'ओ' एवं 'औ' से शुरू होने वाले मुहावरे (अर्थ एवं वाक्य प्रयोग सहित)

चन्द्र देव त्रिपाठी 'अतुल'
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॥ श्रीसरस्वत्यै नमः • डिजिटल ग्रन्थालय ॥

'ओ' एवं 'औ' से प्रारम्भ होने वाले मुहावरे

सम्पूर्ण संकलन • प्रामाणिक अर्थ • सटीक वाक्य-प्रयोग

📖 कुल मुहावरे: 100 🎯 लक्ष्य: सभी प्रतियोगी परीक्षाएँ ⚡ प्रारूप: अर्थ + वाक्य प्रयोग
क्र.
मुहावरा
मुहावरे का अर्थ
वाक्य प्रयोग
01 ओंठ चबाना
अत्यधिक क्रोध प्रकट करना
प्रयोग: अपमानजनक बात सुनकर वह ओंठ चबाने लगा पर बड़ों के सामने कुछ न बोला।
02 ओंठ चाटना
स्वाद की लालसा रह जाना
प्रयोग: स्वादिष्ट मिठाई देखकर बच्चे ओंठ चाटते ही रह गए।
03 ओंठ चूसना
अत्यधिक स्नेह या चुम्बन करना
प्रयोग: माता ने नन्हे बालक को दुलारते हुए उसके ओंठ चूम लिए।
04 ओंठ फड़कना
क्रोध से मुँह का काँपना
प्रयोग: विरोधी की ललकार सुनते ही वीर सैनिक के ओंठ फड़कने लगे।
05 ओंठों में कहना
बहुत धीरे या बुदबुदा कर बोलना
प्रयोग: डर के मारे उसने जो कुछ कहा, वह ओंठों में ही कहकर चुप हो गया।
06 ओखली में सिर देना
जान-बूझकर मुसीबत मोल लेना
प्रयोग: जब ओखली में सिर दे ही दिया है, तो मूसलों से क्या डरना।
07 ओढ़ना उतारना
भरी सभा में अपमानित करना
प्रयोग: दुष्ट दुःशासन ने भरी सभा में द्रौपदी का ओढ़ना उतारने का कुत्सित प्रयास किया।
08 ओढ़ना ओढ़ाना
विधवा स्त्री से पुनर्विवाह की रस्म
प्रयोग: गाँव के संभ्रांत परिवार ने विधवा बहू को ओढ़ना ओढ़ाकर सम्मान से बसाया।
09 ओढ़ना-बिछौना बना लेना
दिन-रात उसी काम में लीन रहना
प्रयोग: प्रतियोगी परीक्षा पास करने के लिए उसने किताबों को ही अपना ओढ़ना-बिछौना बना लिया।
10 ओढ़नी बदलना
सहेली बनाना, पक्की मित्रता करना
प्रयोग: बचपन में दोनों सखियों ने ओढ़नी बदलकर जीवन भर साथ निभाने का वचन दिया।
11 ओर निबाहना
अंत तक कर्तव्य या मित्रता निभाना
प्रयोग: सच्चे मित्र संकट की घड़ी में भी अपनी ओर पूरी तरह निबाहते हैं।
12 ओलती तले का भूत
घर का गुप्त भेद जानने वाला
प्रयोग: उस पुराने नौकर से सावधान रहो, वह ओलती तले का भूत है।
13 ओस का मोती
क्षणभंगुर व नश्वर वस्तु
प्रयोग: संसार का यह धन-वैभव तो केवल ओस का मोती है, जो पल भर में बिखर जाता है।
14 ओस चाटने से प्यास नहीं बुझती
अल्प वस्तु से बड़ी तृप्ति न होना
प्रयोग: लाखों के कर्जदार को सौ रुपये देना ओस चाटने से प्यास बुझाने जैसा है।
15 ओस पड़ना
उदासी छा जाना, रौनक समाप्त होना
प्रयोग: पराजित होते ही विजयी बनने का दावा करने वाले के चेहरे पर ओस पड़ गई।
16 ओला पड़ना
अचानक भारी विपत्ति से सर्वनाश होना
प्रयोग: कारखाने में आग क्या लगी, मानों किसान के पके खेत पर ओला पड़ गया हो।
17 औंधी खोपड़ी का होना
मूर्ख व उल्टी समझ वाला होना
प्रयोग: उसे कोई सही बात समझाना व्यर्थ है, वह तो जन्म से ही औंधी खोपड़ी का है।
18 और ही कुछ होना
सबसे निराला, जुदा या अनूठा होना
प्रयोग: उस संत के मुखमण्डल का तेज सामान्य लोगों से और ही कुछ दिखता था।
19 औसान खता होना
होश-हवास गुम होना, घबरा जाना
प्रयोग: सामने अचानक खूंखार भालू देखकर शिकारी के औसान खता हो गए।
20 ओठ सूखना
प्यास या अत्यधिक भय से व्याकुल होना
प्रयोग: कड़ी धूप में मीलों चलने के बाद प्यास के मारे उसके ओठ सूख गए।
21 ओठ सीना
पूरी तरह चुप रहना, मौन साधना
प्रयोग: अन्याय देखकर भी उसने अपने ओठ सी लिए और एक शब्द न बोला।
22 ओठों पर जान आना
मरणासन्न या घोर संकट में होना
प्रयोग: गंभीर बीमारी के कारण वृद्ध की जान ओठों पर आ गई थी।
23 ओठ मलना
पछताना या दंडित करना
प्रयोग: समय बीत जाने के बाद ओठ मलने से कोई लाभ नहीं होता।
24 ओठ बिचकाना
उपेक्षा, घृणा या असहमति जताना
प्रयोग: गरीब की बात सुनते ही अहंकारी सेठ ने ओठ बिचका लिए।
25 ओठों पर बात आना
मुँह से निकलने ही वाला होना
प्रयोग: सच ओठों पर आते-आते भी वह डर के मारे रुक गया।
26 ओठ काटना
क्रोध रोकना या पश्चाताप करना
प्रयोग: अपनी भूल का अहसास होते ही उसने लज्जा से अपने ओठ काट लिए।
27 ओखली में मूसल पड़ना
लगातार विपत्तियों का प्रहार होना
प्रयोग: कर्ज में डूबे परिवार पर बीमारियों का आना ओखली में मूसल पड़ने जैसा है।
28 ओछा पड़ना
माप या मर्यादा में कम सिद्ध होना
प्रयोग: सज्जनों के आगे उसका संकीर्ण स्वभाव बहुत ओछा पड़ा।
29 ओछी बात कहना
अमर्यादित व हल्की बात करना
प्रयोग: भरे समाज में ओछी बात कहना किसी भी सभ्य व्यक्ति को शोभा नहीं देता।
30 ओछे की प्रीति बालू की भीति
नीच व्यक्ति का प्रेम क्षणभंगुर होना
प्रयोग: धूर्त मित्र पर कभी भरोसा मत करो, ओछे की प्रीति बालू की भीति होती है।
31 ओछे के पेट में बात न पचना
गुप्त बात छिपाने में असमर्थ होना
प्रयोग: उसे कोई भेद मत बताना, ओछे के पेट में कोई बात नहीं पचती।
32 आँखों से ओझल होना
दृष्टि से दूर या गायब हो जाना
प्रयोग: ट्रेन की गति तेज होते ही स्टेशन आँखों से ओझल हो गया।
33 ओझल करना
नजरों के सामने से छिपा देना
प्रयोग: जादूगर ने पलक झपकते ही सिक्के को आँखों से ओझल कर दिया।
34 ओट करना
आड़ लेना, परदा करना
प्रयोग: तीज-त्योहार पर बहुएँ बड़ों के सामने घूँघट की ओट करती हैं।
35 ओट में बैठना
छिपकर घात लगाकर बैठना
प्रयोग: शिकारी झाड़ियों की ओट में बैठकर हिरन के आने की प्रतीक्षा करने लगा।
36 ओट में तीर चलाना
छिपकर वार करना, पीठ पीछे वार
प्रयोग: कायर लोग सामने आकर लड़ने के बजाय ओट में तीर चलाते हैं।
37 ओट लेना
सुरक्षा हेतु सहारा या शरण लेना
प्रयोग: तूफान और बारिश से बचने के लिए पथिक ने पेड़ की ओट ली।
38 ओढ़ लेना
दूसरों का दोष या भार सिर लेना
प्रयोग: छोटे भाई को बचाने के लिए बड़े भाई ने सारा इलजाम अपने सिर ओढ़ लिया।
39 ओढ़नी पर दाग लगना
चरित्र या मान-मर्यादा पर कलंक लगना
प्रयोग: झूठे लांछन से निर्दोष कन्या की ओढ़नी पर दाग लग गया।
40 ओर-छोर न मिलना
कोई समाधान या सिरा न मिलना
प्रयोग: इस उलझे हुए अदालती मुकदमे का वर्षों बाद भी कोई ओर-छोर नहीं मिल रहा।
41 ओर होना
किसी का पक्ष या समर्थन लेना
प्रयोग: विवाद में निष्पक्ष रहने के बजाय वह अपने रिश्तेदार की ओर हो गया।
42 ओस का बूँद होना
अल्पकालिक व अस्थिर अस्तित्व
प्रयोग: मानव जीवन घास पर टिकी ओस की बूँद जैसा ही अल्पायु है।
43 ओस के मोती चुनना
व्यर्थ व असंभव कार्य में समय गँवाना
प्रयोग: आलसी व्यक्ति से परिश्रम की उम्मीद करना ओस के मोती चुनने जैसा है।
44 ओले गिरना
अचानक भयानक तबाही आना
प्रयोग: व्यापार में भारी घाटा होते ही परिवार पर मानों ओले गिर पड़े।
45 ओलों के आगे ढाल
अत्यंत कमजोर व असमर्थ बचाव
प्रयोग: भयंकर तूफान के सामने कच्ची झोपड़ी ओलों के आगे ढाल साबित हुई।
46 ओले पड़ते ही सिर मुँड़ाना
कार्य शुरू करते ही विपत्ति आना
प्रयोग: दुकान खुली नहीं कि चोरी हो गई — यह तो सिर मुँड़ाते ही ओले पड़ने वाली बात हुई।
47 ओहार डालना
पालकी या वाहन पर परदा डालना
प्रयोग: राजसी सवारी निकलते ही दासियों ने पालकी पर ओहार डाल दिया।
48 ओठ हिलाना
कुछ कहने का यत्न करना
प्रयोग: भय के कारण वह गवाही देते समय अपने ओठ तक न हिला सका।
49 ओस गिरना
उमंग या उत्साह ठंडा पड़ जाना
प्रयोग: पिता की डाँट सुनते ही बच्चों के पूरे उत्साह पर ओस गिर गई।
50 ओर-छोर समझना
पूरा भेद या रहस्य जान लेना
प्रयोग: जाँच अधिकारी ने पूरे षड्यंत्र का ओर-छोर अच्छी तरह समझ लिया।
51 ओछी नजर से देखना
घृणा या हीन भावना से देखना
प्रयोग: सच्चा मनुष्य किसी भी श्रमजीवी को ओछी नजर से नहीं देखता।
52 ओढ़नी की लाज रखना
शील, मर्यादा और प्रतिष्ठा की रक्षा
प्रयोग: भारतीय वीरांगनाओं ने अपने प्राण देकर भी अपनी ओढ़नी की लाज रखी।
53 ओठ से ओठ सिला होना
पूर्णतः खामोश रहना
प्रयोग: पूछताछ के दौरान देशद्रोही का ओठ से ओठ सिला रहा।
54 ओले की तरह बरसना
अत्यधिक संख्या में प्रहार होना
प्रयोग: युद्धभूमि में वीर धनुर्धर के बाण शत्रुओं पर ओले की तरह बरसने लगे।
55 ओखली में दाना पड़ना
कठिन परीक्षा या संघर्ष में आना
प्रयोग: अखाड़े में उतरते ही पहलवान समझ गया कि अब ओखली में दाना पड़ चुका है।
56 औंधे मुँह गिरना
बुरी तरह पराजित या लज्जित होना
प्रयोग: घमंड में आकर उसने बिना तैयारी चुनाव लड़ा और औंधे मुँह गिरा।
57 औंधे मुँह की खाना
भारी नुकसान या अपमान सहना
प्रयोग: गलत योजना में धन लगाने से व्यापारी को औंधे मुँह की खानी पड़ी।
58 औंधा लोटा होना
अस्थिर मति वाला, अविश्वसनीय
प्रयोग: उस पर भरोसा मत करो, वह तो बिल्कुल औंधा लोटा है।
59 औंधा घड़ा होना
जिस पर किसी उपदेश का असर न हो
प्रयोग: उसे कितना भी समझाओ सब व्यर्थ है, वह तो औंधा घड़ा है।
60 औंधे घड़े पर पानी डालना
मूर्ख को समझाने का व्यर्थ यत्न
प्रयोग: दुष्ट व्यक्ति को नीति की बातें सिखाना औंधे घड़े पर पानी डालने जैसा है।
61 औने-पौने बेचना
घाटा सहकर कम दाम में बेचना
प्रयोग: कर्ज चुकाने के लिए किसान को अपनी जमीन औने-पौने बेचनी पड़ी।
62 औने-पौने करना
मोलभाव में हेराफेरी करना
प्रयोग: दुकानदार ग्राहकों को सामान देते समय औने-पौने करने लगता है।
63 औकात दिखाना
वास्तविक हैसियत या सीमा जताना
प्रयोग: अहंकारी को पराजित करके उसने उसकी सही औकात दिखा दी।
64 औकात में रहना
अपनी सीमा व मर्यादा में रहना
प्रयोग: बड़ों के सामने बात करते समय हमेशा अपनी औकात में रहना चाहिए।
65 औकात से बाहर होना
सामर्थ्य या बजट से अधिक होना
प्रयोग: महंगी कार खरीदना गरीब परिवार की औकात से बाहर की बात है।
66 औकात पहचानना
अपनी वास्तविक क्षमता समझना
प्रयोग: बुद्धिमान वही है जो समय रहते अपनी औकात पहचान लेता है।
67 औकात बनाना
मेहनत से मान-सम्मान व प्रतिष्ठा पाना
प्रयोग: कठिन परिश्रम और ईमानदारी से ही मनुष्य समाज में अपनी औकात बनाता है।
68 औकात से ज्यादा पैर फैलाना
आमदनी से अधिक फिजूलखर्ची करना
प्रयोग: औकात से ज्यादा पैर फैलाने वाले अंततः भारी कर्ज के जाल में फँस जाते हैं।
69 औसान उड़ना
घबराहट में सुध-बुध खो देना
प्रयोग: अचानक पुलिस का छापा पड़ते ही तस्करों के औसान उड़ गए।
70 औसान दुरुस्त होना
होश ठिकाने आना, समझ आना
प्रयोग: अदालत का कड़ा फैसला सुनते ही उपद्रवियों के औसान दुरुस्त हो गए।
71 औसान छूटना
भय या संकट से हिम्मत टूट जाना
प्रयोग: समुद्र में उठती विकराल लहरें देखकर नाविक के औसान छूट गए।
72 औचक आ पड़ना
अचानक व अप्रत्याशित रूप से आना
प्रयोग: घर में कोई तैयारी नहीं थी और मेहमान औचक आ पड़े।
73 औचक मारना
अचानक अप्रत्याशित हमला करना
प्रयोग: गुरिल्ला सैनिकों ने रात के अंधेरे में शत्रु छावनी पर औचक मार की।
74 और का और होना
पूरी तरह बदल जाना, कायापलट होना
प्रयोग: विदेश से लौटकर आने पर उसका आचरण और का और हो गया।
75 और का और समझना
गलत अर्थ निकाल लेना, भ्रम होना
प्रयोग: मैंने भलाई के लिए समझाया था, पर उसने मेरी बात को और का और समझ लिया।
76 औरों के कंधे पर बंदूक चलाना
दूसरों के माध्यम से स्वार्थ साधना
प्रयोग: कायर नेता हमेशा औरों के कंधे पर बंदूक रखकर अपना उल्लू सीधा करते हैं।
77 औरों की थाली में घी अधिक दिखना
दूसरों की स्थिति अधिक सुखद लगना
प्रयोग: ईर्ष्यालु व्यक्ति को हमेशा औरों की थाली में घी अधिक दिखाई देता है।
78 और ही दुनिया में रहना
कल्पना लोक में खोए रहना
प्रयोग: कवि महोदय सांसारिक बातों से दूर अपनी और ही दुनिया में रहते हैं।
79 औलाद पर दाग लगना
संतान के कुकृत्य से कुल कलंकित होना
प्रयोग: चोरी में पकड़े जाने से खानदान की औलाद पर भारी दाग लग गया।
80 औचित्य सिद्ध करना
तर्क से सही व न्यायसंगत ठहराना
प्रयोग: वकील ने अदालत में अपने मुवक्किल के कदम का पूरा औचित्य सिद्ध किया।
81 औजार बनना
किसी के हाथों की कठपुतली बनना
प्रयोग: वह धूर्त चापलूसों के हाथों का औजार बनकर अपने ही भाइयों से लड़ बैठा।
82 औंधा-सीधा बोलना
बिना सोचे-समझे बकवास करना
प्रयोग: क्रोध में आकर औंधा-सीधा बोलने से केवल अपने ही सम्मान की हानि होती है।
83 औने-पौने खरीदना
मजबूरी का लाभ उठाकर सस्ते में पाना
प्रयोग: सूखे के समय जमाखोरों ने अनाज को औने-पौने खरीदकर गोदाम भर लिए।
84 औकात तौलना
सामर्थ्य व योग्यता की परीक्षा लेना
प्रयोग: साक्षात्कार समिति ने कठिन प्रश्न पूछकर उम्मीदवार की औकात तौल ली।
85 औसान ठंडा होना
डर के मारे कांप उठना, सुध खोना
प्रयोग: अंधेरी रात में भयानक आवाज सुनकर यात्री का औसान ठंडा हो गया।
86 औचक घात लगाना
छिपकर अचानक हमला करना
प्रयोग: डाकुओं ने मोड़ पर औचक घात लगाकर व्यापारियों का काफिला लूट लिया।
87 औरों का मुँह ताकना
दूसरों की मदद पर निर्भर रहना
प्रयोग: स्वाभिमानी व्यक्ति कभी औरों का मुँह ताकने के बजाय स्वयं परिश्रम करता है।
88 और ही राग गाना
मूल मुद्दे से हटकर अपनी बात कहना
प्रयोग: गंभीर विषय पर चर्चा हो रही थी और वह अपना और ही राग गाने लगा।
89 औजार चलाना
अपना हुनर या दाँव-पेंच लगाना
प्रयोग: मुश्किल घड़ी में चतुर नेता ने कूटनीति का सही औजार चलाया।
90 औंधा चलना
नियम-विरुद्ध व उल्टी राह चलना
प्रयोग: समाज के नियमों से औंधा चलने वाले अंततः विनाश के गर्त में गिरते हैं।
91 औलाद का सुख देखना
संतान की उन्नति व सेवा पाना
प्रयोग: पुत्र के बड़े अधिकारी बनने पर वृद्ध माता-पिता ने सच्चा औलाद का सुख देखा।
92 औकात बताना
अहंकारी को उसकी सीमा याद दिलाना
प्रयोग: घमंडी अधिकारी को जनता ने कानून का पाठ पढ़ाकर उसकी औकात बता दी।
93 औंधा विचार रखना
सदा नकारात्मक व विपरीत सोचना
प्रयोग: हर शुभ कार्य में औंधा विचार रखने वाले कभी सफलता नहीं पा सकते।
94 औचक विपत्ति पड़ना
अचानक संकट का टूट पड़ना
प्रयोग: भूकंप के रूप में परिवार पर औचक विपत्ति टूट पड़ी।
95 औजार बिगाड़ना
काम के साधन या योग्यता नष्ट करना
प्रयोग: आलस्य और बुरी संगति ने उस होनहार युवक के सारे औजार बिगाड़ दिए।
96 औंधे मुँह लेटना
लापरवाही से पड़े रहना, अकर्मण्य होना
प्रयोग: काम के समय औंधे मुँह लेटे रहने से कभी भाग्य नहीं चमकता।
97 औरों के टुकड़ों पर पलना
पूरी तरह पराश्रित होकर जीना
प्रयोग: हट्टे-कट्टे युवक का औरों के टुकड़ों पर पलना सर्वथा लज्जाजनक है।
98 औकात नपना
कठिन परीक्षा में वास्तविक क्षमता का ज्ञान
प्रयोग: कठिन मुकाबले में उतरते ही डींग हाँकने वाले की सही औकात नप गई।
99 औसान बहाल होना
घबराहट दूर होकर होश सँभालना
प्रयोग: खतरा टल जाने के बाद धीरे-धीरे सभी यात्रियों के औसान बहाल हुए।
100 और का और रंग चढ़ना
विचारों व व्यवहार में नया प्रभाव दिखना
प्रयोग: सत्संगति में आते ही उस दुर्जन पर और का और रंग चढ़ गया।
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