड़ा रहे हैं।
144 गूंगे का गुड़ होना
ऐसा सुखद अनुभव जिसका शब्दों में वर्णन न किया जा सके
प्रयोग: ईश्वर भक्ति का दिव्य आनंद गूंगे का गुड़ है, जिसे केवल महसूस किया जा सकता है।
145 गोरखधंधा होना
अत्यंत जटिल, उलझन भरा या संदेहास्पद कार्य
प्रयोग: शेयर बाजार के इस गोरखधंधे को समझना हर किसी के बस की बात नहीं है।
146 गोटी लाल करना
अपना लाभ या उल्लू सीधा कर लेना
प्रयोग: सौदा तय होते ही बिचौलिए ने कमीशन लेकर अपनी गोटी लाल कर ली।
147 गोबर गणेश
बिल्कुल बुद्धू या जड़बुद्धि व्यक्ति
प्रयोग: उसे कितनी भी बार समझाओ समझ में नहीं आता, वह तो साक्षात् गोबर गणेश है।
148 गाढ़े पसीने की कमाई
कठोर एवं ईमानदारी के परिश्रम से अर्जित धन
प्रयोग: यह मेरे गाढ़े पसीने की कमाई है, इसे व्यर्थ में नहीं लुटने दूँगा।
149 गुत्थी सुलझाना
कठिन समस्या या पहेली का समाधान करना
प्रयोग: जासूस ने अपनी कुशाग्र बुद्धि से जटिल हत्याकांड की गुत्थी सुलझा दी।
150 गला फाड़ना
व्यर्थ में बहुत जोर-जोर से चिल्लाना
प्रयोग: इतना गला फाड़ने से कोई लाभ नहीं, शांति से अपनी बात रखो।
151 गला छूटना
मुसीबत या अवांछित बंधन से मुक्ति पाना
प्रयोग: झूठे मुकदमे से बरी होते ही व्यापारी का कोर्ट-कचहरी से गला छूटा।
152 गाज गिरना
अचानक भारी विपत्ति या संकट का आ पड़ना
प्रयोग: कारखाने में आग लगने से मालिक पर मानो अचानक गाज गिर पड़ी।
153 गाँठ कटना
जेब कट जाना या धन की हानि होना
प्रयोग: मेले की भीड़-भाड़ में असावधानी के कारण यात्री की गाँठ कट गई।
154 गाल फुलाना
रूठ जाना या मुँह फुलाकर बैठना
प्रयोग: मनपसंद खिलौना न मिलने पर बालक गाल फुलाकर बैठ गया।
155 गुस्सा पीना
क्रोध को वश में रखकर शांत रहना
प्रयोग: अपमानजनक बात सुनकर भी साधु पुरुष गुस्सा पीकर मौन रहे।
156 गिनती के दिन होना
जीवन के बहुत कम दिन शेष रहना
प्रयोग: असाध्य रोग से पीड़ित वृद्ध के अब गिनती के दिन ही शेष बचे हैं।
157 गोलमाल करना
घपला या हेराफेरी करना
प्रयोग: ऑडिट रिपोर्ट में खजांची द्वारा पैसों का भारी गोलमाल पकड़ा गया।
158 ग्रहण लगना
उन्नति या यश में बाधा पड़ना
प्रयोग: घोटाले में नाम आते ही नेताजी के चमकते राजनीतिक करियर पर ग्रहण लग गया।
159 गश खाना
बेहोश हो जाना या चक्कर खाकर गिरना
प्रयोग: कड़ी धूप और भूख के कारण मैदान में खड़ा छात्र अचानक गश खाकर गिर पड़ा।
160 गुमराह करना
गलत राह दिखाना या बहकाना
प्रयोग: धूर्त एजेंट ने विदेश भेजने के नाम पर सीधे-सादे युवाओं को गुमराह किया।
161 गाना गाना
व्यर्थ का रोना रोना या अपनी ही बात दोहराना
प्रयोग: जब भी मिलो वह अपनी तंगहाली का ही गाना गाता रहता है।
162 गजब ढाना
कहर बरपाना या अत्यधिक अत्याचार/आश्चर्य करना
प्रयोग: तूफानी बारिश ने तटीय गाँवों में गजब ढा दिया।
163 गले में घंटी बाँधना
स्वयं आगे होकर जान-बूझकर खतरा मोल लेना
प्रयोग: उस दबंग के खिलाफ गवाही देकर अपनी गर्दन या गले में घंटी कौन बाँधे?
164 गोता खाना
कठिनाई या धोखे में फँसना
प्रयोग: सट्टेबाजी के चक्कर में पड़कर उसने अपनी पूँजी का बड़ा गोता खाया।
165 गौहर लुटाना
मूल्यवान ज्ञान या संपत्ति उदारतापूर्वक बाँटना
प्रयोग: विद्वान संत अपने प्रवचनों में जन-कल्याण के लिए आध्यात्मिक ज्ञान के गौहर लुटाते हैं।
166 घड़ों पानी पड़ना
अत्यधिक लज्जित या शर्मिंदा होना
प्रयोग: चोरी पकड़े जाने पर सम्मानित व्यक्ति पर मानो घड़ों पानी पड़ गया।
167 घर का न घाट का
कहीं का न रहना (त्रिशंकु जैसी स्थिति)
प्रयोग: पुरानी नौकरी छोड़कर नई शुरू न कर पाने पर वह घर का रहा न घाट का।
168 घर बसाना
विवाह करके गृहस्थी स्थापित करना
प्रयोग: अच्छी नौकरी मिलने के बाद उसने योग्य कन्या से विवाह कर अपना घर बसा लिया।
169 घर फूँक तमाशा देखना
अपना नुकसान करके मौज मनाना
प्रयोग: अपनी पैतृक संपत्ति बेचकर अय्याशी करना घर फूँक तमाशा देखने जैसा है।
170 घर सिर पर उठाना
अत्यधिक शोरगुल या उत्पात मचाना
प्रयोग: माता-पिता के बाहर जाते ही बच्चों ने पूरा घर सिर पर उठा लिया।
171 घात लगाना
वार करने के लिए उचित अवसर की तलाश में रहना
प्रयोग: शिकारी झाड़ियों के पीछे छिपकर हिरण पर घात लगाए बैठा था।
172 घाव पर नमक छिड़कना
दुखी व्यक्ति के कष्ट को और अधिक बढ़ाना
प्रयोग: असफलता पर सहानुभूति देने के बजाय ताने मारना घाव पर नमक छिड़कने जैसा है।
173 घाव हरा होना
भूला हुआ पुराना दुःख फिर से ताजा होना
प्रयोग: शहीद स्मारक पर बेटे की तस्वीर देखते ही वृद्ध माँ के पुराने घाव हरे हो गए।
174 घास खोदना
व्यर्थ समय गँवाना या निकम्मा काम करना
प्रयोग: इतने वर्षों तक विश्वविद्यालय में क्या घास खोदते रहे जो सामान्य प्रश्न का उत्तर भी नहीं आता?
175 घी के दीये जलाना
अत्यधिक प्रसन्नता या उत्सव मनाना
प्रयोग: भगवान श्रीराम के चौदह वर्ष बाद अयोध्या लौटने पर नगरवासियों ने घी के दीये जलाए।
176 घुटने टेकना
पूरी तरह हार मान लेना या आत्मसमर्पण करना
प्रयोग: भारतीय वीर सैनिकों के पराक्रम के आगे शत्रु सेना ने घुटने टेक दिए।
177 घुट-घुट कर जीना
कष्ट और विवशता में जीवन बिताना
प्रयोग: पराधीनता में मनुष्य को घुट-घुट कर जीना पड़ता है।
178 घोलकर पी जाना
किसी विषय को पूर्णतः और गहराई से कंठस्थ या आत्मसात करना
प्रयोग: उस मेधावी छात्र ने परीक्षा से पहले पूरी पाठ्यपुस्तक घोलकर पी ली।
179 घमंड चूर होना
अहंकार या घमंड पूरी तरह समाप्त होना
प्रयोग: युद्ध में पराजित होते ही अहंकारी राजा का सारा घमंड चूर हो गया।
180 घर का भेदी होना
भीतरी गुप्त रहस्य दूसरों को बताने वाला व्यक्ति
प्रयोग: व्यापार में नुकसान के पीछे उसका अपना साझेदार ही घर का भेदी निकला।
181 घर की मुर्गी दाल बराबर
आसानी से उपलब्ध श्रेष्ठ वस्तु का भी अनादर होना
प्रयोग: घर के योग्य डॉक्टर को छोड़कर लोग दूर के नीम-हकीम के पास जाते हैं, सच है घर की मुर्गी दाल बराबर।
182 घर बैठना
बेरोजगार होना या काम-धंधा छिन जाना
प्रयोग: कारखाना बंद होते ही सैकड़ों निर्दोष मजदूर घर बैठ गए।
183 घाघ होना
अत्यधिक चतुर, धूर्त और चालाक होना
प्रयोग: वह इतना पुराना और घाघ खिलाड़ी है कि उसे छलना नामुमकिन है।
184 घिग्घी बँधना
अत्यधिक भय या भावुकता के कारण मुँह से आवाज न निकलना
प्रयोग: कड़कड़ाती बिजली की आवाज और घने जंगल में अकेले पाकर बालक की घिग्घी बँध गई।
185 घिन आना
अत्यधिक नफरत या घृणा महसूस होना
प्रयोग: उसकी गंदी और भ्रष्ट हरकतों को देखकर किसी को भी घिन आ जाएगी।
186 घुट्टी में पड़ना
बचपन से ही स्वभाव या संस्कारों में रच-बस जाना
प्रयोग: देशभक्ति और सत्यनिष्ठा तो उसके संस्कार और घुट्टी में पड़ी है।
187 घूँघट की ओट में शिकार खेलना
छिपे तौर पर अपना गुप्त स्वार्थ या कुकर्म सिद्ध करना
प्रयोग: सज्जनता का ढोंग करके वह घूँघट की ओट में शिकार खेलता है।
188 घोड़े बेचकर सोना
पूरी तरह निश्चिंत या बेफिक्र होकर सोना
प्रयोग: परीक्षा समाप्त होने के बाद छात्र घोड़े बेचकर सो रहे हैं।
189 घोर अंधकार छाना
निराशा और विपत्ति का गहरा संकट आना
प्रयोग: पिता के साये के बिना उस अनाथ परिवार के जीवन में घोर अंधकार छा गया।
190 घर उजाड़ना
हँसते-खेलते परिवार को नष्ट या तबाह करना
प्रयोग: शराब की बुरी लत ने न जाने कितने सुखी घरों को उजाड़ दिया।
191 घाट-घाट का पानी पीना
देश-दुनिया का अत्यंत अनुभवी और व्यवहार-कुशल होना
प्रयोग: उसे चकमा देना आसान नहीं, उसने घाट-घाट का पानी पी रखा है।
192 घास न डालना
बिल्कुल भी महत्व या तवज्जो न देना
प्रयोग: पद से हटते ही उसके चापलूस मित्र भी अब उसे घास नहीं डालते।
193 घुन लगना
भीतर ही भीतर धीरे-धीरे खोखला या नष्ट होना
प्रयोग: आंतरिक कलह और भ्रष्टाचार से किसी भी मजबूत राष्ट्र को घुन लग जाता है।
194 घर करना
मन में स्थायी रूप से स्थान बना लेना या समा जाना
प्रयोग: अध्यापक की प्रेरक और ज्ञानवर्धक बातें छात्र के हृदय में घर कर गईं।
195 घमंड का पुतला होना
अत्यधिक अहंकारी या दंभी होना
प्रयोग: धन के नशे में चूर वह व्यक्ति साक्षात घमंड का पुतला बन गया है।
196 घुटने टूटना
शरीर से असहाय या शक्तिहीन हो जाना
प्रयोग: बुढ़ापा आते ही घुटने टूट गए और अब वह चलने-फिरने में भी असमर्थ है।
197 घात में रहना
नुकसान पहुँचाने के अवसर की ताक में रहना
प्रयोग: दुश्मन हमेशा आपकी छोटी सी भूल की घात में रहता है, अतः सतर्क रहें।
198 घपला करना
धोखाधड़ी या गबन करना
प्रयोग: सरकारी धन में घपला करने वाले ठेकेदारों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
199 घिस-पिट कर चलना
अत्यंत कठिनाई, धीमी गति या संघर्ष से जीवन चलना
प्रयोग: महंगाई के इस दौर में मध्यम वर्ग की गृहस्थी घिस-पिट कर ही चल रही है।
200 घोड़ा घास से यारी करे तो खाए क्या
पारिश्रमिक या उचित लाभ लेने में संकोच न करना
प्रयोग: वकील ने अपने परिचित से भी पूरी फीस ली और कहा कि यदि घोड़ा घास से यारी करे तो खाए क्या!
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