मुहावरा (MUHAVRA) उ-ऊ से आरम्भ होने वाले मुहावरे

चन्द्र देव त्रिपाठी 'अतुल'
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मुहावरे — उ तथा ऊ से प्रारम्भ होने वाले मुहावरे (अर्थ व वाक्य प्रयोग)
उ तथा ऊ से प्रारम्भ होने वाले मुहावरे

मुहावरे — उ तथा ऊ से प्रारम्भ होने वाले मुहावरे (अर्थ व वाक्य प्रयोग)

उ तथा ऊ से प्रारम्भ होने वाले प्रमुख मुहावरे

मुहावरे — क्रम, मुहावरा, अर्थ, वाक्य प्रयोग

क्रम मुहावरा अर्थ वाक्य प्रयोग
1 उँगली उठना बदनामी होना, उपहास का पात्र होना गलत आरोप से उसकी ओर उँगली उठ गई।
2 उँगली उठाना दोष लगाना, बदनाम करना बिना प्रमाण किसी पर उँगली उठाना ठीक नहीं।
3 उँगली करना परेशान करना, सताना वह हर छोटी बात पर उँगली करता है।
4 उँगली चटकाना उँगलियों से चट-चट शब्द करना वह सोचते समय उँगली चटकाता है।
5 उँगली चमकाना नखरे या द्वेष से उँगली हिलाना डाँटते समय उसने उँगली चमकाई।
6 उँगली पकड़ते पहुँचा पकड़ना थोड़ा पाकर अधिक पाने का प्रयत्न करना उसने उँगली पकड़ते ही पहुँचा पकड़ लिया।
7 उँगली रखना दोष दिखाना आलोचक ने रचना में उँगली रख दी।
8 ऊँगली लगाना नाममात्र सहायता करना उसने काम में बस ऊँगली लगाई।
9 पाँचों उँगली घी में होना प्रचुर लाभ का अवसर मिलना ठेका मिलते ही उसकी पाँचों उँगली घी में थीं।
10 उँगलियों पर नाचना इशारों पर नाचना वह नेता लोगों को उँगलियों पर नचाता है।
11 उखड़ा-उखड़ा सा रहना उदास या अस्त-व्यस्त रहना परिणाम के बाद वह उखड़ा-उखड़ा सा रहा।
12 उखड़ी-उखड़ी बातें करना बेलौस होकर बात करना गुस्से में वह उखड़ी-उखड़ी बातें करने लगा।
13 उखड़ी-पुखड़ी सुनाना अंड-बंड सुनाना वह बहस में उखड़ी-पुखड़ी सुनाने लगा।
14 उजला मुँह करना गौरव बढ़ाना उसने परिवार का उजला मुँह कर दिया।
15 उट्ठी बोलना हार मान लेना कठिनाई देखकर उसने उट्ठी बोल दी।
16 दुनिया से उठ जाना मर जाना वे कल दुनिया से उठ गए।
17 उधार खाना कर्ज पर गुजर करना मजदूर कई दिन उधार खाता रहा।
18 उधेड़ कर रख देना कच्चा चिट्ठा खोल देना पत्रकार ने पूरी साजिश उधेड़ कर रख दी।
19 उलटी गंगा बहना रीति-विरुद्ध होना आजकल समाज में उलटी गंगा बह रही है।
20 उल्लू बनाना ठगना, मूर्ख बनाना उसने भोले लोगों को उल्लू बनाया।
21 उझकना-विझकना उछलना-कूदना बच्चे मैदान में उझकते-विझकते रहे।
22 उट्ठी बोलना हार मान लेना कठिन परिस्थिति देखकर उसने उट्ठी बोल दी।
23 उठ खड़ा होना चलने या करने को तैयार होना आदेश मिलते ही वह उठ खड़ा हुआ।
24 दुनिया से उठ जाना मर जाना, चल बसना बीमारी के कारण वह दुनिया से उठ गया।
25 उठल्लू का चूल्हा बेमतलब घूमने वाला व्यक्ति वह हर जगह घूमता है, जैसे उठल्लू का चूल्हा।
26 उड़ खाना अप्रिय लगना उसकी बातें सबको उड़ खाईं।
27 उड़ चलना असाधारण वेग से चलना, इतराना सफलता पाकर वह उड़ चला।
28 उड़ान भरना आगे बढ़ना, सफलता की ओर बढ़ना युवा अपने सपनों की उड़ान भर रहे हैं।
29 उन्नू करना इतना मारना कि देह पर दाग पड़ जाए शरारत पर माँ ने उसे उन्नू कर दिया।
30 उधार खाना कर्ज पर गुजर करना वह कई महीनों से उधार खा रहा है।
31 उधार खाये बैठना आसरे रहना, किसी बात पर अड़े रहना वह पुराने झगड़े पर उधार खाये बैठा है।
32 उधेड़ कर रख देना कच्चा-चिट्ठा खोल देना रिपोर्ट ने सारा घोटाला उधेड़ कर रख दिया।
33 उनका होना अदृश्य या अलभ्य हो जाना काम के समय वह उनका हो जाता है।
34 उन्नीस-बीस होना लगभग बराबर होना दोनों खिलाड़ियों की क्षमता उन्नीस-बीस है।
35 उपकार मानना एहसान मानना उसने गुरु का उपकार माना।
36 उपज की लेना नई युक्ति निकालना उसने समस्या सुलझाने की उपज की ली।
37 उफ न करना शिकायत न करना उसने दुख में भी उफ तक न की।
38 उबल पड़ना क्रोध में आपा खो देना अन्याय देखकर वह उबल पड़ा।
39 उमड़ना-घुमड़ना घूम-घूम कर फैलना आसमान में बादल उमड़-घुमड़ रहे हैं।
40 उम्मीद वर आना इच्छा पूरी होना मेहनत आखिर उम्मीद वर आई।
41 उम्मीद से होना गर्भवती होना वह अब उम्मीद से है।
42 उम्र का पैमाना मृत्यु का निकट होना बुजुर्ग ने समझ लिया कि उम्र का पैमाना पूरा हो चला है।
43 उम्र का प्याला भर जाना आयु का अंत आ जाना लगता है अब उसका उम्र का प्याला भर गया।
44 उम्र टेरना किसी तरह जीवन के दिन पूरे करना गरीबी में भी वह किसी तरह उम्र टेर रहा है।
45 उर आनना छाती से लगाना, ध्यान में रखना उसने गुरु की सीख उर आन ली।
46 उरद के आरे की तरह ऐंठना इतराना, अकड़ दिखाना थोड़ी सी सफलता पर वह उरद के आरे की तरह ऐंठने लगा।
47 उरद पर सफेदी बहुत कम मात्रा उसके पास उरद पर सफेदी जितना भी धन नहीं।
48 उलटना-पलटना बार-बार बदलना वह हर बात में निर्णय उलटता-पलटता है।
49 उलटी खोपड़ी का मूर्ख, नासमझ व्यक्ति उलटी खोपड़ी के आदमी से क्या समझदारी की उम्मीद।
50 उलटी गंगा बहाना रीति-विरुद्ध काम करना उसने परंपरा के खिलाफ जाकर उलटी गंगा बहा दी।
51 उलटी पट्टी पढ़ाना गलत समझाना, बहकाना किसी ने उसे उलटी पट्टी पढ़ा दी थी।
52 उलटी माला फेरना कोसना, बुरा मानना नाराज होकर वह उलटी माला फेरने लगा।
53 उलटी साँस चलना मरणासन्न होना रोगी की उलटी साँस चल रही थी।
54 उलटी साँस लेना तेज़-तेज़ साँस लेना डर के कारण वह उलटी साँस लेने लगा।
55 उलटी-सीधी सुनाना खरी-खोटी सुनाना गुस्से में उसने सबको उलटी-सीधी सुना दी।
56 उलटी हवा बहना विपरीत परिस्थिति आना आजकल व्यापार में उलटी हवा बह रही है।
57 उलटे काँटे तौलना कम तौलकर धोखा देना दुकानदार उलटे काँटे तौलता पकड़ा गया।
58 उलटे छूरे से मूँड़ना धोखे से पैसा ऐंठना दलाल ने ग्राहकों को उलटे छूरे से मूँड़ दिया।
59 उलटे पाँव लौटना तुरंत वापस आ जाना खतरा देखकर वह उलटे पाँव लौट आया।
60 उलटे मुँह गिरना दूसरों को नुकसान पहुँचाकर स्वयं नुकसान उठाना दूसरों के लिए गड्ढा खोदते वह खुद उलटे मुँह गिर गया।
61 उलथा मारना कलाबाजी करते हुए पानी में कूदना बच्चों ने तालाब में उलथा मारा।
62 उल्लू का गोश्त खिलाना बेवकूफ बनाकर वश में करना उसने लोगों को उल्लू का गोश्त खिलाकर फँसा लिया।
63 उल्लू का पट्ठा निपट मूर्ख वह तो पूरा उल्लू का पट्ठा निकला।
64 उल्लू बनाना ठगना, मूर्ख बनाना उसने सबको उल्लू बनाकर पैसे ले लिए।
65 उल्लू बोलना उजड़ जाना, वीरान होना उस मकान में अब उल्लू बोलते हैं।
66 ऊँचा-नीचा सुनाना भला-बुरा कहना गुस्से में उसने उसे ऊँचा-नीचा सुना दिया।
67 ऊँचा सुनना अर्ध-बधिर होना बुज़ुर्ग अब ऊँचा सुनने लगे हैं।
68 ऊँची दुकान फीका पकवान नाम के अनुरूप गुण न होना वह होटल ऊँची दुकान फीका पकवान निकला।
69 ऊँट किस करवट बैठता है परिणाम क्या होगा देखते हैं मुकाबले में ऊँट किस करवट बैठता है।
70 ऊँट की चोरी और नीचे-नीचे न छिपने वाली बात को छिपाने की कोशिश यह तो ऊँट की चोरी और नीचे-नीचे वाली बात है।
71 ऊँट के गले में बिल्ली बेमेल या असंगत बात उसकी पोशाक ऊँट के गले में बिल्ली जैसी लगी।
72 ऊँट के मुँह में जीरा बहुत कम मात्रा देना इतनी तनख्वाह में गुजारा ऊँट के मुँह में जीरा है।
73 ऊँट निकल जाए दुम से हिचकियाँ बड़ी बातों में सफल, छोटी में अटकना वह ऊँट निकल गया, अब दुम से हिचकियाँ ले रहा है।
74 ऊँट मक्के को ही भागता है हर चीज अपने मूल की ओर जाती है वह फिर गाँव लौट गया, ऊँट मक्के को ही भागता है।
75 ऊँट रे ऊँट तेरी कौन सी कल सीधी जिसका कोई काम ठीक न हो उससे क्या उम्मीद, ऊँट रे ऊँट तेरी कौन सी कल सीधी।
76 उदबिलाव की देरी कभी समाप्त न होने वाला झगड़ा उन दोनों का विवाद उदबिलाव की देरी बन गया।
77 ऊन मानना दिल छोटा करना, दुखी होना जरा सी बात पर वह ऊन मान गया।
78 ऊपर-ऊपर से दिखावे के लिए वह ऊपर-ऊपर से ही खुश दिखता है।

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