| 1 |
उँगली उठना |
बदनामी होना, उपहास का पात्र होना |
गलत आरोप से उसकी ओर उँगली उठ गई। |
| 2 |
उँगली उठाना |
दोष लगाना, बदनाम करना |
बिना प्रमाण किसी पर उँगली उठाना ठीक नहीं। |
| 3 |
उँगली करना |
परेशान करना, सताना |
वह हर छोटी बात पर उँगली करता है। |
| 4 |
उँगली चटकाना |
उँगलियों से चट-चट शब्द करना |
वह सोचते समय उँगली चटकाता है। |
| 5 |
उँगली चमकाना |
नखरे या द्वेष से उँगली हिलाना |
डाँटते समय उसने उँगली चमकाई। |
| 6 |
उँगली पकड़ते पहुँचा पकड़ना |
थोड़ा पाकर अधिक पाने का प्रयत्न करना |
उसने उँगली पकड़ते ही पहुँचा पकड़ लिया। |
| 7 |
उँगली रखना |
दोष दिखाना |
आलोचक ने रचना में उँगली रख दी। |
| 8 |
ऊँगली लगाना |
नाममात्र सहायता करना |
उसने काम में बस ऊँगली लगाई। |
| 9 |
पाँचों उँगली घी में होना |
प्रचुर लाभ का अवसर मिलना |
ठेका मिलते ही उसकी पाँचों उँगली घी में थीं। |
| 10 |
उँगलियों पर नाचना |
इशारों पर नाचना |
वह नेता लोगों को उँगलियों पर नचाता है। |
| 11 |
उखड़ा-उखड़ा सा रहना |
उदास या अस्त-व्यस्त रहना |
परिणाम के बाद वह उखड़ा-उखड़ा सा रहा। |
| 12 |
उखड़ी-उखड़ी बातें करना |
बेलौस होकर बात करना |
गुस्से में वह उखड़ी-उखड़ी बातें करने लगा। |
| 13 |
उखड़ी-पुखड़ी सुनाना |
अंड-बंड सुनाना |
वह बहस में उखड़ी-पुखड़ी सुनाने लगा। |
| 14 |
उजला मुँह करना |
गौरव बढ़ाना |
उसने परिवार का उजला मुँह कर दिया। |
| 15 |
उट्ठी बोलना |
हार मान लेना |
कठिनाई देखकर उसने उट्ठी बोल दी। |
| 16 |
दुनिया से उठ जाना |
मर जाना |
वे कल दुनिया से उठ गए। |
| 17 |
उधार खाना |
कर्ज पर गुजर करना |
मजदूर कई दिन उधार खाता रहा। |
| 18 |
उधेड़ कर रख देना |
कच्चा चिट्ठा खोल देना |
पत्रकार ने पूरी साजिश उधेड़ कर रख दी। |
| 19 |
उलटी गंगा बहना |
रीति-विरुद्ध होना |
आजकल समाज में उलटी गंगा बह रही है। |
| 20 |
उल्लू बनाना |
ठगना, मूर्ख बनाना |
उसने भोले लोगों को उल्लू बनाया। |
| 21 |
उझकना-विझकना |
उछलना-कूदना |
बच्चे मैदान में उझकते-विझकते रहे। |
| 22 |
उट्ठी बोलना |
हार मान लेना |
कठिन परिस्थिति देखकर उसने उट्ठी बोल दी। |
| 23 |
उठ खड़ा होना |
चलने या करने को तैयार होना |
आदेश मिलते ही वह उठ खड़ा हुआ। |
| 24 |
दुनिया से उठ जाना |
मर जाना, चल बसना |
बीमारी के कारण वह दुनिया से उठ गया। |
| 25 |
उठल्लू का चूल्हा |
बेमतलब घूमने वाला व्यक्ति |
वह हर जगह घूमता है, जैसे उठल्लू का चूल्हा। |
| 26 |
उड़ खाना |
अप्रिय लगना |
उसकी बातें सबको उड़ खाईं। |
| 27 |
उड़ चलना |
असाधारण वेग से चलना, इतराना |
सफलता पाकर वह उड़ चला। |
| 28 |
उड़ान भरना |
आगे बढ़ना, सफलता की ओर बढ़ना |
युवा अपने सपनों की उड़ान भर रहे हैं। |
| 29 |
उन्नू करना |
इतना मारना कि देह पर दाग पड़ जाए |
शरारत पर माँ ने उसे उन्नू कर दिया। |
| 30 |
उधार खाना |
कर्ज पर गुजर करना |
वह कई महीनों से उधार खा रहा है। |
| 31 |
उधार खाये बैठना |
आसरे रहना, किसी बात पर अड़े रहना |
वह पुराने झगड़े पर उधार खाये बैठा है। |
| 32 |
उधेड़ कर रख देना |
कच्चा-चिट्ठा खोल देना |
रिपोर्ट ने सारा घोटाला उधेड़ कर रख दिया। |
| 33 |
उनका होना |
अदृश्य या अलभ्य हो जाना |
काम के समय वह उनका हो जाता है। |
| 34 |
उन्नीस-बीस होना |
लगभग बराबर होना |
दोनों खिलाड़ियों की क्षमता उन्नीस-बीस है। |
| 35 |
उपकार मानना |
एहसान मानना |
उसने गुरु का उपकार माना। |
| 36 |
उपज की लेना |
नई युक्ति निकालना |
उसने समस्या सुलझाने की उपज की ली। |
| 37 |
उफ न करना |
शिकायत न करना |
उसने दुख में भी उफ तक न की। |
| 38 |
उबल पड़ना |
क्रोध में आपा खो देना |
अन्याय देखकर वह उबल पड़ा। |
| 39 |
उमड़ना-घुमड़ना |
घूम-घूम कर फैलना |
आसमान में बादल उमड़-घुमड़ रहे हैं। |
| 40 |
उम्मीद वर आना |
इच्छा पूरी होना |
मेहनत आखिर उम्मीद वर आई। |
| 41 |
उम्मीद से होना |
गर्भवती होना |
वह अब उम्मीद से है। |
| 42 |
उम्र का पैमाना |
मृत्यु का निकट होना |
बुजुर्ग ने समझ लिया कि उम्र का पैमाना पूरा हो चला है। |
| 43 |
उम्र का प्याला भर जाना |
आयु का अंत आ जाना |
लगता है अब उसका उम्र का प्याला भर गया। |
| 44 |
उम्र टेरना |
किसी तरह जीवन के दिन पूरे करना |
गरीबी में भी वह किसी तरह उम्र टेर रहा है। |
| 45 |
उर आनना |
छाती से लगाना, ध्यान में रखना |
उसने गुरु की सीख उर आन ली। |
| 46 |
उरद के आरे की तरह ऐंठना |
इतराना, अकड़ दिखाना |
थोड़ी सी सफलता पर वह उरद के आरे की तरह ऐंठने लगा। |
| 47 |
उरद पर सफेदी |
बहुत कम मात्रा |
उसके पास उरद पर सफेदी जितना भी धन नहीं। |
| 48 |
उलटना-पलटना |
बार-बार बदलना |
वह हर बात में निर्णय उलटता-पलटता है। |
| 49 |
उलटी खोपड़ी का |
मूर्ख, नासमझ व्यक्ति |
उलटी खोपड़ी के आदमी से क्या समझदारी की उम्मीद। |
| 50 |
उलटी गंगा बहाना |
रीति-विरुद्ध काम करना |
उसने परंपरा के खिलाफ जाकर उलटी गंगा बहा दी। |
| 51 |
उलटी पट्टी पढ़ाना |
गलत समझाना, बहकाना |
किसी ने उसे उलटी पट्टी पढ़ा दी थी। |
| 52 |
उलटी माला फेरना |
कोसना, बुरा मानना |
नाराज होकर वह उलटी माला फेरने लगा। |
| 53 |
उलटी साँस चलना |
मरणासन्न होना |
रोगी की उलटी साँस चल रही थी। |
| 54 |
उलटी साँस लेना |
तेज़-तेज़ साँस लेना |
डर के कारण वह उलटी साँस लेने लगा। |
| 55 |
उलटी-सीधी सुनाना |
खरी-खोटी सुनाना |
गुस्से में उसने सबको उलटी-सीधी सुना दी। |
| 56 |
उलटी हवा बहना |
विपरीत परिस्थिति आना |
आजकल व्यापार में उलटी हवा बह रही है। |
| 57 |
उलटे काँटे तौलना |
कम तौलकर धोखा देना |
दुकानदार उलटे काँटे तौलता पकड़ा गया। |
| 58 |
उलटे छूरे से मूँड़ना |
धोखे से पैसा ऐंठना |
दलाल ने ग्राहकों को उलटे छूरे से मूँड़ दिया। |
| 59 |
उलटे पाँव लौटना |
तुरंत वापस आ जाना |
खतरा देखकर वह उलटे पाँव लौट आया। |
| 60 |
उलटे मुँह गिरना |
दूसरों को नुकसान पहुँचाकर स्वयं नुकसान उठाना |
दूसरों के लिए गड्ढा खोदते वह खुद उलटे मुँह गिर गया। |
| 61 |
उलथा मारना |
कलाबाजी करते हुए पानी में कूदना |
बच्चों ने तालाब में उलथा मारा। |
| 62 |
उल्लू का गोश्त खिलाना |
बेवकूफ बनाकर वश में करना |
उसने लोगों को उल्लू का गोश्त खिलाकर फँसा लिया। |
| 63 |
उल्लू का पट्ठा |
निपट मूर्ख |
वह तो पूरा उल्लू का पट्ठा निकला। |
| 64 |
उल्लू बनाना |
ठगना, मूर्ख बनाना |
उसने सबको उल्लू बनाकर पैसे ले लिए। |
| 65 |
उल्लू बोलना |
उजड़ जाना, वीरान होना |
उस मकान में अब उल्लू बोलते हैं। |
| 66 |
ऊँचा-नीचा सुनाना |
भला-बुरा कहना |
गुस्से में उसने उसे ऊँचा-नीचा सुना दिया। |
| 67 |
ऊँचा सुनना |
अर्ध-बधिर होना |
बुज़ुर्ग अब ऊँचा सुनने लगे हैं। |
| 68 |
ऊँची दुकान फीका पकवान |
नाम के अनुरूप गुण न होना |
वह होटल ऊँची दुकान फीका पकवान निकला। |
| 69 |
ऊँट किस करवट बैठता है |
परिणाम क्या होगा |
देखते हैं मुकाबले में ऊँट किस करवट बैठता है। |
| 70 |
ऊँट की चोरी और नीचे-नीचे |
न छिपने वाली बात को छिपाने की कोशिश |
यह तो ऊँट की चोरी और नीचे-नीचे वाली बात है। |
| 71 |
ऊँट के गले में बिल्ली |
बेमेल या असंगत बात |
उसकी पोशाक ऊँट के गले में बिल्ली जैसी लगी। |
| 72 |
ऊँट के मुँह में जीरा |
बहुत कम मात्रा देना |
इतनी तनख्वाह में गुजारा ऊँट के मुँह में जीरा है। |
| 73 |
ऊँट निकल जाए दुम से हिचकियाँ |
बड़ी बातों में सफल, छोटी में अटकना |
वह ऊँट निकल गया, अब दुम से हिचकियाँ ले रहा है। |
| 74 |
ऊँट मक्के को ही भागता है |
हर चीज अपने मूल की ओर जाती है |
वह फिर गाँव लौट गया, ऊँट मक्के को ही भागता है। |
| 75 |
ऊँट रे ऊँट तेरी कौन सी कल सीधी |
जिसका कोई काम ठीक न हो |
उससे क्या उम्मीद, ऊँट रे ऊँट तेरी कौन सी कल सीधी। |
| 76 |
उदबिलाव की देरी |
कभी समाप्त न होने वाला झगड़ा |
उन दोनों का विवाद उदबिलाव की देरी बन गया। |
| 77 |
ऊन मानना |
दिल छोटा करना, दुखी होना |
जरा सी बात पर वह ऊन मान गया। |
| 78 |
ऊपर-ऊपर से |
दिखावे के लिए |
वह ऊपर-ऊपर से ही खुश दिखता है। |